सहारनपुर में किसान की गेहूं फसल, पेड़ काटे:दबंगों पर आरोप, SSP से न्याय की गुहार
सहारनपुर के चिलकाना थाना क्षेत्र के ग्याजुद्दीनपुर गांव में एक किसान ने दबंगों पर उसकी खड़ी गेहूं की फसल और पॉपलर के पेड़ जबरन काटने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित किसान रामपाल ने इस मामले में SSP को शिकायती पत्र देकर पुलिस से प्राथमिकी दर्ज करने और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। किसान रामपाल के अनुसार, वह गाटा संख्या 603, 604, 605 सहित लगभग 10 बीघा भूमि का वैध भूमिधर है। इस भूमि पर उसने गेहूं की फसल बोई थी और पॉपलर के पेड़ भी लगाए थे। भूमि संबंधी चकबंदी विवाद में डी.डी.सी. स्तर से फैसला उसके पक्ष में आया था। इसके बाद 29 अप्रैल 2024 को उसे चक आवंटित किया गया और 30 जनवरी 2025 को चकबंदी स्टाफ तथा थाना चिलकाना पुलिस द्वारा मौके पर पैमाइश कराकर कब्जा भी दिलाया गया था। रामपाल का आरोप है कि 16 अप्रैल 2026 को कुछ नामजद विपक्षी जबरन उसकी गेहूं की फसल काटने लगे। विरोध करने पर उसने एसडीएम और अन्य अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामले की जांच हल्का लेखपाल हरिपाल सिंह को सौंपी गई, जिन पर पीड़ित ने विपक्षियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, 17, 18 और 19 अप्रैल को उसकी पूरी गेहूं की फसल काट दी गई। पीड़ित किसान ने बताया कि गेहूं की फसल से करीब एक लाख रुपये और पॉपलर के पेड़ काटे जाने से लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट का प्रयास किया और लगातार जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। घटना के दौरान शोर सुनकर गांव के अंजू पुत्र रामधन और राजबीर पुत्र रामदयाल मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। पीड़ित का कहना है कि उसने एसडीएम, जिलाधिकारी और थाना चिलकाना सहित कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित किसान ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन से जल्द न्याय दिलाने की अपील की है।

