कानपुर में स्वाइन फ्लू से पहले मरीज की मौत:पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हुआ खुलासा, दूसरे मरीज का हैलट के वेंटीलेटर पर चल रहा इलाज
कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कन्नौज निवासी 30 साल के शिवम की स्वाइन फ्लू से मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने इलाज में लापवरवाही का आरोप लगाते हुए शव के पोस्टमॉर्टम की मांग की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद जांच रिपोर्ट आने पर शनिवार को साफ हुआ कि शिवम की इलाज में लापरवाही नहीं, बल्कि स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी ने इसकी एक रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। स्वाइन फ्लू पेशेंट की मौत की जानकारी मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ 55 साल के दूसरे स्वाइन फ्लू पेशेंट का हैलट अस्पताल के वेंटीलेटर पर इलाज चल रहा है। मरीज की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट कन्नौज के ग्राम तेरा जाकेट गुरसहायगंज निवासी ग्राम प्रधान राम राज ने बताया कि 28 अगस्त की दोपहर में उनके बेटे के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर उसे कन्नौज स्थित डॉक्टर तोमर के क्लीनिक लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने फेफड़ों में पानी भरने और पेट में संक्रमण की बात बताई। हालत गंभीर बताते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए उसे कानपुर के शारदा नगर स्थित अनुराग हॉस्पिटल में एडमिट कराया। बेटे की हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे आईसीएम में एडमिट कर लिया और 4 दिनों तक इलाज चलता रहा और 1 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और शव का पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। रावतपुर थाने की पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और 2 सितंबर को शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। पोस्टमॉर्टम के दौरान संदेह होने पर जांच के लिए नमने भेजे गए और 5 सितंबर को जांच रिपोर्ट से साफ हो गया कि युवक की गलत इलाज से नहीं, बल्कि स्वाइन फ्लू का संक्रमण होने से मौत हुई है। जानकारी मिलते ही पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी ने इसकी एक रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। इसके साथ ही एक जांच रिपोर्ट कन्नौज के सीएमओ को भेज दी है। अब परिवार के सभी सदस्यों की भी जांच कराई जाएगी कि उनमें भी तो किसी को स्वाइन फ्लू नहीं है। इधर स्वाइन फ्लू के पहले मरीज की मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने इसका संज्ञान लेते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। जिस अस्पताल में मरीज की मौत हुई वहां के स्टाफ की जांच होगी। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी कि कोई इस संक्रमण की चपेट में तो नहीं आ गया है।

