सहारनपुर में नाला सफाई अभियान तेज:मानसून से पहले जलभराव रोकने को नगर निगम की तैयारी
सहारनपुर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने नाला सफाई अभियान तेज कर दिया है। नगरायुक्त शिपु गिरी ने गुरुवार शाम 4 बजे बताया कि 1 जून से शुरू हुए इस अभियान के तहत शहर के बड़े और मझौले नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य बारिश के दौरान पानी की निकासी को सुचारु बनाए रखना और शहर में जलभराव की स्थिति को रोकना है। नालों से निकलने वाली शिल्ट (गाद) का उठान भी साथ-साथ किया जा रहा है। नगरायुक्त के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इस कार्य में जुटी है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह ने जानकारी दी कि शहर में कुल 316 नाले हैं, जिनमें 4 बड़े, 276 मझौले और 36 छोटे नाले शामिल हैं। इनकी कुल लंबाई लगभग 168 किलोमीटर है। मार्च से मई तक चले पहले चरण के बाद, मानसून को देखते हुए 1 जून से दूसरा चरण शुरू किया गया है, जो पूरे वर्षा काल तक जारी रहेगा।
डॉ. शाह ने बताया कि अभियान के तहत अब तक क्रेगी नाला और चिलकाना रोड के बड़े नालों की सफाई पूरी हो चुकी है। वर्तमान में प्रतिदिन सात मझौले नालों की सफाई की जा रही है। उन नालों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां पीछे से लगातार कचरा बहकर आता है, ताकि बारिश के समय जल निकासी बाधित न हो। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने बड़ी संख्या में मशीनें और वाहन लगाए हैं। सफाई कार्य में एक दर्जन पोकलेन, तीन जेसीबी, छह ट्रैक्टर, छह टिपर और तीन रोबोट सहित अन्य संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। जहां नालों से निकली शिल्ट अधिक गीली होती है, वहां उसका उठान अगले दिन कराया जाता है। मुख्य सफाई निरीक्षक परमानंद ने बताया कि पांवधोई की सफाई का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, जिसकी व्यापार बंधु से जुड़े व्यापारियों ने सराहना की है। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे घरों और दुकानों का कूड़ा नालों या नालियों में न डालें, बल्कि निगम के सफाई कर्मचारियों को ही सौंपें। इससे नालों में कचरा जमा नहीं होगा, जलभराव की समस्या कम होगी और शहर की सफाई व्यवस्था भी बेहतर बनी रहेगी।

