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महाविद्यालय में वार्षिकोत्सव ‘दमक’ का आयोजन:सांस्कृतिक समृद्धि को सजीव करने का प्रयास

कानपुर के आचार्य नरेंद्र देव नगर निगम महिला महाविद्यालय, हर्ष नगर में 4 नवंबर को वार्षिकोत्सव ‘दमक’ का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए उनमें प्रगतिशील सोच और उद्यमशीलता की भावना विकसित करना है। इसके माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में छात्राएं हस्तनिर्मित वस्तुओं, पाक-कला और कलात्मक रचनाओं की प्रदर्शनी लगाएंगी। इसके जरिए उन्हें नवाचार, आत्मनिर्भरता, सामूहिक कार्य और उद्यमिता का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। महाविद्यालय का मानना है कि ‘दमक’ छात्राओं की कक्षा में प्राप्त शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का माध्यम बनेगा। महोत्सव में गरबा, दीपावली की भव्यता और भारतीय परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। आयोजन का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ सांस्कृतिक मूल्यों और आधुनिक सोच के बीच संतुलन स्थापित करना है।

BJP-MLC हरी सिंह ढिल्लों: अखिलेश के मुंगेरी लाल के सपने:संभल में बोले- बनारस में सीटें पहले भी सपा पर थीं, योगी का शासन-योजनाएं अंगद का पैर साबित होंगी, कांग्रेस नेताओं की भाषा सड़क छाप

संभल में नवनिर्वाचित MLC डॉ. हरी सिंह ढिल्लों ने चुनाव में साथ देने वाले पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यक्रम सोमवार शाम 4 बजे बीजेपी जिला कार्यालय में शुरू हुआ और शाम 5:20 बजे तक चला। इस दौरान जिला प्रभारी डॉ. चंद्रमोहन और जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू मौजूद रहे। बनारस में हार को लेकर ढिल्लों ने कहा कि वहां पहले भी सीटें विपक्ष के पास थीं। शिक्षकों के प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह नीतिगत फैसला है और सरकार इस पर निर्णय लेगी। MLC डॉ. हरी सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरकार ने 14.61 लाख शिक्षकों को 5 लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी है। मुरादाबाद मंडल के लिए गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में यह सुविधा देना सौभाग्य की बात है। एमएलसी चुनाव में सपा और कांग्रेस की पांच सीटें आने पर ढिल्लों ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के आदेश का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने माना कि कुछ चीजें समय रहते ठीक हो जातीं, तो नतीजे और बेहतर हो सकते थे। अखिलेश यादव के पांच सीटें जीतने और आने वाले समय को समाजवादी पार्टी का बताने वाले बयान पर ढिल्लों ने कहा, “उनके सपने अच्छे हैं। मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखते रहें। जनता के सामने आने पर स्थिति साफ होगी।” अमित शाह के ‘अंगद का पैर’ वाले बयान पर अखिलेश यादव की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर ढिल्लों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का शासन और उनकी योजनाएं ‘अंगद का पैर’ साबित होंगी। उन्होंने कहा कि समय इसका जवाब देगा। कांग्रेस की रैली पर ढिल्लों ने कहा कि पार्टी के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेता चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गाली देते हैं। ढिल्लों ने कहा कि नेताओं की भाषा किसी सामाजिक और राजनीतिक व्यक्ति के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि ऐसी भाषा को कोई स्वीकार नहीं करता। कांग्रेस को पुरानी पार्टी बताते हुए उन्होंने उसके नेताओं की भाषा को ‘सड़क छाप’ कहा। सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सवाल के जवाब में ढिल्लों ने कहा कि योगी सरकार ने प्रोजेक्ट अलंकार योजना लागू की है। इसके तहत स्कूल प्रबंधन 25% और सरकार 75% खर्च देगी। उन्होंने कहा कि योजना के लिए करोड़ों रुपए का बजट रखा गया है। सरकार ने सहायता प्राप्त स्कूलों के पुराने विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाने का काम किया है।

बरेली में पक्षी अनुसंधान संस्थान के स्थापना दिवस:10 लाख में सौंपी गई सीमन डाइल्यूएंट तकनीक

बरेली के इज्जतनगर स्थित केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के 48वें स्थापना दिवस पर सोमवार को विराट कुक्कुट मेला और कृषक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान सीमन डाइल्यूएंट तकनीक राठी हैचरीज़ को 10 लाख रुपए में सौंपी गई। कार्यक्रम में वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने और कुक्कुट पालन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व आय के अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने आधुनिक तकनीक किसानों और उद्यमियों तक पहुंचाने की जरूरत बताई। किसानों तक पहुंचे वैज्ञानिक अनुसंधान का लाभ राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का असली लाभ तभी है, जब उसकी तकनीक किसानों और उद्यमियों तक पहुंचे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. एचके नरूला समेत अन्य अतिथियों ने भी आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे कुक्कुट उद्योग में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर बढ़ सकते हैं। कुक्कुट पालन से जुड़े लोगों को किया सम्मानित हैचरी और कुक्कुट पालन के क्षेत्र में योगदान के लिए अब्बास रिजवी, सैयद फैज अहमद चिश्ती और वशिष्ठ राव को सम्मानित किया गया। अनुसूचित जाति एवं जनजातीय उपयोजना के लाभार्थियों को भी सम्मान मिला। इनमें कुक्कुट, बकरी और सुअर पालन के अलावा सिलाई और सौर ऊर्जा के जरिए आजीविका चलाने वाले ग्रामीण शामिल रहे। वरिष्ठ पत्रकार शंकर दास को पत्रकारिता में लंबे योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र दिया गया। वेबसाइट और पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम में संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही मशरूम उत्पादन, हिन्दी स्मारिका-2026 और जैव प्रौद्योगिकी आधारित आधुनिक कुक्कुट उत्पादन पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी हुआ। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. संदीप सरन ने सभी का आभार जताया।

राममंदिर आंदोलन के बलिदानी कारसेवकों को दी गई श्रद्धांजलि:स्वामी राजकुमार दास बोले- कारसेवकों के बलिदान की स्मृतियों को पूरे देश में मनाया जाए

30 अक्टूबर और 2 नवंबर1990 के राममंदिर आंदोलन के बलिदान रामभक्तां को दिगंबर अखाड़ा में समारोह पूर्वक श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर हुतात्मा कारसेवकों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के बाद महंतों और जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संस्कृत विद्यालयों के छात्रों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया, जिससे पूरा परिसर सनातनमय हो गया। इस अवसर पर श्रीराम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य और श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि शहीद कारसेवकों के बलिदान की स्मृतियों को पूरे देश सहित विश्व भर में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिससे युवा सनातन धर्म के इन अमर योद्धाओं को जानकर प्रेरणा ले सके। उनके योगदान को जान सकें और करोड़ों युवाओं को इसकी जानकारी दे सकें। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने संतों की अगुवाई में यह आंदोलन सरयूतट पर संकल्प लेकर आरंभ किया और सिद्धि प्राप्त की। इस आंदोलन में राम मंदिर आंदोलन के महानायक रामचंद्र दास परमहंस,गोरक्ष पीठ के तत्कालीन महंत अवेद्यनाथ, विहिप के सरंक्षक अशोक सिंहल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहयोग किया।इनको हमेशा याद किया जाएगा। स्वामी राजकुमार दास ने आगे कहा कि 1990 में अयोध्या के आश्रमों ने घायल कारसेवकों को शरण दी थी। वे हुतात्माएं आज भव्य राम मंदिर में विराजमान हैं। बाल भरत ने कहा कि हुतात्म कारसेवकों ने अपने रक्त से रामचरित्र को जिया। 2 नवम्बर का दिन करुण होने के साथ प्रेरणादायी है। उनकी गाथा हर राम भक्त को सुननी चाहिए। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने हुतात्म कारसेवकों की श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने निहत्थे और शांतिपूर्ण कारसेवकों पर बर्बरतापूर्वक गोलियां चलवाईं, उसके बाद भी उनके मन्तत्व्य धूल धूसरित हो गए और हिन्दू समाज के शौर्य और पराक्रम की विजय हुई। विश्व हिन्दू परिषद् के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह “पंकज” ने कहा कि संतों के आह्वान पर गांव-गांव से लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंचे थे। सरकार ने बैरिकेडिंग और लाठीचार्ज के बाद गोली चलाने का आदेश दिया। हनुमानगढ़ी और शहीद मार्ग पर हुआ नरसंहार इतिहास का काला अध्याय है, लेकिन उसी रक्त से मंदिर आंदोलन को अमरत्व मिला। दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास महाराज ने कहा कि दिगम्बर अखाड़ा शहीद मार्ग का साक्षी रहा है। यहां हुतात्माओं का स्थायी स्मारक बनाया जाएगा और प्रतिवर्ष श्रद्धांजलि सभा आयोजित होती रहेगी। महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या आज विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बन गई है। उसका कारण हुतात्म कारसेवकों का बलिदान है। नगर निगम उनकी स्मृति को स्थायी संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हनुमानगढ़ी और बड़ा भक्तमाल के महंतों ने कहा कि संत समाज इस गोलीकांड का प्रत्यक्षदर्शी रहा है। कारसेवकों पर गोली चलना धर्म पर प्रहार था। आज हनुमानगढ़ी से राम मंदिर तक निर्बाध यात्रा उन्हीं के बलिदान का परिणाम है। महानगर संघ चालक प्रो. विक्रम प्रसाद पांडे और उपस्थित विधायकों ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने तुष्टिकरण के कारण रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए शहीद हुए कारसेवकों का बलिदान अयोध्या के वैभव का आधार है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दिगम्बर अखाड़ा के पूज्य महंत सुरेश दास महाराज व संयोजन उत्तराधिकारी महंत राम लखन दास ने किया। कार्यक्रम का संचालन बावन मंदिर के वैदेही वल्लभ शरण ने किया। जबकि दिगंबर अखाड़ा के प्रबंधक आशेतोष सिंह ने अतिथियों का रामनामा से स्वागत किया। इस अवसर पर उदासीन आश्रम के भरत दास महाराज, जगदगुरु स्वामी वासुदेवाचार्य , महंत गौरीशंकर दास , महंत दिनेश दास, महंत धर्मदास , महंत कमलनयन दास, त्रिवेणीराम, डॉ. भरत दास जी, बिंदुगद्याचार्य देवेन्द्रप्रसादाचार्य सहित अयोध्या के सभी प्रमुख संत-महंत मौजूद रहे। विधायकों में वेद प्रकाश गुप्ता, रामचन्द्र यादव, अभय सिंह, चन्द्रभानु पासवान, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आलोक सिंह “रोहित”, चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह टिल्लू, डॉ संजीव थापर, सीए गोविंद बंसल, दिगंबर अखाड़ा व्यवस्थापक आशुतोष सिंह, भारतीय मजदूर संघ के जय प्रकाश सिंह, विजय सिंह बंटी, श्रीप्रकाश पाठक, सेवा भारती से डॉ आभा सिंह, बीएमएस के अध्यक्ष अमरीश सिंह अवधेश पांडेय बादल, अभिषेक मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख अभिषेक सिंह, रवि सिंह, आचार्य इंद्रदेव मिश्र सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

गोरखपुर अग्रवाल महिला मंडल का 14वां शपथ ग्रहण समारोह:प्राची बनीं अध्यक्ष और पूजा को सचिव पद की जिम्मेदारी, मेयर ने सराहा

गोरखपुर में सोमवार को अग्रवाल महिला मंडल के 14वें शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव पहुंचे। उन्होंने संस्था की ओर से समाज सेवा और नारी शक्ति के उत्थान के लिए किए जा रहे कामों की जमकर तारीफ की। वहीं विशिष्ट अतिथि दीपा वर्मा ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कॉलर बदलने और पदभार ग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया के साथ साल 2026-27 के लिए नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्राची जैन और सचिव पूजा जोशी ने अपने-अपने पद की शपथ ली। गणेश वंदना और स्वागत गीत से हुई शुरुआत समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, संस्थापक अध्यक्ष सुधा मोदी और उपस्थित वरिष्ठ सदस्यों ने दीप प्रज्वलित करके की। इसके बाद नव्या अग्रवाल और मैत्री अग्रवाल ने गणेश वंदना की सुंदर प्रस्तुति दी। वहीं शशि अग्रवाल, दीपाली अग्रवाल और मोनिका अग्रवाल ने सुरीली आवाज में स्वागत गीत गाकर आए हुए अतिथियों का अभिनंदन किया। नई कार्यकारिणी को मिला बड़ों का आशीर्वाद शपथ लेने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्राची जैन ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले वर्ष में भी महिला मंडल समाज सेवा और संस्कारों के नए आयाम स्थापित करेगा। संस्था की संस्थापिका मंजुल अग्रवाल ने नए अध्यक्ष और पूरी कार्यकारिणी को अपना आशीर्वाद दिया। वहीं पूर्व अध्यक्ष शोभा अग्रवाल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को सबके साथ साझा किया और नई टीम को आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर संस्था की सभी पूर्व अध्यक्ष मीनू अग्रवाल, रीता अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल, मधु अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, आभा अग्रवाल, स्मिता अग्रवाल, शानू अग्रवाल और प्रिया अग्रवाल मुख्य रूप से मौजूद रहीं और नए पदाधिकारियों का उत्साह बढ़ाया।