Breaking News
कश्यप DJ का 50 हजार रुपए का हुआ चालान:ओवर हाइट और तेज आवाज पर पुलिस का सख्त एक्शन, पीछा कर मंसूरपुर में पकड़ा

मुजफ्फरनगर में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान शासन की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। हरिद्वार से आ रहे ‘कश्यप DJ’ पर नियमों के उल्लंघन के मामले में पुलिस ने 50 हजार रुपए का चालान किया। जांच में डीजे की ऊंचाई, चौड़ाई और ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों से अधिक पाए गए। पुलिस के अनुसार, डीजे के ऊपरी हिस्से पर कई लोग बैठे हुए थे, जिससे हाईटेंशन बिजली लाइनों और अन्य अवरोधों से गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसके अलावा डीजे के कारण कांवड़ मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हो रहा था। इन अनियमितताओं के चलते तत्काल चालान की कार्रवाई की गई। मंसूरपुर में रुकवाकर कराया मानकों का पालन कार्रवाई के बाद पुलिस ने डीजे का पीछा करते हुए मंसूरपुर स्थित जियो पेट्रोल पंप पर उसे रुकवाया। वहां डीजे से अतिरिक्त सामान उतरवाया गया तथा उसकी ऊंचाई और चौड़ाई को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया गया। साथ ही ध्वनि स्तर भी शासन की गाइडलाइन के अनुसार सुनिश्चित कराया गया। सभी सुरक्षा मानकों का पालन होने के बाद ही डीजे को आगे जाने की अनुमति दी गई।
448 डीजे संचालकों को पहले ही दिए जा चुके हैं नोटिस मुजफ्फरनगर पुलिस ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही 448 डीजे संचालकों को शासन की गाइडलाइन का पालन करने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद यदि कोई संचालक नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ इसी प्रकार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा मानकों से नहीं होगा समझौता पुलिस ने बताया कि जनपद की सभी सीमाओं, प्रवेश मार्गों और प्रमुख कांवड़ मार्गों पर डीजे वाहनों की लगातार सघन जांच की जा रही है। कांवड़ यात्रा में लाखों शिवभक्त शामिल हो रहे हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए ओवर हाइट, ओवर विड्थ, निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि स्तर या अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी डीजे संचालकों और शिवभक्तों से अपील की है कि शासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

सुल्तानपुर में गोमती नदी से युवक का शव बरामद:दो दिन पहले लगाई थी छलांग, मौत का कारण स्पष्ट नहीं; पुलिस कर रही जांच

सुल्तानपुर में गोमती नदी से एक युवक का शव सोमवार 1:30 बजे बरामद किया गया है। युवक की पहचान बल्दीराय थाना क्षेत्र के वल्लीपुर बाज़ार, मोमिनपुर निवासी मोहम्मद साहिल (19) के रूप में हुई है। साहिल ने 1 अगस्त को नदी में छलांग लगाई थी और उसका शव सोमवार, 3 अगस्त को मिला। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में 112 पर एक कॉलर ने सूचना दी कि बसौढ़ी घाट के पास गोमती नदी में एक शव उतरा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान मोहम्मद साहिल के रूप में हुई। जांच से यह भी पता चला कि साहिल 1 अगस्त को अपने घर से निकले थे और कुड़वार थाना क्षेत्र के सुरेश नगर बरासिन पुल से उन्होंने नदी में छलांग लगाई थी। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। क्षेत्राधिकारी नगर राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। युवक के नदी में कूदने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने में लगी है।

खाद की कालाबाजारी पर डीएम का एक्शन:यूरिया-डीएपी तय कीमत पर मिले, जबरन बिक्री पर होगी कठोर कार्रवाई

मैनपुरी में खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक थोक विक्रेताओं और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों का किसी भी स्तर पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ओवररेटिंग और कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी जिलाधिकारी ने कहा कि यूरिया और डीएपी की ओवररेटिंग, कालाबाजारी, कृत्रिम अभाव पैदा करने या किसानों को जबरन अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि किसानों और विक्रेताओं के बीच पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी दुकानदार को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है तो वह तत्काल प्रशासन को इसकी सूचना दे सकता है। ऐसे मामलों में भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित दर पर ही मिले यूरिया और डीएपी डीएम ने जिला कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि जनपद में मांग के अनुरूप यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी सहकारी समितियों, राजकीय कृषि बीज भंडारों और निजी खाद-बीज की दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक दुकान पर स्पष्ट सूचना प्रदर्शित की जाए कि यूरिया के साथ किसी किसान को दवा, बीज या अन्य उर्वरक खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। किसानों को यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरी और डीएपी 1350 रुपये प्रति बोरी की निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराया जाए। अधिक कीमत वसूलने या अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी। कृत्रिम संकट पैदा करने वालों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी ने थोक विक्रेताओं को चेतावनी दी कि अनावश्यक भंडारण कर खाद का कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश न करें। यदि कोई खाद का स्टॉक छिपाकर बाजार में कमी पैदा करता पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एआर को-ऑपरेटिव और पीसीएफ प्रबंधन को निर्देश दिए कि बफर स्टॉक में उपलब्ध यूरिया और डीएपी तत्काल समितियों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अनुपस्थित डीलरों की होगी जांच बैठक के दौरान विभिन्न उर्वरक कंपनियों के कई अधिकृत डीलरों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। कृभको, एनएफएल, आरसीएफ और यारा कंपनी के कई डीलर बैठक में नहीं पहुंचे। इस पर जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए गए कि अनुपस्थित डीलरों के पिछले छह माह के उर्वरक क्रय-विक्रय की जांच के लिए समिति गठित की जाए। जांच में अनियमितता मिलने पर उनके खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग तथा विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

गोरखपुर में DPRO से मिले ग्रामीण सफाई कर्मचारी:संघ ने उठाई लंबित मांगें, जल्द समाधान के दिए निर्देश

गोरखपुर में उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सोमवार को विकास भवन पहुंचे और जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) शौम्य शील से मुलाकात की। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं और विभिन्न मांगों को रखते हुए उनका जल्द समाधान कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश कुमार भारती ने किया। DPRO ने अधिकारियों को दिए निर्देश बैठक के दौरान DPRO शौम्य शील ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित बाबू और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन से कर्मचारियों को उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि यदि समस्याओं का समय पर समाधान होगा तो कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और गांवों में सफाई व्यवस्था भी बेहतर होगी। बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद बैठक में जिला मंत्री शंभूनाथ गौड़, जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, जिला संगठन मंत्री रामदुलारे यादव, जिला संप्रेक्षक उमेश सिंह, जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष राजू प्रसाद, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष रामसूरत यादव, जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार, जिला उपाध्यक्ष बलराम गौतम, पिपरौली ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, सहजनवा ब्लॉक अध्यक्ष उपेंद्र कुमार, खोराबार ब्लॉक अध्यक्ष जय गोविंद गौड़, जिला संयुक्त मंत्री राकेश कुमार खन्ना सहित जिला और ब्लॉक संगठन के कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

संभल थाने में आत्मदाह को उकसाने का आरोपी गिरफ्तार:पीड़ित की एम्स में मौत, दरोगा-सिपाही निलंबित हुए थे, पीड़ित की एम्स में हुई मौत

संभल पुलिस ने थाना धनारी परिसर में आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना में खुद को आग लगाने वाले ग्रामीण मोरध्वज यादव की 20 जून को दिल्ली एम्स में मौत हो गई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एक दरोगा, एक सिपाही और एक हेड मोहर्रिर को निलंबित किया था। यह घटना संभल जिले की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी परिसर में 18 जून की शाम को हुई थी। सोमवार को थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि हप्पू उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मृतक मोरध्वज के भाई राकेश कुमार ने गांव बगढेर निवासी सुरेंद्र, हप्पू उर्फ पप्पू, लालाराम और पन्नालाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। राकेश कुमार का आरोप है कि इन लोगों ने उनकी भतीजी विमला के साथ गाली-गलौज की थी। जब मोरध्वज ने इसका विरोध किया, तो सभी ने मिलकर उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। घटना से एक दिन पहले, 17 जून को गांव बगढेर में बच्चों के मुंडन संस्कार के दौरान दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। इस विवाद में एक व्यक्ति घायल हो गया था। सूचना पर पुलिस ने घायल को उपचार के लिए भेजा और विवाद में शामिल मोरध्वज के भाई लखपत सिंह और भतीजे भारत सिंह को हिरासत में ले लिया था। मोरध्वज यादव अपने भाई और भतीजे को छुड़ाने तथा पुलिस कार्रवाई का विरोध करने के लिए थाने पहुंचा था। 18 जून की शाम करीब 6 बजे जब पुलिस दोनों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई कर रही थी, तभी मोरध्वज थाने पहुंचा। काफी देर चली बहस के बाद उसने अचानक अपने साथ लाया पेट्रोल शरीर पर उड़ेल लिया और आग लगा ली। युवक के आग की लपटों में घिरते ही थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कंबल और गमछे डालकर आग बुझाई गई। इस मामले में निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में दरोगा ओमेंद्र सिंह, सिपाही राजकुमार और हेड मोहर्रिर संदीप गौतम शामिल हैं।

इंडिया में आईबीएस बिज़नेस स्कूल प्लेसमेंट में सबसे आगे

 

79 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थी इस वक़्त देश और विदेश के विभिन संस्थानों में कार्यरत

आई. बी. एस. बिज़नेस स्कूल ने हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स मीट आयोजित की

बाबा न्यूज
आगरा। उत्तर प्रदेश, आई. बी. एस बिज़नेस स्कूल ने हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट (HOD’s) एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स (TPO’s) मीट आयोजित किया। आई. बी. एस भारत के उच्चतम बिज़नेस स्कूल में से एक है जिसने फैकल्टी नॉलेज शेयरिंग मीट होटल अतिथि में आयोजित किया।
इक्फ़ाई बिज़नेस स्कूल 1995 से स्थापित है, जिसके नौ कैंपस भारत के विभिन शहरों हैदराबाद, मुंबई गुरुग्राम, बैंगलौर, पुणे कोलकता, अहमदाबाद, देहरादून और जयपुर में है। यहाँ से अभी तक 79 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थियों ने अपनी प्रबन्धन की पढाई की है जो इस वक़्त देश और विदेश के विभिन संस्थानों में कार्यरत हैं।
डॉ प्राप्ति पॉल डीन एकेडेमिक्स, आई. बी. एस गुडगाँव ने “रथिंकिंग स्टूडेंट डेवलपमेंटः स्ट्रेटेजी एंड न्यू परादिगं” विषय पर फैकल्टी नॉलेज शेयरिंग मीट आयोजित किया। डॉ श प्राप्ति पॉल ने आगरा के विभिन संस्थानों, कॉलेजों व विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स को उपरोक्त विषय पर जानकारी दी।
मि. प्रतीक अग्रवाल, सीनियर मैनेजर, आई. बी. एस बिज़नेस स्कूल ने वक्ता डॉ प्राप्ति पॉल व आगरा के विभिन 12 संस्थानों / विश्वविद्यालय के आये 30 प्रतिभागी प्रोफेसर एवं ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर्स सदस्यों का स्वागत व परिचय दिया।
डॉ प्राप्ति पॉल जो डॉक्ट्रेट की डिग्री से सम्मानित हैं इन्हे 15 से भी अधिक वर्षों का शैक्षणिक एवं रिसर्च का अनुभव हैं और इन्होने विभिन शीर्ष बिज़नेस कॉलेजो में रिसर्च एवं फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर्स मीट को सफलतापूर्वक संपन्न किया है।
आई.बी. एस बिज़नेस स्कूल इनफार्मेशन ऑफिस आगरा ने डॉ प्राप्ति पॉल व सभी प्रतिभागी प्रोफेसरों का धन्यवाद दिया।

संभल में पप्पू यादव-अवधेश प्रसाद का पुतला फूंका:राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग, सनातन के अपमान पर विरोध

संभल में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद पासी के खिलाफ रविवार शाम करीब 5 बजे राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। संभल कोतवाली क्षेत्र की कोट पूर्वी सरथल चौकी पर एकत्रित कार्यकर्ताओं ने दोनों सांसदों का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संसद में राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान साधु का भेष धारण कर भगवान राम की तस्वीर चरणों में रखी गई, जिससे सनातन धर्म और संत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इस कृत्य की कड़ी निंदा की। राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से दोनों सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि सनातन धर्म और धार्मिक प्रतीकों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। परिषद पदाधिकारियों ने लगाए गंभीर आरोप राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के परमानंद तिवारी ने कहा कि बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु का वेश धारण किया, जबकि फैजाबाद के सपा सांसद अवधेश प्रसाद उनके पैर छूते नजर आए। उनका आरोप था कि इस दौरान भगवान राम की तस्वीर चरणों में रखी गई, जो संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान है। अध्यक्ष बोले- यह बेहद निंदनीय घटना परिषद के अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सांसदों का यह व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में संतोष गुप्ता, उमेश भारद्वाज, नरेश शर्मा, सुंदरलाल तिवारी, अनमोल कुमार, कैलाश नाथ शर्मा, पुष्पेंद्र कुमार, पप्पू कुमार, अमन सिंह, रामवीर, अवधेश शर्मा सहित राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा, दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल:डेलापीर चौराहे पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने किया स्वागत

बरेली में सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। रविवार को डेलापीर स्थित डमरू चौराहे पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर और फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने बताया कि पीस कमेटी ऑफ इंडिया हर वर्ष कांवड़ यात्रियों के सम्मान में स्वागत कार्यक्रम आयोजित करती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार सावन के प्रत्येक सोमवार को प्रमुख मंदिरों पर मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इकबाल ने कहा कि बरेली अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता है। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देते हैं। इस स्वागत कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष करीम खान, मोनू खान, आजम खान, खुशनुमा खान, प्रदेश मीडिया प्रभारी सैयद सलमान और सलाहकार डॉ. सैयद शहाबुद्दीन सहित पीस कमेटी ऑफ इंडिया के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बस्ती में नवविवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत:पति पर जहर पिलाने का आरोप, ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा

बस्ती में रविवार दोपहर एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने उसके पति पर मायके पहुंचकर जबरन जहर पिलाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। दो महीने पहले हुई थी शादी
मृतका की पहचान अर्चना के रूप में हुई है। उसकी शादी 13 मई को सिद्धार्थनगर जिले के डिडई थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी शिवम से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के करीब दो महीने बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था, जिसके बाद अर्चना अपने मायके बस्ती जिले के तेलौरा गांव में रह रही थी। परिजनों का आरोप- पति ने पिलाया जहर
मृतका के छोटे भाई सौरभ का आरोप है कि रविवार को उनकी मां इलाज के लिए बाहर गई थीं और अर्चना घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसका पति शिवम वहां पहुंचा और कथित तौर पर उसे जहरीला पदार्थ पिला दिया। हालत बिगड़ने पर ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप
सौरभ का दावा है कि अर्चना ने मौत से पहले उसे बताया था कि उसके पति ने ही उसे जहर दिया है। घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आरोपी पति की पिटाई भी कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चलेगा। उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी निरीक्षक बोले- जांच जारी
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार दुबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रामपुर में स्पीड ब्रेकर बना हादसों की वजह:एक घंटे में 2 दुर्घटनाएं, 5 लोग घायल, चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग

रामपुर के शहजादनगर क्षेत्र में सईदाबाद पुल के पास एक स्पीड ब्रेकर हादसों का कारण बन रहा है। रविवार दोपहर लगभग 2:30 बजे, एक घंटे के भीतर यहां दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कुल पांच लोग घायल हो गए। घायलों और स्थानीय लोगों ने स्पीड ब्रेकर से पहले चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। पहली घटना में, एक ही मोटरसाइकिल पर सवार किशनलाल (60 वर्ष), उनकी पत्नी फूलवती (50 वर्ष) और पुत्र मुकेश (18 वर्ष) स्पीड ब्रेकर पर संतुलन बिगड़ने से सड़क पर गिर गए। इस हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इसी स्थान पर कुछ देर बाद एक और मोटरसाइकिल स्पीड ब्रेकर पर अनियंत्रित होकर फिसल गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार दंपति घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार हुए इन हादसों से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायलों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि सईदाबाद पुल के पास बने इस स्पीड ब्रेकर से पहले कोई चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या अन्य संकेतक नहीं लगाए गए हैं। तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को यह स्पीड ब्रेकर अचानक दिखाई नहीं देता, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। घायल परिवारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्पीड ब्रेकर से कम से कम 50 से 100 मीटर पहले सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें और अपनी गति धीमी कर सकें। उनका मानना है कि ऐसे सुरक्षा इंतजामों से रोजाना होने वाले हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से इस स्थान का तत्काल निरीक्षण करने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को तुरंत लागू करने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।