Breaking News
नंदोत्सव में राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे नन्हे-मुन्ने, हुआ महारास

बाबा न्यूज
आगरा। भारत विकास परिषद समर्पण शाखा की ओर से नंदोत्सव का आयोजन नुनिहाई स्थित मधुश्री होटल में किया गया।
शाखा अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि नंदोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ना है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति रुचि एवं संस्कार विकसित होते हैं। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूप में सजकर पहुंचे। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों और भक्ति से वातावरण कृष्णमय हो गया।
सचिव समीर जैन ने बताया कि नंदोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में भजन, नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। श्रद्धालुओं ने कृष्ण भक्ति के गीतों पर जमकर आनंद लिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से महारास का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा। राधा-कृष्ण की लीलाओं और भक्तिमय प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर सचिव समीर जैन, कोषाध्यक्ष उमंग गोयल, कार्यक्रम प्रभारी आयुषी भटनागर, डॉ. मोनिका अस्थाना, ऋचा अग्रवाल, निशा बंसल, मोनिका दौनेरिया, संगम सिंघल, देवेन्द्र मंडलास, विजित गुप्ता, दीपक अग्रवाल, रिंकेश मित्तल आदि मौजूद रहे।

 

आगरा में सिंधिया राजघराने से जुड़ा है गोकुलपुरा का श्री सिद्धी विनायक मन्दिर

 

खुदाई के दौरान निकली थी प्रतिमा, 1760 में करायी गयी थी स्थापना
प्रस्तुति: महन्त पंडित मनीष शर्मा
आगरा। शहर में अकेले गणेश का विग्रह गोकुलपुरा राजामण्डी मौहल्ले में गणेश जी का एकमात्र ऐतिहासिक श्री सिद्धी विनायक मन्दिर हैं जिसकी प्रतिमा खुदाई के दौरान कुए से निकली थीे। इसकी स्थापना आज से लगभग 380 वर्ष पहले सम्वत 1700 (सन 1646 ई0) में की गई थी। महन्त श्री सिद्धी विनायक मन्दिर के महन्त पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि मराठा सरदार महादाजी सिंधिया द्वारा पुन: जीर्ण उद्धार एवं मन्दिर की स्थापना सन 1760 में की गयी तथा मन्दिर में एक पीपल का वृक्ष भी लगाया। उन दिन वह ग्वालियर के शासक थे तथा आगरा प्रवास में उन्होनें डेरा गणेश मन्दिर की स्थापना की। जो कालान्तर में सिद्धी विनायक के नाम से लोकप्रिय हो गया। कालान्तर में ग्वालियर राज्य के विस्तार के साथ महादाजी सिन्धिया की ओर से इस मन्दिर की देखभाल तथा नियमित खर्च (सेवा-पूजा) के लिए आठ आना प्रतिदिन का आज्ञा पत्र (सनद) मराठा शासन के नाम जारी किया गया मन्दिर के पुजारी के पास ऐतिहासिक धरोहर आज भी सुरक्षित है।
गुजराती (नागर) और मराठा परिवारों की आस्था के केन्द्र के रूप में प्रतिष्ठित इस मन्दिर में अपने आगरा प्रवास के दौरान ग्वालियर नरेश महादजी सिंधिया नियम पूर्वक अपनी उपस्थिति में पूजन-अर्चन कराते रहे। उन्होनें ही चतुर्थी के दिन शाही संरक्षण में धूमधाम के साथ गणेश शोभायात्रा की शुरूआत कराई जो सन 1860 तक जारी रही तथा एक हमले के कारण बन्द होने के बाद भारत की स्वतंत्रता के उदय के साथ सन 1959 में पुन: प्रारम्भ हुई तथा एक परम्परा के रूप में यथावत हैं सम्भवत: आगरा में गणेशोत्सवों की परम्परा में यह सबसे प्राचीन धर्म स्थल है।
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का महत्व: इस तिथि को विशिष्ट रूप से श्री गणेश जी के आयोजन मनाये जाते हैं। यह तिथि अनेक दृष्टियों में महत्वपूर्ण है। श्री गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को ही हुआ था। तब भगवान शिव के कैलाश पर्वत पर इसी जन्मोत्सव को मनाने का आयोजन किया था। सिन्दूर दैत्य पर भी श्री गणेश जी ने इसी तिथि को विजय प्राप्त की थी। इसलिए भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर पार्थिव पूजन का विधान है। इस चतुर्थी को डांडिया चतुर्थी के भी नाम से जाना जाता है तथा छोटे बच्चों द्वारा डांडिया का पूजन कराया जाता है तथा पट्टी पूजन भी कराया जाता है।
चन्द दर्शन क्यों नहीं: इस व्रत के गंभीर आध्यात्मिक उद्देश्य हैं चतुर्थी का अभिप्राय: जागृति स्वप्न, सुशुप्ति के उस पार की तुरीय अवस्था से लिया जाता है जिसे जीवन का अन्तिम लक्ष्य माना जाता है उस दिन चन्द्र दर्शन को निषेध माना जाता है। क्योंकि चन्द्र मन की सन्तप्ति है। आध्यात्मिक क्षेत्र में उसे मन का प्रतीक और पयार्वाची माना जाता है जब मन असंयमित होता है तो किसी भी आध्यात्मिक साधना में प्रगति नहीं हो सकती। मन का विग्रह है सभी शुद्धियों का श्रृल माना जाता है। अत: सभी साधनायें इसी पर ही केन्द्रित रहती है। इस पर विजय प्राप्त किये बिना तुरीय अवस्था तक पहुंचना असम्भव है। आज के दिन बच्चों का पट्टी पूजन शिक्षा का श्री गणेश भी होता है। इसलिए बच्चों का चन्द्रमा मन एकाग्रता प्राप्त करें। इस दिन चन्द्र दर्शन न किया जाये। अर्थात मन पर विजय प्राप्त करने का प्रयत्न किया जाये अथवा मौनवस्था की ओर लाया जाये तो लक्ष्य की प्राप्ति में सुविधा होगी।

गणपति के अचूक उपाय

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए: कमल गट्टे की माला चढ़ायें। मनोकामना पूर्ति के लिए: नारियल चढ़ायें व सिन्दूर अर्पित करें। विद्या प्राप्ति व परीक्षा में सफलता के लिए: घी व गुड़ चढ़ायें। कर्ज से मुक्ति के लिए: खीर व कमल के फूलों की माला चढ़ायें। विवाह कामना के लिए: हल्दी की 7 गांठे पीले चावल व पीली मिठाई चढ़ायें। सन्तान प्राप्ति की कामना हेतु: तिल से बनी मिठाई व पान का बीड़ा चढ़ायें। सुख शान्ति एवं समृद्धि हेतु : मोदक व दुर्वा चढ़ाये। व्यापार में वृद्धि व वैभव हेतु: शमी के 5 पत्ते व पीले रंग का पीताम्बर अर्पित करें। रोग मुक्ति हेतु: हरे मूंग व गुड़ चढ़ायें व घी की 8 बत्ती का दीपक जलायें।

गणेश जी की स्थापना का शुभ महूर्त
14-09-2026 को प्रात: सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 तक।
अभिजीत मुहूत : 12:09 से 12:58 तक। चतुर्थी तिथि 14 सितम्बर 2026 को सुबह 7:06 से प्रारम्भ होकर 15 सितम्बर 2026 को सुबह 7:44 तक रहेगी ।
साल 2026 में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसके तहत ये दोनों ही पावन पर्व एक ही दिन 14 सितंबर 2026 को मनाए जाएंगे।
इस दिन सूर्योदय के समय तृतीया तिथि और मध्याह्न काल में चतुर्थी तिथि का संयोग रहेगा।
स्थापना की विधि
पीत वस्त्र पर चावल का स्वास्तिक बनाकर उस पर गणेश जी स्थापित करें। फिर पंचोपचार व षोडषाचार पूजन करें।
गणेश जी पर विशेष रूप से हरी दुर्वा चढ़ायें, घी का दीपक जलायें, मोदक पंच मेवा व पाँच फलों का भोग लगायें, नारियल, ताम्बुल व सुपारी चढ़ायें।

शतरंज से धैर्य एवं निर्णय लेने की क्षमता होती है विकसित : प्रो.एसपी सिंह 

 

 

सेंट जॉन्स कॉलेज में कॉमर्स ग्रैंड मास्टर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन

बाबा न्यूज़ 

आगरा। सेंट जॉन्स कॉलेज के बी.कॉम. वोकेशनल विभाग द्वारा आज  प्रातः 10 बजे मल्टीपर्पस हॉल में “कॉमर्स ग्रैंड मास्टर” शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एस. पी. सिंह एवं प्रो. संजीव शर्मा (बी.कॉम. वोकेशनल कॉर्डिनेटर) ने प्रथम चाल चलकर किया। डॉ. अमृता आइंड के कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनीता आनंद रही।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो एसपी सिंह ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए शतरंज को छात्रों में रणनीतिक सोच, एकाग्रता, धैर्य एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने वाला महत्वपूर्ण खेल बताया।
प्रतियोगिता को सफल बनाने में विभाग के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों ने प्रतियोगिता की पूरी व्यवस्था एवं संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उन्होंने छात्रों के पंजीकरण, प्रतिभागियों की आवश्यक व्यवस्थाओं, खेल के सुचारु संचालन तथा अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिक्षकों ने पूरे आयोजन के दौरान छात्रों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन भी किया।
प्रतियोगिता में फैकल्टी ऑफ कॉमर्स के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें बी.कॉम. वोकेशनल, बी.कॉम. मेन्स एवं एम.कॉम. के छात्र शामिल थे, प्रतिभागियों ने अपनी बुद्धिमत्ता, रणनीति, एकाग्रता और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। विभिन्न चरणों में प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और अपनी शतरंज प्रतिभा का परिचय दिया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों में रणनीतिक सोच, धैर्य, अनुशासन, निर्णय क्षमता एवं समस्या-समाधान कौशल का विकास करना था। शिक्षकों एवं छात्रों के सामूहिक प्रयास से प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
अंत में विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्राचार्य महोदय, प्रो. संजीव शर्मा, डॉ. रचिता शर्मा, डॉ. राजू थॉमस, डॉ. रोहित सिन्हा एवं समस्त शिक्षकगण के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

एक पेड़ राष्ट्र के नाम के संकल्प के साथ किया 1100 पौधा का रोपण

बाबा न्यूज
आगरा। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आगरा के संकल्प को लेकर सूर्य सुता फाउंडेशन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 11 से 17 सितंबर तक चलने वाले ह्लसेवा संकल्पह्व अभियान के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एक पेड़ राष्ट्र के नाम का संदेश देते हुए 1100 पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं देखभाल का संकल्प लिया गया। इसके अलावा पूरे सप्ताह पौधा गोद अभियान भी सुचारू रूप से संचालित रहेगा।
कार्यक्रम की शुरूआत लंगड़े की चौकी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन एवं महंत गोपी गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर हुई। इसके पश्चात गुरुद्वारा गुरु का ताल में बाबा प्रीतम सिंह का आशीर्वाद प्राप्त कर पौधारोपण किया गया।
इसके बाद आरबीएस इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य मेजर विवेक वीर सिंह, आगरा कॉलेज में प्रॉक्टर वी.के. सिंह तथा राजकीय विद्यालय में प्राचार्य मानवेंद्र सिंह की उपस्थिति में पौधारोपण किया गया।
संस्था के अध्यक्ष पुष्कल गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन या एक अभियान तक सीमित नहीं होना चाहिए। एक पौधा लगाना शुरूआत है, लेकिन उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है। एक पेड़ राष्ट्र के नाम का संकल्प प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधे को गोद लेकर उसकी नियमित देखभाल करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से पौधारोपण के साथ पौधा गोद अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. दीपेश उपाध्याय (काली चरण वैद्य), राजदीप ग्रोवर, आकाश राणा, तनमय गोयल, अंकुर शंकर गौतम, मोहित जैन आदि उपस्थित रहे।

सात बजे के बाद खाना खाया तो मोटे हो जाएंगे !

 

कोच राजन बोले, शरीर में 7 बजे कोई अलार्म नहीं बजता
आलू परांठे से लेकर मिठाई और नट्स तक पर खुली डाइट की अदालत
स्पाइसी शुगर संस्था के कार्यक्रम में सोशल मीडिया के फिटनेस फंडों की खुली पोल
बाबा न्यूज
आगरा। शाम के सात बज गए… अब खाना मत खाना, वरना वजन बढ़ जाएगा! फिटनेस और डाइट को लेकर यह सलाह आपने भी कभी न कभी जरूर सुनी होगी। लेकिन क्या वाकई शाम 7 बजे शरीर भोजन को फैट में बदलने लगता है? क्या वजन मशीन पर एक-दो किलो बढ़ना मतलब शरीर में फैट बढ़ जाना है? और क्या वजन घटाने के लिए आलू परांठे और मिठाई से हमेशा के लिए तौबा करनी पड़ेगी?
इन तमाम सवालों का बेबाक जवाब मिला होटल होलीडे इन में आयोजित स्पाइसी शुगर की अदालत में। स्पाइसी शुगर संस्था की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध डाइट कोच एवं फिटनेस इन्फ्लुएंसर कोच राजन ने खानपान और वजन घटाने से जुड़े सोशल मीडिया के तमाम चर्चित मिथकों की क्लास लगाई।
संस्था की संस्थापक अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने डाइट से जुड़े सवालों की झड़ी लगाई और कोच राजन ने बेहद सहज अंदाज में उनके जवाब दिए। कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों ने भी अपनी डाइट और फिटनेस से जुड़े सवाल पूछे।
कोच राजन ने सबसे पहले रात सात बजे के बाद खाना न खाने की धारणा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शरीर में ऐसा कोई अलार्म नहीं लगा होता जो शाम 7:01 बजे बजकर कहे कि अब खाना फैट के रूप में जमा करना शुरू कर दो।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की दिनचर्या अलग होती है। किसी का काम सुबह शुरू होता है तो किसी का देर रात। दिल्ली-गुरुग्राम जैसे शहरों में नौकरी या व्यवसाय करने वाले लोगों को घर पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है। ऐसे में सभी को शाम सात बजे डिनर करने की सलाह देना व्यावहारिक नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वजन घटाने में केवल खाने का समय नहीं, बल्कि पूरे दिन में कितना और क्या खाया जा रहा है तथा कुल कैलोरी सेवन अधिक महत्वपूर्ण है। रात 10 बजे भोजन करने वाला व्यक्ति भी वजन कम कर सकता है, बशर्ते वह अपनी कुल कैलोरी जरूरत और संतुलित खानपान को बनाए रखे। वजन मशीन पर एक-दो किलो वजन बढ़ते ही लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं। कोच राजन ने इसे भी एक बड़ा भ्रम बताते हुए कहा कि तराजू पर बढ़ा हर किलो फैट नहीं होता। कई बार यह केवल वॉटर वेट हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भोजन, शरीर में पानी की मात्रा और पीरियड्स के आसपास होने वाले बदलावों के कारण वजन अस्थायी रूप से ऊपर-नीचे हो सकता है। इसलिए एक दिन के आंकड़े देखकर अपनी पूरी डाइट को बदलने या तनाव लेने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने वजन कम करने की प्रक्रिया को व्यवसाय से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह दुकान या फैक्ट्री में कभी बड़ा आॅर्डर आने पर खुशी होती है और कभी काम कम होने पर स्थिति सामान्य रहती है, उसी तरह वजन में भी उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। अगर रास्ता सही है और प्रयास लगातार जारी हैं तो अंतिम परिणाम भी अच्छा आएगा।
संस्थापक अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने बताया कि सोशल मीडिया पर डाइट और वजन कम करने को लेकर कई तरह की भ्रांतियां तेजी से फैल रही हैं। स्पाइसी शुगर की अदालत के माध्यम से प्रयास किया गया कि विशेषज्ञों से सीधे सवाल कर इन मिथकों को दूर किया जाए और लोग बिना अनावश्यक प्रतिबंधों के संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।

आलू परांठा दुश्मन नहीं, मात्रा का खेल समझिए
घर के खाने और पसंदीदा व्यंजनों को लेकर भी कोच राजन ने लोगों को राहत दी। उन्होंने बताया कि वजन घटाने के लिए हर पसंदीदा चीज को जिंदगी से बाहर करना जरूरी नहीं है। घर का खाना खाते हुए भी फिटनेस लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आलू परांठे जैसे भोजन को लेकर भी मुख्य बात उसकी मात्रा और पूरे दिन के भोजन का संतुलन है।

मिठाई का छोटा टुकड़ा, कैलोरी का बड़ा हिसाब
बेसन की बर्फी, गुलाब जामुन और दूसरे डेजर्ट पर भी ह्यअदालतह्ण में सवाल हुए। कोच राजन ने कहा कि मिठाइयों को देखकर सिर्फ उनका आकार नहीं, बल्कि उनमें मौजूद कैलोरी भी समझनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक मिठाई का पीस कई बार करीब एक रोटी जितनी कैलोरी दे सकता है, जबकि गुलाब जामुन में लगभग 150 से 200 कैलोरी तक हो सकती हैं। ऐसे में मिठाई खाते समय उसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

हेल्दी समझकर मुट्ठी भर नट्स भी न खा जाएं
नट्स और सीड्स को लेकर भी कोच राजन ने सावधान किया। उन्होंने कहा कि नट्स हेल्दी जरूर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें जितना चाहें उतना खा लिया जाए। इनमें कैलोरी काफी अधिक होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बाजार में मिलने वाला 250 ग्राम का नट्स पैक करीब 1250 कैलोरी तक का हो सकता है। इसलिए फैट लॉस के दौरान इसकी मात्रा पर नियंत्रण जरूरी है और लगभग 15-20 ग्राम तक की मात्रा को ध्यान में रखा जा सकता है।

वजन मशीन बने मोटिवेशन, तनाव की वजह नहीं
कोच राजन ने कहा कि वजन मशीन पर घटता हुआ आंकड़ा निश्चित रूप से व्यक्ति को मोटिवेशन देता है। लेकिन अगर किसी दिन वजन बढ़ा हुआ दिखाई दे तो उसे असफलता नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही डाइट, नियमितता और धैर्य के साथ चलने पर अस्थायी उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है। फिटनेस कोई सात दिन का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव की प्रक्रिया है।
कार्यक्रम में स्पाइसी शुगर संस्था के सदस्यों ने अपनी डाइट और खानपान से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कोच राजन ने उन्हें व्यावहारिक तरीके से समझाया और बिना अनावश्यक प्रतिबंधों के संतुलित खानपान अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में पावनी सचदेवा, चांदनी ग्रोवर, सिमरन अवटानी, शिखा जैन ने सभी का स्वागत किया।

हजरत अहमद मुस्तफा के बताये रास्ते पर चलें: हजरत सैय्यद मोहतशिम अली

 

अबुल उलाह की दरगाह में जलसा आमद ए नूर का आयोजन
बाबा न्यूज
आगरा। दरगाह हजरत सय्यदना शाह अमीर अबुल उला रह. पर जुमेरात को जलसा आमद ए नूर का एहतमाम किया गया। पीर-ए-तरीकत हजरत सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई सज्जादानशीन की सरपरस्ती में जलसे में उलमाओं ने सरकार ए दो आलम हजरत अहमद मुस्तफा की जिÞंदगी पर रौशनी डाली। लोगों को उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की हिदायत दी। मौलाना अब्दुल वहाब ने कुरआन पाक की तिलावत की। मुफ्ती मोहम्मद आसिफ रजा मुसद्दी, कन्नौज ने तकरीर की।
मौलाना अमान रजा अकबराबादी, जनाब कारी इमरान बरकाती (सादाबाद), जनाब आरिफ रजा कादरी (आगरा), हाजी सैय्यद गुलजार, सूफी दिलकश जालोनवी ने जलसे में शिरकत की।
सरकार ए दो आलम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शान में नातें पड़ी गई और आपकी जिंदगानी पर रोशनी (प्रकाश) डाला। दरगाह के नायब सज्जादानशीन ने फरमाया के हुजरे अकरम (सल.) को रहमतुल आलमीन पूरे आलम का हिस्सा मिला इन सभी को तो मिला ही चरिन्दों परिन्दों जिन्नों मलायका को भी मिला। वाल्देन की एहमियत बच्चों की जिम्मेदारी बताई। जाहीलियत के दौर को बदलकर तमाम आलम के लोगों की जिन्दगी जीने का शअर दिया, वमा अरसलना का इल्ला रहमतल्लिल आलमीन वो तमाम आलम के लिए रहमत बनकर तशरीफ लाए।
सैय्यद आसिम अली अबुल उलाई ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शान में नात ए पाक पढ़कर खराजे अकीदत पेश की गई।
नायब सज्जादगान हाजी सैय्यद विरासत अली अबुल उलाई, सैय्यद इशाअत अली अबुल उलाई और सैय्यद कैफ अली अबुल उलाई, सैय्यद आसिम अली अबुल उलाई, सैय्यद शाहब अली, सैय्यद अजहर अली, सैय्यद अरीब अली, सैय्यद सलीम उज जमा ने दरगाह शरीफ में चादरपोशी गुलपोशी और देश में अमन चैन की दुआ की व सूफी हजरात व जायरीनो ने शिरकत फरमाकर सवाब ए दारेंन हासिल किया। फातिहा के बाद लगर जारी रहा।

 

नर्सिंग संवर्ग अपने अधिकार और सम्मान के लिए पीछे नहीं हटेगा

लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी 22 से करेंगे चरणबद्ध आन्दोलन: सतीश त्यागी
बाबा न्यूज
आगरा। राजकीय नर्सेज संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश त्यागी ने बताया कि आठ नवंबर 2025 को राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के अधिवेशन में ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ने राजकीय नर्सेज संघ की 13 सूत्रीय मांगों में से पांच मांगों को माने जाने की घोषणा की थी, जिसमें नर्सेज की गृह जनपद में तैनाती,समय पर प्रमोशन और एसीपी लगाना,पालना घर बनाना ,उच्च शिक्षा के लिए अनुमति देना,लेकिन आज तक शासनादेश नहीं हुआ जबकि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जी ने स्पष्ट आख्या भी भेजी जा चुकी है। अपर मुख्य सचिव ने दो फरबरी को संघ के साथ बैठक मैं भी सहमति जताई फिर भी आज तक शासनादेश नहीं हुआ । जिससे सभी नर्सेज मैं बहुत रोष है। इसलिए अगर 22 सितंबर तक अगर शासनादेश नहीं होता है तो सभी प्रदेश की नर्सेज आंदोलन करेगी । इसके साथ ही हमारी मांग है कि एस जी पी जी आईं लखनऊ, के जी एम यू लखनऊ,राम मनोहर लोहिया,एवं एस जी पी जी आईं सैफई की भांति भत्ते दिये जाय। जब सामान कार्य है सामान पद है एक ही प्रदेश है फिर ये असमानता क्यों। इसलिए चिकित्सा स्वास्थ एवं चिकित्सा शिक्षा के सभी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज की नर्सेज को भी भत्ते मिलने चाहिए । राजकीय नर्सेज संघ ने सरकार को पत्र के द्वारा अवगत करा दिया है कि अगर 22 सितंबर तक शासनादेश नहीं होता है तो चरण बद्द आंदोलन किया जाएगा। नर्सिंग संवर्ग अब अपने अधिकार, और सम्मान के लिए पीछे हटने वाला नहीं है।

 

संत रविदास के समानता और सम्मान के संदेश को विद्यार्थियों तक पहुंचाएगी महासभा

संत रविदास जयंती को लेकर विद्यालयों-महाविद्यालयों में जागरूकता अभियान

विभिन्न विद्यालयों-महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियों के आयोजन का आह्वान

गढ़ी भदौरिया स्थित मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का 13 सितम्बर को होगा शुभारंभ

बाबा न्यूज़ 

आगरा। संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर प्रस्तावित आयोजनों को लेकर संत शिरोमणि गुरु रविदास महासभा द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को शहर के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता एवं संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। महासभा पदाधिकारियों ने शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधन से संपर्क कर संत रविदास के जीवन, विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र एवं क्षेत्र कार्यवाह प्रमोद ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास का जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और समानता पहुंचाने की प्रेरणा देता है। यदि इसी प्रेरणा के बीज विद्यार्थियों के मन में रोपे जाएं तो समाज की दशा और दिशा दोनों बदल सकती हैं।
महासभा के सचिव अभिनव मौर्य ने कहा कि नई पीढ़ी को संत रविदास के विचारों से जोड़कर सामाजिक समरसता, समानता और मानवता की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एसएन मेडिकल कॉलेज, आरबीएस कॉलेज, बैकुंठी देवी कॉलेज, डॉ. एमपीएस कॉलेज, मानसिक आरोग्यशाला, आगरा कॉलेज, सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एवं बीडी जैन कॉलेज के प्रधानाचार्यों एवं संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क किया गया। महासभा की ओर से सभी शिक्षण संस्थानों में समय-समय पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य में संगोष्ठी, विचार गोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने का आह्वान किया गया।
उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में 13 सितम्बर को गढ़ी भदौरिया स्थित संत शिरोमणि रविदास जी के मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ, हवन और धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा इसके अलावा 2, 3 और 4 अक्टूबर को बीएसएनएल ग्राउंड में समरसता महोत्सव का आयोजन होगा।
महासभा पदाधिकारियों ने कहा कि संत रविदास का संदेश किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संपूर्ण समाज को समानता, भाईचारे और मानवता की राह दिखाता है। विद्यार्थियों और युवाओं को उनके विचारों से जोड़कर सामाजिक समरसता को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
इस अवसर पर मीडिया प्रभारी विजय सामा, सह सचिव डॉ. निष्ठा शर्मा, प्राचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य आरबीएस कॉलेज बसंत बहादुर, प्राचार्य बैकुंठी देवी कॉलेज डॉ. पूनम सिंह, निदेशक डॉ एमपीएस कॉलेज डॉ. एके सिंह, निदेशक मानसिक आरोग्यशाला डॉ. दिनेश राठौर, प्राचार्य आगरा कॉलेज डॉ. सीके गौतम, प्रधानाचार्य सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट ईश्वर सिंह, प्राचार्य बीडी जैन कॉलेज डॉ. वंदना अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

 

लंदन में बैरिस्टर की पढ़ाई करेंगे जीएलए के रौनक उपमन्यु

596 में से 312 स्पर्द्धा में प्रथम पुरस्कार, जीएलए उठाएगा खर्च
बाबा न्यूज
मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय के विधि छात्र रौनक उपमन्यु लंदन की क्यून मैरी लॉ यूनिवर्सिटी में बैरिस्टर की पढ़ाई करेंगे। गुरुवार को लंदन रवाना हुए रौनक की पढ़ाई और अन्य खर्च जीएलए विवि वहन करेगा।
रौनक ने एमयूएन और युवा संसद की 596 स्पर्धा में भाग लेकर 312 में प्रथम पुरस्कार जीते हैं। 235 स्पर्धा में निर्णायक रहे और 21 स्पर्धा स्वयं आयोजित कीं। इस वर्ष 8 महीने में 58 प्रथम पुरस्कार जीते। आईआईटी दिल्ली में लगातार 5वीं बार एमयूएन जीता और इसी सप्ताह दिल्ली विवि के मेडिकल कॉलेज की युवा संसद में प्रथम रहे। पहली बार में ही आॅल इंडिया बार काउंसिल टेस्ट भी पास किया।
हिंदू कॉलेज, दिल्ली में प्रथम आने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शील्ड प्रदान की। इंदौर इंस्टीट्यूट आॅफ लॉ, आईआईटी दिल्ली और इंडियन नेशनल कांग्रेस की युवा संसद में भी प्रथम रहे। जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला व सांसद राजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। दिल्ली आईआईटी, इंद्रप्रस्थ आईटी संस्थान, एनआईटी अगरतला, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज, एमिटी विवि गुरुग्राम, आईआईटी रुड़की, दौलत राम कॉलेज, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉलेज आॅफ मेडिकल साइंसेज और पंजाब विवि की स्पधार्ओं में भी उन्होंने उपलब्धियां हासिल कीं।
कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि रौनक की उपलब्धि प्रतिभा, परिश्रम और जीएलए की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम है। कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि लंदन की पढ़ाई उनकी प्रतिभा को वैश्विक मंच देगी। सीएफओ डॉ. विवेक अग्रवाल ने इसे विवि की शैक्षणिक प्रतिबद्धता बताया। विधि संकाय के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने बधाई दी। रौनक एनयूजेआई के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एड. के पुत्र हैं।

अनुपम ओमेरेनियन हाइट्स में आधुनिक पार्क का उद्घाटन

बच्चों की सुरक्षा और स्वस्थ जीवन का अनूठा संगम
बाबा न्यूज
आगरा। कमला नगर स्थित अनुपम ओमेरेनियन हाइट्स रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी द्वारा सोसाइटी के निवासियों के लिए अत्याधुनिक एवं आकर्षक पार्क का उद्घाटन किया गया। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पार्क में विशेष प्रकार का आधुनिक और सुंदर फ्लोर तैयार कराया गया है, जिस पर खेलते समय छोटे बच्चे गिर भी जाएं तो उन्हें चोट लगने की संभावना काफी कम होगी।
सोसाइटी अध्यक्ष अमित अग्रवाल पारुल ने बताया कि इस विशेष फ्लोर को तैयार कराने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञ कारीगरों को बुलाया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ सोसाइटी के निवासियों को एक बेहतर और सुविधाजनक सामुदायिक स्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभिनव प्रयोग किया गया है, जो आगरा में अपने आप में एक नया और आकर्षक प्रयास है।
उन्होंने बताया कि इस पार्क एवं परिसर को सोसाइटी की भव्य बैठकों तथा महिला मंडल की गतिविधियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। यहां प्रतिदिन प्रात:काल योग, मेडिटेशन एवं अन्य स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे सोसाइटी के निवासी शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से शांत एवं प्रसन्न रह सकें।
यह स्थान भविष्य में सोसाइटी के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उपस्थित निवासियों ने सोसाइटी की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों की सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में सराहनीय कदम बताया।
इस अवसर पर शिल्पी गोयल, छवि अग्रवाल, रानी गोयल, बेला भट्टर, अनिता अग्रवाल, अनिता मोदी, पूजा अग्रवाल, अमिता अग्रवाल, मीना अग्रवाल, सिद्धार्थ मखीजा, रमेश भट्टर, आशा अग्रवाल, मोहित गोयल, मनीष अग्रवाल, कशिश नहलानी, राजेश कुमार, मनीष अहिरवार, संतोष शर्मा, कशिश मुरजानी, कनक मखीजा, हरीश कुमार मखीजा, शरद हसीजा, रेखा हसीजा, राजीव अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, अन्नू अरोड़ा, नरेश अग्रवाल, पंकज बंसल, उमा अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।