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हरित श्रृंगार में सजे महागणपति, हरित वाटिका फूल बंगला बना आकर्षण

भाद्र मास की अष्टमी पर हरे वस्त्र, श्वेत पुष्पमाला और त्रिशूल तिलक से सजा भगवान का मनोहारी स्वरूप

आगरा। छलेसर रोड स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे 12 दिवसीय पंचम गणेश महोत्सव के अंतर्गत भाद्र मास की अष्टमी पर भगवान श्री वरद वल्लभा महागणपति का मनोहारी हरित श्रृंगार किया गया। भगवान को हरे रंग की आकर्षक पोशाक धारण कराई गई। श्वेत पुष्पों की माला, स्वर्णाभूषणों से सुसज्जित स्वरूप और मस्तिष्क पर त्रिशूल तिलक भगवान की दिव्य आभा को और निखार रहा था।
इस अवसर पर मंदिर में हरित वाटिका फूल बंगला सजाया गया। हरे परिवेश और श्वेत पुष्पों से सजे फूल बंगले में विराजमान महागणपति के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। भक्तों ने भगवान की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना की।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लखन दीक्षित और प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान का वस्त्र श्रृंगार एवं फल सेवा होती है। विभिन्न भोग सेवाओं के साथ भोग आरती, दोपहर भोग और सायं भोग भी अर्पित किए जाते हैं।
महोत्सव में प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल महागणपति हवन, शाम 6 बजे सहस्रनाम अर्चना, 7 बजे महाआरती तथा रात्रि 9 बजे शयन आरती संपन्न हो रही है। वैदिक मंत्रोच्चार और आरती से मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है।
मंदिर के संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि पंचम गणेश महोत्सव में प्रत्येक दिवस भगवान का अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार किया जा रहा है। फूल बंगले भी उसी अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को प्रतिदिन महागणपति के नवीन और मनोहारी स्वरूप के दर्शन हो रहे हैं।

कमल पुष्पों से सजा मां महालक्ष्मी का दरबार, स्वर्ण आभूषणों से हुआ अलौकिक श्रृंगार

राधा अष्टमी पर श्री महालक्ष्मी मंदिर बल्केश्वर में छप्पन भोग, महाभिषेक और महाआरती
बाबा न्यूज
आगरा। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर बल्केश्वर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में मां महालक्ष्मी का विशेष कमल पुष्प श्रृंगार किया गया। गुलाबी अलंकरण के बीच मां को स्वर्ण आभूषण धारण कराए गए। कमल पुष्पों से सजे दरबार में मां के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
मंदिर में विधि-विधान के साथ महाभिषेक किया गया। इसके बाद मां को छप्पन भोग अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
मंदिर के पंडित रमाकांत पांडे ने बताया कि राधा अष्टमी पर मां महालक्ष्मी का सहस्त्र कमल पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया गया। गुलाबी अलंकरण और स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित मां का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने मां की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रद्धा और भक्ति से की गई आराधना से भक्तों को सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है।
शाम को श्री देवी जी ट्रस्ट की ओर से भव्य महाआरती की गई। इसमें राम मोहन कपूर, सतीश गोपाल कपूर, अपिल कपूर और तुषार कपूर ने सहभागिता की। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर मां के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।