



छात्र-छात्राएं संस्थान एवं देश की उन्नति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें: प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह
बाबा न्यूज
आगरा। राजा बलवंत सिंह इजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी, आगरा में बी.टेक के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।
दीक्षारंभ समारोह के उदघाटन कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थान के निदेशक अकादमिक प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह ने मां सरस्वती एवं संस्थापक राजा बलवंत सिंह के चित्रों पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया।
संस्थान के निदेशक अकादमिक प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह ने अपने स्वागत उदबोधन में नवागंतुक छात्र छात्राओं का स्वागत करते हुए छात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी को चयन में प्राथमिकता देने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने छात्र छात्राओं को संस्थान की अवधारणा पहला प्रवेश (एडमीशन), दूसरा पठन-पाठन (स्टडी), तीसरा परीक्षा (एग्जाम), चौथा परिणाम (रिजल्ट) एवं पाँचवा प्लेसमेंट के महत्व से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि इस दीक्षारम्भ समारोह का उददेश्य छात्र छात्राओं को संकल्पित करना है जिससे वे विद्या की साधना कर उससे प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने परिवार, संस्थान एवं देश की उन्नति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
दीक्षारंभ समारोह के संयोजक एवं डीन छात्र कल्याण प्रो. शचिपति पाण्डेय ने छात्र छात्राओं को दीक्षा समारोह के अंर्तगत विभिन्न दिवस में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में की की जान जानकारी दी।
संस्थान के निदेशक प्रशासन एवं वित्त प्रो. पंकज गुप्ता ने छात्र छात्राओं का स्वागत करते हुए छात्र छात्राओं को संस्थान में चल रहे रिसर्च एवं इनोवेशन सैल, उन्नत भारत अभियान एवं नालंदा ई० कंसोर्टियम आदि के विषय में बताया।
संस्थान के डीन हॉस्टल डॉ. अनुराग कुलश्रेष्ठ ने छात्र छात्राओं के संस्थान के विभिन्न हॉस्टल एवं उनसे जुडी सुविधाओं एवं नियमावली की जानकारी दी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. दुष्यंत सिंह ने छात्र छात्राओं को संस्थान की परीक्षा प्रणाली एवं मूल्यांकन संबन्धी दिशा निर्देश प्रदान किए।
उदघाटन कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डा० सौम्या राठौर एवं डा. सलोनी श्रीवास्तव ने किया। दीक्षारम्भ समारोह की सह संयोजक डा. नम्रता गुप्ता ने छात्र छात्राओं एवं अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. अपूर्व बिहारी लाल, प्रो. विवेक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. श्रद्धा रानी सिंह, डा. नितिन अग्रवाल, प्रो. आशीष शुक्ला, डा. जय कुमार, डा. अमित अग्रवाल आदि का विशेष योगदान रहा।