



हत्या प्रयास के आरोपियों को पुलिस का अभयदान!
युवती का गला दबाकर मारने का किया था प्रयास
मेडिकल के बाद भी शाहगंज पुलिस ने नहीं लिखा मुकदमा
बाबा न्यूज
आगरा। जनाब, ये पुलिस है। कुछ भी कर सकती है। रस्सी को सांप बनाने के फन में माहिर पुलिस के खेल निराले हैं। इसकी बानगी के तौर पर पेश है शाहगंज थाना क्षेत्र में हुई वारदात। यहां करीब दो महीने पहले आरोपियों ने एक युवती का गला दबाकर जान से मारने का दुस्साहस किया। परिजन किसी तरह बेटी को उनके चंगुल से छुड़ाकर थाने लेकर पहुुंचे। पुलिस ने युवती का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। गले पर आए चोट के निशानों के आधार पर मेडिकल रिपोर्ट में युवती का गला दबाने की पुष्टि की गई थी, लेकिन वारदात को करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्या के प्रयास के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रही है। युवती के पिता शाहगंज थाने की परिक्रमा लगाने के अलावा पुलिस कमिश्नर से भी न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा है।
मामला चिल्लीपाड़ा शाहगंज का है। यहां मकान नंबर 14/138 निवासी जितेंद्र मिश्रा पुत्र स्व. बद्री प्रसाद के मुताबिक करीब दो महीने पहले 21 फरवरी को शाम पांच बजे करीब उनकी 19 वर्षीय बेटी मितिका मिश्रा शौच करने गई थी। तभी कोचिंग पढ़ने उनके यहां आयी एक अन्य युवती ने टॉयलेट के पर्दे को हटा दिया। मितिका ने पर्दा हटाने पर शोर मचा दिया। शोर सुनकर कोचिंग में पढ़ने आये कई युवक, छगनलाल, सुनीता पत्नी छगनलाल, छगनलाल की दोनों बेटियां अंजली और राखी आ गए। पीड़ित पिता का आरोप है कि इन लोगों ने बेटी को लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। जितेंद्र मिश्रा के अनुसार, उनके साथ उनकी पत्नी गीता और बेटे भानुज ने बेटी को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। हमारी चीख पुकार सुनकर मेरे बड़े भाई जगन प्रसाद और भतीजा मोरमुकुट आ गए और उन्होंने मेरी बेटी मीतिका को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया, तो युवती अंजली पुत्री छगनलाल ने मेरी बेटी मीतिका की गर्दन दबाकर उसकी हत्या करने का दुस्साहस कर दिया। बेटी की गर्दन पर चोटों के निशान बन गए। किसी तरह बेटी को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकर हम थाना शाहगंज पहुंचे। वहां पुलिस ने चिकित्सकीय परीक्षण कराने के लिए सीएमओ के लिए चिट्ठी दी। जितेंद्र मिश्रा का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट में बेटी का गला दबाये जाने की पुष्टि होने के बाद भी शाहगंज पुलिस ने उनका मुकदमा नहीं लिखा है। इस मामले में थाना शाहगंज के सीयूजी नंबर पर पुलिस का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो पुलिस की ओर से बताया गया कि हम वीवीआईपी ड्यूटी में हैं, फिलहाल इस प्रकरण में कुछ भी नहीं बता सकते।
पीड़ित पिता दो महीने से लगा रहे थाने की परिक्रमा
जितेंद्र मिश्रा पुत्र स्व. बद्री प्रसाद का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट में बेटी का गला दबाये जाने की पुष्टि होने के बाद भी शाहगंज पुलिस ने उनका मुकदमा नहीं लिखा है। वे लगातार थाने की परिक्रमा लगा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ से भी न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल पा रहा है।