वर्तमान में शिक्षण प्रक्रिया को केन्द्रित बनाना अत्यन्त आवश्यक : प्रो. कुसुम शर्मा

बाबा न्यूज
आगरा। श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज, आगरा के बीएड विभाग में ‘शिक्षण विधियाँ’ विषय पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का उद्देश्य छात्राओं को प्रभावी शिक्षण कौशल, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं कक्षाओं का प्रभावी शिक्षण कौशल, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं कक्षा शिक्षण की नवीन तकनीकी से परिचित कराना थां।
कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना अग्रवाल ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रो. कुसुम शर्मा (पूर्व विभागाध्यक्ष) एवं प्रो. किरन सिंह का स्वागत भी प्रो. शुभलेश कुमारी ने किया। बीएड विभागाध्यक्ष प्रो. शुभलेश कुमारी ने अतिथि वक्ता प्रो. कुसुम शर्मा (पूर्व विभागाध्यक्ष) का परिचय देते हुए उनके शैक्षिक एवं व्यावसायिक अनुभव पर प्रकाश डाला।
अतिथि वक्ता प्रो. कुसुम शर्मा ने छात्राओं को विभिन्न शिक्षण विधियों जैसे व्याख्यान विधि, चर्चा विधि, परियोजना विधि, प्रदर्शन विधि एवं गतिविधि आधारित शिक्षण के महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षण प्रक्रिया को विद्यार्थी-केन्द्रित बनाना अत्यन्त आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं सहभागिता का विकास हो सके।
उन्होंने शिक्षण सूचना एवं संचार प्रोद्योगिकी (ICT) के उपयोग, स्मार्ट कक्ष तथा डिजिटल संसाधनों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। व्याख्यान के दौरान उदाहरणों एवं गतिविधियों के माध्यम से विषय को अत्यन्त रोचक एवं सरल बनाया गया तथा मार्गदर्शन किया गया। अन्त में बीएड विभाग की प्रवक्ताएं प्रियंका रानी एवं अनुपम यादव ने अतिथि वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।

बच्चों को अपने माता-पिता की सेवा अवश्य करनी चाहिए : डा.बीना शर्मा शर्मा

 

 

 

गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में मातृ–पुत्री पूजन सम्मेलन का किया आयोजन

बाबा न्यूज 
आगरा। गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर, आगरा के सभागार में मातृ–पुत्री पूजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के सम्मान तथा बेटी के महत्व को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की प्रबंधिका डॉ. बीना शर्मा , कोषाध्यक्षा श्रीमती दुर्गेश शर्मा , श्रीमती गुंजन अग्रवाल, श्रीमती श्वेता अग्रवाल, प्रधानाचार्या श्रीमती चारु पटेल एवं उपस्थित माताओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर पंडित जी ने वैदिक मंत्रों द्वारा विधि-विधानपूर्वक माताओं एवं पुत्रियों का पूजन कराया गया। पूजन के दौरान वैदिक परंपराओं से संबंधित प्रेरणादायी कथा भी सुनाई गई, जिसमें मातृशक्ति के महत्व, बेटी के सम्मान तथा भारतीय संस्कृति के आदर्शों का सुंदर वर्णन किया गया। कथा सुनकर उपस्थित अभिभावक एवं छात्राएँ भावविभोर हो उठीं।
विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित माताओं का अभिनंदन किया। इसके पश्चात छात्राओं ने अपनी माताओं का तिलक कर पूजन किया। उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया । मातृ–पुत्री पूजन सम्मेलन में विद्यालय की प्रबंधिका डॉक्टर बीना शर्मा ने कहा कि अभी कुछ दिन पूर्व ही ‘मदर्स डे’ मनाया गया, जिसमें सोशल मीडिया पर माताओं के सम्मान में अनेक सुंदर संदेश एवं पोस्ट साझा किए गए। किंतु यदि ये भावनाएँ वास्तव में हमारे जीवन में उतरें, तो समाज में बढ़ते वृद्धाश्रमों की आवश्यकता ही क्यों पड़े।
उन्होंने कहा कि माँ केवल एक दिन सम्मान की नहीं, बल्कि जीवनभर आदर, प्रेम और सेवा की अधिकारी है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम केवल शब्दों और पोस्टों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने व्यवहार में भी माता-पिता के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को स्थान दें।
प्रबंधिका डॉक्टर बीना शर्मा  ने कहा कि माँ का स्थान संसार में सर्वोच्च है तथा बच्चों का प्रथम कर्तव्य अपने माता-पिता की सेवा और सम्मान करना होना चाहिए। उनके भावपूर्ण विचारों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती चारु पटेल ने कहा कि माँ जीवन की प्रथम गुरु होती है। माँ के संस्कार ही बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उन्होंने छात्राओं को मातृ सम्मान, नारी गरिमा एवं भारतीय संस्कृति के आदर्शों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में माताओं एवं छात्राओं ने संयुक्त रूप से विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता कर उत्साहपूर्वक आनंद लिया। विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से भी प्रेरणादायी आशीर्वचन प्रस्तुत किए गए, जिसमें माँ और बेटी के रिश्ते को प्रेम, त्याग एवं संस्कारों का प्रतीक बताया गया।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती दुर्गेश शर्मा द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने ऐसे सांस्कृतिक एवं संस्कारमय आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रों, भक्ति एवं भारतीय संस्कृति की मधुर भावना से सराबोर रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।