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सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने पर मौलाना मदनी नाराज:बोले- बुलडोजर न्याय नहीं, बदले और नफरत की राजनीति का प्रतीक बन गया है

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित प्राचीन मस्जिद को शनिवार सुबह करीब 5 बजे ध्वस्त किए जाने के मामले में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि अगर संविधान और कानून सभी नागरिकों के लिए समान हैं, तो उनके लागू होने में दोहरा मापदंड क्यों दिखाई देता है। मदनी ने आरोप लगाया कि बुलडोजर अब न्याय के बजाय बदले, भेदभाव और नफरत की राजनीति का प्रतीक बन गया है। मौलाना मदनी ने कहा कि सहारनपुर की घटना को सिर्फ एक मस्जिद के ध्वस्तीकरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह मामला संविधान की सर्वोच्चता, कानून के शासन, धार्मिक स्वतंत्रता, नागरिक समानता और प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को बराबरी और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, ऐसे में किसी धार्मिक स्थल के मामले में कार्रवाई करते समय समान कानूनी मापदंड अपनाया जाना चाहिए। 1991 के पूजा स्थल अधिनियम और वक्फ कानून का हवाला मौलाना मदनी ने 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि यह कानून अभी अस्तित्व में है। ऐसे में मस्जिद को लेकर हुई प्रशासनिक कार्रवाई गंभीर कानूनी सवाल खड़े करती है। उन्होंने नए वक्फ कानून में वक्फ-बाई-यूजर के प्रावधान का भी उल्लेख किया। मदनी के मुताबिक, मस्जिद का वक्फ बोर्ड में पंजीकरण भी है और इसका पंजीकरण नंबर 451 बताया गया है। उन्होंने जमीन के स्वामित्व को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि जमीन शुरू से याकूब खान और वहीद खान के नाम दर्ज रही है। मदनी ने सवाल किया कि यदि जमीन के रिकॉर्ड और मस्जिद के वक्फ से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे तो इसके बावजूद प्रशासन ने किस आधार पर कार्रवाई की? बोले- अतिक्रमण है तो कार्रवाई का मापदंड सबके लिए समान हो मौलाना मदनी ने कहा कि यदि अतिक्रमण या अवैध कब्जा प्रशासनिक कार्रवाई का आधार है तो यही मापदंड हर धर्म और हर वर्ग के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कारणों के जरिए एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी जमीन, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से धार्मिक निर्माण मौजूद हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या प्रशासन उन सभी मामलों में भी इसी तरह की कार्रवाई करता है। मदनी ने कहा कि यदि एक धार्मिक स्थल के मामले में असाधारण सख्ती की जाती है और दूसरे मामलों में अलग रवैया अपनाया जाता है तो इससे समानता और निष्पक्षता के सिद्धांत पर सवाल खड़े होते हैं। धार्मिक स्थल का विवाद है तो फैसला अदालत में होना चाहिए मदनी ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल की जमीन या मिल्कियत को लेकर विवाद है तो उसका फैसला अदालत में होना चाहिए। उनके मुताबिक ऐतिहासिक दस्तावेज, लंबे समय से धार्मिक उपयोग और मौके से जुड़े तथ्यों को भी कानूनी प्रक्रिया के दौरान देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद कमेटी की ओर से अदालत में कई ऐतिहासिक दस्तावेज पेश किए गए थे। कमेटी का दावा रहा है कि मस्जिद कलेक्ट्रेट की मौजूदा इमारत से भी पुरानी है। मदनी के मुताबिक कमेटी ने 1911 से जुड़े दस्तावेज, नगरपालिका रिकॉर्ड और पुराने राजस्व अभिलेख भी अदालत के सामने रखे थे। मौलाना मदनी का आरोप है कि इन दस्तावेजों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। हालांकि, इन दावों और दस्तावेजों की कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया में ही होना है। ‘सदी से ज्यादा समय से नमाज हुई तो ऐतिहासिक तथ्य भी देखें’ मदनी ने कहा कि यदि किसी स्थान पर एक सदी से अधिक समय से नमाज होती रही हो और पीढ़ियों से लोग उसे मस्जिद के रूप में इस्तेमाल करते रहे हों, साथ ही उसके प्राचीन होने से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध हों, तो इन सभी तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल से जुड़ा कोई भी विवाद कानून के अनुसार हल होना चाहिए और प्रशासन को कार्रवाई से पहले उपलब्ध दस्तावेजों और सभी संबंधित तथ्यों पर विचार करना चाहिए। ‘भारत किसी एक धर्म या वर्ग का देश नहीं’ मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि भारत किसी एक धर्म या वर्ग का देश नहीं है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दूसरे धर्मों एवं आस्थाओं के लोग देश के समान नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि संविधान ने किसी नागरिक को प्रथम श्रेणी और किसी को दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं बनाया है। मदनी ने सवाल उठाया कि प्रशासन की कार्रवाई से ऐसा एहसास क्यों पैदा हो रहा है कि किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान न्याय के मापदंड को प्रभावित कर रही है। ‘सरकार से रियायत नहीं, समान न्याय मांग रहे’ मदनी ने कहा कि मुस्लिम समाज सरकार से किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहा है। उनकी मांग केवल समान न्याय की है। उन्होंने कहा कि यदि कानून सभी धार्मिक स्थलों के लिए है तो उसका इस्तेमाल भी सभी के लिए एक समान होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जो कानून मस्जिद के लिए लागू होता है, वही दूसरे धार्मिक स्थलों के मामले में क्यों नहीं लागू होना चाहिए। मौलाना मदनी ने कहा कि संविधान और कानून यदि सभी नागरिकों के लिए हैं तो उनका संरक्षण और क्रियान्वयन भी समान होना चाहिए। सहारनपुर की घटना को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई, अदालत में चल रही प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की स्थिति पर आगे की तस्वीर साफ होगी।

बॉयफ्रेंड के घर नाबालिग लड़की का हंगामा:शादी की जिद पर अड़ी, बोली- 3 साल से रिलेशन, कई बार शारीरिक संबंध बनाया

मुजफ्फरनगर में शनिवार को एक नाबालिग लड़की बॉयफ्रेंड के घर पहुंच गई। निकाह करने की जिद करने लगी। वह लड़के के घर की चौखट पर बैठ गई। लड़की ने आरोप लगाया युवक करीब तीन साल से उसे शादी करने का भरोसा देता रहा। इसी दौरान उसने उसके साथ संबंध भी बनाए। लड़की का कहना है कि इसी बात को लेकर वह युवक के घर पहुंची है। उससे निकाह करना है। मामला बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र का है। वीडियो में निकाह की जिद करती दिखी युवती वीडियो में लड़की घर की चौखट पर बैठी दिखाई दे रही है। वह कहती सुनाई दे रही है कि उसे आरिश से अभी निकाह करना है और जब तक निकाह नहीं होगा, वह वहां से नहीं जाएगी। आरोप लगाया कि युवक के परिवार के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। उसका दावा है कि 3 से 4 लड़कियों ने उसके साथ हाथापाई की। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना देने के लिए 112 नंबर पर कॉल किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि हंगामे और विवाद के बाद आरोपी युवक मौके से निकल गया। पुलिस लड़की की शिकायत और आरोपों की जांच कर रही है।

नाबालिग को बंधक बनाकर डेढ़ साल तक रेप:हापुड़ से बहलाकर ले गया था साथ, गाजियाबाद का आरोपी गिरफ्तार

एक नाबालिग लड़की को डेढ़ साल तक बंधक बनाकर रेप करने का मामला सामने आया है। गाजियाबाद के एक युवक पर यह आरोप है। कोतवाली देहात पुलिस ने आरोपी कुनाल को गिरफ्तार कर लिया है। नगर के एक मोहल्ला निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि 5 नवंबर 2024 को उसकी 17 वर्षीय बेटी को आरोपी कुनाल एलएन रोड से बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। उस समय पीड़िता की उम्र करीब 15 साल थी। आरोप है कि कुनाल ने नाबालिग को करीब डेढ़ साल तक अपने घर में जबरन रखा। इस दौरान उसे नशे के इंजेक्शन लगाए गए, शराब पिलाई गई और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट भी की गई। महिला का आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ गलत काम किया। उसने पीड़िता के कपड़े उतारकर वीडियो भी बना लिया था। पीड़िता किसी तरह 6 मई 2026 को आरोपी के कब्जे से निकलकर अपने घर पहुंची। घर लौटने पर उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी, इसलिए तुरंत शिकायत नहीं हो पाई। बाद में बेटी ने मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद महिला ने 2 सितंबर को हापुड़ देहात थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि शनिवार को आरोपी कुनाल निवासी शास्त्री नगर, थाना कविनगर, गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता के बयान और बाकी सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर में स्वाइन फ्लू से पहले मरीज की मौत:पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हुआ खुलासा, दूसरे मरीज का हैलट के वेंटीलेटर पर चल रहा इलाज

कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कन्नौज निवासी 30 साल के शिवम की स्वाइन फ्लू से मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने इलाज में लापवरवाही का आरोप लगाते हुए शव के पोस्टमॉर्टम की मांग की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद जांच रिपोर्ट आने पर शनिवार को साफ हुआ कि शिवम की इलाज में लापरवाही नहीं, बल्कि स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी ने इसकी एक रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। स्वाइन फ्लू पेशेंट की मौत की जानकारी मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ 55 साल के दूसरे स्वाइन फ्लू पेशेंट का हैलट अस्पताल के वेंटीलेटर पर इलाज चल रहा है। मरीज की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट कन्नौज के ग्राम तेरा जाकेट गुरसहायगंज निवासी ग्राम प्रधान राम राज ने बताया कि 28 अगस्त की दोपहर में उनके बेटे के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर उसे कन्नौज स्थित डॉक्टर तोमर के क्लीनिक लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने फेफड़ों में पानी भरने और पेट में संक्रमण की बात बताई। हालत गंभीर बताते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए उसे कानपुर के शारदा नगर स्थित अनुराग हॉस्पिटल में एडमिट कराया। बेटे की हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे आईसीएम में एडमिट कर लिया और 4 दिनों तक इलाज चलता रहा और 1 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और शव का पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। रावतपुर थाने की पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और 2 सितंबर को शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। पोस्टमॉर्टम के दौरान संदेह होने पर जांच के लिए नमने भेजे गए और 5 सितंबर को जांच रिपोर्ट से साफ हो गया कि युवक की गलत इलाज से नहीं, बल्कि स्वाइन फ्लू का संक्रमण होने से मौत हुई है। जानकारी मिलते ही पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी ने इसकी एक रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। इसके साथ ही एक जांच रिपोर्ट कन्नौज के सीएमओ को भेज दी है। अब परिवार के सभी सदस्यों की भी जांच कराई जाएगी कि उनमें भी तो किसी को स्वाइन फ्लू नहीं है। इधर स्वाइन फ्लू के पहले मरीज की मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने इसका संज्ञान लेते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। जिस अस्पताल में मरीज की मौत हुई वहां के स्टाफ की जांच होगी। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी कि कोई इस संक्रमण की चपेट में तो नहीं आ गया है।

सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया,कई कर्मचारी गायब मिले:जताई नाराजगी, स्पष्टीकरण मांगा और कार्रवाई के निर्देश दिए

फर्रुखाबाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई केंद्रों पर चिकित्सक और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। कुछ कर्मचारी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना छुट्टी पर थे। सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएचसी नवाबगंज में कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले सीएमओ ने सीएचसी नवाबगंज, पीएचसी अचरा खलवारा, पीएचसी अचरिया बाकरपुर, पीएचसी संकिसा और पीएचसी पखना का निरीक्षण किया। सीएचसी नवाबगंज में अमित कुमार (डेंटल हाइजीनिस्ट), धीरेन्द्र प्रताप सिंह (लैब असिस्टेंट) और राहुल कुमार (वार्ड बॉय) अनुपस्थित मिले। संविदा कर्मचारियों में रतन देव (ऑप्टोमेट्रिस्ट, आरबीएसके), आरती (स्टाफ नर्स, एनसीडी), अमृता सिंह (लैब टेक्नीशियन) और मंजू कुमारी (एनसीडी काउंसलर) भी गैरहाजिर मिलीं। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन काटने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बिना अनुमति छुट्टी पर मिले कर्मचारी पीएचसी अचरा खलवारा में फार्मासिस्ट प्रेम चंद्र मौजूद मिले। वहीं स्टाफ नर्स अंकुर कुमार, लैब टेक्नीशियन आज्ञाराम और एएनएम सुहानी बिना अनुमति के छुट्टी पर थीं। सीएमओ ने कहा कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अवकाश लेना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। अचरिया बाकरपुर में सभी कर्मचारी मौजूद पीएचसी अचरिया बाकरपुर के निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। सीएमओ ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संकिसा में चार कर्मचारी बिना सूचना अनुपस्थित पीएचसी संकिसा में एएनएम ममता यादव, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार, एमओ डॉ. अशोक कुमार और डॉ. प्रभात त्रिपाठी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
पखना में भी कर्मचारी गैरहाजिर मिले पीएचसी पखना में डीएवी/आईएमओ प्रियंक पांडेय अनुपस्थित मिले। वहीं कैलाश बाबू और अंजली शाक्य बिना सूचना के प्रतिकर अवकाश पर पाए गए। सीएमओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बोले- मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सीधे तौर पर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक मरीज को उसके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर समय से उपचार, जांच और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रंग-बिरंगे पुष्पों की बगिया में विराजे श्याम बाबा, जन्माष्टमी पर उमड़ा भक्तों की आस्था का सैलाब

स्वर्ण मुकुट, कुंडल और दिव्य आभूषणों से सजे श्याम बाबा के मनोहारी दर्शन कर भक्त हुए निहाल

बाबा न्यूज़ 

आगरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर श्री खाटू श्याम जी मंदिर, जीवनी मंडी में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर में विराजमान श्याम बाबा का विशेष रूप से रंग-बिरंगे पुष्पों से अलौकिक श्रृंगार किया गया। लाल, गुलाबी, सफेद और पीले पुष्पों की मनमोहक बगिया के मध्य विराजे श्याम बाबा ने स्वर्ण मुकुट, कुंडल एवं दिव्य आभूषण धारण कर प्रातःकाल से लेकर देर रात्रि तक अपने भक्तों को दर्शन देकर निहाल किया।
जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा को इलायची और मखाने की सुगंधित मालाएं धारण कराई गईं तथा चरणों में कमल पुष्प अर्पित किए गए। फूलों की अनुपम छटा और बाबा के दिव्य स्वरूप ने मंदिर परिसर को मानो ब्रजधाम की भक्ति और आनंद से सराबोर कर दिया।
श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न भक्तों एवं समितियों ने सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया। पोशाक एवं श्रृंगार सेवा विजय गुप्ता, फूल बंगला सेवा अनुराग एवं दीपक गर्ग, प्रसाद सेवा श्री खाटू श्याम जी ग्लोबल समिति, टॉफी, चॉकलेट एवं खिलौने सेवा श्री श्याम सेवक परिवार समिति, लाइटिंग सेवा पंकज कुमार अग्रवाल, झांकी सेवा अभिषेक गोयल, माखन-मिश्री सेवा राकेश गर्ग तथा इत्र सेवा हरिश्चंद्र अग्रवाल की ओर से की गई।
पूरे मंदिर परिसर को भव्य पुष्प सज्जा, गुब्बारों और आकर्षक खिलौनों से सजाया गया था। मंदिर में प्रवेश करते ही भगवान श्रीकृष्ण की जन्मलीला की भव्य झांकी भक्तों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। नंदलाल के जन्मोत्सव की इस अनुपम झांकी को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट द्वारा दर्शन की विशेष एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिससे भक्तजन सहजता से बाबा के दर्शन कर सकें। बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्हें टॉफी, चॉकलेट और खिलौने वितरित किए गए। वहीं भक्तों को सुगंधित इत्र का वितरण भी किया गया।
भव्य विद्युत सज्जा से जगमगाते मंदिर परिसर में देर रात्रि तक भक्ति की रसधार बहती रही। भजन संध्या में श्रद्धालु “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” और “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे भजनों एवं जयकारों पर झूमते रहे। पूरा वातावरण “हारे के सहारे की जय, श्याम बाबा की जय” और “जय कन्हैया लाल की” के उद्घोषों से गुंजायमान रहा।
जन्माष्टमी की पावन रात्रि में श्याम बाबा के दिव्य श्रृंगार और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने देर रात्रि तक मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आनंद लिया।
इस अवसर पर हेमेंद्र अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विपिन बंसल, विकास गोयल, अमित गोयल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मेरठ में किसी के मकान- दुकान पर नहीं चलेगा बुलडोजर:रविंद्र गुर्जर ने कहा- आंदोलन से मुख्यमंत्री तक पहुंची यहां के लोगों की समस्या

मेरठ में बीते दो सितंबर को शहर बंद कर आवास विकास के खिलाफ प्रदर्शन कर निर्माणों पर कार्रवाई के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर आंदोलनकारियों ने बड़ा दावा किया है। समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने कहा कि मेरठ में अब किसी का घर नहीं टूटेगा और किसी व्यापारी की दुकान पर बुलडोजर नहीं चलेगा। मेरठ की जनता और व्यापारियों की आवाज अब प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस मामले में सरकार से राहत मिलेगी। रविंद्र गुर्जर ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या नेता का आंदोलन नहीं है। इसमें शहर के व्यापारियों, आम लोगों और लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की सामूहिक आवाज शामिल है। उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में डटे रहे। आंदोलन ने शहर के लोगों को अपनी बात मजबूती से सरकार तक पहुंचाने का मंच दिया। उन्होंने कहा, “किसी का भी एक घर मेरठ में नहीं टूटेगा और किसी की दुकान पर बुलडोजर नहीं चलेगा।” आंदोलनकारियों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री तक मेरठ की आवाज पहुंची है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द सकारात्मक निर्णय सामने आएगा। अधिकारियों की अनुमति पर उठाए सवाल सुदीप जैन ने आवास विकास विभाग की कार्रवाई और वहां हुए निर्माणों को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिन निर्माणों को आज अवैध बताया जा रहा है, वहां पहले सरकारी विभागों की ओर से अलग-अलग अनुमतियां और सुविधाएं दी गईं। यदि किसी स्थान पर स्कूल, अस्पताल और अन्य प्रतिष्ठानों को अनुमति दी गई, जीएसटी वसूला गया, प्रॉपर्टी टैक्स लिया गया और संपत्तियों के बैनामे हुए तो वर्षों बाद उसी निर्माण को अवैध कैसे घोषित किया जा सकता है। आवास विकास में तैनात अधीक्षण अभियंता राहुल यादव के निलंबन की मांग रखते हुए रविंद्र ने कहा कि हमारे मांग पत्र में भी सह स्पष्ट है और अब भी कह रहे हैं कि जब तक भ्रष्टाचारी अधिकारी को निलांबित नहीं करा देते वह चैन से नहीं बैठेंगे। इस पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नितेश पंवार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उस समय के सभी संबंधित अधिकारियों, जिनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद चार्जशीट दाखिल कर कानूनी कार्रवाई की जाए। दोष सिद्ध होने पर उन्हें जेल भेजने के साथ-साथ कानून के अनुसार उनकी संपत्ति एवं पेंशन से होने वाली सरकारी क्षति की रिकवरी की जाए।

कानपुर में शिक्षक दिवस से पहले शिक्षिकाओं का सम्मान:कोपेस्टेट शिक्षा सदन की टीचर्स को शॉल और उपहार भेंट किए गए

कानपुर में शिक्षक दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार शाम 5:30 बजे एक कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम दादा नगर स्थित कोआपरेटिव इस्टेट सभागार में आयोजित किया गया। इसमें ‘कोपेस्टेट शिक्षा सदन जू.हा. स्कूल’ की शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। उन्हें शिक्षा और समाज के प्रति समर्पण और बच्चों का भविष्य बनाने में योगदान के लिए सराहा गया। इस समारोह में कोआपरेटिव इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर और लोक लेखा समिति के पूर्व सभापति व विद्यालय के अध्यक्ष अजय कपूर ने शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर और उपहार भेंट किए गए। इस दौरान सभागार तालियों से गूंज उठा। चेयरमैन विजय कपूर ने कहा कि शिक्षक सिर्फ ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक भी बनाते हैं। उन्होंने शिक्षिकाओं की निष्ठा और कर्तव्यपरायणता की तारीफ की। विद्यालय अध्यक्ष अजय कपूर ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षिकाएं पूरी लगन और प्यार से बच्चों को पढ़ा रही हैं। उनका यह योगदान समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सम्मान पाकर शिक्षिकाओं ने प्रबंधन और उद्यमियों का आभार जताया। उन्होंने विद्यालय और विद्यार्थियों के पूरे विकास के लिए लगातार काम करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में सुरेश पुरी, दिनेश कुशवाहा, आरपी सिंह, बसंत लाल विश्वकर्मा, अरुण जैन, अशोक जुनेजा, अवधपाल सिंह, भीमसेन, महेश माखीजा, गुरविंदर सिंह, हरेंद्र सिंह, संजीव कपूर, प्रेम राज, राजेंद्र गुप्ता, शिशिर चौरसिया, सुभाष सिंह और यशपाल सचान जैसे कई लोग मौजूद रहे। उद्यमी और विद्यालय परिवार के सदस्य भी वहां उपस्थित थे।

घनश्याम हत्याकांड का फरार आरोपी चंचल अहिरवार गिरफ्तार:9 आरोपी पहले ही पकड़े गए थे, अब तक कुल 10 लोग जेल भेजे गए

ललितपुर पुलिस ने घनश्याम यादव हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी चंचल अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है। चंचल अहिरवार ललितपुर के नेहरूनगर, थाना कोतवाली का रहने वाला है। पुलिस ने उसे शुक्रवार, 4 सितंबर को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पेट्रोल पंप पर कृष्णपाल से मारपीट का आरोप घटना 28 जुलाई, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे की है। सिद्धनपुरा निवासी 38 वर्षीय कृष्णपाल यादव बुढ़वार रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पास पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने गए थे। इसी दौरान सिद्धनपुरा निवासी इंदल सिंह यादव अपने भाई पुष्पेंद्र यादव, प्रधान यादव, दोस्त चंचल यादव निवासी नेहरूनगर, दीपक यादव निवासी बंदरगुढ़ा, सनत परिहार निवासी इलाइट चौराहा, राज राजा निवासी इलाइट चौराहा और कुछ अन्य साथियों के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि सभी के पास लाठी-डंडे और सरिया थे। इंदल यादव ने कृष्णपाल से शराब पीने के लिए रुपये मांगे। कृष्णपाल ने रुपये देने से मना किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों और सरिया से उस पर हमला कर दिया।
बचने के लिए भागे कृष्णपाल को घेरकर पीटा हमले से बचने के लिए कृष्णपाल भागे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उनके हाथ-पैर तोड़ दिए और उन्हें मरा समझकर बुढ़वार की ओर भाग गए। बेटे पर हमले की जानकारी मिलने पर कृष्णपाल के 60 वर्षीय पिता घनश्याम यादव और 55 वर्षीय मां गुड्डी यादव बुढ़वार गांव से ललितपुर आ रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें भी रोक लिया और लाठी-डंडों व सरिया से हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी उन्हें भी मरा समझकर वहां से भाग निकले। इलाज के दौरान घनश्याम यादव की मौत घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और तीनों घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मंगलवार शाम करीब 8 बजे झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान घनश्याम यादव की मौत हो गई। मुठभेड़ में तीन आरोपी पहले हो चुके गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त को हुई मुठभेड़ में कोतवाली सदर क्षेत्र के सिद्धनपुरा निवासी इंदल यादव पुत्र रतीभान यादव (26), कोतवाली सदर क्षेत्र के इलाइट निवासी राज राजा पुत्र मज्जू राजा (29) और जाखलौन थाना क्षेत्र के बंदरगुढ़ा निवासी दीपक यादव पुत्र अजब सिंह (22) को गिरफ्तार किया गया था। 4 अगस्त को पांच आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी इससे पहले 4 अगस्त को पुलिस ने संदीप तिवारी पुत्र पुरुषोत्तम तिवारी निवासी टीकरा, थाना बार, जिला ललितपुर; सोनू यादव उर्फ सुंदर सिंह पुत्र स्व. बुंदेल सिंह निवासी बंदरगुढ़ा, थाना जाखलौन; मोहित यादव पुत्र फूल सिंह निवासी दिदौरा, थाना बानपुर, जिला ललितपुर; प्रभान यादव पुत्र रतिभान यादव निवासी सिद्धनपुरा, थाना कोतवाली, जिला ललितपुर और शक्ति वाल्मीकि पुत्र दिलीप वाल्मीकि निवासी साईं मंदिर के पास, तालाबपुरा, थाना कोतवाली, ललितपुर को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस ने फरार चल रहे चंचल अहिरवार को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

हरदोई में सपा ने 51 शिक्षकों को किया सम्मानित:शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजन, रामज्ञान बोले- शिक्षक राष्ट्र का सच्चा निर्माता

हरदोई में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को हरदोई में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शहर के बिलग्राम चुंगी स्थित एक संस्थान में शाम करीब 4 बजे हुए कार्यक्रम में समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव और हरदोई नगर पालिका अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी रामज्ञान गुप्ता ने जिले के 51 शिक्षकों को सम्मानित किया। माला, शॉल और स्मृति सामग्री देकर किया सम्मान भारत के पूर्व राष्ट्रपति और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है। शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित समारोह में रामज्ञान गुप्ता ने 51 शिक्षकों को माला, शॉल, डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामज्ञान गुप्ता ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और किसी भी देश के विकास के लिए मजबूत शिक्षा व्यवस्था जरूरी है। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग रामज्ञान गुप्ता ने मौजूदा शिक्षा नीतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा पूरी तरह निजी क्षेत्र के हाथों में चली गई तो गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा हासिल करना कठिन हो सकता है। उन्होंने समाज में समानता के लिए ‘एक देश, एक शिक्षा’ का सिद्धांत लागू करने की मांग भी उठाई। निजीकरण और आउटसोर्सिंग पर जताई चिंता कार्यक्रम में अटेवा के प्रदेश सलाहकार ओम प्रकाश कनौजिया और सपा शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष जैनुल खान ने भी विचार रखे। दोनों ने शिक्षा के निजीकरण और आउटसोर्सिंग को लेकर चिंता जताई और कहा कि इसका असर निम्न और मध्यम वर्ग के हितों पर पड़ सकता है। इस दौरान समारोह में महेंद्र वर्मा, बृजलाल वर्मा, मोतीलाल यादव, ओमप्रकाश, महेश प्रसाद, जय प्रकाश नारायण, पतिराज गुप्ता, निशात अफरोज खान, राजाराम यादव, अशोक कुमार यादव, रामप्रताप सिंह, अजय कुमार, मो. इस्लाम, अविनाश कुमार, वीरेंद्र यादव, अरविंद कुमार, सुनील कुमार मंडल, मंजू गुप्ता, सौरभ यादव, शुभम गुप्ता, विकास त्रिपाठी और आकाश गुप्ता समेत कई शिक्षक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।