वाराणसी में डीह बाबा मंदिर के ध्वस्तीकरण पर बवाल:नगर निगम के खिलाफ स्थानीय लोगों ने की नारेबाजी, पुनः निर्माण कराने की उठाई मांग
वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के आदित्य नगर पोखरा के सामने पुराने डीह बाबा मंदिर को नगर निगम द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। सूचना मिलते ही चितईपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों की शिकायतें सुनते हुए मामले को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। 150 वर्ष पुरानी थी मंदिर स्थानीय अनील कुमार पटेल ने बताया कि गांव के लोग पीढ़ियों से डीह बाबा की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, मंदिर के पास स्थित पुराना ढांचा जर्जर हो चुका था, जिससे विशेष रूप से महिलाओं को पूजा करने में परेशानी होती थी। इसी कारण गांव के लोगों ने आपसी सहयोग और चंदा एकत्र कर मंदिर के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर का इतिहास लगभग 100 से 150 वर्ष पुराना है और यह गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। उनका आरोप है कि जब अधिकांश लोग काम पर गए हुए थे, उसी दौरान नगर निगम की टीम पहुंची और पुराने मंदिर के साथ-साथ निर्माणाधीन हिस्से को भी तोड़ना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। बिना नोटिस पुलिस ने की कार्रवाई ग्रामीणों का दावा है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस, ज्ञापन या चेतावनी नहीं दी गई थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिस मंदिर को तोड़ा गया है, उसका पुनर्निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं कराता है, तो वे पुनः चंदा एकत्र कर मंदिर का निर्माण कराएंगे।



