गोरखपुर पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद:पैत्रिक गांव पनिका इटार पहुंचकर ग्रामीणों से मिले

ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तीन दिवसीय यात्रा पर शनिवार को गोरखपुर पहुंचे। लिंक एक्सप्रेस वे से सीधा वह सहजनवा क्षेत्र में स्थित अपने पूर्वजों के गांव पनिका इटार पहुंचे। यहीं से उनके पूर्वज प्रतापगढ़ गए थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इटार पांडेय में टेकधर ब्रह्मस्थान पर जाकर पूजा-अर्चना की। उसके बाद पनिका पहुंचे और लगभग 1 घंटे तक ग्रामीणों से मुलाकात की। वहां पहुंचे ग्रामीणों ने गांव से जुड़े संस्मरण सुनाए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि रविवार की सुबह गोरखपुर से गविष्टि यात्रा निकाली जाएगी। इसके जरिए गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग होगी। 81 दिनों की यात्रा में प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों में जाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि वह इटार पनकी की धरती पर आना चाहते थे। यहां से उनके पूर्वजों का जुड़ाव रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कई लोगों ने यह कहा था कि इसी यात्रा पर उनकी जान जा सकती है। हंसते हुए उन्होंने कहा कि इसीलिए मैंने सोचा कि एक बार अपने पूर्वजों के गांव चला आऊं। उन्होंने इस गांव के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोग हिम्मती रहे हैं। उन्होंने अपने शरणागत की रक्षा की, जिसके कारण पूरे गांव को जला दिया गया था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी से गवष्टि यात्रा में शामिल होने की अपील की। एक दर्जन गाड़ियों का काफिला था स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लगभग एक दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ पनिका इटार पहुंचे थे। वह अपने रथ में सवार थे। उसके साथ ही चतुरंगिणी सेना और साधु संत भी थे। उनके साथ लगभग 50 लोग आए हैं। साथ आए बटुकों ने मंत्रोच्चार किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सहारा एस्टेट में अपने शिष्य एडवोकेट मनीष पांडेय के यहां रुकेंगे। उसके बाद रविवार को सुबह गवष्टि यात्रा निकालेंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शासन, प्रशासन हमारा है। उनका सहयोग मिलना चाहिए। रविवार के कार्यक्रम के लिए 29 शर्तों के साथ प्रशासन ने अनुमति दी है।

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