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आगरा नगर निगम में नियोजित सफाई कर्मचारियों को मिल रहा सर्वाधिक वेतन  

 

कर्मचारी संगठनों ने नगर आयुक्त का आभार व्यक्त किया

बाबा न्यूज़ 
आगरा। नोएडा, गाजियाबाद के अलावा आगरा नगर निगम पूरे प्रदेश में एकमात्र ऐसा निकाय है। जिसमें सेवा प्रदाता द्वारा नियोजित सफाई कर्मचारियों को सर्वाधिक वेतन मिल रहा है। इसका श्रेय नगर निगम के अधिकारियों को जाता है। जिन्होंने ठेका सफाई कर्मचारियों के ई०पी०एफ०व ई० एस ०आई० का कुल वेतन का 12.75 प्रतिशत अंशदान की व्यवस्था अपने संसाधनों से की है। इसके लिये नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, सहायक नगर आयुक्त द्वय अशोक प्रिय गौतम, श्रद्धा पाण्डेय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅं. संजीव वर्मा, मुख्य वित्त व लेखाधिकारी बृजेश सिंह व मुख्य नगर लेखा परीक्षक निर्विकार गोयल का विशेष सहयोग है। जिसके कारण आगरा नगर निगम के सेवा प्रदाता द्वारा नियोजित सफाई कर्मचारियों को प्रदेश भर में सर्वाधिक 15007 ₹ वेतन मिला है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश सफाई कामगार संगठन और उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर यूनियन ने नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य और अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को पुष्प गुच्छ देकर आभार व्यक्त किया।
आभार व्यक्त करने बालों में विनोद इलाहाबादी, श्याम कुमार करुणेश,सुन्दर बाबू चंचल, हरी बाबू वाल्मीकि, रोहित लवानिया, सम्राट चौधरी, रेशम सिंह चाहर, भुल्ले नरवार, शरद थनवार,राजू डागौर, संजय शाह,मोहन गुलज़ार, मनीष चौहान, राकेश साहू, सनी चौहान, ह्रतिक इलाहाबादी,राजेश साहू, अमित चंचल विनेश नरवार अभय यदुवंशी, दीपक चौहान,बंटु भारती,आदि प्रमुख रूप से हैं।

हरियाली तीज उत्सव में सजी सावन की महफिल

मेहंदी और झूलों के साथ महिलाओं ने मनाया उल्लास

बाबा न्यूज़ 

आगरा। सर्व समाज महिला समिति द्वारा दयालबाग स्थित सौरव एनक्लेव में हरियाली तीज उत्सव हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रंग में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने सावन के लोकगीतों, मल्हार, झूले, नृत्य, गीत-संगीत और विभिन्न मनोरंजक गेम्स के माध्यम से तीज के उत्सव को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं के स्वागत के साथ हुआ। अरुणा गुप्ता ने सभी सदस्यों का मेहंदी कोन एवं श्रृंगार सामग्री भेंट कर स्वागत किया। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं देते हुए मेहंदी रचाई और पारंपरिक श्रृंगार के साथ उत्सव का आनंद लिया।
सावन की मल्हार और लोकगीतों ने वातावरण को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। झूले पर झूलती महिलाओं ने सावन के गीतों की धुन पर खूब आनंद लिया। इसके साथ ही नृत्य, गीत-संगीत एवं विभिन्न गेम्स में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर पल्लवी गुप्ता, शिखा गुप्ता, उन्नती गुप्ता, राधिका गुप्ता, ममता गुप्ता, पूजा, कविता सूद, कविता खुराना, सीमा, मोनिका, प्रिया, प्रियंका, नीतू, दिव्यांशी, राखी कोहली, स्वाति पुरी, मीनू पुरी, अन्नू, अनया, निक्की आदि उपस्थित रहीं।

नर्वदेश्वर महादेव मंदिर में गूंजा श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन का प्रसंग, भावुक हुए श्रद्धालु

बाबा न्यूज़ 

आगरा। नर्वदेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के मिलन तथा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। वृंदावन से पधारे कथावाचक श्री भरत लाल शास्त्री जी महाराज ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए सच्ची मित्रता, प्रेम, त्याग, संतोष और निष्काम भक्ति का महत्व बताया। श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन का प्रसंग आते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथावाचक ने बताया कि सुदामा अत्यंत निर्धन होने के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी भक्ति और प्रेम में कभी कमी नहीं आई। गुरुकुल में साथ शिक्षा प्राप्त करने वाले श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निःस्वार्थ थी। पत्नी के आग्रह पर सुदामा अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। उनके पास भेंट के रूप में केवल चावल के कुछ मुट्ठीभर चावल के दाने थे, जिन्हें उन्होंने संकोच के साथ भगवान को अर्पित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा की छोटी-सी भेंट में छिपे प्रेम को देखा और उसे अत्यंत प्रसन्नता से स्वीकार किया। सुदामा को देखते ही भगवान श्रीकृष्ण स्वयं दौड़कर उनके पास पहुंचे और अपने मित्र को गले लगा लिया। भगवान ने सुदामा के चरण धोकर उनका सम्मान किया। यह प्रसंग बताता है कि सच्ची मित्रता में धन, पद और प्रतिष्ठा का कोई स्थान नहीं होता। बताया गया कि सुदामा ने भगवान श्रीकृष्ण से अपने लिए कुछ नहीं मांगा। उन्हें विश्वास था कि उनका सखा उनके मन की बात बिना कहे ही समझ लेगा। जब वे अपने गांव लौटे तो उनकी झोपड़ी के स्थान पर सुंदर भवन देखकर आश्चर्यचकित रह गए। भगवान श्रीकृष्ण ने उनके जीवन से दरिद्रता दूर कर दी, लेकिन सुदामा के मन में अहंकार नहीं आया। उन्होंने इसे भगवान की कृपा मानकर स्वीकार किया।
श्री भरत लाल शास्त्री जी महाराज ने कहा कि सुदामा चरित्र मनुष्य को सरलता, संतोष और निष्काम भक्ति की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर कमल अग्रवाल, राकेश त्यागी, डॉ. सुरेंद्र सिंह बागोर, विक्रांत कुशवाहा, पार्षद राकेश वर्मा, अरुण, अशोक यादव, विनोद यादव, सुनील यादव, अजय बंसल, हनी अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सनी शर्मा, अनिल चौरसिया, श्रीमती नीतू सिंह, श्रीमती रेखा, बृजेश चौहान, आंसू सिकरवार, श्रीमती उषा यादव, श्रीमती आरती सिंह, श्रीमती प्रीति अग्रवाल, श्रीमती निशा अग्रवाल, मोना अग्रवाल, निशु, गुननु, रुनझुन और पुनना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मजबूत बनें, सक्रिय रहें, सुरक्षित रहें

प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल से मेडिकल कॉलेज तक गूँजा स्वस्थ हड्डियों, सड़क सुरक्षा और सुरक्षित कार्यशैली का संदेश
बाबा न्यूज
आगरा। आगरा आॅथोर्पेडिक सोसायटी के माहव्यापी जनस्वास्थ्य अभियान आगरा मूवस बेटर 2026 के अंतर्गत शहर में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में 16-18 वर्ष की छात्राओं की बीएमेडी स्क्रीनिंग के साथ विद्यार्थियों के लिए ग्रो स्ट्रांग एवं रोड सेफ्टी पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए। वहीं एफएच मेडिकल कालेज में 100 से अधिक मरीजों की बीएमडी जांच के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल पर सही पोस्चर एवं एर्गोनॉमिक्स का प्रशिक्षण दिया गया।
आगरा मूव्स बेटर 2026 के माध्यम से एओएस समाज के अलग-अलग आयु और कार्य समूहों तक हड्डी, जोड़ एवं मांसपेशियों के स्वास्थ्य, शारीरिक सक्रियता, चोट से बचाव और सुरक्षित जीवनशैली का संदेश पहुंचा रही है।
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम की शुरूआत 16-18 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं के बीएमडी स्क्रीनिंग कैंप से हुई। विद्यालय के क्लीनिक में एओएस की टीम द्वारा उपकरण स्थापित कर छात्राओं की जांच छोटे-छोटे बैच में की गई।
कार्यक्रम में आगरा आर्थोपोडिक सोसाइटी के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी, पूर्व सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता एवं डॉ. देवांशु मोहानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यार्थियों तथा विद्यालय प्रबंधन के साथ संवाद किया। कक्षा एक से इंटर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित विशेष सत्र में डॉ. देवांशु मोहानिया ने किशोरावस्था में मजबूत हड्डियों के निर्माण के महत्व पर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र में नियमित व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधि, संतुलित और पौष्टिक आहार, सही पोस्चर तथा स्वस्थ जीवनशैली भविष्य की बोन हेल्थ की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
सत्र को पूरी तरह संवादात्मक रखा गया। विद्यार्थियों ने अपने स्वास्थ्य, व्यायाम, पोषण और हड्डियों से संबंधित सवाल पूछे तथा विशेषज्ञों से सीधे जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दूसरे महत्वपूर्ण चरण में एओएस सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने 16-18 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए रोड सेफ्टी सत्र आयोजित किया।
इस दौरान विद्यार्थियों से वास्तविक जीवन से जुड़े प्रश्न पूछते हुए ड्राइविंग लाइसेंस की सही आयु, कम उम्र में वाहन चलाने के खतरे, हेलमेट और सीट-बेल्ट का अनिवार्य प्रयोग, तेज गति, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के कारण होने वाले हादसे तथा जिम्मेदार सड़क व्यवहार पर चर्चा की गई।
डॉ. संजय चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों से कहा कि Ñसड़क सुरक्षा केवल ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं है, बल्कि अपने और सड़क पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के प्रति जिम्मेदारी है।पूर्व सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया और अडर के जन-जागरूकता अभियान में सहभागिता की। संचालन कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा पावी ने किया।

विद्यालय का उद्देश्य,स्वस्थ- जिम्मेदार नागरिक तैयार करना : डॉ. सुशील गुप्ता
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि विद्यालय में शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को स्वस्थ, जागरूक, जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बनाना भी विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी दृष्टि से स्वास्थ्य एवं जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। विद्यालय प्रबंधन ने डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. देवांशु मोहानिया एवं पूरी अडर टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

एफएच मेडिकल कालेज में 100 से अधिक मरीजों की बीएमडी जांच की

इसी क्रम में एफएच मेडिकल कालेज में भी आगरा मूव्स बेटर 2026 के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमआयोजित किया गया। यहां 100 से अधिक मरीजों की बीएमडी जांच की गई। मरीजों को हड्डियों की कमजोरी, आॅस्टियोपोरोसिस, उसके जोखिम तथा समय रहते हड्डियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया।
जन-जागरूकता कार्यक्रम में आॅस्टियोपोरोसिस को लेकर विशेष रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि हड्डियों की कमजोरी कई वर्षों तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती है और कई बार छोटी गिरावट के बाद होने वाला फ्रेक्चर इसका पहला संकेत बनता है। डॉ. इमरान साजिद ने स्वास्थ्यकर्मियों को कार्य के दौरान सही पोस्चर बनाए रखने तथा लंबे समय तक खड़े रहने, झुककर काम करने, मरीजों को उठाने या स्थानांतरित करने और लगातार एक ही मुद्रा में कार्य करने के कारण होने बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए।