मैदान पर पसीना बहाने से पहले सेहत का इम्तिहान:कानपुर साऊथ में JNT अंडर-12 क्रिकेट कैंप शुरू, आंखों-दांतों की होगी जांच
शहर के नन्हे क्रिकेटरों के लिए सिर्फ बल्ला घुमाना और गेंद डालना ही काफी नहीं होगा, अब उन्हें अपनी फिटनेस और सेहत का भी पूरा स्कोरकार्ड दिखाना होगा। कानपुर साऊथ मैदान पर गुरुवार से ‘जेएनटी अंडर-12 क्रिकेट लीग’ के लिए खिलाड़ियों का स्पेशल कैंप शुरू हो गया है। इस बार खास बात यह है कि मैदान पर रन बनाने से पहले खिलाड़ियों को मेडिकल टेस्ट की बाधा पार करनी होगी। संस्था ने इस साल एक नया प्रयोग शुरू किया है, जिसके तहत खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। रणजी खिलाड़ी की निगरानी में टीमों का चयन कैंप की कमान उत्तर प्रदेश के रणजी खिलाड़ी राहुल सपरू ने संभाली है। वे कोच दिनेश के साथ मिलकर 12 टीमों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इस कैंप का सबसे बड़ा मकसद सभी टीमों को एक समान और संतुलित बनाना है, ताकि लीग के दौरान मुकाबला बराबरी का हो। गुरुवार को पहले दिन कैंप से 17 खिलाड़ियों को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया। इन खिलाड़ियों का भविष्य अब मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा। 15 मई को लगेगा विशेष जांच शिविर क्रिकेट के मैदान पर अक्सर खिलाड़ियों की नजर और शारीरिक मजबूती सबसे अहम होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 15 मई को कैंप के बाद एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ. फारूख आलम अंसारी बच्चों की आंखों की जांच करेंगे। वहीं, डॉ. प्रियंका भडेजा, डॉ. रिदिमा तिवारी और डॉ. रिजा फारूख की टीम खिलाड़ियों के दांतों की जांच करेगी। क्यों जरूरी है यह नया प्रयोग? जेएनटी संस्था के सचिव संजय शुक्ला के मुताबिक, अंडर-12 स्तर पर खिलाड़ियों को अपनी सेहत की बारीकियों का पता नहीं होता। कई बार आंखों की कमजोरी या दांतों की तकलीफ खेल पर असर डालती है। संस्था चाहती है कि खिलाड़ी बचपन से ही प्रोफेशनल एथलीट की तरह अपनी बॉडी का ध्यान रखना सीखें। यह कैंप न केवल क्रिकेट की तकनीक सिखाएगा, बल्कि एक स्वस्थ खिलाड़ी तैयार करने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा। इस पहल से नन्हे खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों में भी काफी उत्साह है। मैदान पर खिलाड़ियों का जोश बता रहा है कि वे इस बार पूरी तरह फिट होकर चौके-छक्के जड़ने को तैयार हैं।

