घरेलू झगड़े में साधु ने पेट में चाकू घोंपा:हमीरपुर में सर्जन न होने पर कानपुर रेफर, हालत गंभीर
हमीरपुर जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक 75 वर्षीय साधु ने पारिवारिक कलह से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास करते हुए अपने पेट में चाकू घोंप लिया। गंभीर रूप से घायल साधु को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है, क्योंकि जिला अस्पताल में सर्जन उपलब्ध नहीं थे। यह घटना ललपुरा थाना क्षेत्र के भुजपुर गांव की है। 75 वर्षीय लालू कई वर्षों से साधु वेश धारण कर पूजा-पाठ करते रहे हैं। परिजनों के अनुसार, उनका स्वभाव झगड़ालू था और उन्हें कई मंदिरों से हटाया जा चुका था। वर्तमान में भी उन्हें गांव के बाहर स्थित एक मंदिर से हाल ही में हटाया गया था।
घायल के पुत्र रामविलास ने बताया कि उनके पिता बहुओं से गाली-गलौज करते थे और गांव की महिलाओं से भी अभद्र व्यवहार करते थे, जिससे आए दिन विवाद होते थे। बुधवार सुबह भी परिवार में कहासुनी हुई, जिसके बाद लालू ने आवेश में आकर खुद को चाकू मार लिया। घटना के बाद परिजन साधु को तत्काल छानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में सर्जन की अनुपलब्धता और अत्यधिक रक्तस्राव के जोखिम के कारण डॉक्टरों ने चाकू निकालने का प्रयास नहीं किया। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आर.एस. प्रजापति ने पुष्टि की कि पेट में धंसे चाकू को निकालना जोखिम भरा था और सर्जन न होने के कारण मरीज को बेहतर उपचार के लिए कानपुर रेफर किया गया है। परिजन एंबुलेंस से घायल को लेकर कानपुर रवाना हो गए। इस घटना के दौरान साधु की नातिन अपने दादा को चाकू मारते देख बेहोश हो गई। उसे भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।

