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श्रद्धा और उत्साह के संग हुई शिव पार्वती की मेंहदी व हल्दी की रस्म

 

ढोलक की थाप और मंगल गीतों पर झूमीं महिलाएं

शिव-पार्वती विवाह की तैयारियां पूरी, आज बारात लेकर माता पार्वती को ब्याने पहुंचेंगे महादेव

बाबा न्यूज 

आगरा। संस्कार परिवार समिति की ओर से भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को मेंहदी एवं हल्दी रस्म का आयोजन दयालबाग स्थित जतिन रिसॉर्ट में किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सैकड़ों श्रद्धालुओं, विशेष रूप से महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ माता पार्वती की मेंहदी और हल्दी की रस्म अदा की।

कार्यक्रम की शुरुआत महिला संगीत के साथ हुई, जहां महिलाओं ने शिव-पार्वती विवाह से जुड़े मंगल गीत गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। माता पार्वती को हल्दी अर्पित करने और मेंहदी की रस्म निभाने के दौरान महिलाएं धार्मिक गीतों पर नृत्य करती नजर आईं। पूरा परिसर ढोलक की थाप, विवाह गीतों और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक रस्मों में भाग लेते हुए भगवान शिव और माता पार्वती के पावन मिलन की खुशियां मनाईं।

कार्यक्रम संयोजक *कैलाश गुप्ता* ने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। बारात में भूत, पिशाच, अघोरियों की टोली के साथ आठ झाकियों संग गुरुवार सांय छह बजे भगवान भोलेनाथ दूल्हे के स्वरूप में कल्याणी हाइट्स से भव्य बारात लेकर जतिन रिसॉर्ट पहुंचेंगे। जहां पूर्ण विधि-विधान के साथ शिव-पार्वती का मंगल विवाह होगा। मंच पर देवाधिदेव महादेव अपनी प्रिय संगनी जगतजाननी माता पार्वती को जयमाला पहनाएंगे। इस अवसर पर मीरा गुप्ता, सोनिया गुप्ता, पूजा गुप्ता, मनोज अग्रवाल पोली भाई, सुमित गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, दीपक गुप्ता आदि मौजूद रहे।

बसंती घटा से सजा श्रीमथुराधीश का मंदिर, भक्तिभाव से मनाया बसंतोत्सव

 

बाबा न्यूज 

आगरा। यमुना किनारे स्थित श्री मथुराधीश महाराज जी के मंदिर में पुरुषोत्तम मास के तहत आज बसंत उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर को बसंती घटा का स्वरूप देकर सजाया गया। बसंतोत्सव पर श्रीमथुराधीश जी का विशेष श्रंगार किया गया। ठाकुर जी को पीले रंग के पकवानों का भोग लगाया गया। हर तरफ मोगरा और बेला के पुष्पों से सुगंधित वातावरण में श्रीहरि के जयकारे गूंज रहे थे।
प्रातः से ही आज श्रीमथुराधीश महाराज जी के मंदिर में उत्सव का वातावरण था। ढोलक की थाप और मंजीरों की झन्कार पर भक्ति के स्वर बिखरे तो भक्तजन झूम उठे। यमुना मैया के भक्त बृज खंडेलवाल जी ने बताया कि उत्सव पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। इसके साथ ही ठाकुरजी की खेल लीला और रंग उत्सव की शुरुआत भी हुई। मंदिर में भक्ति, संगीत और रंगों का सुंदर संगम देखने को मिला। पुष्टिमार्ग संप्रदाय में बसंत पंचमी को होली और रंग-खेल उत्सव की शुरुआत माना जाता है। यह उत्सव लगभग चालीस दिनों तक डोलोत्सव तक चलता है। इस अवसर पर ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार किया गया। उन्हें सफेद मलमल के वस्त्र पहनाए गए और स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया। मंदिर परिसर में बसंत राग के कीर्तन और पद गूंजते रहे। भक्तजन भक्ति रस में डूबे नजर आए। पुष्टिमार्ग में पुरुषोत्तम मास को मनोरथों का महीना माना जाता है। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी की प्रेममयी सेवा की और व्रज की लीलाओं का आनंद लिया। मंदिर प्रशासन ने सभी वैष्णव भक्तों और श्रद्धालुओं को परिवार सहित उत्सव में शामिल होकर ठाकुरजी का आशीर्वाद लेने का आमंत्रण दिया। संध्या आरती मंदिर के महन्त नन्दन श्रोत्रिय व जुगल श्रोत्रिय ने की। बताया कि 22 मई को यमुना आरती स्थल पर यमुना छट उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से कमल खंडेलवाल, विनीत खंडेलवाल, निखिल खंडेलवाल आदि उपस्थित थे।