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एनसीसी एयर विंग, आगरा कॉलेज के पूर्व कैडेट विपुल प्रताप सिंह बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

 

बाबा न्यूज़ 

आगरा। एनसीसी एयर विंग, आगरा कॉलेज के पूर्व कैडेट विपुल प्रताप सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होकर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर आगरा कॉलेज में उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।

एनसीसी एयर विंग, आगरा कॉलेज के फ्लाइंग ऑफिसर नितेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व कैडेट विपुल प्रताप सिंह ने अपनी मेहनत, अनुशासन, समर्पण एवं एनसीसी प्रशिक्षण के माध्यम से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर आगरा कॉलेज के प्राचार्य ने लेफ्टिनेंट विपुल प्रताप सिंह का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उन्हें उज्ज्वल एवं सफल सैन्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विपुल प्रताप सिंह की सफलता महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और उनकी उपलब्धि वर्तमान एनसीसी कैडेट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अन्य कैडेट्स भी उनसे प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम में एनसीसी आर्मी विंग के अधिकारी कैप्टन अमित अग्रवाल एवं कैप्टन रीता निगम, शिक्षकगण डॉ. भोपाल सिंह एवं डॉ. आनंद प्रताप सिंह,   प्रो गौरव कौशिक, डा भूपेंद्र चिंकारा, प्रो एस एस पांडेय, प्रो वीके सिंह सहित एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। उपस्थित सभी सदस्यों ने लेफ्टिनेंट विपुल प्रताप सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले राज्यसभा सांसद नवीन जैन

सेवा पखवाड़ा, जेन जी, युवा शक्ति और संगठन को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

बाबा न्यूज़

नयी दिल्ली। राज्यसभा सांसद श्री नवीन जैन ने विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन से मुलाकात कर पार्टी संगठन, जनसेवा, युवाओं की भूमिका तथा आगामी कार्यक्रमों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की।

मुलाकात के दौरान सांसद नवीन जैन और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बीच Gen Z यानी नई युवा पीढ़ी की भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण एवं व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान बदलते दौर में युवाओं की सोच, ऊर्जा, प्रतिभा और तकनीकी समझ को देश की विकास यात्रा तथा राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। युवाओं को केवल भविष्य की शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि वर्तमान में राष्ट्र के विकास और सामाजिक परिवर्तन के सक्रिय भागीदार के रूप में आगे लाने, उनमें सामाजिक दायित्व, राष्ट्रसेवा और सकारात्मक नेतृत्व की भावना को मजबूत करने तथा उनकी क्षमता का रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, नई पीढ़ी को भारतीय लोकतंत्र, राष्ट्रहित और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से जोड़ते हुए उन्हें सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता पर भी विचार साझा किए गए।

इसी दौरान चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले ‘सेवा पखवाड़ा’ को व्यापक जनभागीदारी और जनसेवा के अभियान के रूप में आगे बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श हुआ। सेवा पखवाड़े के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच पहुंच बढ़ाने, जनसमस्याओं को समझने और उन्हें समाधान की दिशा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

चर्चा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के विचार को जनमत और जनविश्वास से जोड़ने पर भी विशेष रूप से विचार किया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि लोकतंत्र में मजबूत जनमत केवल राजनीतिक समर्थन का आधार नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और विश्वास की अभिव्यक्ति भी है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण की पहुंच सुनिश्चित कर ही उस जनविश्वास को और मजबूत किया जा सकता है।

बैठक में जनसेवा को जनमत की शक्ति से जोड़ते हुए, जनता के साथ निरंतर संवाद और उनके विश्वास को संगठन की मजबूती का आधार बनाने पर भी चर्चा हुई।

इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के संगठन को और अधिक मजबूत एवं जनसरोकारों से जोड़ने, युवाओं की संगठन में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

राज्यसभा सांसद  नवीन जैन ने कहा कि अंत्योदय की भावना, जनसेवा का संकल्प और जनता का विश्वास—ये तीनों मिलकर मजबूत जनमत और सशक्त लोकतंत्र की नींव तैयार करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सेवा और विकास की राजनीति को जन-जन तक पहुंचाना तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की यात्रा में सहभागी बनाना संगठन की प्राथमिकताओं में है।

अग्रवाल सेवा समिति अध्यक्ष पद पर राजेंद्र प्रसाद गोयल निर्वाचित

 

मनोज कुमार बंसल को 188 मतों से हराया, 494 मतदाताओं ने किया मतदान

 महावीर सिंह वर्मा/ बाबा न्यूज़ 

फतेहपुर सीकरी। अग्रवाल सेवा समिति के अध्यक्ष पद के लिए रविवार को अग्रवाल धर्मशाला में मतदान हुआ। चुनाव में राजेंद्र प्रसाद गोयल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मनोज कुमार बंसल को 188 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। मतदान के दौरान कुल 545 मतदाताओं में से 494 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

मतगणना के दौरान छह मत निरस्त पाए गए। परिणाम के अनुसार राजेंद्र प्रसाद गोयल को 338 मत मिले, जबकि मनोज कुमार बंसल के पक्ष में 150 मत पड़े। परिणाम घोषित होने के बाद समर्थकों ने राजेंद्र प्रसाद गोयल को बधाई दी।

अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से अग्रवाल समाज में चर्चाओं और गहमागहमी का माहौल बना हुआ था। इससे पहले सेवा समिति की आमसभा की बैठक के दौरान हुए विवाद के संबंध में पुलिसकर्मियों के लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई थी। वहीं, शनिवार रात पुलिस की ओर से करीब 50 लोगों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी के बाद मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता रही।

हालांकि रविवार को मतदान और मतगणना की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई गई और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

नए क्लबों को सशक्त नेतृत्व देने के लिए लायन लीडर्स हुए प्रशिक्षित

 

सर्टिफाइड गाइडिंग लायन कार्यशाला में 48 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण

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आगरा। लायंस क्लब्स इंटरनेशनल मंडल 321सी2 के मंडलाध्यक्ष आरएन वर्मा के निर्देशन में सर्टिफाइड गाइडिंग लायन कार्यशाला का आयोजन होटल क्लार्क्स इन सूट्स में किया गया।
लायंस क्लब्स इंटरनेशनल द्वारा आयोजित सर्टिफाइड गाइडिंग लायन कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सक्षम एवं प्रभावी लायन लीडर्स तैयार करना है, ताकि नवीन लायंस क्लबों की स्थापना सुचारु एवं सुदृढ़ रूप से की जा सके तथा उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके।

कार्यशाला में 48 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। लायंस इंटरनेशनल द्वारा एलसीआईपी प्रशिक्षित डॉ. रवि मनूजा ने अपने अनुभव एवं ज्ञान से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने नवीन क्लबों के गठन, संचालन, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक मजबूती से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यशाला को सफल बनाने में कार्यशाला चेयरपर्सन राकेश सिंघल, को-चेयरपर्सन डॉ. स्वाती माथुर, उद्घाटन अधिकारी सीए पीके जैन, उपमंडलाध्यक्ष द्वितीय अजय अग्रवाल, पूर्व मंडलाध्यक्ष योगेश कंसल, पूर्व मंडलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, चीफ गवर्नर सलाहकार मनीष अग्रवाल, मंडलीय पीआरओ प्रदीप कुलश्रेष्ठ, जीएमटी समन्वयक गौरव पोरवाल, जीएसटी समन्वयक अजय शर्मा आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में मंडलीय सचिव अतुल भार्गव ने कार्यशाला की सफलता के लिए सभी प्रशिक्षकों, पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

लड्डू गोपाल झूले में झूले, नंदोत्सव की खुशियों में झूमा श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार

 

श्री गिरिराज जी सेवा मंडल का भव्य नंदोत्सव, नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… के जयघोष से गूंजा त्रिवेणी ग्रीन, माखन-मिश्री की झांकी और ब्रज के भजनों ने बांधा समां

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आगरा। श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर फतेहाबाद रोड स्थित त्रिवेणी ग्रीन परिसर में भव्य एवं भक्तिमय नंदोत्सव का आयोजन किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित नंदोत्सव में कान्हा के जन्म की खुशियां उल्लास और उमंग के साथ मनाई गईं। पूरा परिसर “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षक महंत कपिल नागर, संस्थापक नितेश अग्रवाल, मयंक अग्रवाल एवं अध्यक्ष अजय सिंघल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात सभी ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ लड्डू गोपाल को झूला झुलाकर नंदोत्सव का शुभारंभ किया। जैसे ही ठाकुरजी झूले में विराजमान हुए, उपस्थित श्रद्धालु कान्हा के जन्मोत्सव की खुशी में झूम उठे।
नंदोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके जन्म से जुड़े प्रसंगों की मनोहारी झांकियां प्रस्तुत की गईं। माखन-मिश्री की आकर्षक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं वासुदेव जी द्वारा नवजात कान्हा को लेकर यमुना पार करने और उन्हें गोकुल में माता यशोदा के पास पहुंचाने की झांकी का सजीव एवं भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस मनोहारी प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मानो द्वापर युग की उस दिव्य बेला का साक्षात अनुभव करा दिया।
नंदोत्सव में मोहन सैनी ने नंद बाबा और अंकित सैनी ने यशोदा मैया का स्वरूप धारण कर कान्हा के जन्म की खुशियां मनाईं। नंद बाबा और यशोदा मैया के रूप में उन्होंने ब्रजवासियों के बीच बधाइयां लुटाईं तथा उपहार वितरित किए। इस दौरान पूरा वातावरण ब्रज की संस्कृति, प्रेम और उल्लास से सराबोर हो गया।
बरसाना से विशेष रूप से पधारी श्री शरण की मंडली ने कृष्ण और राधा नाम की मधुर धुनों एवं सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर नंदोत्सव को और अधिक भक्तिमय बना दिया। राधा-कृष्ण के नाम के संकीर्तन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। भजनों और जयकारों के बीच वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ब्रजभूमि का आनंदमय स्वरूप फतेहाबाद रोड पर साकार हो उठा हो।
श्री गिरिराज जी सेवा मंडल के संस्थापक नितेश अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति, धर्म और मानवता की विजय का संदेश है। नंदोत्सव ब्रज संस्कृति की उस पावन परंपरा का प्रतीक है, जिसमें कान्हा के जन्म की खुशी को सभी के साथ बांटकर जीवन में प्रेम और आनंद का संचार किया जाता है। उन्होंने कहा कि श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार हर वर्ष इसी भक्तिभाव के साथ नंदोत्सव का आयोजन करता है और हमारा प्रयास रहता है कि नई पीढ़ी भी ब्रज की महान संस्कृति, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और सनातन परंपराओं से जुड़ सके।
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंघल, रविंदर गोयल, विशाल बंसल, विजय अग्रवाल, चंद्रमोहन बंसल, अंकुर अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल, कुलभूषण गुप्ता (राम भाई), सतीश अग्रवाल, दिलीप बंसल, जितेंद्र शर्मा, सुमित सिंघल, लक्ष्मण सिंघल, मनोज गुप्ता, नरेंद्र गर्ग, नितिन अग्रवाल, मयंक जैन, गिरीश अग्रवाल, विकास वर्मा, अमित पाराशर, विकल गर्ग, विकास जैन, संजय जैन आदि उपस्थित रहे।

महा प्रसादी और ब्रज के रास के साथ 18 वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन

 

महाप्रसादी और ब्रज की रास से गूंजा महालक्ष्मी मंदिर, भक्ति के रंग में हुआ श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन
मां महालक्ष्मी की आरती से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ, 7000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की महाप्रसादी

बाबा न्यूज़ 

आगरा। यमुना मैया के पावन तट पर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शनिवार को भक्ति, सेवा और ब्रज संस्कृति के मनोहारी संगम के साथ समापन हुआ। पांच दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित महा प्रसादी एवं सांस्कृतिक संध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। ब्रज के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण की रासलीला ने वातावरण को ब्रजधाम की अनुभूति से भर दिया।
समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा श्री देवी जी ट्रस्ट के राम मोहन कपूर, सतीश गोपाल कपूर, कपिल कपूर एवं तुषार कपूर ने मां महालक्ष्मी की आरती कर किया। आरती के दौरान मंदिर परिसर मां महालक्ष्मी के जयकारों से गूंज उठा।
समापन अवसर पर आयोजित विशाल महा प्रसादी में 7000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई।
महा प्रसादी की विशाल व्यवस्था को सुचारु रूप देने के लिए दर्जनों रोटी बनाने की मशीनें लगातार संचालित रहीं। सैकड़ों कार्यकर्ता सेवा भाव से भोजन तैयार करने, परोसने और श्रद्धालुओं तक प्रसाद पहुंचाने में जुटे रहे। प्रसाद में श्रद्धालुओं की पसंद और स्वाद का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि हर भक्त मां महालक्ष्मी के आशीर्वाद के साथ प्रेम और संतोष से महाप्रसादी ग्रहण कर सके।

ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण की रास से बांधा समां
महा प्रसादी के साथ आयोजित सांस्कृतिक संध्या में ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण की मनोहारी रास प्रस्तुत की। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और ब्रज की भक्ति परंपरा को कलाकारों ने नृत्य, संगीत और अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया।
मंच पर राधा-कृष्ण के स्वरूपों के आते ही श्रद्धालुओं में उत्साह छा गया। मुरली की धुन, ब्रज के लोक संगीत और कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के बीच पूरा मंदिर परिसर मानो ब्रजधाम में परिवर्तित हो गया।

पांच दिनों तक चला भक्ति और संस्कृति का उत्सव
श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों, निशान यात्रा, पोशाक यात्रा, भजन संध्या, मां महालक्ष्मी के फूल बंगला श्रृंगार, सतरंगी पोशाक एवं छप्पन भोग सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महामंत्री मनोज जैन और कोषाध्यक्ष अशोक सिंघल ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ना है। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर दिलीप बंसल, संजीव अग्रवाल, प्रीति पवन जैन, अमित अग्रवाल, सुमित, अजय, भोलानाथ अग्रवाल, कुशल बंसल, विनोद राठौर, अखिलेश, आशीष, गौरव, राकेश, नवीन, नीरज आदि उपस्थित रहे।

श्री मनः कामेश्वर मठ मंदिर में नंदोत्सव की धूम, बाल कलाकारों ने सजाया ब्रज का संसार

 

बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण रास और गोवर्धन लीला की दी मनोहारी प्रस्तुतियां, नंदोत्सव में गूंजे कान्हा के जयकारे

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आगरा। रावतपाड़ा स्थित श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर के श्रीनाथजी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित नंदोत्सव एवं सांस्कृतिक संध्या में ऐसा लगा मानो महादेव के आंगन में स्वयं ब्रज उतर आया हो। नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने राधा-कृष्ण के प्रेम, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज की भक्ति संस्कृति पर आधारित मनोहारी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर में गूंजते श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीनाथजी के समक्ष मधुराष्टकम पाठ से हुआ। इसके पश्चात बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में राधा-कृष्ण रास, श्रीकृष्ण जन्म, माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन लीला और ग्वाल-बालों के साथ कान्हा की बाल लीलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।
नन्हे कलाकारों के मंच पर आते ही पूरा वातावरण ब्रजमय हो गया। किसी ने कान्हा बनकर माखन चोरी की तो किसी ने राधा का स्वरूप धारण कर कृष्ण के साथ रास की मनोहारी छटा बिखेरी। राधा-कृष्ण रास की प्रस्तुति के दौरान शास्त्रीय एवं ब्रज संगीत की धुनों पर बच्चों की भाव-भंगिमाओं ने श्रद्धालुओं की खूब तालियां बटोरीं।
गोवर्धन लीला की प्रस्तुति में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण कर ब्रजवासियों की रक्षा करने का संदेश दिया। वहीं कालिया नाग मर्दन की प्रस्तुति ने भगवान श्रीकृष्ण के पराक्रम और धर्म की विजय का संदेश दिया।
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण राधा-कृष्ण रास रहा।
मठ-मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि नंदोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में ब्रज की परंपरा के अनुरूप मनाया गया। नंदोत्सव के अवसर पर बच्चों को खिलौने एवं प्रसाद वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर प्रस्तुत कराने का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति, ब्रज परंपरा और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेश से जोड़ना है।
श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, वात्सल्य, मित्रता और धर्म का संदेश देती हैं। बच्चों द्वारा इन लीलाओं की प्रस्तुति करना हमारी संस्कृति के संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सुंदर माध्यम है।
नंदोत्सव के समापन पर श्रीनाथजी की आरती हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

मनोज कुमार राठौर तैलिक महासंघ के उपाध्यक्ष बने

 

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आगरा। प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद, सीतापुर राकेश राठौर की सहमति से तैलिक महासंघ उत्तर प्रदेश द्वारा मनोज कुमार राठौर (आगरा) को उनके उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन, संगठन के प्रति समर्पण एवं सक्रिय योगदान को देखते हुए तैलिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है। लखनऊ में संगठन की बैठक में सांसद राकेश राठौर ने मुझे प्रदेश उपाध्यक्ष पद सम्मनित किया। उपाध्यक्ष बनने पर कोमल राठौर प्रदेश महासचिव, कृष्णा राठौर प्रदेश उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ
राजेंद्र राठौर, सुनील राठौर पूर्व पार्षद,मोहित राठौर ने हर्ष व्यक्त किया है।

कीर्तन और अरदास के साथ हुआ दर्शन ड्योढ़ी का उद्घाटन

 

कीर्तन और अरदास के साथ हुआ दर्शन ड्योढ़ी का उद्घाटन

गुरुद्वारा गुरु का ताल में दो वर्ष से चल रहा था दर्शन ड्योढ़ी का निर्माण कार्य

जल्द ही लंगर हॉल और आधुनिक रसोई के लिए शुरू होगा निर्माण कार्य

रिमझिम वर्षा के बीच कीर्तन करते हुए निकाली गई परिक्रमा

कीर्तन और अरदास के साथ गुरुद्वारा गुरु का ताल में बन रही दर्शन ड्योढ़ी संगत को हुई समर्पित 

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आगरा। पिछले 2 वर्ष से गुरुद्वारा गुरु का ताल में के मुख्य प्रवेश द्वार दर्शन ड्योढ़ी के निर्माण की कार सेवा चल रही थी। निर्माण पूरा होने के बाद 6 सितंबर रविवार को कीर्तन के साथ प्रभात फेरी निकाली गई । मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी की अगुवाई और निशान साहिब के सानिध्य में निकली यह कीर्तन परिक्रमा दर्शन ड्योढ़ी पर पहुंची। इसके बाद यहां कीर्तन हुआ और अरदास के बाद दर्शन ड्योढ़ी से संगत ने गुरुद्वारा गुरु का ताल में प्रवेश कर दर्शन ड्योढ़ी का औपचारिक उद्घाटन किया।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि पिछले दो वर्ष से इस दर्शन ड्योढ़ी का निर्माण चल रहा था ।गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार को विशेष रूप से भव्य बनाया गया है। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के ऐतिहासिक स्थान गुरुद्वारा गुरु का ताल की भव्यता में यह विशाल प्रवेश द्वार अवश्य ही एक नहत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां आने वाली संगत इस विशाल दर्शन ड्योढ़ी में प्रवेश करते हुए और अधिक गौरव की अनुभूति करेगी।

विशाल प्रवेश द्वार पर नहीं होगा कोई द्वार

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा गुरु का ताल की दर्शन ड्योढ़ी हो या फिर गुरुद्वारा परिसर के भीतर गुरुद्वारे में प्रवेश करने की मुख्य सीढ़ियां पर बना द्वार हो ,किसी में भी कोई दरवाजा नहीं लगाया गया है ।मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी का कहना है कि गुरुद्वारा के द्वार हर धर्म ,जाति ,वर्ग के लिए हर समय खुले हैं लिहाजा यहां कोई भी दरवाजा नहीं बनाया गया है ।कोरोना काल के दौरान भी गुरुद्वारा साहिब को एक दिन के लिए भी बंद नहीं किया गया था और उसे समय जरूरतमंद वह अन्य शहरों के लिए पैदल गुजर रही संगत के लिए लंगर भी यहां लगातार जारी रहे।

लंगर हॉल का होगा विस्तार, बनेगी अत्याधुनिक रसोई

गुरुद्वारा गुरु का ताल में लगातार स्थानीय व बाहरी संगत की आवाजाही में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लंगर हॉल के विस्तार किए जाने की योजना बनाई गई है। संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया पिछले कुछ वर्षों में बाहरी प्रदेशों से संगत व पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है साथ ही स्थानीय स्तर पर भी विभिन्न गुरु पर्वों पर संगत की संख्या काफी रहती है। जिसके चलते लंगर के दौरान संगत को इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए गुरुद्वारा गुरु का ताल ने लंगर हॉल की क्षमता को दुगना किए जाने की योजना बनाई है। जिसके लिए लंगर हॉल का विस्तार किया जाएगा साथ ही एक अत्याधुनिक रसोई के निर्माण की भी योजना बनाई गई है ।जिसमें नवीनतम तकनीकों के आधार पर मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा, साथ ही गैस के स्थान पर भाप से लंगर बनाए जाने की नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लंगर तैयार किया जाएगा। जल्द ही इन दोनों प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

यह रहे उपस्थित

दर्शन ड्योढ़ी के उद्घाटन अरदास के दौरान गुरुद्वारा गुरु का ताल के जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया ,बाबा अमरीक सिंह ,ग्रंथि हरबंस सिंह ,अजायब सिंह टीटू, महंत हरपाल सिंह ,जोगा सिंह ,ज्ञानी केवल सिंह, श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान कवलजीत सिंह , गुरुद्वारा माईथान के हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह, सरदार दलजीत सिंह सेतिया ,श्याम भोजवानी, वीर महेंद्र पाल सिंह ,अवनीत कौर ,गुरमीत सिंह सेठी, लकी सेतिया आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

संसद में नहीं,विद्यालय की कक्षाओं में लिखा जाता है देश का भविष्य

 

 

राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर शुरू हुआ मंथन
ईशान कालेज में राष्ट्रीय कार्यशाला और अभ्यास वर्ग का शुभारंभ
बाबा न्यूज
आगरा। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर केंद्रित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शिक्षा संस्कृति उपन्यास ब्रज प्रांत एवं ईशान कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वाधान में संस्थान के विवेकानंद आॅडिटोरियम में हुआ।
प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख और संस्थान के निदेशक संजय अग्रवाल ने किया।
मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख ( दीन दयाल उपाध्याय गौ विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र परखम ) ने कहा कि हर समाज के पीछे कोई न कोई शक्ति रहती है जो विकास और प्रगति का आधार बनती है।
उन्होंने कहा कि हर जगह जन्माष्टमी महोत्सव दो दिन मनाया जाता है अत: आज आंशिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस भी है हमारे जीवन की प्रगति के लिए जो शिक्षा होती है वही दीक्षा है।
चैतन्य महाप्रभु महाराज ने हरे रामा हरे कृष्णा महामंत्र देकर संपूर्ण समाज को जागृत कर समाज के लिए बहुत बड़ा कार्य किया। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण को भगवान बनाने में उनके अतुलनीय जीवनचरित्र का बहुत बड़ा महत्व है राम से भगवान राम बनना और कृष्णा से भगवान कृष्ण बनना उनके समाज हितकारी और अलौकिक कार्यों का परिणाम है।
जेन अल्फा पीढ़ी को शिक्षित करना बहुत ही चुनौती पूर्ण : संजय अग्रवाल
ईशान कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट संस्थान के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने व्यवहारिक शिक्षा पर जोर देते हुए शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और विद्यार्थियों की समझ पर आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान जेन जी और जेन अल्फा पीढ़ी को शिक्षित करना बहुत ही चुनौती पूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र का भविष्य संसद में नहीं बल्कि विद्यालयों की कक्षाओं में लिखा जाता है।
प्रथम सत्र में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का न्यास का परिचय पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्रीय संयोजक डॉ राजकुमार शर्मा एवं डॉ शिव ओम सिंह ने सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक पक्ष रखा।
द्वितीय सत्र में कार्यकर्ता निर्माण एवं विकास विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगरा के विभाग कार्यवाह सुनील दीक्षित, न्यास के प्रांतीय संयोजक डॉ मनु प्रताप एवं डॉ योगेश शर्मा ने सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक पक्ष अपने विचार व्यक्त किए।
प्रो. रीता निगम, नीरा शर्मा ने रखा व्यवहारिक पक्ष
तृतीय सत्र में प्रो रीता निगम एवं प्रो नीरा शर्मा ने कार्य का क्रियान्वयन एवं चुनौतियां विषय पर सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक पक्ष रखा।

यह अतिथि रहे उपस्थित
इसके अतिरिक्त मंचासीन अतिथियों में शिक्षा संस्कृत उत्थान न्यास के क्षेत्रीय संयोजक डॉ राजकुमार शर्मा, प्रांतीय संयोजक डॉ मनु प्रताप, सह संयोजक डॉ विवेक कुमार,कार्यशाला के संयोजक प्रो .दीपक सिंह छोंकर,संस्थान की मुख्य ट्रस्टी मंजरी अग्रवाल, कार्यशाला की समन्वयक प्रो.रीता निगम, डॉ प्रदीप सिरोठिया, डॉ संजू सिसोदिया, युग दीप शर्मा, डॉ भूपेंद्र सिंह डॉक्टर चंद्रवीर सिंह डॉक्टर महेश जोशी, डॉ धर्मेंद्र सिंह तोमर, डॉ रामकुमार, डॉ सारांश वशिष्ठ,डॉक्टर रेखा पांडे डॉ. भूपेंद्र रत्न डॉ अभिषेक मिश्रा रोहित शाक्य, कवि प्रदीप वैरागी, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्रज प्रांत सहसंयोजक डॉक्टर अवधेश कुमार शर्मा ने किया।