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शतरंज से धैर्य एवं निर्णय लेने की क्षमता होती है विकसित : प्रो.एसपी सिंह 

 

 

सेंट जॉन्स कॉलेज में कॉमर्स ग्रैंड मास्टर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन

बाबा न्यूज़ 

आगरा। सेंट जॉन्स कॉलेज के बी.कॉम. वोकेशनल विभाग द्वारा आज  प्रातः 10 बजे मल्टीपर्पस हॉल में “कॉमर्स ग्रैंड मास्टर” शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एस. पी. सिंह एवं प्रो. संजीव शर्मा (बी.कॉम. वोकेशनल कॉर्डिनेटर) ने प्रथम चाल चलकर किया। डॉ. अमृता आइंड के कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनीता आनंद रही।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो एसपी सिंह ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए शतरंज को छात्रों में रणनीतिक सोच, एकाग्रता, धैर्य एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने वाला महत्वपूर्ण खेल बताया।
प्रतियोगिता को सफल बनाने में विभाग के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों ने प्रतियोगिता की पूरी व्यवस्था एवं संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उन्होंने छात्रों के पंजीकरण, प्रतिभागियों की आवश्यक व्यवस्थाओं, खेल के सुचारु संचालन तथा अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिक्षकों ने पूरे आयोजन के दौरान छात्रों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन भी किया।
प्रतियोगिता में फैकल्टी ऑफ कॉमर्स के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें बी.कॉम. वोकेशनल, बी.कॉम. मेन्स एवं एम.कॉम. के छात्र शामिल थे, प्रतिभागियों ने अपनी बुद्धिमत्ता, रणनीति, एकाग्रता और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। विभिन्न चरणों में प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और अपनी शतरंज प्रतिभा का परिचय दिया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों में रणनीतिक सोच, धैर्य, अनुशासन, निर्णय क्षमता एवं समस्या-समाधान कौशल का विकास करना था। शिक्षकों एवं छात्रों के सामूहिक प्रयास से प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
अंत में विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्राचार्य महोदय, प्रो. संजीव शर्मा, डॉ. रचिता शर्मा, डॉ. राजू थॉमस, डॉ. रोहित सिन्हा एवं समस्त शिक्षकगण के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

एक पेड़ राष्ट्र के नाम के संकल्प के साथ किया 1100 पौधा का रोपण

बाबा न्यूज
आगरा। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आगरा के संकल्प को लेकर सूर्य सुता फाउंडेशन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 11 से 17 सितंबर तक चलने वाले ह्लसेवा संकल्पह्व अभियान के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एक पेड़ राष्ट्र के नाम का संदेश देते हुए 1100 पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं देखभाल का संकल्प लिया गया। इसके अलावा पूरे सप्ताह पौधा गोद अभियान भी सुचारू रूप से संचालित रहेगा।
कार्यक्रम की शुरूआत लंगड़े की चौकी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन एवं महंत गोपी गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर हुई। इसके पश्चात गुरुद्वारा गुरु का ताल में बाबा प्रीतम सिंह का आशीर्वाद प्राप्त कर पौधारोपण किया गया।
इसके बाद आरबीएस इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य मेजर विवेक वीर सिंह, आगरा कॉलेज में प्रॉक्टर वी.के. सिंह तथा राजकीय विद्यालय में प्राचार्य मानवेंद्र सिंह की उपस्थिति में पौधारोपण किया गया।
संस्था के अध्यक्ष पुष्कल गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन या एक अभियान तक सीमित नहीं होना चाहिए। एक पौधा लगाना शुरूआत है, लेकिन उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है। एक पेड़ राष्ट्र के नाम का संकल्प प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधे को गोद लेकर उसकी नियमित देखभाल करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से पौधारोपण के साथ पौधा गोद अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. दीपेश उपाध्याय (काली चरण वैद्य), राजदीप ग्रोवर, आकाश राणा, तनमय गोयल, अंकुर शंकर गौतम, मोहित जैन आदि उपस्थित रहे।

सात बजे के बाद खाना खाया तो मोटे हो जाएंगे !

 

कोच राजन बोले, शरीर में 7 बजे कोई अलार्म नहीं बजता
आलू परांठे से लेकर मिठाई और नट्स तक पर खुली डाइट की अदालत
स्पाइसी शुगर संस्था के कार्यक्रम में सोशल मीडिया के फिटनेस फंडों की खुली पोल
बाबा न्यूज
आगरा। शाम के सात बज गए… अब खाना मत खाना, वरना वजन बढ़ जाएगा! फिटनेस और डाइट को लेकर यह सलाह आपने भी कभी न कभी जरूर सुनी होगी। लेकिन क्या वाकई शाम 7 बजे शरीर भोजन को फैट में बदलने लगता है? क्या वजन मशीन पर एक-दो किलो बढ़ना मतलब शरीर में फैट बढ़ जाना है? और क्या वजन घटाने के लिए आलू परांठे और मिठाई से हमेशा के लिए तौबा करनी पड़ेगी?
इन तमाम सवालों का बेबाक जवाब मिला होटल होलीडे इन में आयोजित स्पाइसी शुगर की अदालत में। स्पाइसी शुगर संस्था की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध डाइट कोच एवं फिटनेस इन्फ्लुएंसर कोच राजन ने खानपान और वजन घटाने से जुड़े सोशल मीडिया के तमाम चर्चित मिथकों की क्लास लगाई।
संस्था की संस्थापक अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने डाइट से जुड़े सवालों की झड़ी लगाई और कोच राजन ने बेहद सहज अंदाज में उनके जवाब दिए। कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों ने भी अपनी डाइट और फिटनेस से जुड़े सवाल पूछे।
कोच राजन ने सबसे पहले रात सात बजे के बाद खाना न खाने की धारणा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शरीर में ऐसा कोई अलार्म नहीं लगा होता जो शाम 7:01 बजे बजकर कहे कि अब खाना फैट के रूप में जमा करना शुरू कर दो।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की दिनचर्या अलग होती है। किसी का काम सुबह शुरू होता है तो किसी का देर रात। दिल्ली-गुरुग्राम जैसे शहरों में नौकरी या व्यवसाय करने वाले लोगों को घर पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है। ऐसे में सभी को शाम सात बजे डिनर करने की सलाह देना व्यावहारिक नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वजन घटाने में केवल खाने का समय नहीं, बल्कि पूरे दिन में कितना और क्या खाया जा रहा है तथा कुल कैलोरी सेवन अधिक महत्वपूर्ण है। रात 10 बजे भोजन करने वाला व्यक्ति भी वजन कम कर सकता है, बशर्ते वह अपनी कुल कैलोरी जरूरत और संतुलित खानपान को बनाए रखे। वजन मशीन पर एक-दो किलो वजन बढ़ते ही लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं। कोच राजन ने इसे भी एक बड़ा भ्रम बताते हुए कहा कि तराजू पर बढ़ा हर किलो फैट नहीं होता। कई बार यह केवल वॉटर वेट हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भोजन, शरीर में पानी की मात्रा और पीरियड्स के आसपास होने वाले बदलावों के कारण वजन अस्थायी रूप से ऊपर-नीचे हो सकता है। इसलिए एक दिन के आंकड़े देखकर अपनी पूरी डाइट को बदलने या तनाव लेने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने वजन कम करने की प्रक्रिया को व्यवसाय से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह दुकान या फैक्ट्री में कभी बड़ा आॅर्डर आने पर खुशी होती है और कभी काम कम होने पर स्थिति सामान्य रहती है, उसी तरह वजन में भी उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। अगर रास्ता सही है और प्रयास लगातार जारी हैं तो अंतिम परिणाम भी अच्छा आएगा।
संस्थापक अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने बताया कि सोशल मीडिया पर डाइट और वजन कम करने को लेकर कई तरह की भ्रांतियां तेजी से फैल रही हैं। स्पाइसी शुगर की अदालत के माध्यम से प्रयास किया गया कि विशेषज्ञों से सीधे सवाल कर इन मिथकों को दूर किया जाए और लोग बिना अनावश्यक प्रतिबंधों के संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।

आलू परांठा दुश्मन नहीं, मात्रा का खेल समझिए
घर के खाने और पसंदीदा व्यंजनों को लेकर भी कोच राजन ने लोगों को राहत दी। उन्होंने बताया कि वजन घटाने के लिए हर पसंदीदा चीज को जिंदगी से बाहर करना जरूरी नहीं है। घर का खाना खाते हुए भी फिटनेस लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आलू परांठे जैसे भोजन को लेकर भी मुख्य बात उसकी मात्रा और पूरे दिन के भोजन का संतुलन है।

मिठाई का छोटा टुकड़ा, कैलोरी का बड़ा हिसाब
बेसन की बर्फी, गुलाब जामुन और दूसरे डेजर्ट पर भी ह्यअदालतह्ण में सवाल हुए। कोच राजन ने कहा कि मिठाइयों को देखकर सिर्फ उनका आकार नहीं, बल्कि उनमें मौजूद कैलोरी भी समझनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक मिठाई का पीस कई बार करीब एक रोटी जितनी कैलोरी दे सकता है, जबकि गुलाब जामुन में लगभग 150 से 200 कैलोरी तक हो सकती हैं। ऐसे में मिठाई खाते समय उसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

हेल्दी समझकर मुट्ठी भर नट्स भी न खा जाएं
नट्स और सीड्स को लेकर भी कोच राजन ने सावधान किया। उन्होंने कहा कि नट्स हेल्दी जरूर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें जितना चाहें उतना खा लिया जाए। इनमें कैलोरी काफी अधिक होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बाजार में मिलने वाला 250 ग्राम का नट्स पैक करीब 1250 कैलोरी तक का हो सकता है। इसलिए फैट लॉस के दौरान इसकी मात्रा पर नियंत्रण जरूरी है और लगभग 15-20 ग्राम तक की मात्रा को ध्यान में रखा जा सकता है।

वजन मशीन बने मोटिवेशन, तनाव की वजह नहीं
कोच राजन ने कहा कि वजन मशीन पर घटता हुआ आंकड़ा निश्चित रूप से व्यक्ति को मोटिवेशन देता है। लेकिन अगर किसी दिन वजन बढ़ा हुआ दिखाई दे तो उसे असफलता नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही डाइट, नियमितता और धैर्य के साथ चलने पर अस्थायी उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है। फिटनेस कोई सात दिन का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव की प्रक्रिया है।
कार्यक्रम में स्पाइसी शुगर संस्था के सदस्यों ने अपनी डाइट और खानपान से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कोच राजन ने उन्हें व्यावहारिक तरीके से समझाया और बिना अनावश्यक प्रतिबंधों के संतुलित खानपान अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में पावनी सचदेवा, चांदनी ग्रोवर, सिमरन अवटानी, शिखा जैन ने सभी का स्वागत किया।

हजरत अहमद मुस्तफा के बताये रास्ते पर चलें: हजरत सैय्यद मोहतशिम अली

 

अबुल उलाह की दरगाह में जलसा आमद ए नूर का आयोजन
बाबा न्यूज
आगरा। दरगाह हजरत सय्यदना शाह अमीर अबुल उला रह. पर जुमेरात को जलसा आमद ए नूर का एहतमाम किया गया। पीर-ए-तरीकत हजरत सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई सज्जादानशीन की सरपरस्ती में जलसे में उलमाओं ने सरकार ए दो आलम हजरत अहमद मुस्तफा की जिÞंदगी पर रौशनी डाली। लोगों को उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की हिदायत दी। मौलाना अब्दुल वहाब ने कुरआन पाक की तिलावत की। मुफ्ती मोहम्मद आसिफ रजा मुसद्दी, कन्नौज ने तकरीर की।
मौलाना अमान रजा अकबराबादी, जनाब कारी इमरान बरकाती (सादाबाद), जनाब आरिफ रजा कादरी (आगरा), हाजी सैय्यद गुलजार, सूफी दिलकश जालोनवी ने जलसे में शिरकत की।
सरकार ए दो आलम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शान में नातें पड़ी गई और आपकी जिंदगानी पर रोशनी (प्रकाश) डाला। दरगाह के नायब सज्जादानशीन ने फरमाया के हुजरे अकरम (सल.) को रहमतुल आलमीन पूरे आलम का हिस्सा मिला इन सभी को तो मिला ही चरिन्दों परिन्दों जिन्नों मलायका को भी मिला। वाल्देन की एहमियत बच्चों की जिम्मेदारी बताई। जाहीलियत के दौर को बदलकर तमाम आलम के लोगों की जिन्दगी जीने का शअर दिया, वमा अरसलना का इल्ला रहमतल्लिल आलमीन वो तमाम आलम के लिए रहमत बनकर तशरीफ लाए।
सैय्यद आसिम अली अबुल उलाई ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शान में नात ए पाक पढ़कर खराजे अकीदत पेश की गई।
नायब सज्जादगान हाजी सैय्यद विरासत अली अबुल उलाई, सैय्यद इशाअत अली अबुल उलाई और सैय्यद कैफ अली अबुल उलाई, सैय्यद आसिम अली अबुल उलाई, सैय्यद शाहब अली, सैय्यद अजहर अली, सैय्यद अरीब अली, सैय्यद सलीम उज जमा ने दरगाह शरीफ में चादरपोशी गुलपोशी और देश में अमन चैन की दुआ की व सूफी हजरात व जायरीनो ने शिरकत फरमाकर सवाब ए दारेंन हासिल किया। फातिहा के बाद लगर जारी रहा।

 

नर्सिंग संवर्ग अपने अधिकार और सम्मान के लिए पीछे नहीं हटेगा

लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी 22 से करेंगे चरणबद्ध आन्दोलन: सतीश त्यागी
बाबा न्यूज
आगरा। राजकीय नर्सेज संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश त्यागी ने बताया कि आठ नवंबर 2025 को राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के अधिवेशन में ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ने राजकीय नर्सेज संघ की 13 सूत्रीय मांगों में से पांच मांगों को माने जाने की घोषणा की थी, जिसमें नर्सेज की गृह जनपद में तैनाती,समय पर प्रमोशन और एसीपी लगाना,पालना घर बनाना ,उच्च शिक्षा के लिए अनुमति देना,लेकिन आज तक शासनादेश नहीं हुआ जबकि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जी ने स्पष्ट आख्या भी भेजी जा चुकी है। अपर मुख्य सचिव ने दो फरबरी को संघ के साथ बैठक मैं भी सहमति जताई फिर भी आज तक शासनादेश नहीं हुआ । जिससे सभी नर्सेज मैं बहुत रोष है। इसलिए अगर 22 सितंबर तक अगर शासनादेश नहीं होता है तो सभी प्रदेश की नर्सेज आंदोलन करेगी । इसके साथ ही हमारी मांग है कि एस जी पी जी आईं लखनऊ, के जी एम यू लखनऊ,राम मनोहर लोहिया,एवं एस जी पी जी आईं सैफई की भांति भत्ते दिये जाय। जब सामान कार्य है सामान पद है एक ही प्रदेश है फिर ये असमानता क्यों। इसलिए चिकित्सा स्वास्थ एवं चिकित्सा शिक्षा के सभी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज की नर्सेज को भी भत्ते मिलने चाहिए । राजकीय नर्सेज संघ ने सरकार को पत्र के द्वारा अवगत करा दिया है कि अगर 22 सितंबर तक शासनादेश नहीं होता है तो चरण बद्द आंदोलन किया जाएगा। नर्सिंग संवर्ग अब अपने अधिकार, और सम्मान के लिए पीछे हटने वाला नहीं है।