Breaking News
संभल थाने में आत्मदाह को उकसाने का आरोपी गिरफ्तार:पीड़ित की एम्स में मौत, दरोगा-सिपाही निलंबित हुए थे, पीड़ित की एम्स में हुई मौत

संभल पुलिस ने थाना धनारी परिसर में आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना में खुद को आग लगाने वाले ग्रामीण मोरध्वज यादव की 20 जून को दिल्ली एम्स में मौत हो गई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एक दरोगा, एक सिपाही और एक हेड मोहर्रिर को निलंबित किया था। यह घटना संभल जिले की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी परिसर में 18 जून की शाम को हुई थी। सोमवार को थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि हप्पू उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मृतक मोरध्वज के भाई राकेश कुमार ने गांव बगढेर निवासी सुरेंद्र, हप्पू उर्फ पप्पू, लालाराम और पन्नालाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। राकेश कुमार का आरोप है कि इन लोगों ने उनकी भतीजी विमला के साथ गाली-गलौज की थी। जब मोरध्वज ने इसका विरोध किया, तो सभी ने मिलकर उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। घटना से एक दिन पहले, 17 जून को गांव बगढेर में बच्चों के मुंडन संस्कार के दौरान दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। इस विवाद में एक व्यक्ति घायल हो गया था। सूचना पर पुलिस ने घायल को उपचार के लिए भेजा और विवाद में शामिल मोरध्वज के भाई लखपत सिंह और भतीजे भारत सिंह को हिरासत में ले लिया था। मोरध्वज यादव अपने भाई और भतीजे को छुड़ाने तथा पुलिस कार्रवाई का विरोध करने के लिए थाने पहुंचा था। 18 जून की शाम करीब 6 बजे जब पुलिस दोनों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई कर रही थी, तभी मोरध्वज थाने पहुंचा। काफी देर चली बहस के बाद उसने अचानक अपने साथ लाया पेट्रोल शरीर पर उड़ेल लिया और आग लगा ली। युवक के आग की लपटों में घिरते ही थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कंबल और गमछे डालकर आग बुझाई गई। इस मामले में निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में दरोगा ओमेंद्र सिंह, सिपाही राजकुमार और हेड मोहर्रिर संदीप गौतम शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *