एलजी मनोज सिन्हा और दोनों डिप्टी-सीएम शिव महापुराण-कथा में पहुंचे:रायबरेली में व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया, केशव मौर्य बोले- अयोध्या हमारी, अब काशी-मथुरा की बारी
रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में चड़रई टोल प्लाजा के पास चड़रई गांव में शिव महापुराण कथा चल रही है। बुधवार को कथा के छठे दिन जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक कथा में पहुंचे। केशव मौर्य ने कहा कि अयोध्या हमारी हो गई है। अब काशी-मथुरा की बारी है। मौर्य ने सपा सरकार पर भी निशाना साधा। एलजी मनोज सिन्हा ने भारतीय संस्कृति के बारे में भक्तों को बताया। कथा का बुधवार को 6वां दिन था। इस कथा में अब तक लाखों भक्तों की भीड़ आ चुकी है। देखिए 2 तस्वीरें… सनातन संस्कृति से ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की सोच को बढ़ावा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बुधवार दोपहर करीब 1 बजे हेलीकॉप्टर से सीधे कथा स्थल पहुंचे। उन्होंने व्यासपीठ को नमन किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि भगवान भोलेनाथ ही इस संसार के बचाने वाले हैं। हमारी सनातन संस्कृति बहुत पहले से ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) की सोच को बढ़ावा देती रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत की इस आध्यात्मिक ताकत और ‘सॉफ्ट पावर’ को दुनिया के बड़े देश भी मान रहे हैं। उन्होंने समाज में एकता बनाए रखने में संतों की भूमिका को सबसे जरूरी बताया। सनातन विरोधियों पर केशव मौर्य ने साधा निशाना दोपहर करीब 3 बजे दोनों डिप्टी सीएम कथा पंडाल में पहुंचे। उन्होंने व्यासपीठ की आरती उतारी। इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने सनातन विरोधियों पर हमला किया। उन्होंने जनसमूह के बीच कहा, ‘अयोध्या हुई हमारी है, अब काशी-मथुरा की बारी है’ और इसके लिए हर जिले में तैयारी होनी चाहिए। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा कि अगर आज सपा की सरकार होती तो रामभक्तों की तरह ही शिवभक्तों को भी लाठियां खानी पड़तीं। उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार में भारतीय संस्कृति का पूरा सम्मान हो रहा है। उन्होंने सत्संग में बाधा डालने वालों को चेतावनी भी दी। कथावाचक प्रदीप मिश्रा का ब्रजेश पाठक ने किया स्वागत डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने श्रद्धालुओं को अपने भीतर के अहंकार और मद को छोड़ने की सीख दी। यूपी सरकार की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कथा में आने के लिए इंसान को अपना सब कुछ छोड़कर आना पड़ता है।

