सपा सांसद नदवी ने किशनगंज घटना को लक्षित हत्या बताया:रामपुर में बोले- SIT जांच हो, यूपी पुलिस, रेलवे और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर अल्पसंख्यकों, दलितों और कमजोर वर्गों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में मुसलमानों की “लक्षित हत्याओं” को दुर्घटना बताकर दबाने का आरोप लगाया और किशनगंज घटना की एसआईटी जांच की मांग की। सांसद ने कहा – समाज में एक खतरनाक सोच पनप रही है, जिससे सम्मानित लोगों की जान-माल भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले रेहड़ी-पटरी वालों और गरीब तबकों को निशाना बनाया गया, लेकिन अब धार्मिक हस्तियां भी सुरक्षित नहीं हैं। नदवी ने बरेली शरीफ की धार्मिक आस्था और आला हजरत मौलाना अहमद रजा खां की दरगाह का जिक्र करते हुए एक मौलाना की हत्या के मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मृत्युपूर्व बयान सामने आने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई कमजोर दिख रही है। सांसद ने फोरेंसिक जांच न कराने और यात्रियों के बयान दर्ज न करने पर सवाल उठाए। पहनाने के आधार पर हत्या, संविधान का कत्ल मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने जोर देकर कहा कि यदि किसी नागरिक की हत्या उसके पहनावे या पहचान के आधार पर होती है, तो यह केवल व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और इंसानियत की हत्या है। उन्होंने चेतावनी दी कि कमजोर, दलित और मुस्लिम समाज ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा और न्याय के लिए सड़क से अदालत तक संघर्ष करेगा। सांसद ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे पुलिस और गृह मंत्रालय से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत और अन्याय का माहौल देश की साझा विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।

