Breaking News
खाद की कालाबाजारी पर डीएम का एक्शन:यूरिया-डीएपी तय कीमत पर मिले, जबरन बिक्री पर होगी कठोर कार्रवाई

मैनपुरी में खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक थोक विक्रेताओं और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों का किसी भी स्तर पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ओवररेटिंग और कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी जिलाधिकारी ने कहा कि यूरिया और डीएपी की ओवररेटिंग, कालाबाजारी, कृत्रिम अभाव पैदा करने या किसानों को जबरन अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि किसानों और विक्रेताओं के बीच पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी दुकानदार को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है तो वह तत्काल प्रशासन को इसकी सूचना दे सकता है। ऐसे मामलों में भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित दर पर ही मिले यूरिया और डीएपी डीएम ने जिला कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि जनपद में मांग के अनुरूप यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी सहकारी समितियों, राजकीय कृषि बीज भंडारों और निजी खाद-बीज की दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक दुकान पर स्पष्ट सूचना प्रदर्शित की जाए कि यूरिया के साथ किसी किसान को दवा, बीज या अन्य उर्वरक खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। किसानों को यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरी और डीएपी 1350 रुपये प्रति बोरी की निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराया जाए। अधिक कीमत वसूलने या अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी। कृत्रिम संकट पैदा करने वालों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी ने थोक विक्रेताओं को चेतावनी दी कि अनावश्यक भंडारण कर खाद का कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश न करें। यदि कोई खाद का स्टॉक छिपाकर बाजार में कमी पैदा करता पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एआर को-ऑपरेटिव और पीसीएफ प्रबंधन को निर्देश दिए कि बफर स्टॉक में उपलब्ध यूरिया और डीएपी तत्काल समितियों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अनुपस्थित डीलरों की होगी जांच बैठक के दौरान विभिन्न उर्वरक कंपनियों के कई अधिकृत डीलरों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। कृभको, एनएफएल, आरसीएफ और यारा कंपनी के कई डीलर बैठक में नहीं पहुंचे। इस पर जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए गए कि अनुपस्थित डीलरों के पिछले छह माह के उर्वरक क्रय-विक्रय की जांच के लिए समिति गठित की जाए। जांच में अनियमितता मिलने पर उनके खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग तथा विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *