रागिनी सोनकर बोलीं- ये नारी को नारा बना रहे:योगी ने कहा- सपा गिरगिट जैसे रंग बदलती है; राजभर से भिड़े सपा विधायक
यूपी में गुरुवार को विधानमंडल का साढ़े 6 घंटे का विशेष सत्र हुआ। इसमें लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने को लेकर सीएम योगी ने विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। योगी ने कहा- कांग्रेस के पतन का कारण एक मुस्लिम महिला थी। शाहबानो को लेकर मौलवियों के सामने घुटने टेककर नाक रगड़ने की प्रवृत्ति थी। कांग्रेस ये पाप नहीं करती, मौलवियों के दबाव में न आकर शाहबानो को न्याय दिया होता तो ये दुर्गति नहीं होती। चर्चा के दौरान सपा विधायक अतुल प्रधान और कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर में तीखी बहस हुई। ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हम बोल रहे हैं, तो आपको पिरात (दर्द हो रहा) है। घबराओ मत, ऐसन खरचाली ठोकब कि फाट जाबा (ऐसा ठोंकेगे कि फट जाओगे)। घोसी घुस जाई एदवा बारी (इस बार घोसी भी घुस जाएगा)। इस पर अतुल प्रधान ने कहा- ओपी राजभर से बड़ा कोई धोखेबाज नहीं। सुबह भाजपा में होते हैं, शाम होते-होते सपा में चले जाते हैं। इनकी सभाओं में भाजपा के लोगों को चप्पल मारने की बात कही जाती है। इस पर राजभर भड़क गए। सुरेश खन्ना भी खड़े हुए और विधानसभा अध्यक्ष से सपा विधायक के बयान पर ऐतराज जताया। बाद में अतुल प्रधान के बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया गया। मंत्री ने कांग्रेस विधायक को भाजपा में आने का ऑफर दिया मंत्री आशीष पटेल ने कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा को बीजेपी में आने का ऑफर दिया। आराधना ने जवाब दिया- ये फसल कांग्रेस की देन है। ज्यादातर वही हैं, नाम लूंगी तो कई दुखी हो जाएंगे। सपा विधायक रागिनी सोनकर ने कहा- भाजपा सिर्फ नारी को नारा बनाकर राजनीति करना चाहती है। उन्होंने विधानसभा में कविता पढ़ी- यूपी की नारी हूं, हर रोज जलाई जाती हूं.… विधान परिषद में भी मंत्री संजय निषाद और सपा एमएलसी जसमीर अंसारी भिड़ गए। निषाद ने जब कहा कि कुछ लोगों ने मुगलों की तलवार से डर के सलवार पहन ली। तो सपा एमएलसी जसमीर अंसारी खड़े हो गए। वे संजय निषाद को टोकने लगे। कहा कि आपकी गलत बात सुनने के लिए यहां नहीं बैठे हैं। आप अपनी बात कीजिए। आप किसी जाति विशेष को नहीं कह सकते। इससे पहले, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के सामने हाथ जोड़कर कहा कि हमारी बहन-बेटियों को देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचाइए। मैं हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर अपने निवेदन करता हूं। उन्होंने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर कहा- सपा के गुंडे और माफिया मायावती की हत्या करना चाहते थे। भाजपा की मदद से उनकी जान बची। 4 तस्वीरें देखिए भाजपा और सपा विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की विधानसभा में भाजपा और सपा विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा की महिला विधायक ‘साड्डा हक इत्थे रख’ लिखे साइनबोर्ड लेकर पहुंचीं। सपा विधायक 2023 में पास महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और डिप्टी सीएम केशव मौर्य का घेराव किया। निंदा प्रस्ताव के मायने समझ लीजिए- निंदा प्रस्ताव के जरिए सरकार ने संदेश देने की कोशिश है कि कांग्रेस-सपा महिला विरोधी हैं। इसलिए आरक्षण बिल पास नहीं होने दिया। जबकि, विपक्ष बताने की कोशिश करेगा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है। लेकिन, सरकार उसे लागू नहीं करना चाहती। विधानसभा सत्र की कार्यवाही की पल-पल के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग पढ़िए-

