Breaking News
अच्छा नागरिक बनना ही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी: मेजर जनरल गौरव गौतम

 

 

 

बाबा न्यूज
आगरा। उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम, वीएसएम ने अपने तीन दिवसीय दौरे के तीसरे दिन की शुरूआत गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर, आगरा से की। यहां पहुंचने पर एडीजी का भव्य स्वागत किया गया । एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा के एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड आॅफ आॅनर प्रस्तुत किया गया। स्कूल बैंड ने उनका मधुर धुनों से अभिनंदन किया ।
उसके पश्चात जीआरएन आॅडिटोरियम में आगरा ग्रुप के लगभग 450 कैडेट्स एकत्रित हुए । एडीजी ने सभी कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए एनसीसी के फायदे गिनाते हुए जीवन में अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होने बताया कि एनसीसी न केवल अनुशासन और नेतृत्व का पाठ पढाती है बल्कि देश सेवा का अवसर भी प्रदान करती है ।
उन्होने कैडट्स को वृक्षारोपण, रक्तदान, टीबी मुक्त भारत अभियान और पोलियो ड्राइव जैसी सामाजिक सेवाओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। एडीजी ने कहा कि एक अच्छा नागरिक बनना ही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढी है। एनसीसी के माध्यम से चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास पर भी बल दिया गया।
एडीजी ने आईडीएससी शूटिंग प्रतियोगिता में आॅल इंडिया स्तर पर, यू.पी. निदेशालय के प्रथम आने पर सभी को बधाई दी । गोल्ड मेडल जीतने वाले कैडेट्स सहित कुल 20 कैडेट्स को सम्मानित किया गया। एनसीसी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आगरा एन.सी.सी. के अन्य कैडेट्स को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया ।
बाद में एडीजी ने प्रत्येक कैडेट से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया । इसके बाद उन्होने आगरा ग्रुप मुख्यालय के सभी एसोसिएट एनसीसी आॅफिसर्स, लेक्चरर्स, प्रोफेसर्स और शिक्षको से मुलाकात की। एनसीसी में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत सभी पी आई स्टाफ से भी उन्होने चर्चा की और उनके समर्पण की सराहना की।
उन्होने कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए बताया कि एनसीसी द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो।
अन्त में एडीजी ने एक उत्तम कार्यक्रम के लिए सभी के प्रयासों की सराहना की।

 

इंडिया में आईबीएस बिज़नेस स्कूल प्लेसमेंट में सबसे आगे

 

79 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थी इस वक़्त देश और विदेश के विभिन संस्थानों में कार्यरत

आई. बी. एस. बिज़नेस स्कूल ने हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स मीट आयोजित की

बाबा न्यूज
आगरा। उत्तर प्रदेश, आई. बी. एस बिज़नेस स्कूल ने हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट (HOD’s) एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स (TPO’s) मीट आयोजित किया। आई. बी. एस भारत के उच्चतम बिज़नेस स्कूल में से एक है जिसने फैकल्टी नॉलेज शेयरिंग मीट होटल अतिथि में आयोजित किया।
इक्फ़ाई बिज़नेस स्कूल 1995 से स्थापित है, जिसके नौ कैंपस भारत के विभिन शहरों हैदराबाद, मुंबई गुरुग्राम, बैंगलौर, पुणे कोलकता, अहमदाबाद, देहरादून और जयपुर में है। यहाँ से अभी तक 79 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थियों ने अपनी प्रबन्धन की पढाई की है जो इस वक़्त देश और विदेश के विभिन संस्थानों में कार्यरत हैं।
डॉ प्राप्ति पॉल डीन एकेडेमिक्स, आई. बी. एस गुडगाँव ने “रथिंकिंग स्टूडेंट डेवलपमेंटः स्ट्रेटेजी एंड न्यू परादिगं” विषय पर फैकल्टी नॉलेज शेयरिंग मीट आयोजित किया। डॉ श प्राप्ति पॉल ने आगरा के विभिन संस्थानों, कॉलेजों व विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स को उपरोक्त विषय पर जानकारी दी।
मि. प्रतीक अग्रवाल, सीनियर मैनेजर, आई. बी. एस बिज़नेस स्कूल ने वक्ता डॉ प्राप्ति पॉल व आगरा के विभिन 12 संस्थानों / विश्वविद्यालय के आये 30 प्रतिभागी प्रोफेसर एवं ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर्स सदस्यों का स्वागत व परिचय दिया।
डॉ प्राप्ति पॉल जो डॉक्ट्रेट की डिग्री से सम्मानित हैं इन्हे 15 से भी अधिक वर्षों का शैक्षणिक एवं रिसर्च का अनुभव हैं और इन्होने विभिन शीर्ष बिज़नेस कॉलेजो में रिसर्च एवं फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर्स मीट को सफलतापूर्वक संपन्न किया है।
आई.बी. एस बिज़नेस स्कूल इनफार्मेशन ऑफिस आगरा ने डॉ प्राप्ति पॉल व सभी प्रतिभागी प्रोफेसरों का धन्यवाद दिया।

युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएं: प्रो. एस. पी.सिंह

 

 

सेंट जॉन्स कॉलेज महाविद्यालय में नशा मुक्त विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम 2026 का आयोजन
बाबा न्यूज
आगरा। राष्ट्रीय सेवा योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध सेंट जॉन्स कॉलेज महाविद्यालय, आगरा में विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माई भारत जिला युवा अधिकारी डॉ श्रवण कुमार सहगल रहे। आयोजन के सूत्रधार महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एस. पी.सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन मे युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा सक्रिय भूमिका निभाएंगे| इसी के साथ आर बी एस कॉलेज के नशा मुक्त वॉरियर प्रो. राजीव कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए | कार्यक्रम अधिकारी डॉ वेंकटस्वामी ने युवाओं को सशक्त करने हेतु विशेष बिंदुओं पर चर्चा की|
इस अवसर पर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा जिला युवा अधिकारी डॉ श्रवण कुमार सहगल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओ की जानकारी प्रदान की। युवाओं को देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
माई भारत यूथ आइकन सुश्री श्रद्धा पावस्कर ने अपने विचार साझा किए। माई भारत से जुड़ने व नशा मुक्त विकसित भारत पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में लगभग 150 राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आयशा बेगम , डॉ प्रवीण कुमार त्यागी, डॉ वेंकट, पूर्व स्वयंसेवक कुर्बान खान, अक्षय ,राम,कार्तिक और राम मधुकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का सफल संचालन कनक एवं शिवम द्वारा किया गया।

श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज में पहली बार 4 वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू

समर्थ पंजीकरण संख्या के माध्यम से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी

बाबा न्यूज 

आगरा। श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज में नए शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इस बार छात्राओं के लिए सबसे खास बात यह है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कॉलेज में पहली बार 4 वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। छात्राएं अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार 4 वर्षीय या 3 वर्षीय स्नातक डिग्री का चयन कर सकती हैं। आगरा
शहर का यह प्रतिष्ठ कॉलेज 77 वर्ष पुराना प्रथम महिला महाविद्यालय है। प्राचार्य प्रो. वंदना अग्रवाल ने बताया कि बीए की 560 और बीकॉम की 180 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण छात्राएं विश्वविद्यालय वेब रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात महाविद्यालय में सीधे प्रवेश पा सकती हैं। प्रवेश के लिए छात्राएं अपने साथ हाई स्कूल, इंटर की अंकतालिका,जाति प्रमाण पत्र और टीसी व स्वयं का पासपोर्ट साइज फोटो साथ में अवश्य लेकर आए। प्राचार्या महोदय ने बताया कि प्रवेश के लिए छात्राओं को पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कर 400 रुपये शुल्क जमा करना होगा।
इसके बाद कॉलेज की वेबसाइट https://admission.bdjain agra.com पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुदानित कॉलेजों में यह एकमात्र ऐसा महाविद्यालय है, जहां सितार विषय में परास्नातक (एमए) की पढ़ाई कराई जाती है। संगीत शिक्षा में कॉलेज लंबे समय से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यहां छात्राओं को एमए सितार के साथ एमए तबला की भी सुविधा उपलब्ध है, जिससे संगीत और चित्रकला के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की इच्छुक छात्राओं को विशेष अवसर मिलता है और महाविद्यालय स्तर पर उच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को महाविद्यालय स्तर पर पुरस्कृत किया जाता है।
उपलब्ध सीटें
बीए- 560, बीकॉम – 180, बीएड – 70, एमए हिंदी 60, एमए अंग्रेजी- 60, एमए इतिहास 60, एमए सितार – 30, एमए तबला – 30।
समर्थ पंजीकरण संख्या के माध्यम से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत छात्राओं की एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) आईडी भी तैयार की जा रही है। यह एक यूनिक आईडी होगी, जिसमें शैक्षणिक रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। किसी भी विश्वविद्यालय में पढ़ने पर यह आईडी बनी रहेगी।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी नहीं थमा योग का जुनून

 

 

 

 

 


प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की रिकॉर्ड सहभागिता
बाबा न्यूज
आगरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, आगरा में छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की सहभागिता के साथ एक विशेष योग कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। सर्वप्रथम ध्यान सत्र का संचालन डॉ. रश्मि मिश्रा (एस.टी.सी.- आर्ट आॅफ लिविंग) द्वारा किया गया। उन्होंने दैनिक जीवन में ध्यान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवन का प्रभावी साधन बताया।
इसके पश्चात विद्यालय के निदेशकगण डॉ. सुशील गुप्ता, श्रीमती सुनीता गुप्ता एवं श्रीमती कविता अग्रवाल (ब्रेनोब्रेन) के नेतृत्व में हास्य योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने हँसी के माध्यम से प्रसन्नता, सकारात्मकता एवं नवीन उत्साह का अनुभव किया।
विद्यालय योग प्रशिक्षक ऋषभ गौतम के निर्देशन में सभी ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम तथा ध्यान योग का अभ्यास किया व योग से होने वाले लाभों को जाना।
इस अवसर पर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के विचारों पर आधारित योग : साधना में सम्मान का महत्व विषय पर विशेष संदेश प्रस्तुत किया गया कि श्रद्धा, सम्मान एवं निरंतर अभ्यास के साथ किया गया योग जीवन में स्थायी परिवर्तन का आधार बनता है। साथ ही कृतज्ञता, सजगता एवं वर्तमान क्षण में जीने की कला को योग का मूल तत्व बताया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव एवं विचार साझा करते हुए योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पाँच-पाँच अभिभावकों, शालिनियों तथा छात्रों को सम्मानित किया गया।
विद्यार्थी वर्ग: अर्शिया मखीजा (कक्षा बारह),धीरज कुमार (कक्षा दस),वागीशा गौर (कक्षा एक),पर्णिका गौतम (कक्षा चार), वैष्णवी सिसोदिया (कक्षा आठ)। शालिनी वर्ग : सान्या प्रजापति (कक्षा एक),खुशी कुमारी (कक्षा दो) भारती सोडवानी (कक्षा तीन), शिफा अंसारी (कक्षा चार) हर्षिता (कक्षा पाँच)। अभिभावक वर्ग: श्याम सुंदर, साक्षी गुप्ता,स्वाति सिंह,रामचंद्रा,प्रीति सैनी।
सशक्त समाज एवं राष्ट्र की आधारशिला: डॉ. सुशील गुप्ता
डॉ. सुशील गुप्ता ने सभी को योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही एक सशक्त समाज एवं राष्ट्र की आधारशिला हैं।कार्यक्रम के अंत में डॉ. रश्मि गांधी (चीफ एकेडमिक हेड) ने सभी उपस्थितजन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन मायरा काबरा (कक्षा आठ) एवं कायशा शम्सी (कक्षा चार) द्वारा किया गया तथा गौरी सिंह, आरना गुप्ता, अनन्या कुमारी, सान्या मित्तल, अंकिता सिंह व विहानी धमीजा द्वारा योग मंच प्रस्तुति की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा सहजपाल, शारदा गुप्ता व प्रतिभा (शालिनी) आदि की सराहनीय उपस्थिति रही।

 

डीईआई में दिया जाता है अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्य को विशेष महत्व

 

बाबा न्यूज
आगरा। प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण का संदेश देता है। योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास का आधार माना जाता है। इसी भावना के अनुरूप दयालबाग की जीवनशैली तथा दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) की शैक्षणिक एवं शोध संस्कृति में अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।

भगवद्गीता का संदेश “योगः कर्मसु कौशलम्” अर्थात कर्मों में कुशलता ही योग है। यही भावना दयालबाग की दिनचर्या में भी परिलक्षित होती है, जहाँ योग केवल आसनों तक सीमित न रहकर जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में देखा जाता है। दयालबाग में प्रतिदिन बच्चों को योगाभ्यास एवं सरल आसनों का प्रशिक्षण दिया जाता है तथा नियमित योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

दयालबाग की आध्यात्मिक परंपरा में सहज सुरत-शब्द योग का विशेष महत्व है। प्रातःकालीन ध्यान एवं साधना के माध्यम से मन की एकाग्रता, आत्मचिंतन तथा आंतरिक शांति के विकास पर बल दिया जाता है। भारतीय योग परंपरा के विभिन्न आयामों के साथ यह साधना व्यक्ति के मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक मानी जाती है।

दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यहाँ संतुलित जीवन, नियमित योगाभ्यास, व्यायाम, प्रकृति के निकट रहकर कार्य करना तथा सेवा-भाव से किए जाने वाले शारीरिक श्रम को स्वस्थ जीवनशैली के आवश्यक अंग के रूप में अपनाया जाता है। कृषि कार्यों में सहभागिता, सामुदायिक श्रम तथा नियमित शारीरिक गतिविधियाँ शरीर को सक्रिय रखने के साथ सहयोग, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को भी विकसित करती हैं।

निस्वार्थ सेवा, सादगी और अनुशासन दयालबाग की कार्यसंस्कृति के प्रमुख आधार हैं। समाजहित में किए जाने वाले कार्य, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता भी दयालबाग की जीवनशैली का महत्वपूर्ण पक्ष है। स्वच्छ एवं हरित वातावरण, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग तथा प्रकृति के अनुरूप दिनचर्या के माध्यम से पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जाता है। प्रकृति के साथ सामंजस्य मानसिक शांति एवं संतुलित जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के पीएचडी शोधार्थियों ने भी योग, शोध और जीवन मूल्यों के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। उनका मानना है कि सच्चा शोध केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के आंतरिक विकास, मानसिक संतुलन, नैतिक मूल्यों और समाज के कल्याण से भी जुड़ा होता है।

 

भौतिकी विभाग के पीएचडी शोधार्थी संत सरन ने कहा कि डीईआई में शोध करना उनके लिए केवल एक अकादमिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मविकास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि डीईआई की शोध संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का आत्मीय और सहयोगी वातावरण है। यहाँ पीएचडी गाइड केवल अकादमिक मार्गदर्शन ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, सहयोगी और संरक्षक की भूमिका भी निभाते हैं तथा शोध की कठिन परिस्थितियों में निरंतर संवाद, प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करते हैं।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी ग़ज़ल माथुर ने कहा कि शोध केवल नए ज्ञान की खोज नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के दृष्टिकोण, धैर्य तथा जीवन को समझने की क्षमता का भी विकास करता है।

 

शोधार्थी निकिता सत्संगी ने कहा कि पीएचडी के दौरान अनेक चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन दयालबाग का सकारात्मक वातावरण, योग तथा ज्ञान पर आधारित नियमित दिनचर्या मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है।

 

शोधार्थी दीक्षा शर्मा ने कहा कि डीईआई का वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर शोधकर्ता बनने के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। यहाँ ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी पूनम सिंह ने कहा कि दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को सर्वोपरि माना जाता है तथा यहाँ की नियमित दिनचर्या में प्रतिदिन योग को विशेष महत्व दिया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डीईआई के पीएचडी शोधार्थियों ने यह संदेश दिया कि जब शोध में ज्ञान के साथ साधना, अनुशासन, योग, सेवा और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान का माध्यम बन जाती है।

एनसीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों की मेहनत सराहनीय : मेजर जनरल गौरव गौतम

अपर महानिदेशक ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय का किया निरीक्षण
बाबा न्यूज
आगरा। एडीजी एनसीसी निदेशालय मेजर जनरल गौरव गौतम, वीएसएम ने उत्तर प्रदेश ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा का दौरा किया। उनके आगमन पर ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर सुरेन्द्र पाल यादव, वाईएसएम, ने उनका स्वागत किया। ग्रुप की प्रशिक्षण गतिविधियों एवं चल रही पहलों के बारे में उन्हें जानकारी दी। एडीजी ने एनसीसी गतिविधियों के सफल संचालन में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयासों और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्हें उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए इसी उत्साह के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने दौरे के दौरान एडीजी, आगरा ग्रुप मुख्यालय एनसीसी के तत्वावधान में अम्नीव विज़न स्कूल, उदयपुरा, इटावा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर) CATC) का भी निरीक्षण करेंगे। इस शिविर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 450 कैडेट भाग ले रहे हैं। एडीजी शिविर में चल रहे प्रशिक्षण की समीक्षा करेंगे तथा कैडेटों के साथ संवाद भी करेंगे।

मुनेन्द्र जादौन बने सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष

 

एसोसिएशन की बैठक में कॉलेज संचालकों ने एकमत से लिया निर्णय

मनोनीत अध्यक्ष मुनेन्द्र जादौन ने जताया सभी कर आभार, सभी को साथ लेकर चलने का दिलाया भरोसा

बाबा न्यूज 

आगरा। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के वर्तमान 20 पदाधिकारीयो में से 13 पदाधिकारी ने लिखित रूप से व 2 पदाधिकारीयो ने दूरभाष के माध्यम से सहमति प्रदान करते हुए अपना नया अध्यक्ष मनोनीत किया है। जिस पर सभी कॉलेज संचालकों ने अपनी सहमति से इस प्रस्ताव को पारित करवाया। आगरा राजामंडी स्थित होटल चोखो जीमण में आयोजित कॉलेज संचालकों की बैठक में एक स्वर से अध्यक्ष पद के लिये मुनेन्द्र जादौन एडवोकेट का नाम सामने आया। जिस पर सर्वसम्मति से बैठक में मौजूद कॉलेज संचालकों ने अपनी स्वीकृति की मोहर लगा दी। अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा होने के बाद मुनेन्द्र जादौन एडवोकेट को माला पहनाने की होड़ लग गयी। स्वागत से अभिभूत मुनेन्द्र जादौन ने सभी कॉलेज संचालकों का इस जिम्मेदारी के लिये आभार जताते हुये विश्वास दिलाया कि कॉलेज संचालकों के हित के लिये वो हमेशा संघर्ष करने को तैयार हैं। कॉलेज संचालकों का सम्मान उनकी प्राथमिकता है और अगले कुछ महीनों में यह नजर भी आएगा। उन्होंने कहा कि सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन पूरी तरह से एकजुट है। एसोसिएशन की नयी टीम पूरी ईमानदारी से छात्र और कॉलेज संचालकों की समस्याओं को दूर करने के लिये प्रतिबद्ध है। इस दौरान कार्यक्रम में ठाकुर तेजसिंह महाविद्यालय के संचालक  राजवीर सिंह,बोहरे पातीराम डिग्री कॉलेज  विष्णु पंडित , डॉ बीपी डिग्री कॉलेज के श्री युवराज परिहार, एनडी डिग्री कॉलेज से लाल सिंह, जेपी शर्मा डिग्री कॉलेज से मुकेश शर्मा मंत्री, प्रमोद तोमर,कार्यक्रम संचालक श्री मनोज परिहार, चौधरी योगेंद्र प्रधान, दिलीप सोलंकी, रवीश यादव जी फिरोजाबाद से, श्री अनिल चौहान जी, आशीष लवानिया, शैलू जादौन, संजय तोमर, भारतेन्दु लवानिया ,  उपेंद्र शर्मा ,  बालकृष्ण अग्रवाल, श्री राज शर्माजी, मैनपुरी से,  सुबोध यादव, फिरोजाबाद से सुनील यादव, मैनपुरी से अभिलेख यादव, मीडिया प्रभारी बृजेश शर्मा, उपाध्यक्ष वरुण सिकरवार,  विष्णु राजावत,  दिलीप कसाना, मथुरा से सूरत सिंह, वीरेश राज शर्मा,  रवि चोकर, मथुरा से नंद किशोर शर्मा, मथुरा से रा वर्मा, मथुरा से श्री उपेंद्र शर्मा,  पीके शर्मा ,  निर्देश राजपूत, महेंद्र सिंह, श्री दाऊ यादव जी, मथुरा से  पिंटू कुमार , मथुरा से ओमप्रकाश, मुकेश शर्मा , आदित्य शुक्ला,  अनिल कुमार  वह अन्य कॉलेज संचालक गण इसके साथ-साथ दूरभाष से अनिल यादव  पूर्व अध्यक्ष लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश, पूर्व कुलपति  केएस राणा , एक सिंह, एमपीएस डिग्री कॉलेज,  महामंत्री राजीव सिंह , उपाध्यक्ष विकास भारद्वाज , उपाध्यक्ष अभिलाष सिंह , संरक्षक सुनील यादवजी, कोषाध्यक्ष  बीके अग्रवाल , श्री राधे जमुना देवी कन्या महाविद्यालय, मां पीतांबरा कन्या महाविद्यालय,  डिग्री कॉलेज धमतरी भगवान दास लीलावती कॉलेज, एसडीएस कॉलेज मथुरा, सीजीएल गर्ल्स कॉलेज मथुरा, बाबा भीमसेन कॉलेज मथुरा, जसवंत सिंह भदोरिया मथुरा, बन महाराज मथुरा गिरराज महाराज मथुरा, अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सुरेश चंद शर्मा डिग्री कॉलेज, आरसी शर्मा कॉलेज लादू खेड़ा, जीएनएम कॉलेज आगरा, सरदार पटेल डिग्री कॉलेज आगरा, डीएस कॉलेज ऑफ़ लॉ आगरा, ज्ञान भारती डिग्री कॉलेज आगरा, एसडीएस कॉलेज मथुरा, दस एजुकेशनल , पंडित हुकुम सिंह एजुकेशनल कॉलेज, हजारीलाल महाविद्यालय, पतरा देवी महाविद्यालय किरावली, दाऊजी महाराज कॉलेज आगरा, बालकृष्ण अग्रवाल डीएनबी कॉलेज बलदेव मथुरा, राजकुमार वर्मा, बाबूलाल महाविद्यालय गोवर्धन मथुरा, एसएमएस महाविद्यालय बलदेव मथुरा रवि चोकर सिद्धांत राज महाविद्यालय आगरा बाबा कन्हैयालाल महाविद्यालय नवल मथुरा नवल किशोर महाविद्यालय मथुरा राम चरण सिंह महाविद्यालय मथुरा बीडीएम कॉलेज मथुरा आदि आदि सभी कॉलेज संचालकों ने  मुनेंद्र जादौन एडवोकेट को मनोनीत होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।

ताजगंज की जीवंत विरासत अब पहुंचेगी नई पीढ़ी तक

शिक्षकों ने नवाचारपूर्ण शिक्षण में विरासत संरक्षण का लिया संकल्प
यूनेस्को की दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन
बाबा न्यूज
आगरा। यूनेस्को की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम ताजमहल से ताजगंज तक, जीवंत विरासत के माध्यम से एक कबूतर की यात्रा कार्यक्रम का समापन दयालबाग स्थित एक पहल पाठशाला में किया गया। संस्कृति और कला शिक्षा सप्ताह 2026 के अंतर्गत लगभग 50 नगर निगम के स्कुल और निजी स्कुल के शिक्षकों को डीआईवाई. किट (डू इट योरसेल्फ) की कार्यशाला दी गयी।

यूनेस्को दक्षिण एशिया से प्रतिनिधि स्नेहा बोराटे ने बताया कि ताजगंज में ताज महल विश्व विरासत स्थल के चारों ओर फैला एक ऐतिहासिक इलाका है, कारीगरों, शिल्पकारों और स्थानीय परंपराओं की कई पीढ़ियों का घर है। इनमें पच्चीकारी संगमरमर जड़ाई शिल्प भी शामिल है। यूनेस्को का उद्देश्य है कि ताजगंज की जीवंत विरासत बच्चों की अगली पीढ़ी तक पहुँचे, क्योंकि वही इस विरासत के सबसे स्वाभाविक संरक्षक हैं। ताजगंज में यूनेस्को समुदायों को सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक व्यवस्थाओं के केंद्र को स्थापित कर रहा है।

प्रशिक्षक उषा छाबड़ा व पूजा रत्नाकर ने बताया कि दूसरे दिन का मुख्य जोर शिक्षकों के लिए एक परिचय और क्षमता-निर्माण कार्यशाला पर रहा। इसमें शिक्षकों को कक्षा और सामुदायिक परिवेश में विरासत-आधारित शिक्षण पद्धतियों को एकीकृत करने के तरीके सिखाना रहा। शिक्षकों ने कार्यशाला के व्यावहारिक सत्रों में समझा कि डीआईवाई. किट में शामिल गतिविधियाँ किस प्रकार स्थानीय इतिहास, शिल्प और पहचान से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बन सकती हैं। इस अवसर पर शांतनु जादौन, मनीष राय, अंकित खण्डेलवाल, मानस राय, अश्लेष मित्तल, नवीन कुमार, अश्लेष मित्तल, सुरभि कुमारी आदि मौजूद रहे।

 

देश को सशक्त स्वस्थ, स्वच्छ बनाने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आएं

 

 


गणेश रामनागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, में एनसीसी की छात्राओं ने तंबाकू विरोधी दिवस मनाया
संचालन विद्यालय की एनसीसी आॅफिसर लेफ्टिनेंट सरिता चौहान और प्रधानाचार्य चारु पटेल ने छात्राओं का प्रोत्साहित किया

बाबा न्यूज
आगरा। तंबाकू को ना कहें, जीवन को हां कहें कुछ इसी प्रकार के नारों के साथ वन उत्तर प्रदेश बालिका वाहिनी की एनसीसी इकाई गणेश रामनागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बलकेश्वर में एनसीसी की छात्राओं ने तंबाकू विरोधी दिवस पर स्लोगन लेखन अभियान,दृश्य प्रचार , नुक्कड़ नाटक व रैली के माध्यम से बल्केश्वर की स्थानीय जनता को को जागरूक किया। जिसमें 40 से 50 जन समुदाय की भागीदारी रही। एनसीसी की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया कि कैसे आज विद्यालय व शिक्षा संस्थानों में युवा पीढ़ी शौक के रूप में सिगरेट बीड़ी तंबाकू नशे की चीजों को प्रयोग में लेती है बाद में वही चीजें धीरे-धीरे आदत बन जाते हैं और जब आदत बन जाते हैं तब ना जाने कितने परिवार माता पिता बिखरते हैं इससे हमारे समाज में बहुत बड़ी विषमता उत्पन्न होती है क्योंकि युवा पीढ़ी है। हमारे समाज का आधार है। इस प्रकार के सभी नशे वाली चीजों से युवाओं को व अन्य सभी को भी दूर रहना चाहिए। नशे की लत हमारे समाज में एक बीमारी के रूप में व्याप्त हो चुकी है जिसको जड़ से उखाड़ फेंकने की जिम्मेदारी हम सभी नागरिकों की है। देश को सशक्त स्वस्थ व स्वच्छ बनाने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना ही होगा। इस आयोजन का संचालन विद्यालय की एसोसिएट एनसीसी आॅफिसर लेफ्टिनेंट सरिता चौहान के मार्गदर्शन में कैडेट्स ने सफलतापूर्वक अपना प्रदर्शन प्रदर्शित किया। विद्यालय के सभी आचार्यों की इसमें भूमिका रही। प्रधानाचार्य चारु पटेल ने छात्राओं का प्रोत्साहन किया।