सोहावल तहसील में बाहरी कर्मियों को लेकर विवाद बरकरार:अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी, वादी परेशान
अयोध्या जिले की न्यायिक तहसील सोहावल में बाहरी व्यक्तियों द्वारा कोर्ट संबंधी कार्य किए जाने को लेकर बार और बेंच के बीच शुरू हुआ विवाद एक महीने बाद भी समाप्त नहीं हो सका है। अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण दूर-दराज से आए वादियों को बिना काम कराए लौटना पड़ रहा है। इससे तहसील परिसर में पूरे दिन अफरा-तफरी और असंतोष का माहौल बना रहता है। सोहावल बार के पूर्व अध्यक्ष सुधीर मिश्र और वर्तमान महामंत्री बैजनाथ पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि खारिज-दाखिल, वरासत दर्ज कराने तथा संबंधित फाइलों के गायब रहने के कारण वादकारियों का कार्य समय से नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि कुछ बाहरी कर्मी बिना वेतन के कार्य करने के नाम पर वादियों से धन उगाही करते हैं। पैसा मिलने पर ही फाइलें खोजकर कोर्ट में प्रस्तुत की जाती हैं, जबकि धन न देने वालों की फाइलें लंबित रखी जाती हैं, जिससे लगातार तारीखें बदलती रहती हैं और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। अधिवक्ताओं ने बताया कि इस मामले को लेकर एडीएम सिटी योगानंद पाण्डेय ने हस्तक्षेप करते हुए दो दिनों में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। साथ ही हर मंगलवार को तहसील में लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित कर किसानों की समस्याओं के निस्तारण का भी वादा किया गया था। हालांकि, पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और कोई भी लेखपाल तहसील में उपस्थित नहीं होता। बार पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक बाहरी कर्मियों को हटाकर विभागीय कर्मचारियों से कार्य नहीं कराया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायिक कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और वादियों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। लगातार हो रही हड़ताल से सबसे अधिक परेशानी आम वादियों और किसानों को उठानी पड़ रही है। दूर-दराज से आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और किसान तारीख पर तारीख मिलने से निराश हैं। वादियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायिक कार्य सुचारू कराने की मांग की है।

