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संभल में पप्पू यादव-अवधेश प्रसाद का पुतला फूंका:राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग, सनातन के अपमान पर विरोध

संभल में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद पासी के खिलाफ रविवार शाम करीब 5 बजे राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। संभल कोतवाली क्षेत्र की कोट पूर्वी सरथल चौकी पर एकत्रित कार्यकर्ताओं ने दोनों सांसदों का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संसद में राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान साधु का भेष धारण कर भगवान राम की तस्वीर चरणों में रखी गई, जिससे सनातन धर्म और संत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इस कृत्य की कड़ी निंदा की। राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से दोनों सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि सनातन धर्म और धार्मिक प्रतीकों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। परिषद पदाधिकारियों ने लगाए गंभीर आरोप राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के परमानंद तिवारी ने कहा कि बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु का वेश धारण किया, जबकि फैजाबाद के सपा सांसद अवधेश प्रसाद उनके पैर छूते नजर आए। उनका आरोप था कि इस दौरान भगवान राम की तस्वीर चरणों में रखी गई, जो संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान है। अध्यक्ष बोले- यह बेहद निंदनीय घटना परिषद के अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सांसदों का यह व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में संतोष गुप्ता, उमेश भारद्वाज, नरेश शर्मा, सुंदरलाल तिवारी, अनमोल कुमार, कैलाश नाथ शर्मा, पुष्पेंद्र कुमार, पप्पू कुमार, अमन सिंह, रामवीर, अवधेश शर्मा सहित राष्ट्रीय पुरोहित परिषद के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा, दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल:डेलापीर चौराहे पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने किया स्वागत

बरेली में सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। रविवार को डेलापीर स्थित डमरू चौराहे पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर और फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने बताया कि पीस कमेटी ऑफ इंडिया हर वर्ष कांवड़ यात्रियों के सम्मान में स्वागत कार्यक्रम आयोजित करती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार सावन के प्रत्येक सोमवार को प्रमुख मंदिरों पर मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इकबाल ने कहा कि बरेली अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता है। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देते हैं। इस स्वागत कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष करीम खान, मोनू खान, आजम खान, खुशनुमा खान, प्रदेश मीडिया प्रभारी सैयद सलमान और सलाहकार डॉ. सैयद शहाबुद्दीन सहित पीस कमेटी ऑफ इंडिया के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बस्ती में नवविवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत:पति पर जहर पिलाने का आरोप, ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा

बस्ती में रविवार दोपहर एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने उसके पति पर मायके पहुंचकर जबरन जहर पिलाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। दो महीने पहले हुई थी शादी
मृतका की पहचान अर्चना के रूप में हुई है। उसकी शादी 13 मई को सिद्धार्थनगर जिले के डिडई थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी शिवम से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के करीब दो महीने बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था, जिसके बाद अर्चना अपने मायके बस्ती जिले के तेलौरा गांव में रह रही थी। परिजनों का आरोप- पति ने पिलाया जहर
मृतका के छोटे भाई सौरभ का आरोप है कि रविवार को उनकी मां इलाज के लिए बाहर गई थीं और अर्चना घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसका पति शिवम वहां पहुंचा और कथित तौर पर उसे जहरीला पदार्थ पिला दिया। हालत बिगड़ने पर ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप
सौरभ का दावा है कि अर्चना ने मौत से पहले उसे बताया था कि उसके पति ने ही उसे जहर दिया है। घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आरोपी पति की पिटाई भी कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चलेगा। उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी निरीक्षक बोले- जांच जारी
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार दुबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रामपुर में स्पीड ब्रेकर बना हादसों की वजह:एक घंटे में 2 दुर्घटनाएं, 5 लोग घायल, चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग

रामपुर के शहजादनगर क्षेत्र में सईदाबाद पुल के पास एक स्पीड ब्रेकर हादसों का कारण बन रहा है। रविवार दोपहर लगभग 2:30 बजे, एक घंटे के भीतर यहां दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कुल पांच लोग घायल हो गए। घायलों और स्थानीय लोगों ने स्पीड ब्रेकर से पहले चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। पहली घटना में, एक ही मोटरसाइकिल पर सवार किशनलाल (60 वर्ष), उनकी पत्नी फूलवती (50 वर्ष) और पुत्र मुकेश (18 वर्ष) स्पीड ब्रेकर पर संतुलन बिगड़ने से सड़क पर गिर गए। इस हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इसी स्थान पर कुछ देर बाद एक और मोटरसाइकिल स्पीड ब्रेकर पर अनियंत्रित होकर फिसल गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार दंपति घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार हुए इन हादसों से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायलों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि सईदाबाद पुल के पास बने इस स्पीड ब्रेकर से पहले कोई चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या अन्य संकेतक नहीं लगाए गए हैं। तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को यह स्पीड ब्रेकर अचानक दिखाई नहीं देता, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। घायल परिवारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्पीड ब्रेकर से कम से कम 50 से 100 मीटर पहले सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें और अपनी गति धीमी कर सकें। उनका मानना है कि ऐसे सुरक्षा इंतजामों से रोजाना होने वाले हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से इस स्थान का तत्काल निरीक्षण करने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को तुरंत लागू करने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

संभल में निकली 24 कोसीय परिक्रमा:68 तीर्थों और 19 कूपों पर जलाभिषेक, 87 देवस्थलों के अभियान की शुरुआत

संभल में 24 कोसीय मासिक परिक्रमा समिति के तत्वावधान में सावन माह की मासिक 68 तीर्थों और 19 कूपों की परिक्रमा संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष किए। परिक्रमा का शुभारंभ संभल के थाना हयातनगर क्षेत्र के बेनीपुर चक गांव स्थित श्रीवंशगोपाल धाम से हुआ। यहां श्रद्धालुओं ने पवित्र तीर्थ और पौराणिक कदम्ब वृक्ष की परिक्रमा की, जिसके बाद भगवान महादेव की आरती की गई। इसके उपरांत परिक्रमा भुवनेश्वर तीर्थ पहुंची, जहां शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के साथ सामूहिक रुद्राष्टकम का पाठ किया गया। इसके पश्चात परिक्रमा फिरोजपुर स्थित मां चामुंडा के थान से नैमिषारण्य तीर्थ स्थित सिद्ध समाधि बाबा क्षेमनाथ धाम पहुंची। श्रद्धालुओं ने चंद्रेश्वर महादेव, संभलेश्वर महादेव और भुवनेश्वर महादेव मंदिरों पर जलाभिषेक किया। परिक्रमा का समापन पुनः श्री वंशगोपाल मंदिर में सामूहिक प्रार्थना और आरती के साथ हुआ। इसी दौरान सावन मास के विशेष गंगा जलाभिषेक अभियान का भी शुभारंभ किया गया। समिति अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि समिति ने पिछले वर्ष से यह संकल्प लिया है कि प्रत्येक सावन मास में संभल के सभी प्राचीन तीर्थों और देवस्थलों पर गंगाजल से जलाभिषेक किया जाएगा। इसका उद्देश्य इन स्थलों को पुनः जागृत कर संभल को एक प्रतिष्ठित धर्मनगरी के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत आगामी दिनों में संभल के 87 देवस्थलों पर गंगाजलाभिषेक किया जाएगा। अभियान के समापन पर संभल स्थित राम मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महारुद्राभिषेक का आयोजन होगा। विकास वर्मा ने कहा कि इसका महत्त्व शास्त्रों के अनुसार अत्यधिक महत्त्व है, आध्यात्मिक एवं पौराणिक रूप ऐ मान्यता और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्त्व कल्कि नगरी के 24 कोसीय परिक्रमा का है, जैसे अयोध्या और गोवर्धन की परिक्रमा का महत्व है। इस परिक्रमा में जसपाल सिंह, अंकित अग्रवाल, सौरभ गुप्ता, राहुल रुद्र शर्मा, विकास वर्मा, ऋषभ, राजू टेंट, आशीष गुप्ता, अंशु, प्रिया अग्रवाल, सत्येंद्र शर्मा, गौरव भारद्वाज सहित कई श्रद्धालु और समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।