सफाई कर्मचारियों के हितों की पैरवी करेगा आयोग- मकवाना:मेरठ पहुंचे राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था में सुधार पर दिया जोर
मेरठ में मंगलवार को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवंत प्रसाद मकवाना ने पहुंचकर सफाई कर्मचारी समाज से जुड़े विषयों के साथ-साथ प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सफाई कर्मचारी आयोग के गठन की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के हितों से संबंधित विषयों को संस्थागत रूप से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के सामने ठेकेदारी और नियमितीकरण जैसी बड़ी समस्याएं हैं। ऐसे में उनका विशेष फोकस ऐसे कर्मचारियों पर रहेगा, जो करीब 20 साल से संविदा पर काम कर रहे हैं। आयोग की ओर से इनके नियमितीकरण के लिए पूरी पैरवी की जाएगी। उन्होंने कहा कि निकायों में सफाई कर्मचारियों के पदों की संख्या के अनुसार भर्ती नहीं हो पाई है। भर्ती होने पर भी कई कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखा जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की आउटसोर्सिंग व्यवस्था की भी सराहना की। कहा कि आउटसोर्स निगम के गठन से करीब साढ़े तीन लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास हुआ है। कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा के तहत पांच लाख रुपये का बीमा, बेटियों की पढ़ाई और विवाह के लिए सहायता, अवकाश सहित अन्य सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। न्यूनतम मजदूरी 12 हजार रुपये तय होने और महीने की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन खातों में पहुंचने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी और कर्मचारियों को पूरा वेतन मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने मैला ढोने की प्रथा समाप्त करने और सीवर सफाई में मशीनों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। सीवर में होने वाली मौतों को रोकना जरूरी है। सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कराने पर भी जोर रहेगा।

