लखनऊ में निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार धंसी:मिट्टी में दबने से मजदूर की मौत, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बाहर निकाला
लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में एनटीपीसी बिल्डिंग और साइबर हाइट्स के पास निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार गिर गई। गुरुवार सुबह नींव के बगल में खुदाई के दौरान दीवार के पीछे से मिट्टी खिसक गई। इसमें 2 मजदूर दब गए। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रगेड मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया तो एक मजदूर अचेत अवस्था में मिट्टी से निकाला गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विभूतिखंड थाने के इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान बाराबंकी रामनगर के लक्ष्मी शंकर अवस्थी (35) के रूप में हुई। दूसरे साथी तुलसीराम को कम चोट थी। उसे पुलिस ने लोहिया संस्थान में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। घटना करीब 10 बजे हुई। 3 तस्वीरें देखिए- हॉस्पिटल बनवाया जा रहा, नक्शा पास एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने मौके पर निरीक्षण किया। उनका कहना है कि D63 का नक्शा पास है। आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। जिस जमीन पर हादसा हुआ है, उस पर हॉस्पिटल बन रहा है। इसका मानचित्र प्राधिकरण से पास है। नींव की सफाई कर रहे थे तभी मिट्टी धंसी मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग ने बताया कि दो आदमी नींव की सफाई कर रहे थे। उसी समय मिट्टी खिसक गई। दोनों उसी में दब गए। करीब आधे घंटे तक हम 10 लोग हाथों से मिट्टी निकालते रहे। करीब 40 मिनट बाद पुलिस यहां आई। वे दोनों हमारे पास के गांव के थे। हाथों से मिट्टी हटाकर उन्हें बाहर निकाला मनीष ने बताया- यहां पर 4 लेबर काम कर रहे थे। मिट्टी खिसकने लगी तो उनमें से 2 लेबर बाहर निकल पाए। 2 लोग बाहर निकल ही रहे थे कि मिट्टी भरभराकर गिर गई। हम लोगों ने हाथों से मिट्टी हटा-हटाकर दोनों को बाहर निकाल लिया। एक को कम चोट थी और दूसरे की सांसें चल रही थीं। दूसरे वाले को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मिट्टी ऊपर से खिसककर गिर गई थी। प्रशासन की तरफ से 4 लाख की आर्थिक सहायता एसीएम सचिन वर्मा ने बताया कि आपदा राहत कोष के जरिये मृतक लक्ष्मीशंकर के परिजन को 4 लाख रुपए की सहायता तत्काल दिलाई जा रही है। मामले में लेखपाल से रिपोर्ट ली जाएगी। ———————- ये खबर भी पढ़िए- ट्रैफिक पुलिस की जुगाड़ व्यवस्था, सड़क पर रेंग रही गाड़ियां : लखनऊ में कामता पर बैरिकेडिंग से जाम हुआ दोगुना, 5 KM जबरदस्ती घूम रही पब्लिक लखनऊ हाईकोर्ट के आसपास जाम बेकाबू है। हाईकोर्ट जाम से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन को सिर्फ आदेश देता रहा। पुलिस-प्रशासन भी कोर्ट को एक्शन प्लान बताते रहे, लेकिन हाल जस का तस बना हुआ है। पॉलिटेक्निक से कामता, चिनहट, किसान पथ तक करीब 6 किमी सड़क पर सुबह से रात सिर्फ गाड़िया रेंगती नजर आती हैं। (पूरी खबर पढ़िए)

