रामपुर जिला अस्पताल में आवारा कुत्तों का डेरा:वार्डों से इमरजेंसी तक दहशत, अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

रामपुर जिला अस्पताल में आवारा कुत्तों की बढ़ती मौजूदगी मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। अस्पताल परिसर के डायरिया वार्ड, सर्जिकल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड सहित विभिन्न स्थानों पर आवारा कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं। स्थिति यह है कि रेबीज के टीके जहां लगाए जाते हैं, उसके ठीक सामने भी कुत्ते आराम करते नजर आते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि ये आवारा कुत्ते वार्डों के आसपास गंदगी की तलाश में घूमते रहते हैं। जहां भी उन्हें कचरा या खाने-पीने का सामान मिलता है, उसे पूरे परिसर में फैला देते हैं। इससे न केवल सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। मरीजों और तीमारदारों में कुत्तों की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। सफाई कर्मचारी नियमित रूप से परिसर की सफाई करते हैं, लेकिन कुत्तों द्वारा कचरा फैलाने के कारण उनकी परेशानी बढ़ जाती है। तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में पहले से ही बीमार मरीज भर्ती हैं, ऐसे में आवारा कुत्तों की मौजूदगी संक्रमण का कारण बन सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी मरीज या परिजन को कुत्ता काट ले तो एक नई समस्या खड़ी हो सकती है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कुत्ता काटने के मामले सामने आते हैं। रविवार को छोड़कर रोजाना लगभग 35 से 50 लोग रेबीज का टीका लगवाने अस्पताल पहुंचते हैं। इसके बावजूद अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों का खुलेआम घूमना लोगों को हैरान कर रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. बी.सी. सक्सेना ने बताया कि इस संबंध में नगर पालिका को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार कुत्तों को पकड़वाकर अस्पताल की गाड़ी से परिसर से बाहर भी भिजवाया गया, लेकिन खुला परिसर होने के कारण वे दोबारा लौट आते हैं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. दीपा सिंह ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आवश्यक कदम उठाकर अस्पताल परिसर को आवारा कुत्तों से मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि यह कार्रवाई कब तक धरातल पर दिखाई देती है। एक मरीज के तीमारदार साजिद ने कहा, “कुत्तों से डर लगता है, अस्पताल में कुत्ते नहीं होने चाहिए।”

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