परिवार परामर्श केंद्र ने सुलझाया घरेलू विवाद, शिकायत वापस:मारपीट-धमकी के आरोप वापस लिए, पति-पत्नी साथ रहने को सहमत

कुरावली के परिवार परामर्श केंद्र में एक घरेलू विवाद को सुलझा लिया गया, जिससे एक परिवार टूटने से बच गया। अकबरपुर औंछा निवासी बीना ने अपने पति राजकुमार पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए 9 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। बीना ने शिकायत में बताया था कि उसका पति राजकुमार अक्सर उसके साथ मारपीट करता था, कई दिनों तक घर से बाहर रहता था और जान से मारने की धमकी देता था। इस परेशानी के चलते वह परिवार परामर्श केंद्र पहुंची थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर काउंसलिंग के लिए बुलाया। परामर्श केंद्र में 25 अप्रैल से काउंसलिंग शुरू हुई। इसमें दोनों पक्षों को अलग-अलग और फिर आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याओं को सुना गया। परामर्श केंद्र की टीम ने विवाद के मूल कारणों को समझने का प्रयास किया और आपसी बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने पर जोर दिया। लगभग एक सप्ताह तक चली काउंसलिंग के बाद 2 मई को पति-पत्नी दोनों ने अपनी-अपनी गलतियां स्वीकार कीं। उन्होंने माना कि आपसी कहासुनी के कारण विवाद बढ़ गया था। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांगी और साथ रहने का निर्णय लिया। परामर्श के बाद बीना ने मारपीट और धमकी की अपनी शिकायत वापस ले ली और एक लिखित सुलहनामा प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों ने परिवार परामर्श केंद्र की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह समस्याओं का समाधान होता रहे, तो लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह मामला दर्शाता है कि सही समय पर संवाद और समझाइश से बड़े घरेलू विवादों को भी सुलझाया जा सकता है। मिशन शक्ति टीम और परिवार परामर्श केंद्र की सक्रिय भूमिका ने एक परिवार को बिखरने से बचाया, जो ऐसे प्रयासों के महत्व को उजागर करता है।

गोरखपुर पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद:पैत्रिक गांव पनिका इटार पहुंचकर ग्रामीणों से मिले

ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तीन दिवसीय यात्रा पर शनिवार को गोरखपुर पहुंचे। लिंक एक्सप्रेस वे से सीधा वह सहजनवा क्षेत्र में स्थित अपने पूर्वजों के गांव पनिका इटार पहुंचे। यहीं से उनके पूर्वज प्रतापगढ़ गए थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इटार पांडेय में टेकधर ब्रह्मस्थान पर जाकर पूजा-अर्चना की। उसके बाद पनिका पहुंचे और लगभग 1 घंटे तक ग्रामीणों से मुलाकात की। वहां पहुंचे ग्रामीणों ने गांव से जुड़े संस्मरण सुनाए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि रविवार की सुबह गोरखपुर से गविष्टि यात्रा निकाली जाएगी। इसके जरिए गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग होगी। 81 दिनों की यात्रा में प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों में जाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि वह इटार पनकी की धरती पर आना चाहते थे। यहां से उनके पूर्वजों का जुड़ाव रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कई लोगों ने यह कहा था कि इसी यात्रा पर उनकी जान जा सकती है। हंसते हुए उन्होंने कहा कि इसीलिए मैंने सोचा कि एक बार अपने पूर्वजों के गांव चला आऊं। उन्होंने इस गांव के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोग हिम्मती रहे हैं। उन्होंने अपने शरणागत की रक्षा की, जिसके कारण पूरे गांव को जला दिया गया था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी से गवष्टि यात्रा में शामिल होने की अपील की। एक दर्जन गाड़ियों का काफिला था स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लगभग एक दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ पनिका इटार पहुंचे थे। वह अपने रथ में सवार थे। उसके साथ ही चतुरंगिणी सेना और साधु संत भी थे। उनके साथ लगभग 50 लोग आए हैं। साथ आए बटुकों ने मंत्रोच्चार किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सहारा एस्टेट में अपने शिष्य एडवोकेट मनीष पांडेय के यहां रुकेंगे। उसके बाद रविवार को सुबह गवष्टि यात्रा निकालेंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शासन, प्रशासन हमारा है। उनका सहयोग मिलना चाहिए। रविवार के कार्यक्रम के लिए 29 शर्तों के साथ प्रशासन ने अनुमति दी है।

मेरठ में धारा 163 लागू:त्योहारों, परीक्षाओं के मद्देनजर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी; 27 जून तक रहेगी व्यवस्था

मेरठ के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वीके सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत पूरे जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 30 अप्रैल से 27 जून की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेंगे। इसका उद्देश्य आगामी त्योहारों और परीक्षाओं के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना है। मजिस्ट्रेट ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा, क्रांति दिवस, ईद-उल-अज़हा (बकरीद), मोहर्रम और विभिन्न प्रतियोगी व महाविद्यालयी परीक्षाओं के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। मेरठ एक संवेदनशील जिला है, जहां असामाजिक तत्व सांप्रदायिक विद्वेष, अफवाहें फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक संगठन धरना, प्रदर्शन, जुलूस या पदयात्रा के माध्यम से शांति भंग कर सकते हैं। इन अवांछनीय गतिविधियों पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के सभी 32 थाना क्षेत्रों, जिसमें महिला थाना भी शामिल है, में ये आदेश लागू किए गए हैं। आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन किसी भी कार्यक्रम या माध्यम से सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास नहीं करेगा। सार्वजनिक या निजी स्थल पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे, जिनसे किसी जाति, पंथ, संगठन या धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचे या सांप्रदायिक उन्माद उत्पन्न हो। यह आदेश 30 अप्रैल से 27 जून की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक लागू रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे पहले भी खंडित किया जा सकता है या इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। इन आदेशों के किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध होगा।

छात्राओं से नाली साफ कराने का आरोप:कस्तूरबा गांधी विद्यालय के मुख्य रसोइया ने जिलाधिकारी से की शिकायत

अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विद्यालय की वार्डन पर छात्राओं से नाली साफ कराने और अन्य निजी काम करवाने का आरोप लगा है। विद्यालय के मुख्य रसोइया ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की है। शनिवार को तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान मुख्य रसोइया राजेश कुमार ने जिलाधिकारी नितिन गौड़ को ज्ञापन सौंपा। वर्ष 2008 से कार्यरत राजेश कुमार का आरोप है कि वार्डन छात्राओं से विद्यालय की नालियां साफ कराती हैं। गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी इसके अतिरिक्त, महिला शिक्षिकाएं भी छात्राओं से अपने निजी कपड़े धुलवाती हैं और अपने बच्चों की देखभाल कराती हैं।राजेश कुमार के अनुसार, छात्राओं को शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि विरोध करने पर वार्डन ने उनके साथ अभद्रता की और बिना किसी पूर्व नोटिस या पक्ष रखने का मौका दिए उनकी संविदा समाप्त कर उन्हें नौकरी से निकाल दिया। रसोइए ने दावा किया है कि उनके पास इन कृत्यों के वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं। उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया राजेश कुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस प्रकरण की जांच शिक्षा विभाग के बजाय अन्य विभागों की महिला अधिकारियों की टीम से कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों से साठगांठ के कारण ही कनिष्ठ होने के बावजूद साक्षी त्यागी को वार्डन का प्रभार दिया गया है। दूसरी ओर, वार्डन साक्षी त्यागी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। जिलाधिकारी नितिन गौड़ ने मामले का संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

एचबीटीयू में चलेंगे शार्ट ड्यूरेशन कोर्स:वीसी व टीचर्स ने तीन इंडस्ट्रीज का किया दौरान, बारीकियों को समझा

लेदर क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में एचबीटीयू ने पहल तेज कर दी है। एचबीटीयू वीसी प्रो. समशेर, लेदर विभागाध्यक्ष प्रो. जीएल देवनानी तथा अन्य शिक्षकों डॉ. अभिषेक कुमार लाल, रणवीर सिंह और सुमंत चटर्जी ने तीन औद्योगिक इकाइयों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने सैडलरी निर्माण की बारीकियों को समझा और वहां की तकनीकी टीमों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। शार्ट ड्यूरेशन कोर्स होंगे शुरु कुलपति प्रो. समशेर ने उद्योगों को आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय उनकी जरूरतों के अनुसार शॉर्ट ड्यूरेशन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करेगा, ताकि युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिल सके। वहीं उद्योगों ने भी एचबीटीयू के लेदर विभाग को मशीनरी सहयोग देने का भरोसा दिलाया। कैंपस में जल्द ही स्किल्ड कोर्सेंज को शुरु किया जाएगा। कोर्स को किया माडर्न बताते चलें कि बीते साल एचबीटीयू के लेदर विभाग ने पुराने लेदर कोर्स का आधुनिकीकरण करते हुए बीटेक लेदर एंड फैशन टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू किया था। इस क्रियान्वयन में भारतीय विचारक समिति के जनरल सेक्रेटरी उमेश दीक्षित का भी सहयोग रहा। वीसी ने कहा कि हमारा उद्देश्य छात्रों को उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित करना है। ताकि वह भविष्य में उद्योगों को अपनी बेहतर स्किल का योगदान दे सकें।