ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी नहीं थमा योग का जुनून

 

 

 

 

 


प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की रिकॉर्ड सहभागिता
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आगरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, आगरा में छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की सहभागिता के साथ एक विशेष योग कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। सर्वप्रथम ध्यान सत्र का संचालन डॉ. रश्मि मिश्रा (एस.टी.सी.- आर्ट आॅफ लिविंग) द्वारा किया गया। उन्होंने दैनिक जीवन में ध्यान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवन का प्रभावी साधन बताया।
इसके पश्चात विद्यालय के निदेशकगण डॉ. सुशील गुप्ता, श्रीमती सुनीता गुप्ता एवं श्रीमती कविता अग्रवाल (ब्रेनोब्रेन) के नेतृत्व में हास्य योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने हँसी के माध्यम से प्रसन्नता, सकारात्मकता एवं नवीन उत्साह का अनुभव किया।
विद्यालय योग प्रशिक्षक ऋषभ गौतम के निर्देशन में सभी ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम तथा ध्यान योग का अभ्यास किया व योग से होने वाले लाभों को जाना।
इस अवसर पर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के विचारों पर आधारित योग : साधना में सम्मान का महत्व विषय पर विशेष संदेश प्रस्तुत किया गया कि श्रद्धा, सम्मान एवं निरंतर अभ्यास के साथ किया गया योग जीवन में स्थायी परिवर्तन का आधार बनता है। साथ ही कृतज्ञता, सजगता एवं वर्तमान क्षण में जीने की कला को योग का मूल तत्व बताया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव एवं विचार साझा करते हुए योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पाँच-पाँच अभिभावकों, शालिनियों तथा छात्रों को सम्मानित किया गया।
विद्यार्थी वर्ग: अर्शिया मखीजा (कक्षा बारह),धीरज कुमार (कक्षा दस),वागीशा गौर (कक्षा एक),पर्णिका गौतम (कक्षा चार), वैष्णवी सिसोदिया (कक्षा आठ)। शालिनी वर्ग : सान्या प्रजापति (कक्षा एक),खुशी कुमारी (कक्षा दो) भारती सोडवानी (कक्षा तीन), शिफा अंसारी (कक्षा चार) हर्षिता (कक्षा पाँच)। अभिभावक वर्ग: श्याम सुंदर, साक्षी गुप्ता,स्वाति सिंह,रामचंद्रा,प्रीति सैनी।
सशक्त समाज एवं राष्ट्र की आधारशिला: डॉ. सुशील गुप्ता
डॉ. सुशील गुप्ता ने सभी को योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही एक सशक्त समाज एवं राष्ट्र की आधारशिला हैं।कार्यक्रम के अंत में डॉ. रश्मि गांधी (चीफ एकेडमिक हेड) ने सभी उपस्थितजन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन मायरा काबरा (कक्षा आठ) एवं कायशा शम्सी (कक्षा चार) द्वारा किया गया तथा गौरी सिंह, आरना गुप्ता, अनन्या कुमारी, सान्या मित्तल, अंकिता सिंह व विहानी धमीजा द्वारा योग मंच प्रस्तुति की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा सहजपाल, शारदा गुप्ता व प्रतिभा (शालिनी) आदि की सराहनीय उपस्थिति रही।

 

डीईआई में दिया जाता है अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्य को विशेष महत्व

 

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आगरा। प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण का संदेश देता है। योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास का आधार माना जाता है। इसी भावना के अनुरूप दयालबाग की जीवनशैली तथा दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) की शैक्षणिक एवं शोध संस्कृति में अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।

भगवद्गीता का संदेश “योगः कर्मसु कौशलम्” अर्थात कर्मों में कुशलता ही योग है। यही भावना दयालबाग की दिनचर्या में भी परिलक्षित होती है, जहाँ योग केवल आसनों तक सीमित न रहकर जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में देखा जाता है। दयालबाग में प्रतिदिन बच्चों को योगाभ्यास एवं सरल आसनों का प्रशिक्षण दिया जाता है तथा नियमित योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

दयालबाग की आध्यात्मिक परंपरा में सहज सुरत-शब्द योग का विशेष महत्व है। प्रातःकालीन ध्यान एवं साधना के माध्यम से मन की एकाग्रता, आत्मचिंतन तथा आंतरिक शांति के विकास पर बल दिया जाता है। भारतीय योग परंपरा के विभिन्न आयामों के साथ यह साधना व्यक्ति के मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक मानी जाती है।

दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यहाँ संतुलित जीवन, नियमित योगाभ्यास, व्यायाम, प्रकृति के निकट रहकर कार्य करना तथा सेवा-भाव से किए जाने वाले शारीरिक श्रम को स्वस्थ जीवनशैली के आवश्यक अंग के रूप में अपनाया जाता है। कृषि कार्यों में सहभागिता, सामुदायिक श्रम तथा नियमित शारीरिक गतिविधियाँ शरीर को सक्रिय रखने के साथ सहयोग, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को भी विकसित करती हैं।

निस्वार्थ सेवा, सादगी और अनुशासन दयालबाग की कार्यसंस्कृति के प्रमुख आधार हैं। समाजहित में किए जाने वाले कार्य, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता भी दयालबाग की जीवनशैली का महत्वपूर्ण पक्ष है। स्वच्छ एवं हरित वातावरण, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग तथा प्रकृति के अनुरूप दिनचर्या के माध्यम से पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जाता है। प्रकृति के साथ सामंजस्य मानसिक शांति एवं संतुलित जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के पीएचडी शोधार्थियों ने भी योग, शोध और जीवन मूल्यों के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। उनका मानना है कि सच्चा शोध केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के आंतरिक विकास, मानसिक संतुलन, नैतिक मूल्यों और समाज के कल्याण से भी जुड़ा होता है।

 

भौतिकी विभाग के पीएचडी शोधार्थी संत सरन ने कहा कि डीईआई में शोध करना उनके लिए केवल एक अकादमिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मविकास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि डीईआई की शोध संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का आत्मीय और सहयोगी वातावरण है। यहाँ पीएचडी गाइड केवल अकादमिक मार्गदर्शन ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, सहयोगी और संरक्षक की भूमिका भी निभाते हैं तथा शोध की कठिन परिस्थितियों में निरंतर संवाद, प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करते हैं।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी ग़ज़ल माथुर ने कहा कि शोध केवल नए ज्ञान की खोज नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के दृष्टिकोण, धैर्य तथा जीवन को समझने की क्षमता का भी विकास करता है।

 

शोधार्थी निकिता सत्संगी ने कहा कि पीएचडी के दौरान अनेक चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन दयालबाग का सकारात्मक वातावरण, योग तथा ज्ञान पर आधारित नियमित दिनचर्या मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है।

 

शोधार्थी दीक्षा शर्मा ने कहा कि डीईआई का वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर शोधकर्ता बनने के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। यहाँ ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी पूनम सिंह ने कहा कि दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को सर्वोपरि माना जाता है तथा यहाँ की नियमित दिनचर्या में प्रतिदिन योग को विशेष महत्व दिया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डीईआई के पीएचडी शोधार्थियों ने यह संदेश दिया कि जब शोध में ज्ञान के साथ साधना, अनुशासन, योग, सेवा और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान का माध्यम बन जाती है।

एनसीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों की मेहनत सराहनीय : मेजर जनरल गौरव गौतम

अपर महानिदेशक ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय का किया निरीक्षण
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आगरा। एडीजी एनसीसी निदेशालय मेजर जनरल गौरव गौतम, वीएसएम ने उत्तर प्रदेश ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा का दौरा किया। उनके आगमन पर ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर सुरेन्द्र पाल यादव, वाईएसएम, ने उनका स्वागत किया। ग्रुप की प्रशिक्षण गतिविधियों एवं चल रही पहलों के बारे में उन्हें जानकारी दी। एडीजी ने एनसीसी गतिविधियों के सफल संचालन में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयासों और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्हें उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए इसी उत्साह के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने दौरे के दौरान एडीजी, आगरा ग्रुप मुख्यालय एनसीसी के तत्वावधान में अम्नीव विज़न स्कूल, उदयपुरा, इटावा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर) CATC) का भी निरीक्षण करेंगे। इस शिविर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 450 कैडेट भाग ले रहे हैं। एडीजी शिविर में चल रहे प्रशिक्षण की समीक्षा करेंगे तथा कैडेटों के साथ संवाद भी करेंगे।

मुनेन्द्र जादौन बने सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष

 

एसोसिएशन की बैठक में कॉलेज संचालकों ने एकमत से लिया निर्णय

मनोनीत अध्यक्ष मुनेन्द्र जादौन ने जताया सभी कर आभार, सभी को साथ लेकर चलने का दिलाया भरोसा

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आगरा। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के वर्तमान 20 पदाधिकारीयो में से 13 पदाधिकारी ने लिखित रूप से व 2 पदाधिकारीयो ने दूरभाष के माध्यम से सहमति प्रदान करते हुए अपना नया अध्यक्ष मनोनीत किया है। जिस पर सभी कॉलेज संचालकों ने अपनी सहमति से इस प्रस्ताव को पारित करवाया। आगरा राजामंडी स्थित होटल चोखो जीमण में आयोजित कॉलेज संचालकों की बैठक में एक स्वर से अध्यक्ष पद के लिये मुनेन्द्र जादौन एडवोकेट का नाम सामने आया। जिस पर सर्वसम्मति से बैठक में मौजूद कॉलेज संचालकों ने अपनी स्वीकृति की मोहर लगा दी। अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा होने के बाद मुनेन्द्र जादौन एडवोकेट को माला पहनाने की होड़ लग गयी। स्वागत से अभिभूत मुनेन्द्र जादौन ने सभी कॉलेज संचालकों का इस जिम्मेदारी के लिये आभार जताते हुये विश्वास दिलाया कि कॉलेज संचालकों के हित के लिये वो हमेशा संघर्ष करने को तैयार हैं। कॉलेज संचालकों का सम्मान उनकी प्राथमिकता है और अगले कुछ महीनों में यह नजर भी आएगा। उन्होंने कहा कि सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन पूरी तरह से एकजुट है। एसोसिएशन की नयी टीम पूरी ईमानदारी से छात्र और कॉलेज संचालकों की समस्याओं को दूर करने के लिये प्रतिबद्ध है। इस दौरान कार्यक्रम में ठाकुर तेजसिंह महाविद्यालय के संचालक  राजवीर सिंह,बोहरे पातीराम डिग्री कॉलेज  विष्णु पंडित , डॉ बीपी डिग्री कॉलेज के श्री युवराज परिहार, एनडी डिग्री कॉलेज से लाल सिंह, जेपी शर्मा डिग्री कॉलेज से मुकेश शर्मा मंत्री, प्रमोद तोमर,कार्यक्रम संचालक श्री मनोज परिहार, चौधरी योगेंद्र प्रधान, दिलीप सोलंकी, रवीश यादव जी फिरोजाबाद से, श्री अनिल चौहान जी, आशीष लवानिया, शैलू जादौन, संजय तोमर, भारतेन्दु लवानिया ,  उपेंद्र शर्मा ,  बालकृष्ण अग्रवाल, श्री राज शर्माजी, मैनपुरी से,  सुबोध यादव, फिरोजाबाद से सुनील यादव, मैनपुरी से अभिलेख यादव, मीडिया प्रभारी बृजेश शर्मा, उपाध्यक्ष वरुण सिकरवार,  विष्णु राजावत,  दिलीप कसाना, मथुरा से सूरत सिंह, वीरेश राज शर्मा,  रवि चोकर, मथुरा से नंद किशोर शर्मा, मथुरा से रा वर्मा, मथुरा से श्री उपेंद्र शर्मा,  पीके शर्मा ,  निर्देश राजपूत, महेंद्र सिंह, श्री दाऊ यादव जी, मथुरा से  पिंटू कुमार , मथुरा से ओमप्रकाश, मुकेश शर्मा , आदित्य शुक्ला,  अनिल कुमार  वह अन्य कॉलेज संचालक गण इसके साथ-साथ दूरभाष से अनिल यादव  पूर्व अध्यक्ष लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश, पूर्व कुलपति  केएस राणा , एक सिंह, एमपीएस डिग्री कॉलेज,  महामंत्री राजीव सिंह , उपाध्यक्ष विकास भारद्वाज , उपाध्यक्ष अभिलाष सिंह , संरक्षक सुनील यादवजी, कोषाध्यक्ष  बीके अग्रवाल , श्री राधे जमुना देवी कन्या महाविद्यालय, मां पीतांबरा कन्या महाविद्यालय,  डिग्री कॉलेज धमतरी भगवान दास लीलावती कॉलेज, एसडीएस कॉलेज मथुरा, सीजीएल गर्ल्स कॉलेज मथुरा, बाबा भीमसेन कॉलेज मथुरा, जसवंत सिंह भदोरिया मथुरा, बन महाराज मथुरा गिरराज महाराज मथुरा, अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सुरेश चंद शर्मा डिग्री कॉलेज, आरसी शर्मा कॉलेज लादू खेड़ा, जीएनएम कॉलेज आगरा, सरदार पटेल डिग्री कॉलेज आगरा, डीएस कॉलेज ऑफ़ लॉ आगरा, ज्ञान भारती डिग्री कॉलेज आगरा, एसडीएस कॉलेज मथुरा, दस एजुकेशनल , पंडित हुकुम सिंह एजुकेशनल कॉलेज, हजारीलाल महाविद्यालय, पतरा देवी महाविद्यालय किरावली, दाऊजी महाराज कॉलेज आगरा, बालकृष्ण अग्रवाल डीएनबी कॉलेज बलदेव मथुरा, राजकुमार वर्मा, बाबूलाल महाविद्यालय गोवर्धन मथुरा, एसएमएस महाविद्यालय बलदेव मथुरा रवि चोकर सिद्धांत राज महाविद्यालय आगरा बाबा कन्हैयालाल महाविद्यालय नवल मथुरा नवल किशोर महाविद्यालय मथुरा राम चरण सिंह महाविद्यालय मथुरा बीडीएम कॉलेज मथुरा आदि आदि सभी कॉलेज संचालकों ने  मुनेंद्र जादौन एडवोकेट को मनोनीत होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।

ताजगंज की जीवंत विरासत अब पहुंचेगी नई पीढ़ी तक

शिक्षकों ने नवाचारपूर्ण शिक्षण में विरासत संरक्षण का लिया संकल्प
यूनेस्को की दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन
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आगरा। यूनेस्को की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम ताजमहल से ताजगंज तक, जीवंत विरासत के माध्यम से एक कबूतर की यात्रा कार्यक्रम का समापन दयालबाग स्थित एक पहल पाठशाला में किया गया। संस्कृति और कला शिक्षा सप्ताह 2026 के अंतर्गत लगभग 50 नगर निगम के स्कुल और निजी स्कुल के शिक्षकों को डीआईवाई. किट (डू इट योरसेल्फ) की कार्यशाला दी गयी।

यूनेस्को दक्षिण एशिया से प्रतिनिधि स्नेहा बोराटे ने बताया कि ताजगंज में ताज महल विश्व विरासत स्थल के चारों ओर फैला एक ऐतिहासिक इलाका है, कारीगरों, शिल्पकारों और स्थानीय परंपराओं की कई पीढ़ियों का घर है। इनमें पच्चीकारी संगमरमर जड़ाई शिल्प भी शामिल है। यूनेस्को का उद्देश्य है कि ताजगंज की जीवंत विरासत बच्चों की अगली पीढ़ी तक पहुँचे, क्योंकि वही इस विरासत के सबसे स्वाभाविक संरक्षक हैं। ताजगंज में यूनेस्को समुदायों को सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक व्यवस्थाओं के केंद्र को स्थापित कर रहा है।

प्रशिक्षक उषा छाबड़ा व पूजा रत्नाकर ने बताया कि दूसरे दिन का मुख्य जोर शिक्षकों के लिए एक परिचय और क्षमता-निर्माण कार्यशाला पर रहा। इसमें शिक्षकों को कक्षा और सामुदायिक परिवेश में विरासत-आधारित शिक्षण पद्धतियों को एकीकृत करने के तरीके सिखाना रहा। शिक्षकों ने कार्यशाला के व्यावहारिक सत्रों में समझा कि डीआईवाई. किट में शामिल गतिविधियाँ किस प्रकार स्थानीय इतिहास, शिल्प और पहचान से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बन सकती हैं। इस अवसर पर शांतनु जादौन, मनीष राय, अंकित खण्डेलवाल, मानस राय, अश्लेष मित्तल, नवीन कुमार, अश्लेष मित्तल, सुरभि कुमारी आदि मौजूद रहे।

 

देश को सशक्त स्वस्थ, स्वच्छ बनाने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आएं

 

 


गणेश रामनागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, में एनसीसी की छात्राओं ने तंबाकू विरोधी दिवस मनाया
संचालन विद्यालय की एनसीसी आॅफिसर लेफ्टिनेंट सरिता चौहान और प्रधानाचार्य चारु पटेल ने छात्राओं का प्रोत्साहित किया

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आगरा। तंबाकू को ना कहें, जीवन को हां कहें कुछ इसी प्रकार के नारों के साथ वन उत्तर प्रदेश बालिका वाहिनी की एनसीसी इकाई गणेश रामनागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बलकेश्वर में एनसीसी की छात्राओं ने तंबाकू विरोधी दिवस पर स्लोगन लेखन अभियान,दृश्य प्रचार , नुक्कड़ नाटक व रैली के माध्यम से बल्केश्वर की स्थानीय जनता को को जागरूक किया। जिसमें 40 से 50 जन समुदाय की भागीदारी रही। एनसीसी की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया कि कैसे आज विद्यालय व शिक्षा संस्थानों में युवा पीढ़ी शौक के रूप में सिगरेट बीड़ी तंबाकू नशे की चीजों को प्रयोग में लेती है बाद में वही चीजें धीरे-धीरे आदत बन जाते हैं और जब आदत बन जाते हैं तब ना जाने कितने परिवार माता पिता बिखरते हैं इससे हमारे समाज में बहुत बड़ी विषमता उत्पन्न होती है क्योंकि युवा पीढ़ी है। हमारे समाज का आधार है। इस प्रकार के सभी नशे वाली चीजों से युवाओं को व अन्य सभी को भी दूर रहना चाहिए। नशे की लत हमारे समाज में एक बीमारी के रूप में व्याप्त हो चुकी है जिसको जड़ से उखाड़ फेंकने की जिम्मेदारी हम सभी नागरिकों की है। देश को सशक्त स्वस्थ व स्वच्छ बनाने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना ही होगा। इस आयोजन का संचालन विद्यालय की एसोसिएट एनसीसी आॅफिसर लेफ्टिनेंट सरिता चौहान के मार्गदर्शन में कैडेट्स ने सफलतापूर्वक अपना प्रदर्शन प्रदर्शित किया। विद्यालय के सभी आचार्यों की इसमें भूमिका रही। प्रधानाचार्य चारु पटेल ने छात्राओं का प्रोत्साहन किया।

मनमोहक पेंटिंग्स ने जीता अतिथियों का दिल

20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का समापन
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आगरा। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) द्वारा आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डेवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री, भारत सरकार के चेयरमैन पूरन डाबर रहे। समारोह में राज्य ललित कला अकादमी की कार्यकारिणी सदस्य डॉ. आभा, संस्कार भारती के महामंत्री नंद नंदन गर्ग, समाजसेवी शिवम कश्यप तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महामंत्री शिवांग खंडेलवाल भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं चित्रकला विभागाध्यक्ष प्रो. नीलम कान्त ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई विभिन्न कला विधाओं जैसे प्राकृतिक चित्रण, कोलाज, स्टिल लाइफ और पोर्ट्रेट चित्रों का
अवलोकन कराया। कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने अपनी पेंटिंग्स का प्रदर्शन करते हुए मुख्य अतिथि पूरन डाबर के समक्ष अपनी भावनाओं और कला अभिव्यक्ति को प्रस्तुत किया। छात्राओं की
रचनात्मकता और कला कौशल को देखकर अतिथि बेहद प्रभावित हुए। पूरन डाबर और डॉ. आभा ने सभी प्रतिभागियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। समारोह के दौरान पूरन डाबर ने छात्राओं की कला से प्रभावित होकर तत्काल तीन पेंटिंग्स खरीद लीं। इनमें कृतिज्ञा सिंह राठौर की हनुमान चित्रण, दिव्यांशी वर्मा की शिव शक्ति तथा छात्रा शिवानी की बुद्ध पर आधारित पेंटिंग शामिल रही। पूरन डाबर ने कहा कि ‘संघर्ष से सफलता और सफलता से समर्पण’ जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि ‘उत्तम खेती, मध्यम बान, निषिद्ध चाकरी,भीख समान आत्मनिर्भरता ही समृद्ध भारत का आधार है।

सेंट जॉन्स डिग्री कॉलेज में  एक माह का समर स्पोर्ट्स कैंप का शुभारंभ कल से

बाबा न्यूज
आगरा। सेंट जॉन्स डिग्री कॉलेज के प्राचार्य एस. पी. सिंह के संरक्षण एवं निर्देशन में महाविद्यालय परिसर में 19 मई से एक माह के समर स्पोर्ट्स कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल, टेबल टेनिस, स्केटिंग, बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
समर कैंप का संचालन स्पोर्ट्स कन्वीनर राजीव फिलिप एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभागाध्यक्ष अमृता आइंद के नेतृत्व में किया जाएगा। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ अनुशासन, फिटनेस एवं खेल भावना का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कैंप प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से 8:00 बजे तक आयोजित होगा। उद्घाटन दिवस पर सभी प्रशिक्षक अपने-अपने खेलों का प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे।
इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के सहायक प्राध्यापक दिनेश कुमार एवं प्रिंस कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कैंप का लाभ उठाने की अपील की है।

अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें:
97610 23800, 72092 18698

परी गर्ग ने 12 वी कक्षा में 92% अंक हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया

 

उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेधावी छात्रा परी को Father Agnel School में सम्मानित किया गया

बाबा न्यूज

आगरा। ताज नगरी की चिकित्सक डॉ सपना बंसल की बेटी परी गर्ग ने श्री राम कालेज आफ कामर्स, देहली यूनीवर्सिटी से 12वीं कक्षा में 92% अंक प्राप्त कर पूरे परिवार गौरवान्वित किया है। परी बंसल ने चार विषयो में शानदार 96% अंक हासिल किये है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए परी गर्ग को नोएडा के Father Agnel School में सम्मानित भी किया गया।
यह उपलब्धि केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके समर्पण, अनुशासन और निरंतर कठिन परिश्रम का प्रतिबिंब है। परी गर्ग और उसके परिवार को शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए कहा कि ईश्वर उसे हमेशा सफलता, खुशियाँ और शक्ति प्रदान करे।

विद्यार्थियों की यह सफलता उनके निरंतर परिश्रम का परिणाम : भूप सिंह इन्दौलिया

नेमीचंद एजुकेशनल एकेडमी में मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान
राजकुमार/ बाबा न्यूज
किरावली। नेमीचंद एजुकेशनल एकेडमी विद्यालय पुरामना किरावली में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए बुधवार को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्रबंधक भूप सिंह इन्दौलिया ने न केवल मेधावी छात्रों को माला पहनाकर सम्मानित किया, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।
कार्यक्रम में प्राचार्य हरी कांत शर्मा ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति निष्ठा, अनुशासन और नियमित परिश्रम बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग को भी छात्रों की सफलता का महत्वपूर्ण कारण बताया।
प्रबंधक भूपसिंह इन्दौलिया ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनके निरंतर परिश्रम, शिक्षकों के समर्पण एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है।ह्व उन्होंने छात्रों को आगे भी इसी लगन से पढ़ाई जारी रखने और उच्च लक्ष्यों का निर्धारण करने की प्रेरणा दी।
सम्मानित छात्रों की सूची में पालेंद्र, गौरव, अंशिका, भावना, रोहित, पार्थ, देवराज, मोहित, हर्षित, यश, मयंक, अंश, आयुष, पलक, कामिनी, साक्षी, वंश और दिव्यांशी प्रमुख रहे। विद्यालय प्रशासन और शिक्षक-समूह ने सभी सफल विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिए और आवश्यक मार्गदर्शन की पेशकश भी की।
समारोह के अंत में विद्यालय ने छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल प्रदर्शन का जश्न मनाया और आने वाले समय में छात्रों की और प्रगति के लिए विभिन्न शैक्षिक तथा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।