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ताज की छांव में सजेगी शादियों की नई तस्वीर
इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 का शुभारंभ, पर्यटन मंत्री बोले—यूपी में निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल, वेडिंग इंडस्ट्री के विकास में सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी
50 से अधिक स्टॉल पर दिखी वेडिंग इंडस्ट्री की दुनिया, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने सरकार से इंडस्ट्री के लिए 10 सदस्यीय समिति बनाने की मांग रखी
बाबा न्यूज़
आगरा। ताज की छांव में सोमवार को शादियों के कारोबार की नई संभावनाओं पर मंथन शुरू हुआ। होटल ताज में इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 के द्वितीय संस्करण का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने फीता काटकर किया। मंत्री ने एक्सपो में लगे 50 से अधिक स्टॉल का अवलोकन किया और वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से संवाद कर उनके कारोबार, उत्पादों और संभावनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम में विधायक भगवान सिंह कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, कार्यक्रम संरक्षक सुनील अग्रवाल, वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
के संरक्षक राजेश गोयल, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, महासचिव संदीप उपाध्याय, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, दीप्ता गुप्ता उपस्थित रहे। बनारस के अस्सी घाट से आए मां आनंद भवन पाठशाला के 10 बालकों के दल ने आरती प्रस्तुत की।
सरकार कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ : जयवीर सिंह
कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। नई पर्यटन नीति, सुरक्षा, सुविधाओं, बेहतर कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए काम से निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन स्थलों का लगातार विकास हो रहा है और सरकार उद्योग, व्यापार तथा पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज होटल, वेलनेस, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। उत्तर प्रदेश में पर्यटन के लिए 12 प्रमुख पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने पर्यटन नीति-2022 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र पर्यटन इकाइयों को निवेश की श्रेणी के अनुसार पूंजीगत सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। आधिकारिक नीति के अनुसार 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के पात्र निवेश पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। महिलाओं तथा एससी/एसटी उद्यमियों के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। विभिन्न प्रोत्साहनों की कुल सीमा नीति के अनुसार अधिकतम 30 प्रतिशत तक है।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक किलों, महलों, पुरानी रियासतों और हेरिटेज स्थलों में डेस्टिनेशन वेडिंग की व्यापक संभावनाएं हैं। राजस्थान की तर्ज पर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों को भी विवाह और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से इन संभावनाओं में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को भी निवेशकों को पर्यटन नीति के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि पर्यटन और वेडिंग इंडस्ट्री रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। एक पर्यटक के आने से करीब छह लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। इसी तरह एक शादी से वेडिंग प्लानर, कैटरर, होटल, हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ, फैशन डिजाइनर, फोटोग्राफर, कलाकार, मेकअप आर्टिस्ट, ज्वेलरी डिजाइनर, डेकोरेटर, फूल विक्रेता, लाइटिंग और इवेंट से जुड़े अनेक लोगों को काम मिलता है।
मनीष अग्रवाल रावी ने मांगी 10 सदस्यीय समिति
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि दो दिवसीय कॉनक्लेव में वेडिंग इंडस्ट्री के विभिन्न पहलुओं पर छह विशेष सत्रों में चर्चा हो रही है। उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से वेडिंग इंडस्ट्री के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित करने की मांग रखी।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि समिति में पांच सदस्य सरकार की ओर से और पांच सदस्य वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। इससे उद्योग की समस्याओं, नीतिगत जरूरतों, नए अवसरों और विकास की संभावनाओं पर सरकार तथा इंडस्ट्री के बीच नियमित संवाद स्थापित हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि आगरा को सिटी ऑफ लव के साथ देश की प्रमुख वेडिंग सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण मंच है।
आगरा को वेडिंग सिटी बनाने पर मंथन
उद्घाटन के बाद ‘प्यार के शहर से शादी के शहर तक’ सत्र में मुख्य वक्ता बॉम्बे मेटल एक्सचेंज के अध्यक्ष सुनील कोठारी, ऋतुराज खन्ना, महावीर शर्मा, अरशद हुसैन, तरुण अग्रवाल और सूरज कटोच (दिल्ली) ने विचार रखे। मॉडरेटर संदीप उपाध्याय ने वक्ताओं से सवाल-जवाब के माध्यम से आगरा में वेडिंग इंडस्ट्री की संभावनाओं पर चर्चा की।
मिठाई की वैरायटी के साथ अब पैकेजिंग पर भी जोर
‘ए स्वीट अफेयर’ सत्र में मिठाइयों के बदलते स्वरूप और वेडिंग इंडस्ट्री में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई। सत्र का संचालन फिरोज हैदर नकवी ने किया। आंचल शेवानी, विनय नागपाल, तिमिर संगवी, दीप्ति गुप्ता, अमित गोयल, जय अग्रवाल और संदीप गोयल ने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि मिठाई के बिना भोजन और कोई भी दावत अधूरी मानी जाती है। समय के साथ मिठाइयों की दुनिया भी बदली है। कभी विवाह समारोहों में सीमित संख्या में पारंपरिक मिष्ठान चलते थे, वहीं अब 100 से अधिक वैरायटी उपलब्ध हैं। उन्होंने इवेंट प्लानरों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया, जिससे नए प्रयोग और अधिक क्रिएटिविटी सामने आ सके। आज मिठाई की वैरायटी के साथ पैकेजिंग पर भी अधिक जोर है।
एकजुटता से वेडिंग इंडस्ट्री को मिलेगी नई ताकत
‘द पावर ऑफ यूनिटी’ सत्र में अरशद हुसैन ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई। प्रीति शर्मा, गुंजन सिंह शर्मा, बलराम, महावीर शर्मा, संजीव कपूर और संदीप उपाध्याय ने इंडस्ट्री में आपसी सहयोग, नेटवर्किंग और एकजुटता की जरूरत पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कारोबारी और सेवा प्रदाता एक मंच पर आकर काम करें तो ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ उद्योग के लिए नए अवसर भी तैयार होंगे।
फूलों से आगे बढ़ी शादी की सजावट
‘बियोंड द फ्लॉवर्स’ सत्र में आधुनिक वेडिंग डेकोरेशन पर चर्चा हुई। सौरभ सिंघल, राहुल कुमार(दुबई), राजा ऋचा भदौरिया, पीयूष सिंघल, स्वप्निल, प्रांजल और कविशा सिंघल ने शादी की सजावट में बदलते ट्रेंड, डिजाइन, थीम और नए अनुभवों पर विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि आज शादी की सजावट केवल फूलों तक सीमित नहीं रह गई है। थीम आधारित डिजाइन, लाइटिंग, तकनीक, इंस्टॉलेशन और व्यक्तिगत पसंद के अनुरूप तैयार किए गए सेटअप ने वेडिंग डेकोरेशन को अलग स्तर पर पहुंचा दिया है।
रील से रियल बिजनेस तक पहुंची डिजिटल दुनिया
प्रथम दिन के अंतिम सत्र ‘फ्रॉम रील टू रियल लीड्स’ में डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया, एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बदलते वेडिंग बिजनेस पर चर्चा हुई। राहुल बसंत शर्मा और आशीष अरोड़ा ने विचार रखे, जबकि सत्र का संचालन मयंक गुप्ता ने किया।
आशीष अरोड़ा ने कहा कि सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि वेडिंग कारोबार के लिए संभावित ग्राहकों तक पहुंचने, ब्रांड पहचान बनाने और वास्तविक बिजनेस लीड हासिल करने का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है। डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया और नई तकनीक का रणनीतिक इस्तेमाल वेडिंग कारोबार के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहा है।
50 से अधिक स्टॉल पर वेडिंग इंडस्ट्री की पूरी दुनिया
एक्सपो में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें वेडिंग प्लानर, इवेंट्स, होटल, गिफ्ट आइटम, क्रॉकरी, फैशन, ड्राई फ्रूट, फोटोग्राफी, म्यूजिक, डेकोर, इत्र, एंटरटेनमेंट, बैंड, क्रूज और डीजे सहित वेडिंग से जुड़े विभिन्न उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित की गईं। विजिटर्स ने स्टॉल पर पहुंचकर नई सेवाओं, उत्पादों और शादी आयोजन के बदलते ट्रेंड की जानकारी ली।
दो दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वेडिंग इंडस्ट्री, होटल, पर्यटन और इवेंट सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
शादियों में संस्कृति और विरासत के कलाकारों को मिले मंच : गीतिका गंजूधर
फिल्म अभिनेत्री गीतिका गंजूधर ने विशेष सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय शादियां केवल रस्मों और समारोहों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं। आज वेडिंग इंडस्ट्री में नए प्रयोग हो रहे हैं, ऐसे में आयोजकों और इवेंट प्लानरों को चाहिए कि वे शादियों के मंच पर लोक कलाकारों, शास्त्रीय कलाकारों और हमारी हेरिटेज कला से जुड़े कलाकारों को भी अवसर दें।
उन्होंने कहा कि शादी समारोहों में पारंपरिक संगीत, लोकनृत्य, शास्त्रीय प्रस्तुतियां और स्थानीय कला को शामिल करने से आयोजन को अपनी अलग पहचान मिलती है। इससे एक ओर भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर वर्षों से अपनी कला को जीवित रख रहे कलाकारों को सम्मान और रोजगार का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर में वेडिंग इंडस्ट्री और हेरिटेज कलाकारों का यह जुड़ाव देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के सामने भारतीय संस्कृति की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर सकता है।
श्याम बाबू गर्ग को लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
कार्यक्रम में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026 से श्याम बाबू गर्ग जी कुंजामल एसोसिएट्स प्रदान किया गया। 1910 से अनवरत वेडिंग परम्परा के शताब्दी पुरुष माने जाने वाले श्याम बाबू वेडिंग उद्योग में 115 वर्षों की गौरवशाली परम्परा को जीवित रखते हुए पूर्वजों द्वारा 1910 में रोपे गए बीज को आज वटवृक्ष बना चुके हैं। 78 वर्ष की आयु में भी कर्मठता, ईमानदारी और समर्पण से इस उद्योग को सींच रहे हैं।
इसके अलावा सायंकाल सांस्कृतिक संध्या में सिंघल क्रिएशन, जीकेएस इवेंट्स, गोपाल दास पेठे वाले, आर इवेंट्स, नित्या वेडिंग, वेडिंग साथी, रिदम एंटरटेनमेंट, माना कैटर्स, एटीएच वेडिंग, की इवेंट्स, एसएनजे ग्रुप एंड रिजॉर्ट्स, डी ग्रांड मर्किस, राज देवम, वीजी क्राफ्ट, स्टार ड्रीम, मेवा बाइट, केएनसीसी, क्रिएटिव वेडिंग बाय सनी, देवीराम, एक्सपर्ट इवेंट्स को ऑल इंडिया आइकन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया।
आगरा में 21-22 को लगेगा विवाह उद्यमियों का महाकुंभ
इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 का उद्घोषणा समारोह आयोजित , देशभर से जुटेंगे 2000 से अधिक प्रतिनिधि
50 से अधिक विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव, 50 से अधिक स्टॉल्स पर सजेगी विवाह उद्योग की दुनिया
बाबा न्यूज
आगरा। ताजनगरी को देश की प्रमुख वेडिंग सिटी के रूप में स्थापित करने और उत्तर प्रदेश में पर्यटन एवं विवाह उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 21 और 22 सितंबर को आगरा में विवाह उद्यमियों का महाकुंभ आयोजित होगा। उत्तर प्रदेश वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से आयोजित होने वाले इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 का उद्घोषणा समारोह शिल्पग्राम रोड स्थित होटल ताज आगरा में दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ।
उद्घोषणा समारोह का शुभारंभ संस्था के संरक्षक राजेश गोयल, मार्गदर्शन एवं पर्यटन समिति के सदस्य सुनील जैन, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, महासचिव संदीप उपाध्याय, उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल, पंकज गोयल,पीयूष सिंघल, तरुण अग्रवाल और होटल ताज आगरा के जनरल मैनेजर राजेश चक्रवर्ती ने दीप प्रज्वलित कर किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कॉन्क्लेव एवं एक्सपो के आयोजन की औपचारिक घोषणा की गई।
दो दिवसीय आयोजन में देशभर से 2000 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। कॉन्क्लेव में विवाह उद्योग से जुड़ी चुनौतियों, संभावनाओं और विकास के नए रास्तों पर मंथन होगा। वहीं, एक्सपो में फैशन, डेकोरेशन, एंटरटेनमेंट और विवाह आयोजन से जुड़ी सेवाओं के 50 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आगरा को वेडिंग सिटी के रूप में स्थापित करना आवश्यक है। ताजमहल की पहचान के साथ आगरा को भव्य विवाह आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि यह कॉन्क्लेव एंड एक्सपो का लगातार दूसरा संस्करण है। पिछले आयोजन की सफलता को देखते हुए इस बार अधिक व्यापक तैयारियों और ज्यादा सहभागिता के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विवाह उद्योग से जुड़े उद्यमियों को एक मंच पर लाकर आपसी सहयोग, नए व्यावसायिक अवसरों और उद्योग के विस्तार को प्रोत्साहित करना है।
50 से अधिक विशेषज्ञ रखेंगे विचार, देशभर से जुटेंगे प्रतिनिधि
एसोसिएशन के महासचिव संदीप उपाध्याय ने बताया कि कॉन्क्लेव में 50 से अधिक विशेषज्ञ अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, चेन्नई, कर्नाटक, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से विवाह उद्यम से जुड़े प्रतिनिधि आगरा पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि एक्सपो में आगरा के साथ अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा और आसपास के क्षेत्रों के उन एक हजार से अधिक परिवारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिनके घरों में विवाह समारोह होने वाले हैं। एक्सपो में फैशन, डेकोरेशन, एंटरटेनमेंट सहित विवाह आयोजन से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के 50 से अधिक स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र होंगे।
विवाह उद्योग की नई दिशा पर होगा मंथन
उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल ने बताया कि कॉन्क्लेव में देशभर के जाने-माने विशेषज्ञ विवाह उद्योग के बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। आशीष अरोड़ा ने बताया कि वक्ताओं में ऋतुराज खन्ना, महावीर शर्मा, प्रीतेश शर्मा, गीतिका गंजूधर, अरशद हुसैन सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे।
उपाध्यक्ष पंकज गोयल ने बताया कि पहले दिन 21 सितंबर को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। दूसरे दिन मुख्य सचिव अमृत अभिजात विवाह उद्योग से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान के संबंध में मार्गदर्शन देंगे।
पहले दिन पर्यटन, वेडिंग बिजनेस और डिजिटल बदलाव पर चर्चा
कॉन्क्लेव के पहले दिन का विषय ह्यविवाह उद्योग का व्यवसायह्ण होगा। इसमें विवाह उद्योग के व्यावसायिक अवसरों, पर्यटन, आतिथ्य, मिठाइयों, मनोरंजन और डिजिटल बदलाव जैसे विषयों पर सत्र आयोजित होंगे।
प्रमुख सत्रों में ह्यप्यार के शहर से विवाहों के शहर तक: भारत के अगले बड़े वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में आगरा की नई पहचानह्ण, ह्यमिठास का अनूठा संगम: विवाह की मिठाइयों में परंपरा और नवाचारह्ण, ह्यप्लेटफॉर्म की ताकत: विवाह उद्योग को आकार देते आयोजन और सम्मेलनह्ण, ह्यमनोरंजन में क्रांति: कलाकार, तकनीक और विवाह समारोहों का भविष्यह्ण तथा ह्यरील्स से वास्तविक व्यावसायिक अवसरों तक: सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल प्लेटफॉर्म से बदलता विवाह कारोबारह्ण शामिल हैं। सायं काल आॅल इंडिया आइकन अवॉर्ड 2026 वैवाहिक उद्यम के क्षेत्र में मिसाल कायम कर रहे उद्यमियों को प्रदान किए जाएंगे।
दूसरे दिन नीति, आतिथ्य, खानपान और सजावट पर विमर्श
दूसरे दिन का विषय ह्यविवाह उद्योग के समग्र तंत्र को आकार देनाह्ण होगा। इस दिन उत्तर प्रदेश की पर्यटन नीति, आतिथ्य उद्योग, खानपान, डिजाइन और डेकोरेशन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
प्रमुख सत्रों में ह्यउत्तर प्रदेश की पर्यटन नीति को समझना: प्रदेश को निवेश के अनुकूल बनानाह्ण, ह्यउत्तर प्रदेश में आतिथ्य उद्योग का भविष्य: व्यावसायिक मांग और अवसरह्ण, ह्यह्यबैंक्वेट से आगे: विवाह समारोहों में खानपान के बदलते अनुभवह्ण और ह्यफूलों से आगे: आधुनिक विवाहों में डिजाइन, सजावट और अनुभवों का विकासह्ण शामिल हैं।
हर जिले के स्वाद से महकेगी ब्रज की मेजबानी
होटल ताज कन्वेंशन आगरा के जनरल मैनेजर राजेश चक्रवर्ती ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्वाद आगंतुकों को परोसे जाएंगे। ब्रज की पारंपरिक मेजबानी के साथ प्रदेश की विविध खानपान परंपराओं का अनुभव भी प्रतिनिधियों को मिलेगा।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर पंकज गोयल, शिरीष सिन्हा, सनी गुप्ता, आशीष अरोड़ा, होटल ताज आगरा के यूनिट सेल्स से सुनील चौधरी, स्वप्निल कुलश्रेष्ठ, हर्ष सिसोदिया, कीर्ति कुलश्रेष्ठ, कमलप्रीत सिंह, विनीत गोयल, संदीप सिकरवार, प्रांजल भार्गव, अनिल सविता, अपरार्क शर्मा, दिलीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
दैनिक उपयोग की विद्युत सामग्री पर जीएसटी की दर 5 फ़ीसदी करे सरकार



इलेक्ट्रिकल कांट्रैक्टर्स और मर्चेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी सभा में प्रदेश भर से जुटे सैकड़ों विद्युत व्यापारी, भव्य इलेक्ट्रिकल एक्सपो ने सबका ध्यान किया आकर्षित
उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों से विद्युत उत्पादों की बिक्री को मिली रफ्तार
बेहतर कानून व्यवस्था और उद्योग प्रोत्साहन की सरकारी नीतियों के चलते देशभर में उद्योग के लिए उत्तर प्रदेश बना सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र : राकेश गर्ग
बाबा न्यूज़
आगरा। आगरा इलेक्ट्रिकल कांट्रैक्टर्स एंड मर्चेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा रविवार को फतेहाबाद रोड स्थित हैवंस गार्डन में प्रदेश कार्यकारिणी सभा एवं विद्युत व्यापार मेला का भव्य आयोजन किया गया। *मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राकेश गर्ग* द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किए जाने के बाद सुबह से देर रात तक चले इलेक्ट्रिकल एक्स्पो ने सबका ध्यान आकर्षित किया। आगरा में आयोजित इस तरह के पहले भव्य और विशाल अनूठे व्यापार मेला की सबने भूरि भूरि प्रशंसा की। 60 स्टालों पर प्रदर्शित विद्युत उत्पादों को देखने के लिए देर तक व्यापारियों और आगरावासियों का ताँता लगा रहा।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सभा को संबोधित करते हुए *मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राकेश गर्ग* ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उत्पादन बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन इकोनामी की तरफ तेजी से जा रहा है जबकि पूरे देश की इकोनॉमी चार ट्रिलियन की है। बेहतर कानून व्यवस्था और उद्योग प्रोत्साहन की सरकारी नीतियों के चलते देशभर में उद्योग के लिए उत्तर प्रदेश आज सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र बन गया है।
*प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार सक्सेना* ने सरकार से अपील की कि वह आम उपभोक्ताओं के दैनिक उपयोग की विद्युत सामग्री पर जीएसटी की दर 5 फीसदी करे। उन्होंने उपभोक्ताओं से आईएसआई मार्क उच्च गुणवत्ता वाले विद्युत उत्पाद इस्तेमाल करने के साथ शादी-विवाह व अन्य सार्वजनिक समारोहों में अस्थाई विद्युत वायरिंग का कार्य लाइसेंस प्राप्त विद्युत ठेकेदार से ही संपन्न कराने की अपील की ताकि शॉर्ट सर्किट आदि से होने वाली जन-धन हानि से बचा जा सके।
*प्रदेश महामंत्री संजीव चान्दना* ने कहा कि पहले बिजली आती नहीं थी, अब जाती नहीं.. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अबाधित विद्युत आपूर्ति के साथ भय मुक्त व्यापार का माहौल देने से विगत 12 वर्षों में विद्युत उत्पादों की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की हर परिवार को घर दिए जाने वाली योजना के तहत गरीबों के मकान में प्रयुक्त होने वाली सामग्री पर पांच फीसदी जीएसटी किए जाने की मांग की।
आगरा संगठन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता* ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने भी सरकार द्वारा इलेक्ट्रिकल उत्पादों पर जीएसटी की दर 5 फीसदी करने की मांग रखी। विद्युत व्यापारियों से एकजुट होने की अपील करते करते हुए उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए। हम सबको अपने बच्चों को समझाना चाहिए कि वे ऑनलाइन ट्रेडिंग न करें।
इस दौरान संगठन के इतिहास, मेमोरेंडम और नियमावली विषयक सामग्री का विमोचन किया गया। वरिष्ठ विद्युत व्यापारियों को सम्मानित किया गया। शाम ढले सांस्कृतिक कार्यक्रम और दाल बाटी का आयोजन किया गया।
इससे पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सभा का शुभारंभ शंभू नाथ भार्गव जी के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। कार्यक्रम का *संचालन महासचिव राकेश गुप्ता, वरिष्ठ सलाहकार हरेश अग्रवाल और उपाध्यक्ष स्वदेश बंसल* ने किया। *प्रदेश संरक्षक महेश चंद शर्मा, हरि गोपाल शर्मा, आगरा संरक्षक चंद्र मोहन अग्रवाल, आगरा कोषाध्यक्ष संजीव अग्रवाल* भी मंच पर मौजूद रहे।
रवि प्रकाश अग्रवाल, रवींद्र अग्रवाल, संजय कुंडलानी, ललित जैन, दीपक गुप्ता, अनुज माहेश्वरी, राकेश अग्रवाल, राजेश यादव, संजीव गुप्ता, दिलीप आहूजा, राहुल अग्रवाल, विपुल गोयल, नवीन बंसल, पवन गोयल, वीरेंद्र शर्मा, दिनेश जैन, निशु बंसल, गणेश गुप्ता* भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

