Breaking News
आगरा कॉलेज को मिली स्व. जितेन्द्र रघुवंशी चल वैजयंती ट्रॉफी

 

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के युवोत्सव में विद्यार्थियों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक

शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव का भव्य समापन

कुलपति प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों को दिया उत्कृष्ट प्रदर्शन का संदेश

बाबा न्यूज 

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव (युवोत्सव) 2026-27 का रविवार को शिवाजी मंडपम् में भव्य समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों एवं संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक, साहित्यिक, बौद्धिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त करने पर आगरा कॉलेज को **स्व. जितेन्द्र रघुवंशी ट्रॉफी (चल वैजयंती) प्रदान की गई।

समापन समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने सभी प्रतिभागियों, विजेताओं एवं आयोजन से जुड़े शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों से विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों में सांस्कृतिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से उत्सव का अभूतपूर्व वातावरण बना रहा। शिवाजी मंडपम् में आयोजित युवोत्सव विशेष रूप से युवाओं के जोश और ऊर्जा का केंद्र रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में केवल प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त करने के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि प्रत्येक प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। हर प्रतिभागी महत्वपूर्ण है और उसकी सहभागिता ही किसी आयोजन को सफल बनाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवोत्सव के विजेता विद्यार्थी आगामी अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालयी (AIU) प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे और पदक जीतकर लौटेंगे।

डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ युवोत्सव

इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव का सफल आयोजन डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा द्वारा किया गया। उनके निर्देशन, मार्गदर्शन एवं समन्वय में विभिन्न परिसरों में प्रतियोगिताओं का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराना रहा। इस बार विश्वविद्यालय द्वारा विशेष पहल करते हुए उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के साथ-साथ सराहनीय प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रतिभागियों को भी सांत्वना प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

तीन दिवसीय युवोत्सव के अंतर्गत स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज, सेठ पदम चंद जैन संस्थान, विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र एवं शिवाजी मंडपम् सहित विभिन्न परिसरों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन समारोह में डॉ. रुचिरा प्रसाद ने तीन दिवसीय युवोत्सव की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में ललित कला संस्थान द्वारा प्रस्तुत माइम (मूक अभिनय) तथा लोक नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले आर.बी.एस. कॉलेज के विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

अंतिम दिन की प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया दमखम

युवोत्सव के अंतिम दिन 1 नवंबर को आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे—

– **स्किट प्रतियोगिता:** आगरा कॉलेज ने प्रथम, सेंट जॉन्स कॉलेज ने द्वितीय तथा आर.बी.एस. कॉलेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में श्री चंद्रशेखर, श्री अजीत बहादुर एवं श्री पंकज सक्सेना रहे।

– **एकांकी नाटक प्रतियोगिता:** आर.बी.एस. कॉलेज ने प्रथम, आगरा कॉलेज ने द्वितीय तथा सेंट जॉन्स कॉलेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में श्री चंद्रशेखर, श्री अजीत बहादुर एवं श्री पंकज सक्सेना शामिल रहे।

– **क्विज प्रतियोगिता:** आगरा कॉलेज के सजल जैन ने प्रथम, संस्कृति भवन स्थित इतिहास विभाग के हर्षित पचौरी ने द्वितीय तथा आर.बी.एस. कॉलेज के सोनू शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मौखिक प्रश्नोत्तरी का संचालन प्रो. एस.के. जैन ने किया।

– **अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता:** सेंट जॉन्स कॉलेज की आयशा राशिद ने प्रथम, आर.बी.एस. कॉलेज की स्नेहा चौधरी ने द्वितीय तथा आगरा कॉलेज की इला शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टीम स्पर्धा में आर.बी.एस. कॉलेज विजेता रहा। निर्णायक मंडल में डॉ. नीलम मल्होत्रा, डॉ. लवलीन मल्होत्रा एवं प्रो. एस.के. चौहान रहे।

– **माइम प्रतियोगिता:** सेंट जॉन्स कॉलेज की टीम ने प्रथम, आर.बी.एस. कॉलेज की टीम ने द्वितीय तथा ललित कला संस्थान, संस्कृति भवन की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में श्री अनुज कृष्ण एवं श्री गौरव शर्मा रहे।

– **लोक नृत्य समूह प्रतियोगिता:** आर.बी.एस. कॉलेज की टीम ने प्रथम, आगरा कॉलेज की टीम ने द्वितीय तथा बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में डॉ. शैली सारस्वत, सुश्री मानसी राजपूत एवं श्रीमती निधि दुबे शामिल रहीं।

पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह

समापन समारोह में कुलपति प्रो. आशु रानी एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। तीन दिनों तक अपनी प्रतिभा और कला का प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी रचनात्मकता एवं सहभागिता की सराहना की गई।

इस अवसर पर मंच पर प्रो. रजनीश अग्निहोत्री, डॉ. अखिलेश चंद सक्सेना, प्रो. शरद चंद उपाध्याय, प्रो. बृजेश रावत, प्रो. बिंदु शेखर शर्मा, डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. रत्ना पाण्डेय एवं डॉ. रुचिरा प्रसाद उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. आशुतोष द्विवेदी, डॉ. राजेश लवानियां, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, डॉ. प्रवीण कुमार, प्रो. विन्नी जैन, डॉ. रचिता शर्मा, प्रो. रणवीर सिंह, प्रो. मनुकांत शास्त्री, प्रो. प्रतिमा गुप्ता, प्रो. रीता निगम, डॉ. निधि शर्मा एवं डॉ. पारुल महाजन सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

प्रो. बृजेश रावत ने जताया आभार

समारोह के अंत में प्रो. बृजेश रावत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कुलपति प्रो. आशु रानी, आयोजन से जुड़े सभी शिक्षकों, निर्णायक मंडल के सदस्यों, विभिन्न संस्थानों के निदेशकों एवं आयोजन टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवोत्सव की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों, समर्पण और सहयोग का परिणाम है। सेठ पदम चंद जैन संस्थान, विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एवं शिवाजी मंडपम् की प्रबंधन टीमों, कर्मचारियों, सफाई कर्मियों तथा स्वयंसेवकों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और उत्साह की सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलू सिन्हा द्वारा समापन समारोह में तथा डॉ. मोहम्मद हुसैन एवं डॉ. प्रदीप वर्मा द्वारा युवोत्सव की विभिन्न गतिविधियों में किया गया। प्रतियोगिताओं के परिणाम डॉ. विजय शर्मा ने घोषित किए। शिवाजी मंडपम् की व्यवस्थाओं में डॉ. विजय शर्मा, डॉ. मोहम्मद हुसैन, डॉ. प्रदीप वर्मा एवं श्री पुरुषोत्तम मयूरा का विशेष योगदान रहा।

तीन दिवसीय युवोत्सव ने विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, सांस्कृतिक विविधता और युवा ऊर्जा को एक सशक्त मंच प्रदान किया। यह आयोजन छात्र-छात्राओं के लिए अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य की अंतर-विश्वविद्यालयी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का यादगार अवसर बना।

विवेचनाओं में लापरवाही पर चंडौस थाने के दरोगा निलंबित:समीक्षा में उठा सवाल, अलीगढ़ एसएसपी ने विभागीय जांच भी बैठाई

एसएसपी नीरज जादौन ने विवेचनाओं में लापरवाही और कर्तव्यपालन में शिथिलता बरतने पर चंडौस थाने में तैनात उपनिरीक्षक आदित्य श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
एसएसपी ने विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान कई मुकदमों की जांच में लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की। संबंधित दरोगा पर विवेचना में अपेक्षित गंभीरता और जिम्मेदारी नहीं बरतने का मामला सामने आया था।
एसएसपी ने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विवेचनाओं का निस्तारण पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से करें। जनहित और कर्तव्यपालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पेपर देकर लौट रही छात्रा की कार नाले में फंसी:PET एग्जाम के बाद GIC इंटर कॉलेज के पास हुआ हादसा

फिरोजाबाद से बरेली PET का पेपर देने आई छात्रा की कार सड़क किनारे खुले नाले में जा गिरी। छात्रा अपने भाई के साथ परीक्षा केंद्र से लौट रही थी। दोनों समय रहते कार से उतर गए और सुरक्षित रहे। फिरोजाबाद निवासी रिया पाल अपने भाई रजनेश के साथ बरेली जीआईसी इंटर कॉलेज में PET की परीक्षा देने आई थी। परीक्षा केंद्र पर भीड़ के कारण उन्होंने कार कॉलेज के पास वाली गली में खड़ी की थी। पेपर खत्म होने के बाद लौटते समय यह हादसा हुआ। रिया ने बताया कि गली से कार निकालते समय सड़क किनारे की मिट्टी धंस गई और कार का पिछला हिस्सा नाले में चला गया। नाले पर स्लैब या सुरक्षा दीवार नहीं थी। कार का एक पहिया नाले में फंस गया और गाड़ी तिरछी होकर लटक गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने कार को बाहर निकालने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि बरेली में कई जगह खुले नाले हैं। जीआईसी के पास भी नालों पर ढक्कन और बैरिकेडिंग नहीं है, जबकि यहां हजारों छात्र परीक्षा देने आते हैं। रिया ने बताया कि वह घबरा गई थी, लेकिन भाई रजनेश ने सूझबूझ से काम लिया। उनके मुताबिक, कार थोड़ी और आगे जाती तो पूरी गाड़ी नाले में पलट सकती थी। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से शहर के खुले नालों को ढकने और परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।

सरकारी योजनाओं के लिए नहीं लगाने होंगे विभागों के चक्कर:HBTU में लगा विधिक सेवा शिविर, 37 स्टॉल लगाकर दी जानकारी

कानपुर में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। एचबीटीयू के शताब्दी भवन में रविवार को वृहद विधिक साक्षरता एवं सेवा शिविर में एक ही छत के नीचे 37 स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं, विधिक अधिकारों और विभागीय सेवाओं की जानकारी दी गई। इस शिविर में विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित और सम्मानित भी किया गया। शिविर में समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, ग्राम्य विकास, डूडा, बाल विकास एवं पुष्टाहार समेत विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनमोल पाल ने अलग-अलग विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल पर एक बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार कराया और गर्भवती महिला की गोद भराई की रस्म में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मंच से लाभ प्रदान किया गया। लोगों ने स्टॉलों पर पहुंचकर आवेदन प्रक्रिया और योजनाओं का लाभ लेने से जुड़ी जानकारी हासिल की। पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उद्देश्य अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी रश्मि सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शिविर का आयोजन किया गया है। इनका उद्देश्य लोगों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अभिनव तिवारी ने कहा कि शिविर में लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। प्राधिकरण का प्रयास है कि जरूरतमंद और पात्र लोगों तक विधिक सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचे, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें। इन विभागों ने लगाए स्टॉल शिविर में समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, ग्राम्य विकास, डूडा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, पशुपालन, कृषि, स्वास्थ्य, श्रम, परिवहन, पर्यटन, खाद्य एवं रसद, मत्स्य और रेशम विकास समेत विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। इसके अलावा केस्को, बैंक ऑफ बड़ौदा, जिला कारागार, एलिम्को, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पांडु नगर, उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से जुड़े स्टॉलों पर भी लोगों को योजनाओं, स्वरोजगार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवकांत शुक्ला, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतुल कुमार नायक, संयुक्त पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा, अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ सिंह सहित न्यायिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

खागा में जन जागृति संघ की बैठक:समाज की शिक्षा, एकता, सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा हुई

फतेहपुर में खागा स्थित ओम साईं राम श्रीराम हायर सेकेंडरी स्कूल में पासी जन जागृति संघ की बैठक आयोजित की गई। इसमें समाज की शिक्षा, एकता, सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा हुई। पूर्व डीआईजी रामतीर्थ परमहंस ने कहा कि समाज से अशिक्षा दूर करना जरूरी है। शिक्षित और जागरूक व्यक्ति ही अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ सकता है। मन्नूपासी ने महापुरुषों के संघर्ष और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। जगतपाल ने समाज की मजबूती के लिए एकजुटता और संगठन को जरूरी बताया। मनोज कुमार ने बच्चों और युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने की बात कही। एडवोकेट धीरेंद्र बहादुर ने संवैधानिक अधिकारों की जानकारी रखने की अपील की। डॉ. हेमेंद्र ने गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। बैठक में राजकरन राजवंशी, इंद्रसेन पासी, राजेश पासी, ऊधम पासी और राजेंद्र कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हाईवे पर पिकअप की टक्कर से रिटायर्ड होमगार्ड की मौत:सुल्तानपुर में एम्बुलेंस नहीं आने से दो युवकों ने गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया

सुल्तानपुर में लखनऊ-बलिया हाईवे पर रविवार शाम करीब 4 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार रिटायर्ड होमगार्ड की मौत हो गई। हादसे के बाद एम्बुलेंस आने में देरी की आशंका पर दो युवकों ने घायल बुजुर्ग को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के किशुन दासपुर निवासी शिव प्रसाद लाल श्रीवास्तव (75) के रूप में हुई है। साइकिल से निकले थे, पड़ेला में हुआ हादसा शिव प्रसाद लाल श्रीवास्तव, गोविंद लाल श्रीवास्तव के बेटे थे। रविवार को वह घर से साइकिल लेकर निकले थे। घर से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर पड़ेला में अज्ञात वाहन ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। दो युवकों ने गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल खोजापुर निवासी पिंटू धुरिया अपने मित्र हर्षित पंडित के साथ सुरापुर से लौट रहे थे। उन्होंने घायल बुजुर्ग को देखा तो एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। पिंटू ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शिव प्रसाद उनके गांव के पड़ोसी और रिश्ते में नाना लगते थे। हादसा किस वाहन से हुआ, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। पिता का शव देखकर बिलखने लगी बेटी घटना की जानकारी मिलने पर मृतक की बेटी अस्पताल पहुंची। पिता का शव देखकर वह चीखने लगी। शिव प्रसाद की दो बेटियां रागनी और प्रीति हैं। उनका बेटा हिमांशु दिल्ली में काम करता है। उसकी शादी नहीं हुई है। सीओ कादीपुर विनय गौतम ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजन तहरीर दे रहे हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।