श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रयो..

 

श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का किया मान मर्दन
बाबा न्यूज
आगरा। ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिर्राज जी की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश की। तब कृष्ण भगवान ने गिर्राज पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का मान मर्दन किया। ये कहना था श्रीमंद भागवत कथा मे पांचवे दिन व्यासपीठ से आचार्य राजेश शास्त्री महाराज का। श्री बुजीर्वाला मंदिर संचालन समिति की ओर से प्रताप नगर जयपुर हाउस स्थित श्री बुजीर्वाला मंदिर में चल रही कथा में भक्तो ने कृष्ण की बाल लीला, गोवर्धन पूजन और माखन चोरी लीला के दर्शन किए। जोगनियां बन आयौ छलिया नंदकिशोर.. श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रयो.., मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है.. तेरा शुक्रिया,तेरा शुक्रिया.. जैसे भजनो ने भक्तो को मंदिर में झूमने पर मजबूर कर दिया।

व्यास राजेश शास्त्री महाराज ने श्रद्धालुओ को बताया कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस कृष्ण के वध के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षस पूतना को भेजता है । पूतना वेष बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। भागवत में भक्तों ने छप्पन भोगों का अर्पण किया और झांकियों सहित धूमधाम से गोवर्धन की पूजा-अर्चना की।

कृष्ण रुक्मणी विवाह का होगा आयोजन
मुख्य यजमान गौरव बंसल और निधि बंसल ने बताया कि छटवे दिन शनिवार को महारास, कंस वध और रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया जाएगा। रुक्मणी कृष्ण विवाह में संजीव विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर समन्वयक जेठा भाई, महंत निर्मल गिरी, प्रमोद गुप्ता, पार्षद श्रीराम धाकड़, अजय सिंघल, रमाशंकर अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, आलोक जैन, पीयूष सिंघल, अनूप अग्रवाल, ज्योति मोहन जिन्दल, आदि मौजूद रहे।

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