हरदोई में 4-5 मई को दहेज मुक्त सामूहिक विवाह:कमजोर परिवारों को सहारा, समाज में समरसता का संदेश देगा आयोजन

हरदोई में 4 और 5 मई 2026 को दहेज मुक्त आदर्श सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन सामाजिक समरसता, सादगीपूर्ण विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। श्री यज्ञसेनी वैश्य (हलवाई) समाज जन कल्याण समिति के तत्वावधान में यह समारोह आरआर इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न होगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए समिति का कार्यालय डी-286 आवास विकास कॉलोनी, बेलाताली के सामने स्थापित किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इस सामूहिक विवाह का मुख्य उद्देश्य समाज से दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करना और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देना है। यह आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अनावश्यक खर्च के बिना सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में सहायता प्रदान करेगा। समिति के वरिष्ठ संरक्षक नरेश चन्द्र ‘नन्हे’ और संयोजक मंडल के सदस्य कृपा शंकर गुप्ता, राम सेवक आर्य, रतन बाबू गुप्ता, राजेश गुप्ता, तथा मुकेश गुप्ता ने बताया कि यह सामूहिक विवाह समाज में सहयोग, समानता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ते विवाह खर्च और दहेज प्रथा से कई परिवार प्रभावित होते हैं, ऐसे में यह पहल महत्वपूर्ण है। आयोजन की तैयारियों में समिति के स्थायी सदस्य अनिल गुप्ता, विजय गुप्ता, रूपेश गुप्ता, राजेंद्र कुमार आर्य ‘बबलू’, दिलीप कुमार गुप्ता, सर्वेश गुप्ता, अमित कुमार गुप्ता ‘शीलू’, अभिनेष कुमार गुप्ता, नीरज कुमार गुप्ता, अरुणेश गुप्ता ‘राजा भैया’, विमल कुमार गुप्ता, विश्वास कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता और अनूप कुमार गुप्ता सहित कई पदाधिकारी सक्रिय हैं। महिला मंडल की सदस्य सुमन गुप्ता, रेखा गुप्ता, प्रीति गुप्ता, बीनू गुप्ता और ज्योति गुप्ता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समिति अध्यक्ष विमलेश कुमार गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप गुप्ता, कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता और महामंत्री अमित कुमार गुप्ता ने समाज के सभी वर्गों से इस आयोजन में सहयोग और सहभागिता की अपील की है। आयोजकों ने जोर दिया कि यह कार्यक्रम केवल एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि दहेज प्रथा के खिलाफ एक सामाजिक संदेश है, जो समाज में एकता, समरसता और सहयोग की मिसाल पेश करेगा।

रामपुर बना उत्तर भारत का मिनी कोलकाता:56 हैचरी से 200 करोड़ मछली बीज सप्लाई, 3846 को मिला रोजगार

रामपुर अब कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन और मछली बीज उत्पादन में भी अपनी पहचान बना रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले ने मछली उत्पादन में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 10,402 मीट्रिक टन का आंकड़ा पार कर लिया है। इस बढ़ती सफलता के कारण रामपुर को अब ‘मिनी कोलकाता’ के रूप में जाना जाने लगा है। मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक प्रशांत गंगवार ने बताया कि जिले में वर्तमान में 56 हैचरी संचालित हैं। इन हैचरियों से लगभग 200 करोड़ मछली बीज उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में भेजे जा रहे हैं। रामपुर में तैयार होने वाली पंगेसियस मछली और उसके बीजों की मांग दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में भी है। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी ने इस क्षेत्र को नई गति प्रदान की है। जिले में बायोफ्लॉक और आरएएस (रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे सीमित संसाधनों में भी अधिक उत्पादन संभव हो पा रहा है। इस सफलता का एक उदाहरण तहसील मिलक के ग्राम धनौरा निवासी सत्येंद्र कुमार की ‘फौजी फिश हैचरी’ है। यह हैचरी रोहू, कतला, नैन और ग्रास जैसी मछलियों के बीज तैयार करती है। लगभग 70 से 80 लाख रुपये के सालाना कारोबार वाली यह हैचरी 100 से 150 लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। शाहाबाद क्षेत्र की मत्स्य जीवी सहकारी समिति भी बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन में सक्रिय है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में मत्स्य पालन और बीज उत्पादन से जिले में कुल 3846 लोगों को रोजगार मिला है। सरकारी योजनाओं, पारदर्शी पट्टा प्रक्रियाओं और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से रामपुर का मत्स्य उद्योग लगातार प्रगति कर रहा है।

संभल में AAP का स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन:बिजलीघर में नारेबाजी की, प्रदेश प्रवक्ता पहुंचे, बोले- यह स्मार्ट मीटर नहीं स्मार्ट चीटर

संभल के मुख्य बिजलीघर पर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रवक्ता आतिर हुसैन और जिलाध्यक्ष सचिन कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में स्मार्ट मीटरों को ‘स्मार्ट चीटर’ बताया गया। यह प्रदर्शन रविवार शाम 04:30 बजे संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मुरादाबाद रोड स्थित बिजलीघर पर शुरू हुआ। कार्यकर्ताओं ने लगभग एक घंटे तक बिजलीघर में धरना दिया और विरोध मार्च भी निकाला। इस दौरान “मोदी-योगी होश में आओ” और “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं। उनके अनुसार, इन मीटरों के कारण बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे आम आदमी आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। AAP ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती और प्रीपेड मीटर व्यवस्था की खामियों ने लोगों का जीवन बेहद कठिन बना दिया है। पार्टी का दावा है कि स्मार्ट मीटरों में बिलिंग संबंधी कई गंभीर समस्याएं हैं, जैसे तेज और गलत बिलिंग। प्रदेश प्रवक्ता आतिर हुसैन ने बताया कि सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ एक आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ये स्मार्ट मीटर नहीं, ‘स्मार्ट चीटर’ हो गया है, जिसने लोगों की जेबों पर डाका डाला है और उन्हें परेशान किया है।” आतिर हुसैन ने मांग की कि सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और पुराने पोस्टपेड मीटरों को बहाल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो यह आंदोलन और बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन संभल की हर गली, हर सड़क और हर मोहल्ले में फैलेगा, जिसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरेंगे। AAP तब तक प्रदर्शन जारी रखेगी जब तक सरकार अपने फैसले को वापस नहीं ले लेती। सरकार का दायित्व है कि वह लोगों की बिलिंग संबंधी शिकायतों को सुने। धरना-प्रदर्शन में दानिश, मोहम्मद अयूब, अली फ़राज़, इमरान हुसैन, शौकीन, आज़म, याकूब, शाहनवाज़, इफ्तेखार, मुदस्सर, अतीक, सचिन कुमार, शकीर, रिहान, नसीम, भवन दास, अमर पाल, वीर सिंह, रघुनंदन, खुशीराम, ओमेश कुमार, तौफीक, अतीक, काशिफ आदि शामिल रहे।

4 बच्चों की हत्या करने वाली मां का शव मिला:अम्बेडकरनगर में घर से 100 मीटर दूर नाले के पास पड़ी थी लाश, सुसाइड की आशंका

अंबेडकरनगर के अकबरपुर थाना क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ले में चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद फरार हुई आरोपी मां का शव रविवार को मिला। उसका शव घर से लगभग 100 मीटर दूर नाले के किनारे पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। यह घटना बीते शनिवार दोपहर की है, जब मीरानपुर स्थित एक घर में चार बच्चों के खून से सने शव मिले थे। इस घटना के बाद से ही बच्चों की मां फरार थी, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने नाले के किनारे एक महिला का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव की पहचान बच्चों की आरोपी मां के रूप में की। प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि महिला ने बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस मामले के सभी पहलुओं पर गौर कर रही है और घटनास्थल के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। इस घटना से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।

प्रयागराज में रेलवे ने सैकड़ों आशियाने गिराए:बस्ती उजड़ी नहीं जले चूल्हे, सड़कों पर रहने को मजबूर, सैकड़ो लोग हुए बेघर

सैकड़ों साल से यहां पर रह रहे थे। बचपन से लेकर आज तक बच्चे बड़े हुआ। यही शादी ब्याह किया। आधे से ज्यादा जीवन यहीं बिताया है। अब हम लोगों को यहां से हटा दिया गया। कच्चे मकान गिरा दिए गए। अब कहां जाएं। की रहने की जगह नहीं है। सड़क और नदी के किनारे किसी तरह से रात गुजारने को मजबूर है। बस्ती उजड़ जाने के बाद से चूल्हा नहीं जला। यह बातें बस्ती के लोगों ने कही। दरअसल, प्रयागराज के गऊघाट मे पुराने यमुना पुल के समीप बसी मलिन बस्ती पर शनिवार को रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया। उस दौरान लोगों ने विरोध भी किया। आरपीएफ और पुलिस ने लोगों को खदेड़ कर भगाया भी। पूरी बस्ती खाली कराने के बाद सारे मकानों और झोपड़पट्टी को गिरा दिया गया। इसके बाद बस्ती में रहने वाले लोग सड़क और नदी के किनारे अपना बसेरा बना लिए है। बस्ती उजड़ने के बाद से लोग अपने समानों को समेटने में लगे हुए है। रेल प्रशासन से लोगों ने अपने रहने की व्यवस्था के लिए गुहार लगाई है। बस्ती उजड़ने के पेड़ की छांव का सहारा बस्ती उजड़ने के बाद लोगों का मोह इस बस्ती से नहीं छूट पा रहा है। रहने के लिए घर नहीं बचा तो पेड़ की छांव को सहारा बना लिया। पेड़ के नीचे खुद लेटी महिला ने अपने बच्चे को भी लिटा दिया। घर। जेल उजड़ गया है लेकिन बस्ती में लोग अभी भी अपना डेरा बनाने की कोशिश में लगे हुए है। बस्ती में रहने वाले मुन्ना ने बताया कि 40 से 50 साल हो गए इस बस्ती में रहते हुए। कोई हटाने नहीं आया। मुन्ना ने बताया कि यहां पर एक हजार से अधिक झोपड़ी और कच्चे मकान बने थे।जिन्हें गिरा दिया गया। अब सब बेसहारा हो गए है। सड़क के किनारे और नदी के किनारे रहने के लिए व्यवस्था कर रहे है। बस्ती में रहने वाली 80 साल की किनकी देवी ने बताया कि इसी बस्ती में बच्चे छोटे छोटे थे, बड़े हुए। मकान गिराने के पहले कोई बताया भी नहीं। अचानक से गिरा दिया गया। अब गिरा दिया तो क्या करे।