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जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, आगरा में हर्षोल्लास से मनाया स्वतंत्रता दिवस

बाबा न्यूज़ 

आगरा। जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल की मुख्य शाखा में देशभक्ति, उत्साह और उमंग के साथ 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रो वाइस चेयरमैन  संजय अग्रवाल एवं प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ द्वारा ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके पश्चात माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया गया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सद्भाव, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया तथा देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति पर आधारित नाटक ने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को जीवंत कर दिया। नाटक ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर करते हुए स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य का स्मरण कराया। इसके पश्चात प्रस्तुत किए गए मनमोहक नृत्य कार्यक्रमों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता और समृद्ध विरासत को शानदार ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “हमारे देश की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। हमारा कर्तव्य है कि हम देश की एकता और अखंडता को बनाए रखते हुए अपने कर्म, ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें।”

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा देश की प्रगति, एकता और समृद्धि में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पुनीत वशिष्ठ, अनिल सिंह, श्रीमती दीपिका शर्मा, श्रीमती अंजली जॉली, श्रीमती सुप्रीत कौर, अनूप गुप्ता, संतोष शर्मा, आशीष जसरोटिया, टी आर थापा सहित जी. डी. गोयनका परिवार के विद्यार्थी, शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह का वातावरण पूरे समय देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत रहा।

गुरु के मार्गदर्शन से ही शिष्य का व्यक्तित्व निखरता है: प्रो. पूनम सिंह

 

गुरु के ज्ञान और संस्कारों से ही शिष्य का जीवन सार्थक होता है: प्रो. अनुपम शैरी
बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज पर व्यास जयंती पर गुरू-शिष्य परंपरा की विरासत का किया स्मरण
बाबा न्यूज
आगरा। भारतीय संस्कृति में गुरू केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि शिष्य के जीवन को दिशा देने वाला प्रकाश-पुंज है। गुरु के ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से ही शिष्य का व्यक्तित्व निखरता है। यह विचार श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज की प्राचार्या एवं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. पूनम सिंह ने व्यास जयंती के अवसर पर व्यक्त किए।
श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज के संस्कृत विभाग, भारतीय शिक्षण संस्थान एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में गुरू-शिष्य परंपरा विषयक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना अग्रवाल, मुख्य अतिथि प्रो. पूनम सिंह, डॉ. युधिष्ठिर एवं डॉ. रश्मि तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य वक्ता प्रो. पूनम सिंह ने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा में गुरू-शिष्य संबंध केवल अध्ययन-अध्यापन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह श्रद्धा, अनुशासन, समर्पण और संस्कारों पर आधारित जीवन-परंपरा रही है। महर्षि वेदव्यास ने भारतीय ज्ञान-विज्ञान और साहित्य को समृद्ध करने में अद्वितीय योगदान दिया। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से आज की युवा पीढ़ी को ज्ञान के प्रति समर्पण और जीवन में उच्च आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. अनुपम शैरी ने गुरू-शिष्य परंपरा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यास जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और गुरु के प्रति श्रद्धा को जीवन में उतारने पर्व है। गुरु के ज्ञान
और संस्कारों से ही शिष्य का जीवन सार्थक होता है।

डॉ. युधिष्ठिर सिंह ने भारतीय शिक्षण मण्डल के ध्येय वाक्य, प्रार्थना आदि पर संस्कृत में प्रकाश डाला। आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. शुभलेश कुमारी ने महाविद्यालय के ध्येय वाक्य से अवगत कराया। बीकॉम की डायरेक्टर डॉ. संतोष गाबा ने आगन्तुकों का स्वागत किया एवं गुरू-शिष्य के सम्बन्ध पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष गाबा, प्रो. शुभलेश कुमारी, प्रो. अनीता रानी, प्रो. किरन सिंह, प्रो. शिखा श्रीधर, प्रो. अनुराधा गुप्ता सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ छात्राएँ प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन छात्रा अल्शिफा और चंचल ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम ने छात्राओं को भारतीय गुरू-शिष्य परंपरा की समृद्ध विरासत से जुड़ने तथा ज्ञान, संस्कार और अनुशासन को अपने जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।

 

मजबूत बनें, सक्रिय रहें, सुरक्षित रहें

प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल से मेडिकल कॉलेज तक गूँजा स्वस्थ हड्डियों, सड़क सुरक्षा और सुरक्षित कार्यशैली का संदेश
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आगरा। आगरा आॅथोर्पेडिक सोसायटी के माहव्यापी जनस्वास्थ्य अभियान आगरा मूवस बेटर 2026 के अंतर्गत शहर में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में 16-18 वर्ष की छात्राओं की बीएमेडी स्क्रीनिंग के साथ विद्यार्थियों के लिए ग्रो स्ट्रांग एवं रोड सेफ्टी पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए। वहीं एफएच मेडिकल कालेज में 100 से अधिक मरीजों की बीएमडी जांच के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल पर सही पोस्चर एवं एर्गोनॉमिक्स का प्रशिक्षण दिया गया।
आगरा मूव्स बेटर 2026 के माध्यम से एओएस समाज के अलग-अलग आयु और कार्य समूहों तक हड्डी, जोड़ एवं मांसपेशियों के स्वास्थ्य, शारीरिक सक्रियता, चोट से बचाव और सुरक्षित जीवनशैली का संदेश पहुंचा रही है।
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम की शुरूआत 16-18 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं के बीएमडी स्क्रीनिंग कैंप से हुई। विद्यालय के क्लीनिक में एओएस की टीम द्वारा उपकरण स्थापित कर छात्राओं की जांच छोटे-छोटे बैच में की गई।
कार्यक्रम में आगरा आर्थोपोडिक सोसाइटी के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी, पूर्व सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता एवं डॉ. देवांशु मोहानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यार्थियों तथा विद्यालय प्रबंधन के साथ संवाद किया। कक्षा एक से इंटर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित विशेष सत्र में डॉ. देवांशु मोहानिया ने किशोरावस्था में मजबूत हड्डियों के निर्माण के महत्व पर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र में नियमित व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधि, संतुलित और पौष्टिक आहार, सही पोस्चर तथा स्वस्थ जीवनशैली भविष्य की बोन हेल्थ की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
सत्र को पूरी तरह संवादात्मक रखा गया। विद्यार्थियों ने अपने स्वास्थ्य, व्यायाम, पोषण और हड्डियों से संबंधित सवाल पूछे तथा विशेषज्ञों से सीधे जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दूसरे महत्वपूर्ण चरण में एओएस सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने 16-18 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए रोड सेफ्टी सत्र आयोजित किया।
इस दौरान विद्यार्थियों से वास्तविक जीवन से जुड़े प्रश्न पूछते हुए ड्राइविंग लाइसेंस की सही आयु, कम उम्र में वाहन चलाने के खतरे, हेलमेट और सीट-बेल्ट का अनिवार्य प्रयोग, तेज गति, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के कारण होने वाले हादसे तथा जिम्मेदार सड़क व्यवहार पर चर्चा की गई।
डॉ. संजय चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों से कहा कि Ñसड़क सुरक्षा केवल ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं है, बल्कि अपने और सड़क पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के प्रति जिम्मेदारी है।पूर्व सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया और अडर के जन-जागरूकता अभियान में सहभागिता की। संचालन कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा पावी ने किया।

विद्यालय का उद्देश्य,स्वस्थ- जिम्मेदार नागरिक तैयार करना : डॉ. सुशील गुप्ता
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि विद्यालय में शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को स्वस्थ, जागरूक, जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बनाना भी विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी दृष्टि से स्वास्थ्य एवं जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। विद्यालय प्रबंधन ने डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. देवांशु मोहानिया एवं पूरी अडर टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

एफएच मेडिकल कालेज में 100 से अधिक मरीजों की बीएमडी जांच की

इसी क्रम में एफएच मेडिकल कालेज में भी आगरा मूव्स बेटर 2026 के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमआयोजित किया गया। यहां 100 से अधिक मरीजों की बीएमडी जांच की गई। मरीजों को हड्डियों की कमजोरी, आॅस्टियोपोरोसिस, उसके जोखिम तथा समय रहते हड्डियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया।
जन-जागरूकता कार्यक्रम में आॅस्टियोपोरोसिस को लेकर विशेष रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि हड्डियों की कमजोरी कई वर्षों तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती है और कई बार छोटी गिरावट के बाद होने वाला फ्रेक्चर इसका पहला संकेत बनता है। डॉ. इमरान साजिद ने स्वास्थ्यकर्मियों को कार्य के दौरान सही पोस्चर बनाए रखने तथा लंबे समय तक खड़े रहने, झुककर काम करने, मरीजों को उठाने या स्थानांतरित करने और लगातार एक ही मुद्रा में कार्य करने के कारण होने बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए।

 

रंगोली प्रतियोगिता में तृप्ति-सृष्टि माथुर प्रथम, दिव्या-छवि शर्मा द्वितीय, रिया मोटवानी- सृष्टि ने तृतीय स्थान पर रही

गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में रंगोली, मूर्तिकला एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन
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आगरा। गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर में छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रंगोली, मूर्तिकला एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या चारू पटेल के मार्गदर्शन में हुआ। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन मीना कुमारी, सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष, ललित कला विभाग, आगरा कॉलेज, विनीता गुप्ता, बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय ने किया। रंगोली प्रतियोगिता का विषय ग्रामीण संस्कृति का संरक्षण, मूर्तिकला प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 8 के लिए पशु-पक्षी, कक्षा 9 के लिए महिला स्वतंत्रता सेनानी तथा चित्रकला प्रतियोगिता का विषय बैठे हुए संत रविदास रखा गया। छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा, कल्पनाशीलता एवं सृजनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
रंगोली प्रतियोगिता में कक्षा 8 में तृप्ति एवं सृष्टि माथुर ने प्रथम, दिव्या एवं छवि शर्मा ने द्वितीय तथा रिया मोटवानी एवं श्रष्टि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा 9 में सिया गोयल एवं आराध्या मित्तल प्रथम, अनुष्का एवं निहारिका द्वितीय तथा शिवांशी एवं ख़्वाहिश तृतीय रहीं। कक्षा 11 में प्रगति एवं पूजा प्रथम, जिया एवं महक द्वितीय तथा पलक एवं राधा तृतीय स्थान पर रहीं। मूर्तिकला प्रतियोगिता में कक्षा 7 में इशिता प्रथम, मानवी महौर द्वितीय एवं वैष्णवी तृतीय, गार्गी सांत्वना कक्षा 8 में सिद्धि राठौर प्रथम, काविशा शर्मा द्वितीय एवं रोली वर्मा तृतीय तथा कक्षा 9 में जियाना प्रथम, आराध्या गौतम द्वितीय एवं अन्या दयाल तृतीय रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में हर्षा उपाध्याय ने प्रथम, तृप्ति बघेल ने द्वितीय तथा हिमांशी शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन कुमारी सुंदरी राठौर (पीजीटी फाइन आर्ट्स) द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में कुमारी प्रीति, कुमारी मीनू एवं कुमारी दिव्यांशी का विशेष सहयोग रहा। समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या चारू पटेल ने सफल आयोजन के लिए कुमारी सुंदरी राठौर तथा कुमारी प्रीति, कुमारी मीनू एवं कुमारी दिव्यांशी के सहयोग की सराहना की। उन्होंने विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ छात्राओं में कला के प्रति रुचि, आत्मविश्वास एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं।

हर व्यक्ति को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें : प्रो. एसपी सिंह

सेंट जॉन्स कॉलेज में एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ
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आगरा। सेंट जॉन्स कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री के आहवान पर संचालित नशा मुक्ति युवा विकसित भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एस.पी. सिंह के नेतृत्व में किया गया। प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह ने छात्र-छात्राओं को नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए अपने घर, परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाकर व्यापक जन- जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान करते हुए किया। साथ ही कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आइशा बेगम ने नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कराई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आइशा बेगम, डॉ. वेंकट स्वामी के निर्देशन मे संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. अब्राहम वर्गसे, डॉ. रूचि अग्रवाल, डॉ. अर्चना मर्री दास, कुर्बान, अक्षय सहित महाविद्यालय इकाई की कोर टीम और स्वयंसेवक मौजूद रहे।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल ऐतिहासिक पहल

 

 

 

 

 

 

 

भारत के प्रथम इमोशनल एजुकेशन एक्सपीरियंस सेंटर ई-क्यूब लैब का शुभारंभ
बाबा न्यूज
आगरा। शिक्षा का उद्देश्य केवल बुद्धि का विकास नहीं, बल्कि संवेदनशील, संतुलित एवं सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण भी है। इसी प्रेरक विचार को साकार करते हुए प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित करते हुए भारत के प्रथम ह्यइमोशनल एजुकेशन एक्सपीरियंस सेंटर ई-क्यूब लैब का शुभारंभ किया। यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों के बौद्धिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं नैतिक विकास को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. प्रशांत गुप्ता(डीन एवं प्राचार्य, एस.एन. मेडिकल कॉलेज), विशिष्ट अतिथि के. सी. जैन तथा विशेष अतिथि एयर कमोडोर जे. एस. राजपूत, ए.ओ.सी., आगरा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों के गरिमामय आगमन एवं स्वागत के साथ हुआ। राष्ट्रगीत, भूमि मंगलम एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
ऐतिहासिक, दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी पहल है : डॉ. प्रशांत गुप्ता
मुख्य अतिथि डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समग्र एवं भावनात्मक विकास पर विशेष बल देती है। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल द्वारा स्थापित ई-क्यूब लैब इस दिशा में एक ऐतिहासिक, दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी पहल है, जो भविष्य में देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगी।
शिक्षा ही विद्यार्थियों को उत्कृष्ट नागरिक बनने की दिशा प्रदान करती है: केसी जैन
विशिष्ट अतिथि के. सी. जैन ने कहा कि भावनात्मक शिक्षा ही विद्यार्थियों को संवेदनशील, उत्तरदायी एवं उत्कृष्ट नागरिक बनने की दिशा प्रदान करती है। उन्होंने विद्यालय की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए अनुकरणीय बताया।
एयर कमोडोर जे. एस. राजपूत ने नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया
विशेष अतिथि एयर कमोडोर जे. एस. राजपूत ने विद्यार्थियों को अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, नेतृत्व क्षमता एवं नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया तथा विद्यालय द्वारा भावनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे इस अभिनव प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं : डॉ. सुशील गुप्ता
विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सहानुभूति, सकारात्मक सोच, आत्मनियंत्रण तथा भावनात्मक संतुलन जैसे जीवन कौशलों से सशक्त बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ई-क्यूब लैब इसी दूरदर्शी सोच का साकार रूप है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनेगी।
आधुनिक तकनीकों से विद्यार्थियों की भावनात्मक बुद्धिमत्ता होगी विकसित : डॉ. चीनू अग्रवाल
इसके उपरांत डॉ. चीनू अग्रवाल ने ई-क्यूब लैब की अवधारणा, उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली पर प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए बताया कि यह प्रयोगशाला अनुभवात्मक शिक्षण, संवादात्मक गतिविधियों, वैज्ञानिक मॉड्यूल तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों की भावनात्मक बुद्धिमत्ता को विकसित करेगी, जिससे वे जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सामना कर सकेंगे। समारोह के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य एवं प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति से उपस्थित सभी अतिथियों का हृदय जीत लिया। उनकी सृजनात्मक प्रतिभा एवं आत्मविश्वास ने समारोह को और अधिक गरिमामय एवं यादगार बना दिया।
इसके पश्चात शैलेश जिंदल ने ई-क्यूब पोर्टल एवं उसके क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यालय की शिक्षण प्रक्रिया में भावनात्मक शिक्षा को व्यवस्थित, प्रभावी एवं सतत रूप से जोड़ने का कार्य करेगा तथा विद्यार्थियों की भावनात्मक प्रगति का वैज्ञानिक मूल्यांकन भी संभव बनाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सुश्री अंतरा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने रिबन काटकर ई-क्यूब लैब का औपचारिक उद्घाटन किया। अतिथियों ने लैब का अवलोकन कर इसकी अभिनव अवधारणा, आधुनिक सुविधाओं एवं भावनात्मक शिक्षा को समर्पित इस अनूठे प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। समारोह का समापन सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में आयोजित नेटवर्किंग हाई-टी के साथ हुआ।

एनसीसी जीवन जीने का एक तरीका

 

गणेश राम नागर बालिका विद्यालय में 368 बालिकाओं को मिले एनसीसी प्रमाण पत्र
बाबा न्यूज
आगरा। वन यू पी गर्ल्स बटालियन एनसीसी बालूगंज आगरा का एनसीसी ए, बी,सी प्रमाण पत्र वितरण समारोह का भव्य आयोजन गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर बलकेश्वर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन बटालियन के कमांडिंग आॅफिसर कर्नल शैलेंद्र कुमार गुप्ता के निर्देशन में किया गया। समारोह की शुरूआत मुख्य अतिथि के आगमन और कैडेटों द्वारा दिए गए ‘गार्ड आॅफ आॅनर’ के साथ हुई।
इस कार्यक्रम में वन यू पी गर्ल्स बटालियन के अंतर्गत आने वाले कुल13 इकाइयों के शैक्षणिक संस्थाओं के एनसीसी कैडेट्स, संस्थाओं के प्रिंसिपल, एसोसिएट एनसीसी आॅफिसर व केयरटेकर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत स्वागत और प्रस्तावना से एएनओ कैप्टन नीलम कान्त द्वारा की गई। सर्टिफिकेट वितरण समारोह का आयोजन आरंभ किया गया । जिसमें ‘अ’, ‘इ’ और ‘उ’ सर्टिफिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को,कैंपों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सर्टिफिकेट वितरण कुल संख्या 368 रही।
इस अवसर पर बटालियन के कमांडिंग आॅफिसर ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहां कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है।यह युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देश सेवा की भावना पैदा करता है आज सर्टिफिकेट पाने वाले सभी कैडेट्स हमारे देश के भविष्य हैं और मुझे पूर्ण विश्वास है कि वह समाज में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएंगे। मनुष्य को सफलता पुरुषार्थ से मिलती है पुरुषार्थ करने पर ही प्रार्थना काम आती है सफलता की सीढ़ी हमें साधनों से नहीं साधना से मिलती है। इतिहास की जितनी भी महान हस्तियां हैं उन्होंने अनुशासन में रहकर ही सफलता हासिल की है एनसीसी हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनाती है ।
अंत में एएनओ कैप्टन सुरत प्यारी ने गणेश रामनागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की प्रबंधिका बीना शर्मा एवं प्रधानाचार्या चारु पटेल का व्यवस्था देने के लिए धन्यवाद किया। लेफ्टिनेंट सरिता चौहान ने मीडिया प्रभारी का संचालन किया।

 

25 साल बाद फिर गूंजा सेंट कॉनरेड्स का कैंपस

 

खट्टी-मीठी यादों के साथ मना 2001 बैच का सिल्वर जुबली रीयूनियन

देश-विदेश से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों ने शिक्षकों का जताया आभार

ठहाकों, संस्मरणों और भावुक पलों के बीच दोबारा जीया स्कूल जीवन

Baba news 

आगरा। सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज के वर्ष 2001 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने 25 वर्षों बाद अपने प्रिय विद्यालय की चौखट पर कदम रखा तो मानो समय एक बार फिर पीछे लौट गया। कभी कक्षा में साथ बैठने वाले सहपाठी एक-दूसरे से गले मिलते दिखाई दिए तो कहीं पुराने किस्सों पर ठहाके गूंजे। शरारतों, दोस्ती, अनुशासन और गुरुजनों के स्नेह से जुड़ी खट्टी-मीठी यादों को दोबारा जीते हुए सिल्वर जुबली रीयूनियन भावनाओं और उल्लास का अद्भुत संगम बन गया।
इस विशेष आयोजन में ऑस्ट्रेलिया, यूके, यूएसए, दुबई सहित अन्य देशों तथा भारत के विभिन्न शहरों से आए पूर्व विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वर्षों बाद सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यालय का प्रत्येक कोना पुरानी यादों को ताजा कर रहा था और हर मुलाकात में अपनत्व झलक रहा था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य रेव. फादर बिपिन कुजूर, प्रबंधक रेव. फादर ग्रेशियन, सहायक प्रबंधक रेव. फादर लॉरेंस साल्डाना तथा शिक्षकों के आत्मीय स्वागत एवं प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए पुराने दिनों की कई रोचक घटनाएं साझा कीं। पूर्व विद्यार्थियों ने भी अपने जीवन में शिक्षकों के मार्गदर्शन की भूमिका को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की तथा स्मृति-चिह्न भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रीयूनियन के दौरान कभी पुरानी शरारतों का जिक्र हुआ तो कभी कक्षा के मजेदार प्रसंगों पर सभी खुलकर हंसे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मनोरंजक गतिविधियों, अनुभव साझा करने के सत्र और अनौपचारिक संवाद ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। सभी ने एक स्वर में स्वीकार किया कि विद्यालय से मिली शिक्षा, संस्कार और मित्रता आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
कार्यक्रम संयोजक गौरव खंडेलवाल ने बताया कि सिल्वर जुबली रीयूनियन केवल 25 वर्षों बाद मिलने का अवसर नहीं था, बल्कि उन अनमोल यादों, संस्कारों और मित्रताओं को फिर से जीने का भावनात्मक उत्सव था, जिन्होंने सभी के जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आए पूर्व विद्यार्थियों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है, जिसके रिश्ते समय और दूरियों से भी मजबूत बने रहते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से सभी पूर्व छात्र एकत्र हुए। उन्होंने बताया कि सभी पूर्व विद्यार्थियों के ओर से विद्यालय को एक एयर कंडीशनर एवं अन्य सहयोग के लिए राशि भेंट की गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन बैच 2001 की कोर कमेटी ने किया, जिसमें अंकुर अग्रवाल, सीए विपुल बंसल, गौरव खंडेलवाल, अमित खंडेलवाल, पारुल अग्रवाल, दिवाकर पंजवानी, शिष्ट सिक्का एवं विकास मिश्रा शामिल रहे। विद्यालय की शिक्षिका रूपाली शर्मा ने विद्यालय की ओर से आयोजन के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए : प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह

महाअभियान: आरबीएस टेक्निकल कैंपस में किया पौधारोपण
बाबा न्यूज
आगरा। राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी, आगरा में पौधारोपण महाअभियान – 2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था। पौधारोपण महाअभियान – 2026 के अंतर्गत एक पेड़ माँ के नाम अभियान नागरिकों को अपनी माताओं के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान के निदेशक , डीन छात्र कल्याण, डीन होस्टल्स, कंट्रोलर आॅफ एग्जामिनेशन, समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक गण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र छात्राओं द्वारा पौधारोपण किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
संस्थान के निदेशक (अकादमिक) प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी देखरेख भी करनी चाहिए। उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम अभियान को प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने की एक प्रेरणादायक पहल बताया।
संस्थान के निदेशक (वित्त एवं प्रशासन) प्रो. पंकज गुप्ता ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. शचिपति पांडेय ने बताया कि इस अवसर पर परिसर में छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया। उन्होंने बताया कि इस मानसून ऋतु में संस्थान का लक्ष्य कुल 1000 पौधों का रोपण करने का रखा गया है।
इस पौधरोपण कार्यक्रम में नोडल अधिकारी इंजी अलोक सिंह जादौन, प्रो. अपूर्व विहारी लाल, प्रो. श्रद्धारानी सिंह, प्रो. विवेक श्रीवास्तव, प्रो. दुष्यंत सिंह, प्रो. नितिन अग्रवाल, डॉ. प्रमोद शर्मा, डॉ. अमित अग्रवाल मीडिया प्रभारी डॉ. आशीष शुक्ला आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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विनीत जोशी समिति की सिफारिशों से स्कूली शिक्षा होगी मजबूत

विकसित भारत का होगा रास्ता प्रशस्त : डॉ. सुशील गुप्ता
बाबा न्यूज
आगरा। शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित विनीत जोशी समिति की ओर से कोचिंग संस्कृति और डमी स्कूलों पर प्रस्तुत की गई सिफारिशों का राष्ट्रीय इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (निसा) ने स्वागत किया है। निसा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि समिति की रिपोर्ट ने उन चिंताओं को स्वीकार किया है जिन्हें संगठन कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर उठाता रहा है। यह रिपोर्ट स्कूली शिक्षा को पुन: शिक्षा व्यवस्था के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि निसा लंबे समय से डमी स्कूलों, अत्यधिक कोचिंग निर्भरता, अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ तथा विद्यार्थियों पर पड़ रहे दोहरे शैक्षणिक दबाव के खिलाफ संघर्ष करती रही है। इन मुद्दों को लेकर संगठन ने विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन दिए, जनजागरण अभियान चलाए तथा नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन भी किए। निसा ने विनीत जोशी समिति को भी विस्तृत सुझाव और सिफारिशें भेजकर इस विषय पर अपना पक्ष मजबूती से रखा था।
उन्होंने कहा कि समिति द्वारा यह स्वीकार किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि कोचिंग संस्कृति की समस्या का समाधान केवल कोचिंग संस्थानों को दंडित करने से नहीं होगा। वास्तविक समाधान स्कूली शिक्षा को इतना सक्षम और प्रासंगिक बनाना है कि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के लिए स्कूल से बाहर वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर न रहना पड़े।

समिति ने स्कूल पाठ्यक्रम को जेईई, नीट और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के अनुरूप बनाने, कोचिंग कक्षाओं की अवधि को प्रतिदिन 2 से 3 घंटे तक सीमित करने, उच्च शिक्षा में प्रवेश के दौरान कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा को अधिक महत्व देने तथा परीक्षा आधारित दबाव को कम करने के लिए मूल्यांकन प्रणाली में सुधार जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। यदि इन सिफारिशों को प्रभावी रूप से लागू किया जाता है तो डमी स्कूलों की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और विद्यालय पुन: शिक्षा के मुख्य केंद्र के रूप में स्थापित होंगे।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि आज देश के लाखों विद्यार्थी स्कूल और कोचिंग के दोहरे दबाव में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इसके कारण न केवल उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य भी पीछे छूटता जा रहा है। शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, तार्किक सोच, रचनात्मकता, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का साधन है।

उन्होंने कहा कि कोचिंग-प्रधान व्यवस्था ने शिक्षा को बड़े पैमाने पर व्यवसाय में बदल दिया है, जिससे अनेक अभिभावकों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। समिति की सिफारिशों के लागू होने से अभिभावकों को राहत मिलेगी, शिक्षा में समान अवसर बढ़ेंगे तथा विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

निसा का मानना है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश की स्कूली शिक्षा मजबूत होगी। एक सशक्त विद्यालय व्यवस्था ही स्वतंत्र चिंतन करने वाले, वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले और नवाचार में विश्वास करने वाले नागरिक तैयार कर सकती है। इससे रटंत शिक्षा की संस्कृति कमजोर होगी और बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या-समाधान तथा नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।
राष्ट्रीय इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (निसा) प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा भारत सरकार से आग्रह करता है कि विनीत जोशी समिति की सिफारिशों को शीघ्र लागू कर उन्हें आवश्यक कानूनी स्वरूप प्रदान किया जाए। इससे करोड़ों विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिलेगी, शिक्षा व्यवस्था में संतुलन स्थापित होगा तथा विकसित भारत के निर्माण का मार्ग और अधिक सुगम एवं मजबूत बनेगा।