पासपोर्ट सेवाओं में हुए बड़े बदलावों की जानकारी देगी सरकार
सांसद नवीन जैन के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने दिया विस्तार से लिखित जवाब
बाबा न्यूज़
राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने संसद में देशभर में पासपोर्ट सेवाओं के आधुनिकीकरण, ई-पासपोर्ट के क्रियान्वयन, पासपोर्ट सेवा केंद्रों के विस्तार तथा नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। सांसद के प्रश्न पर विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में विस्तृत लिखित जवाब दिया।
विदेश राज्य मंत्री श्री कीर्तिवर्धन सिंह ने अपने लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने देशभर में पासपोर्ट सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी आधारित बनाने के उद्देश्य से अनेक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि ई-पासपोर्ट सहित उन्नत पासपोर्ट कार्यक्रम संस्करण 2.0 (पीएसपी वी2.0) को देश के सभी 37 क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों तथा उनसे संबद्ध पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीओपीएसके) में 26 मई, 2025 तक लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही विदेशों में भारतीय मिशनों एवं केंद्रों में भी वैश्विक पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम संस्करण 2.0 (जीपीएसपी वी2.0) को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है।
लिखित जवाब के अनुसार वर्तमान में देशभर में 37 क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों के अंतर्गत 93 पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) तथा 456 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) संचालित हैं। इसके अलावा वर्ष 2018 से “भारत में कहीं भी आवेदन करें” सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से नागरिक देश के किसी भी पासपोर्ट सेवा केंद्र अथवा डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र में पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विदेश राज्य मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए पासपोर्ट मोबाइल वैन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को अधिक तेज एवं पारदर्शी बनाने के लिए ‘पासपोर्ट सेवा पुलिस ऐप’ (पूर्व में एम पासपोर्ट पुलिस ऐप) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई है।
उन्होंने बताया कि आवेदकों की सुविधा के लिए पासपोर्ट सेवा पोर्टल, पासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप*, ऑनलाइन आवेदन*, आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने, एसएमएस अधिसूचनाएं*, 24×7 हेल्पलाइन तथा केंद्रीकृत कॉल सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आवेदन से लेकर पुलिस सत्यापन, पासपोर्ट जारी होने, मुद्रण, प्रेषण और डिलीवरी तक प्रत्येक चरण की जानकारी आवेदकों को उपलब्ध कराई जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनी है।
सांसद नवीन जैन ने कहा कि आज के डिजिटल युग में नागरिक सेवाओं का सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संसद में यह प्रश्न उठाने का उद्देश्य यह जानना था कि आम नागरिकों को पासपोर्ट सेवाएं और अधिक सुगम बनाने के लिए सरकार द्वारा क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक तकनीक आधारित इन व्यवस्थाओं से देशभर के नागरिकों को तेज, पारदर्शी और बेहतर पासपोर्ट सेवाओं का लाभ मिलेगा।

