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हसनगंज में लोगों ने धरना प्रदर्शन कर समस्या उठाई:बांध कटने से कई गांवों में जलभराव का खतरा, ग्रामीणों ने चौकी पर किया धरना

उन्नाव में हसनगंज तहसील क्षेत्र के हरचंदपुर, मानपुर, विधपुर समेत आधा दर्जन गांवों के लोग इकट्ठा होकर अजगैन कोतवाली क्षेत्र के नवाबगंज चौकी पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद अजगैन कोतवाली प्रभारी ने लोगों को समझा-बुझाकर गांव भेज दिया। लोगों ने बताया कि बारिश के कारण एक बंद गांव के समीप बनाया गया था, जिसे कुछ अराजक तत्वों ने काट दिया है। इससे पानी गांव समेत दर्जनों गांवों में घुस सकता है, जिससे उनका आना-जाना और रहना दुश्वार हो सकता है। वहीं, राजस्व टीम गांव पहुंचकर बंद को जेसीबी की मदद से फिर से बनवाने का कार्य कर रही है।

प्रयागराज को मिलेंगी दो बड़ी सड़क परियोजनाएं:8,300 करोड़ से ज्यादा की लागत से सुधरेगी कनेक्टिविटी, 49.655 किमी लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

प्रयागराज मंडल में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दो बड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में एनएचएआई की प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को लेकर मंडल स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में चित्रकूट-राजापुर-प्रयागराज 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और लेप्रोसी चौराहा से मिर्जापुर बाईपास तक एनएच-35 के चौड़ीकरण समेत दक्षिण प्रयागराज की वैकल्पिक कनेक्टिविटी पर विस्तार से चर्चा हुई। 3,820.96 करोड़ से बनेगा 49.655 किमी लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बैठक में चित्रकूट से राजापुर होते हुए प्रयागराज तक 49.655 किलोमीटर लंबे 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग की परियोजना पर चर्चा की गई। करीब 3,820.96 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से चित्रकूट-राजापुर-प्रयागराज के बीच सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी। नया मार्ग मौजूदा आबादी वाले क्षेत्रों और यातायात बाधाओं से अलग वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराएगा। इससे यात्रा का समय और वाहनों के परिचालन खर्च में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही चित्रकूट धाम, राजापुर और प्रयागराज जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन, कृषि, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। एनएच-35 का 80.791 किमी हिस्सा होगा फोरलेन दूसरी बड़ी परियोजना के तहत लेप्रोसी चौराहा, प्रयागराज से मिर्जापुर बाईपास तक 80.791 किलोमीटर लंबे एनएच-35 को 2-लेन से 4-लेन में अपग्रेड किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4,495.43 करोड़ रुपये है। इसमें आवश्यक रियलाइन्मेंट और बाईपास भी प्रस्तावित हैं। परियोजना पूरी होने के बाद प्रयागराज-मिर्जापुर मार्ग की यातायात क्षमता बढ़ेगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन भी अधिक सुगम होगा। कृषि उत्पादों, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक सामान की आवाजाही बेहतर होने से क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय स्तर पर हो चुका है अलाइनमेंट का फैसला बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दोनों परियोजनाओं के अलाइनमेंट से संबंधित निर्णय मंत्रालय स्तर पर लिया जा चुका है। मंडल स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों ने परियोजनाओं का लेआउट प्रस्तुत किया और विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। दक्षिण प्रयागराज को जोड़ने पर मंडलायुक्त का जोर लेआउट का अवलोकन करने के बाद मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने दक्षिण प्रयागराज की कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कनेक्टिविटी मुख्य रूप से उत्तरी प्रयागराज की ओर है, जबकि दक्षिण प्रयागराज में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सड़क संपर्क जरूरी है। उन्होंने परियोजना से जुड़े संभावित मार्गों और कनेक्टिविटी को दक्षिण प्रयागराज से जोड़ने की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए। इस संबंध में मंत्रालय को उनके स्तर से पत्र भेजने के भी निर्देश दिए गए। एयरोसिटी, नैनी इंडस्ट्रियल हब और मेट्रो से कनेक्टिविटी का सुझाव प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्टिविटी को प्रस्तावित एयरोसिटी, नैनी के इंडस्ट्रियल एरिया हब, मेट्रो अलाइनमेंट और नैनी स्थित लेप्रोसी चौराहा से बेहतर तरीके से जोड़ने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इन कनेक्टिविटीज का बेहतर समन्वय और एकीकरण होने से क्षेत्र में औद्योगिक, वाणिज्यिक और आर्थिक गतिविधियों को और गति मिल सकती है। माघ मेला और कुंभ में ट्रैफिक डायवर्जन पर भी चर्चा बैठक में माघ मेला और कुंभ के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। मिर्जापुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को यदि प्रयागराज शहर में प्रवेश नहीं दिया जाता है तो वैकल्पिक मार्ग से यातायात डायवर्ट करने की जरूरत होगी। इस पर एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि रिंग रोड के माध्यम से ऐसी कनेक्टिविटी पर पहले से काम किया जा रहा है। मेला अवधि में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिरसा क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने और मौजूदा ब्राउनफील्ड मार्ग को बेहतर करने का सुझाव भी दिया गया। इससे माघ मेला और कुंभ के दौरान वाहनों के प्रभावी डायवर्जन के साथ शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकेगी। 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर दोनों प्रमुख परियोजनाओं की अनुमानित लागत को मिलाकर यह निवेश 8,316.39 करोड़ रुपये से अधिक का है। इन परियोजनाओं के साथ दक्षिण प्रयागराज की कनेक्टिविटी को भी बेहतर किए जाने की संभावनाओं से आने वाले समय में प्रयागराज मंडल में सड़क नेटवर्क, औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटन और क्षेत्रीय व्यापार को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवा में समिति का सहयोग:अग्रवाल महिला समिति ने महिला अस्पताल को भेंट की ऑक्सीमीटर मशीनें

गोरखपुर में अग्रवाल महिला समिति की ओर से सामाजिक सेवा एवं जनहित के उद्देश्य से जिला महिला अस्पताल को ऑक्सीमीटर मशीनें प्रदान की गईं। समिति की इस पहल का उद्देश्य अस्पताल आने वाली महिलाओं और अन्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग करना है। समिति की अध्यक्ष रजनी अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा समाज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। ऑक्सीमीटर जैसे जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होने से मरीजों के ऑक्सीजन स्तर की नियमित निगरानी करने में चिकित्सकीय टीम को सुविधा मिलेगी। जरूरतमंदों की मदद को जारी रहेंगे सेवा कार्य समिति की ओर से बताया गया कि अग्रवाल महिला समिति समय-समय पर समाज और जरूरतमंद लोगों के हित में विभिन्न सेवा कार्य करती रहती है। भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य निरंतर किए जाएंगे। जिला महिला अस्पताल के अधिकारियों और चिकित्सकीय स्टाफ ने समिति के सहयोग के लिए आभार जताते हुए सेवा कार्यों की सराहना की। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहयोग इस अवसर पर समिति की सदस्याएं सावित्री दास, रेणु कंदोई, रुचि अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, नेहा जैन, नम्रता जैन, रितु अग्रवाल आदि मौजूद रहीं। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए इस तरह के सेवा कार्य आगे भी जारी रहेंगे।

‘गल्ला मंडी में हनुमंत विहार थाना फिर भी होती चोरी’:DCP साउथ से बोले व्यापारी- गश्त बढ़ायी जाए, आधा दर्जन दुकानों में हुई थी चोरी

कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में नवीन गल्लामंडी में 31 अगस्त की देर रात 6 दुकानों में चोरी हुई। इस घटना के खुलासे की मांग को लेकर गुरुवार को व्यापारी डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी से मिलने पहुंचे। व्यापारियों ने गल्ला मंडी के अंदर पुलिस गश्त बढ़ाने जाने की मांग की। व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा ने कहा कि पहले भी मंडी में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, जिनक अब तक खुलासा नही हुआ है, जिससे व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार सुबह कारोबारियों को हुई थी चोरी की जानकारी गल्लामंडी में महेश दलाल की दाल की आढ़त है। इसके साथ ही रोहित उर्फ चिंटू की गल्ला, अभय की मूंगफली, राजू मुनीम की गुड़ की आढ़ते हैं। मंगलवार सुबह आढ़ती मंडी पहुंचे तो चार कारोबारियों सहित छह दुकानों के ताले टूटे पड़े थे, जिसमें महेश के दुकान में रखे 1.25 लाख रुपये, हरिकिशन की दुकान से 25 हजार, अभय की दुकान से 1500, राहुल की दुकान से 4000 रुपये गायब थे। रात भर बारिश होने के चलते चोर माल नहीं ले जा सके। घटना की जानकारी के बाद हनुमंत विहार पुलिस ने जांच–पड़ताल कर रिपोर्ट दर्ज की थी। गुरुवार को कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष अनुराग जायसवाल और भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के दक्षिण अध्यक्ष कमल त्रिपाठी के नेतृत्व में एक दर्जन व्यापारी घटना के खुलासे की मांग को लेकर डीसीपी साउथ से मिलने पहुंचे। व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा ने कहा कि नौबस्ता गल्ला मंडी परिसर में हनुमंत विहार थाना होने के बावजूद गश्त नहीं होती है, जिसका नतीजा है कि पूर्व में भी कई चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, जिनका खुलासा नहीं हुआ है। बढ़ती घटनाओं के कारण मंडी का व्यापार प्रभावित हो रहा है और व्यापारियों में भय का माहौल है। यह व्यापारी रहे शामिल जिलाध्यक्ष अनुराग जायसवाल व जिला वरिष्ठ महामंत्री गोपाल शुक्ला ने कहा कि कई व्यापारी चोरी के डर से दुकानें नहीं खोल रहे है। व्यापारियों ने जल्द से जल्द घटना के खुलासे की मांग की। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया, मार्बल मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन गौड़, के के गुप्ता, आशीष मिश्र, प्रखर श्रीवास्तव, अर्जित गुप्ता, राजेन्द्र मिश्र समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

सहसवान में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित:राजकीय महाविद्यालय में युवाओं की भूमिका पर हुई चर्चा

बदायूं में सहसवान के संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के तत्वावधान में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, चरित्र निर्माण, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को लेकर वक्ताओं ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि देश की युवा शक्ति को सही दिशा और संस्कार देकर ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम से पूर्व महाविद्यालय परिसर में ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्धिक शिक्षण प्रमुख नरेंद्र और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिक्षकों ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। छात्रा गुलिस्तां ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने कहा कि युवाओं के चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देकर समाज को सही दिशा दी जा सकती है। यदि युवा संस्कारवान, अनुशासित और जिम्मेदार बनेंगे तो राष्ट्र निर्माण का मार्ग और मजबूत होगा। मुख्य वक्ता नरेंद्र ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। देश का युवा एकजुट, जागरूक और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहेगा तो भारत को सशक्त राष्ट्र बनने से कोई रोक नहीं सकता। विभाग प्रचारक सुधांशु ने कहा कि युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाने के लिए युवाओं से निरंतर संवाद जरूरी है। युवाओं के विचारों, अपेक्षाओं और समस्याओं को समझकर ही उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया जा सकता है। बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं मन्तशा और अलैना ने युवाओं के दायित्व और देश के सामने मौजूद विभिन्न समस्याओं को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक होकर देशहित में योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. शुभ्रा शुक्ला, डॉ. नीति सक्सेना, डॉ. सुरजीत सिंह मौर्य, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. ब्रह्मस्वरूप सिंह, डॉ. सूर्य प्रताप गौतम सहित शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ।

LDA की संपत्ति हड़पने का आरोपी गिरफ्तार:मकान के फर्जी दस्तावेज बनाकर 35 लाख रुपए में बेचकर 4 साल से फरार था

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की लाखों रुपए की संपत्ति को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने और बेचने के मामले में क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने करीब चार साल से फरार आरोपी सचिन सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और संपत्ति की बिक्री से मिली रकम में हिस्सा लेने का आरोप है। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया आजमगढ़ सदर निवासी मधवेश कुमार एलडीए में उपसचिव के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने दिसंबर 2022 में फर्जी कागजों से जमीन बेचने का मुकदमा दर्ज कराया था। शिवानी के नाम दर्ज कराई गई संपत्ति जांच में सामने आया कि एलडीए के पोर्टल पर संपत्ति से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए। इन दस्तावेजों में दिखाया गया कि गोमतीनगर विराज खंड स्थित 2/81 एलडीए ने साल 2000 में शिवानी रस्तोगी को आवंटित किया था। हालांकि, एलडीए की जांच में दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए गए। शिवानी रस्तोगी ने इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 28 अक्टूबर 2020 को संपत्ति का खरीदकर वैष्णवी सोनी के पक्ष में दिया गया। विवेचना में सामने आया कि एलडीए के निलंबित कनिष्ठ लिपिक अजय प्रताप वर्मा ने भी संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड को फर्जी तरीके से कंप्यूटरीकृत करने में भूमिका निभाई थी। 35 लाख में आगे बेच दी गई संपत्ति पुलिस के मुताबिक, वैष्णवी सोनी ने बाद में इस संपत्ति को 35 लाख रुपए में रंजना देवी को बेच दिया। संपत्ति की बिक्री से मिली रकम वैष्णवी सोनी के बैंक खाते में पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि बेचने के बाद मिली हुई रकम के लाभांश का एक हिस्सा आरोपी सचिन सिंह के बैंक खाते में पहुंचा था। इसी आधार पर पुलिस को सचिन के शामिल होने का पता चला। होटल में बनती थी फर्जीवाड़े की योजना पुलिस के अनुसार, सचिन सिंह पहले विभूतिखंड स्थित होटल जेएमडी इन का संचालन करता था। जांच में जानकारी मिली कि होटल में ही सह-आरोपियों के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने और संपत्ति हड़पने की योजना बनाई गई थी। मामले में नाम सामने आने के बाद सचिन गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था। मौजूदा समय में वह ललितपुर में एक डैम का ठेका लेकर मत्स्य पालन का कारोबार कर रहा था। क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध ब्रांच ने सर्विलांस और टेक्निकल सबूतों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद 1 सितंबर 2026 को जेहटा दुबग्गा निवासी सचिन सिंह (36) को गोमतीनगर विस्तार स्थित छोटा भरवारा में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में 5 आरोपियों की भूमिका सामने आई पुलिस के मुताबिक, इस प्रकरण में कुल पांच आरोपियों की संलिप्तता सामने आई थी। इनमें से तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। वहीं, करीब चार साल से फरार चल रहा अंतिम वांछित आरोपी सचिन सिंह अब पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।

बीडी जैन कन्या महाविद्यालय का गौरवशाली है इतिहास: प्रो. वंदना अग्रवाल

छात्राओं अनुशासन व गरिमा बनाए रखते हुए अध्ययन करें: प्रो. अनुराधा गुप्ता
बाबा न्यूज
आगरा। श्रीमती बी.डी. जैन कन्या महाविद्यालय में चार दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन छात्र कल्याण परिषद द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर प्रारम्भ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. वंदना अग्रवाल ने महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया। नवांगतुक छात्राओं को सम्बोधित करते हुए उन्हें शुभाशीष एवं शुभकामनाएँ दी। इस क्रम में छात्राओं को महाविद्यालय में संचालित समस्त संकायों के प्रभारियों से अवगत कराया तथा प्रवक्ताओं द्वारा अपने-अपने विषय की जानकारी छात्राओं को दी गयी।
कार्यक्रम में अनुशासन समिति की मेंटर प्रो. अनुराधा गुप्ता ने छात्राओं को अनुशासन सम्बन्धी नियमों की जानकारी देते हुए महाविद्यालय की ड्रेस कोड का विवरण दिया तथा छात्राओं को अनुशासन व विद्यार्थी गरिमा बनाए रखते हुए अध्ययन में संलग्न रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय में चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों तथा योजनाओं के विषय में जानकारी देते हुए एन.सी.सी. की प्रभारी प्रो. नीलम कांत ने एनसीसी के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसी क्रम में एनएसएस की प्रभारी डॉ. अजरा, डॉ. अमिता वर्मा ने कहा कि एनएसएस किस प्रकार से समाज के प्रति दायित्वों का निर्वहन करना सिखाता है। डॉ. अंकिता तिवारी ने रोवर्स रेंजर्स के विषय में छात्राओं को जानकारी दी।
डॉ. अनीता रानी ने छात्राओं को छात्रवृत्ति की जानकारी देते हुए कहा कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं से हमारी छात्राएँ लाभान्वित हो सकती हैं। महाविद्यालय में चल रहे कोर्स की अध्यापिका निशा परवीन ने जानकारी दी। महाविद्यालय में चल रहे व्यावसायिक कोर्सआदि के विषय में छात्राओं को प्रो. अनुराधा गुप्ता ने अवगत कराया तथा ही महाविद्यालय की साहित्यिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी छात्राओं को दी।
कार्यक्रम का संचालन छात्र कल्याण परिषद की प्रभारी प्रो. अनुराधा गुप्ता ने किया गया। परिषद के सभी सदस्य प्रो. अनीता शर्मा, डॉ. नीलम, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. सुरभि सत्याभा, डॉ. सोनिया इत्यादि ने पूर्ण रूप से सहयोग किया। महाविद्यालय की सम्माननीय प्रवक्ताये उपस्थित रही।

 

पौधारोपण में गड़बड़ी पर भाकियू भानू ने DFO दफ्तर घेरा:हरख रेंज में 16-20 हजार पौधे गायब होने का आरोप, 3 कर्मचारी हटाए गए

बाराबंकी में बस स्टेशन के सामने स्थित प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का घेराव कर धरना दिया और वन विभाग पर पौधारोपण अभियान में लापरवाही, अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कागजों में हजारों पौधे लगाने का आरोप भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी के नेतृत्व में किसान नेताओं ने हरख रेंज समेत अन्य स्थानों पर पौधारोपण के आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजों में कहीं 16 हजार तो कहीं 20 हजार पौधे लगाए जाने का दावा किया गया है, जबकि धरातल पर पौधे नजर नहीं आ रहे हैं। किसान नेताओं का आरोप है कि जिले में एक ही जमीन पर बार-बार हजारों पौधे लगाए जाने का दावा कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नारेबाजी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और प्रदर्शन की सूचना पर सीओ सिटी संगम कुमार और नगर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक मान-मनौव्वल के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
तीन कर्मचारी हटाए गए, विभागीय जांच जारी डीएफओ ने बताया कि पौधारोपण में अनियमितता के आरोपों की विभागीय जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने पर तीन कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को जांच के आधार पर आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी अधिकारियों के आश्वासन और जांच के भरोसे के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बमुश्किल धरना समाप्त कराया। भाकियू भानू ने चेतावनी दी कि यदि पौधारोपण के नाम पर हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

नोएडा में स्वाइन फ्लू के 105 नए मामले:मरीजों की संख्या पहुंची 120, निजी अस्पतालों में कराई गई जांच

नोएडा में मंगलवार को स्वाइन फ्लू के 105 नए मामले सामने आने के बाद मरीजों की संख्या बढ़कर 120 पहुंच गई। सोमवार को जिले में स्वाइन फ्लू के केवल 15 मरीज दर्ज थे। 24 घंटे के भीतर मामलों में हुई इस तीव्र बढ़ोतरी से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को सामने आए सभी 120 मामलों की जांच निजी अस्पतालों में कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों से मरीजों की रिपोर्ट और अन्य आवश्यक जानकारी जुटा रहा है। साथ ही, सभी मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उन्हें उचित उपचार मिले। विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कदम उठाए हैं। बुखार खांसी होने पर ले डॉक्टरी परामर्श
एक दिन में 105 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक, लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षणों को लेकर अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है। बुखार, खांसी और गले में खराश इसके शुरूआती लक्षण हो सकते हैं। शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी भी इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की जा रही है।

जमाखोरी की वजह से बढ़ रहे चीनी के दाम:चीनी मिल एसोसिएशन का दावा, एथानाल की वजह से नहीं बढ़ रहे चीनी के दाम

उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने चीनी की बढ़ी कीमतों की वजह इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के लिए चीनी का डाइवर्जन मानने से इंकार कर दिया है। एसोसिएशन ने कहा है कि ये बेबुनियाद और तथ्यों से परे है। एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है। मिलों के पास चीनी का अच्छा भंडार है। हाल के दिनों में चीनी के दामों में अचानक आए उछाल की वजह जमाखोरी है। एसोसिएशन के अनुसार, उसकी सभी सदस्य मिलों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। राज्य भर की सदस्य मिलों के पास त्योहारों के मौसम और रोजमर्रा की घरेलू खपत की जरूरतों को आसानी से पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी का भंडार है। चीनी मिल एसोसिएशन राज्य और केंद्र के संबंधित पदाधिकारियों के लगातार संपर्क में है और निर्देशानुसार काम कर रहा है, ताकि मांग और पॉलिसी की जरूरतों के हिसाब से समय पर कार्रवाई होती रहे। प्रेस नोट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चीनी की कीमतों की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जमाखोरी व गलत जानकारी फैलाकर मौजूदा हालात का गलत फायदा उठाने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश देश में चीनी का बड़ा उत्पादक राज्य है। प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें हैं, जिनमें से 95 निजी क्षेत्र में हैं। ये मिलें सामूहिक रूप से घरेलू चीनी सप्लाई की एक अहम रीढ़ हैं। एसोसिएशन ने चीनी की संभावित कमी की बात को मनगढ़ंत अफवाह बताया है और उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे गलत जानकारी पर विश्वास न करें। भारत सरकार के निर्णायक समर्थन, रेगुलेटरी ढांचे तथा उद्योग और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवर्तन अधिकारियों के बीच लगातार तालमेल के साथ प्रदेश का चीनी उद्योग बाजारों में स्थिरता और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।