यमुना मैय्या का दुग्धाभिषेक कर किया पूजन, भक्तिभाव से मनाया छठ उत्सव

 

प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में पुरुषोत्तम मास के दौरान यमुना मैय्या के छठ उत्सव का हुआ भव्य आयोजन

बाबा न्यूज
आगरा। यमुना आरती स्थल पर ठाकुर मथुराधीश जी महाराज के गूंजते जयकारे और मंदिर में यमुना मैय्या के जयकारों का उद्घोष। पुरुषोत्तम मास के छठ उत्सव को भक्तों ने श्रीहरि की प्रिय सखी यमुना मैय्या के उत्सव के रूप में भक्ति भाव के साथ मनाया। दुग्धाभिषेक कर विधि विधान से यमुना मैय्या का पूजन व आरती की। इससे पूर्व यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में में कीर्तन का आयोजन किया गया। यमुना मैय्या व राधा-कृष्ण के भजनों ने भक्ति के ऐसे राग छेड़े कि मानों हर ओर बृज का आनन्द बरस रहा हो।
यमुना मैय्या भक्त बृज खंडेलवाल ने बताया कि वैष्णव परंपरा में श्री यमुना जी (कलिंदी) को भगवान श्री कृष्ण की प्रिय सखी, प्रेम की प्रतीक और पुष्टिमार्ग में विशेष रूप से महारानी या ईष्ट देवी माना जाता है। पुष्टिमार्ग (वल्लभ संप्रदाय) में श्रीठाकुरजी (कृष्ण) की सेवा शुरू होने से पहले यमुनाजी की कृपा अनिवार्य मानी जाती है। यमुनाजी को कृष्ण की प्रेमिका/संगिनी के रूप में पूजा जाता है, वे रासलीला, व्रज की लीलाओं और भक्ति के प्रवाह की आधारस्वरूप हैं।
यमुना सूर्य पुत्री और यम की बहन हैं, लेकिन व्रज में वे कृष्ण-प्रेम की मूर्तिमान रूप हैं। गर्ग संहिता और अन्य ग्रंथों में व्रज की पावनता यमुना और गोवर्धन से जुड़ी है। पुष्टिमार्ग में यमुनाजी के 41 पद (यमुना-स्तोत्र या पद) बहुत प्रसिद्ध हैं, जिनमें उनकी महिमा गाई जाती है, वे पापों का उद्धार करने वाली, प्रेम की पूंज और ठकुरानी हैं। यमुना स्नान, दर्शन और आराधना से भक्त को कृष्ण-भक्ति प्राप्त होती है। वे शीतल जल, प्रेम और कृपा की धारा हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से मंदिर के महन्त नन्दन श्रोत्रिय, जुगल श्रोत्रिय, जगन प्रसाद तेरीया, रोहित गुप्ता, सुरेंद्र सिंह, अपला शर्मा, सूर्या श्रोत्रिय, चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज, दीपक राजपूत, निधि पाठक, पद्मिनी ताजमहल, मीरा खंडेलवाल, बल्लभ अभिनव श्रोत्रिय, बृज खंडेलवाल ,मीरा खंडेलवाल, डॉ हरेंद्र गुप्ता, चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज, दीपक राजपूत, निधि पाठक, जगन प्रसाद तेहरिया, दिनेश शर्मा, शहतोष गौतम, पंडित जुगल किशोर, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, अभिनव लाला, पद्मिनी अय्यर, डॉ ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

भारतीय रेल द्वारा लगभग 30. हजार पदों के समर्पण के विरुद कर्मचारियों में आक्रोश

 

उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ उत्तर मध्य रेलवे में 21 से 29 मई तक विरोध पखवाड़ा मनाएगा
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आगरा। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ / भारतीय रेलवे मजदूर संघ से संबद्ध ने रेलवे बोर्ड द्वारा संदर्भित पत्र के माध्यम से जारी निर्देशों के विरुद्ध अपनी गहरी चिंता और तीव्र विरोध व्यक्त किया है। इस पत्र में जोनल रेलवे/प्रोडक्शन यूनिट तथा अन्य इकाइयों को एक अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार स्वीकृत क्षमता का 2% पद वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य के रूप में समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में UMRKS ने उत्तर मध्य रेलवे में 21 से 29 मई, 2026 तक विरोध पखवाड़े का आंदोलन कार्यक्रम आयोजित किया है। यह उल्लेखनीय है कि पदों के समर्पण के ऐसे निर्देश अब वार्षिक नियमित अभ्यास बन गए हैं, जिससे रेलवे कर्मचारियों में व्यापक आक्रोश और आशंका पैदा हो रही है। पहले से ही रेलवे में बड़ी संख्या में रिक्तियां होने के बावजूद स्वीकृत जनशक्ति को लगातार कम करना परिचालन क्षमता, कर्मचारियों के मनोबल और ट्रेन परिचालन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
संघ उपरोक्त रेलवे बोर्ड द्वारा लिए इस निर्णय का दृढ़ता से विरोध करता है। इसके आधार यह हैं कि सुरक्षा और परिचालन क्षमता। सुरक्षा और परिचालन श्रेणियों के पदों के समर्पण से पहले से ही गंभीर जनशक्ति की कमी और बढ़ जाएगी। जिससे सुरक्षित ट्रेन परिचालन प्रभावित हो सकता है।
भारतीय रेलवे का विद्युतीकरण, लाइन दोहरीकरण/त्रिहरीकरण, नई ट्रेनों का संचालन, स्टेशन पुनर्विकास, तकनीकी उन्नयन आदि के माध्यम से लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण हो रहा है। ऐसे विस्तार के लिए जनशक्ति को कम करने के बजाय रिक्तियां को तत्काल भरने की आवश्यकता है।
अत्यधिक कार्यभार और मानसिक तनाव। मौजूदा कर्मचारी पहले ही बड़ी रिक्तियों के कारण भारी दबाव में काम कर रहे हैं। स्वीकृत क्षमता में और कमी से कार्यभार अत्यधिक बढ़ जाएगा, थकान, तनाव बढ़ेगा और उत्पादकता तथा सुरक्षा पर बुरा असर पड़ेगा। पदोन्नति और करियर प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव। प्रोत्रति वाले पदों के समर्पण से कर्मचारियों की पदोन्नति में लंबी स्थिरता हो जाएगी और उनके वैध करियर अवसरों से वंचित रहना पड़ेगा।
कर्मचारी पहले ही cadre restructuring और vacancy management की कमी के कारण पदोन्नति में देरी का सामना कर रहे हैं।

आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी का बढ़ता चलन
नियमित पदों को समाप्त करते हुए आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की संख्या बढ़ाना अप्रत्यक्ष निजीकरण की भावना पैदा करता है। इससे संस्थागत विशेषज्ञता, जवाबदेही और दीर्घकालिक कार्यबल स्थिरता कमजोर होती है।
तत्काल भर्ती की आवश्यकता। पदों को समाप्त करने के बजाय सभी श्रेणियों में मौजूद रिक्तियों को तुरंत भरने की जरूरत है। समय पर भर्ती परिचालन दक्षता, कर्मचारी मनोबल और यात्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए अत्यावश्यक है।
भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक रूप से स्वस्थ और सामंजस्यपूर्ण औद्योगिक संबंध रहे हैं। किंतु कर्मचारियों की वास्तविक चिंताओं को दूर किए बिना बार-बार जनशक्ति घटाने के उपायों से असंतोष बढ़ेगा और औद्योगिक संबंधों का माहौल प्रभावित होगा। अतः संघ दृढ़ता से मांग करता है कि
पद समर्पण की प्रक्रिया की तुरंत समीक्षा की जाए और इसे रोका जाए। किसी भी स्थिति में सुरक्षा श्रेणी के पदों को समर्पित न किया जाए। मौजूदा रिक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। किसी भी जनशक्ति (manpower) संबंधी नीतिगत निर्णय से पहले मान्यता प्राप्त यूनियनों/महासंघों से उचित परामर्श किया जाए।
यह भी अनुरोध है कि इस रेलवे के कर्मचारियों की भावनाओं और चिंताओं को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाया जाए तथा सुरक्षा, परिचालन दक्षता, कर्मचारी कल्याण और औद्योगिक सद्भाव के व्यापक हित में इस मामले पर पुनर्विचार किया जाए।
यदि अनुकूल समीक्षा नहीं हुई तो रेलवे कर्मचारियों में बढ़ते आक्रोश के कारण संगठन को कर्मचारियों के हितों और रेलवे परिचालन की सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित संगठनात्मक कार्रवाई पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
रेलवे द्वारा 30 हजार पद सरेंडर करने के निर्णय के विरोध में BRMS द्वारा राष्ट्रव्यापी विरोध पखवाड़ा कार्यक्रम 15 से 29 मई मनाया जाएगा। मण्डल रेल प्रबंधक गगन गोयल को ज्ञापन दिया गया।

ज्ञापन देते समय जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश भगोर, जिला मंत्री मुकेश चाहर, मण्डल अध्यक्ष हरि बल्लभ दीक्षित, मण्डल मंत्री बंशी बदन झा, राहुल कुमार, आर के गौतम, राजन सिंह, राजीव कुमार , राकेश मीणा, संतोष कुमार एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बरेली में बेजुबानों के लिए जल सेवा:श्री नाथ नगरी सेवा समिति लगाएगी 50 लीटर के स्थायी जल पात्र

बरेली में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों को राहत देने के लिए श्री नाथ नगरी सेवा समिति ने एक पहल शुरू की है। समिति शहरभर में 50 लीटर क्षमता वाले स्थायी सीमेंट के जल पात्र स्थापित कर रही है, जिससे आवारा गौवंश और अन्य पशु-पक्षियों को शुद्ध पेयजल मिल सके। ये जल पात्र साहूकारा, किला हनुमान मंदिर, बिहारीपुर, हार्टमैन, बजरिया पूरनमल, संजयनगर, झूलेलाल द्वार और जोगी नवादा सहित कई प्रमुख इलाकों में लगाए जाएंगे। समिति सदस्य बंटी ठाकुर ने बताया कि तेज गर्मी और लू से सड़क पर रहने वाले पशु सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए समिति ने न केवल जल पात्र लगाने की जिम्मेदारी ली है, बल्कि उनकी नियमित साफ-सफाई और सुबह-शाम पानी भरने का कार्य भी स्वयं करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सीमेंट के पात्र टिकाऊ होते हैं और उनकी चोरी की संभावना कम होती है। बेजुबान अपनी प्यास शब्दों में नहीं बता सकते समिति के सदस्य शोभित अग्रवाल ने शहरवासियों से अपील की है। उन्होंने कहा, “बेजुबान अपनी प्यास शब्दों में नहीं बता सकते। यदि हर व्यक्ति अपने घर या दुकान के बाहर एक पानी का बर्तन रख दे, तो सैकड़ों जीवों को जीवनदान मिल सकता है।” समिति के अनुसार, यह विशेष जल सेवा अभियान 21 मई से 15 जून तक चलाया जाएगा। अगले तीन दिनों के भीतर सभी चिन्हित स्थानों पर जल पात्र स्थापित कर दिए जाएंगे। इस पहल के दौरान समिति के संस्थापक सोनू भईया, अध्यक्ष श्रवण गुप्ता, सुधीर श्रोत्रिय, योगेंद्र गंगवार, सलभ अग्रवाल, धीरज कुमार, अशोक देवल और सोनू सैनी सहित कई सदस्य मौजूद रहे। श्री नाथ नगरी सेवा समिति पूर्व में भी कंबल वितरण, जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, रक्तदान शिविर, कांवड़ सेवा शिविर और गौसेवा जैसे विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है।

चंदौली में बिजली कटौती से अफसरों के सामने गुस्साए ग्रामीण:उपभोक्ताओं ने अपोलो फैक्ट्री को लगातार सप्लाई पर सवाल उठाए

चंदौली जिले के बबुरी कस्बे में स्थित बिजली उपकेंद्र का अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बिजली कटौती से नाराज उपभोक्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद बिजली उपकेंद्र से भारी कटौती की जा रही है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों की मिलीभगत से अपोलो टायर फैक्ट्री को लगातार निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बिजली की अनियमित कटौती से परेशान होकर गुरुवार देर रात ग्रामीण बबुरी पावर हाउस पर जमा हो गए और उसका घेराव किया। ग्रामीणों ने रात में अत्यधिक कटौती की शिकायत करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। समाजसेवी महेंद्र सेठ और श्रीप्रकाश अपनी मांगें पूरी होने तक धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि रात में केवल 30-40 मिनट ही बिजली मिल रही है, जिससे उमस भरी गर्मी में लोग परेशान हैं। घटना की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जसबीर सिंह, एक्सईएन आशीष कुमार सिंह, अवर अभियंता प्रदीप यादव और एसडीओ अमर सिंह पटेल बबुरी उपकेंद्र पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने निर्माणाधीन अपोलो फैक्ट्री को निर्बाध बिजली आपूर्ति दिए जाने पर सवाल उठाते हुए रात में नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की। अंततः, अधीक्षण अभियंता ने प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि ओवरलोड के कारण बिजली कटौती हो रही है, जिसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान श्रीप्रकाश, महेंद्र सेठ, सूर्यमुनि तिवारी, राणा प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

ललिता हत्याकांड: पति को 10 साल की जेल:दो साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, जुर्माना भी लगाया

सोनभद्र में दो साल पुराने ललिता हत्याकांड में शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतक के पति रामप्यारे को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। उस पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 1 अप्रैल 2023 का है। दुद्धी थाना क्षेत्र के कोरची टोला बियादामर निवासी शिवकुमार ने पुलिस को बताया था कि शाम 7 बजे उसके बड़े भाई रामप्यारे ने अपनी 45 वर्षीय पत्नी ललिता को घर पर गाली-गलौज करते हुए डंडे से बुरी तरह पीटा था। इस हमले में ललिता के सिर में गंभीर चोटें आईं। जब ललिता को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, तभी उसकी मौत हो गई। शिवकुमार की तहरीर पर दुद्धी पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने रामप्यारे के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियुक्त के अधिवक्ता ने इसे पहला अपराध बताते हुए कम से कम सजा देने का अनुरोध किया। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने इसे गंभीर अपराध करार देते हुए अधिकतम दंड की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने, गवाहों के बयानों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद रामप्यारे को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 10 वर्ष के कारावास और 11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यदि रामप्यारे अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

सीतापुर में युवक का पेड़ से लटका मिला शव:हत्या या आत्महत्या के बीच उलझी गुत्थी, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

सीतापुर के रामपुरकला थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के विद्यालय के पास एक पेड़ से युवक का शव पेड़ से लटकता मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार मझिगवां गांव स्थित स्कूल के समीप लगे पेड़ पर ग्राम नसीरपुर निवासी रजनू पुत्र बंसी लाला का शव फंदे से लटकता पाया गया। जब वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर जब शव पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया। देखते ही देखते पूरे गांव में घटना की खबर फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पेड़ से नीचे उतरवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। फिलहाल युवक की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया गया है। पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतक रजनू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रायबरेली सदर तहसील में जनरेटर में लगी आग:ओवरलोडिंग और भीषण गर्मी बनी वजह, बड़ा हादसा टला

रायबरेली में भीषण गर्मी के बीच सदर तहसील परिसर में एक जनरेटर में आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि इसकी ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार देखकर तहसील परिसर में मौजूद लोगों, वकीलों और फरियादियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह घटना शुक्रवार को हुई, जब प्रचंड गर्मी के कारण सरकारी दफ्तरों में एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ गया था। आग लगने से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन दमकल कर्मियों की मुस्तैदी से आग को आसपास की इमारतों और वाहनों तक फैलने से रोक दिया गया। सूत्रों के अनुसार, सदर तहसील का यह जनरेटर पिछले तीन दिनों से लगातार धुआं दे रहा था। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लगातार ओवरलोडिंग और अत्यधिक हीटिंग के कारण शुक्रवार को जनरेटर ने अचानक आग पकड़ ली। दमकल विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग पर नियंत्रण पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और समय रहते आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। तहसील परिसर जैसी महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाली जगह पर तीन दिन से धुआं दे रहे जनरेटर को ठीक न कराना बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते जनरेटर की मरम्मत करा ली गई होती, तो यह घटना टाली जा सकती थी।

बल्केश्वर पार्क में वेदमंत्रों के साथ किया भूमि पूजन

आचार्य इंद्रेश उपाध्याय जी की कथा 31 मई से
संतों की वाणी से ही जीवन का कल्याण: नवीन जैन
बाबा न्यूज
आगरा। विख्यात कथा व्यास एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत आचार्य इंद्रेश उपाध्याय जी कथा 31 मई से बल्केश्वर पार्क में होगी, जिसके लिए गुरुवार को भूमि पूजन किया गया, मुख्य अतिथि थे राज्य सभा सांसद नवीन जैन। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी से जीवन का कल्याण होगा।
श्री बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के लिए भूमि पूजन में सर्वप्रथम वेदमंत्रों के साथ देव उपासना की गई। उसके बाद हवन किया गया। इस दौरान जयघोषों से माहौल भक्तिमय हो गया।
बल्केश्वर मंदिर के महंत कपिल नागर जी के सानिध्य में हुए इस भूमि पूजन में राज्य सभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि आज के युवा वर्ग पर विसंगतियों का प्रकोप है। वह अपने लक्ष्य से भटक रहा है। ऐसी परिस्थिति में संतों के वचन ही उनके जीवन में बदलाव ला सकते हैं। इसलिए श्रीमद् भागवत कथा का यह आयोजन समाज के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण होगा।
पूजन और हवन पं.राकेश चतुवेर्दी ने पूजन कराया। पूजन करने वालों में मुख्य यजमान हरीश अग्रवाल करूणा अग्रवाल पदम अग्रवाल राजेश अग्रवाल मनीष गोयल शिवांग अग्रवाल अजय गोयल नितेश अग्रवाल गिरीश बंसल पार्षद मुरारीलाल गोयल, ऋषि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

31 मई को निकाली जाएगी कलश यात्रा
कलश यात्रा 31 मई को प्रात: निकाली जाएगी, जो बल्केश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर बल्केश्वर पार्क पहुंचेगी। इसी दिन भागवत कथा शुरू हो जाएगी, जिसका समय शाम 4 बजे रहेगा। एक जून को सती चरित्र, ध्रुव कथा, कर्दम देवाहुति प्रसंग, 2 जून को नरसिंह व वामन अवतार की कथा, 3 जून को श्रीराम जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 4 जून को बाल लीला, श्री गोवर्धन पूजा, 5 जून को राम पंचाध्याय, रुक्मिणी विवाह, 6 जून को सुदामा चरित्र, श्रीकृष्ण उद्धव संवाद, परीक्षित मोह, शुकदेव पूजन के साथ कथा का विश्राम हो जाएगा।

विलक्षण आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं इंद्रेश जी
आचार्य इंद्रेश उपाध्याय जी विख्यात कथा वाचक श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जी के सुपुत्र एवं भक्तिपथ संस्था के संस्थापक हैं। इंद्रेश जी प्रसिद्ध कथा वाचक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके प्रवचन और कथाएं मात्र धार्मिक ज्ञान का संचार नहीं करते, बल्कि वे मानवता के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रेरणा भी प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने अनुयायियों के लिए एक आदर्श बन चुके हैं।
वे श्रीमद् भागवत की महिमा को सरल और प्रभावी रूप में प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने मात्र 13 वर्ष की आयु में श्रीमद्भागवत का अध्ययन और इसे कंठस्थ कर लिया था। 29 वर्षीय इंद्रेश जी ने अपनी पहली कथा 18 वर्ष की आयु में गुजरात में की थी। उसके बाद निरंतर वे इस भक्ति मार्ग के लिए समर्पित हो गए हैं।

नंदोत्सव में छाया आनंद, भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु

बाबा न्यूज
आगरा। श्री बुर्जीवाला मंदिर संचालन समिति की ओर से जयपुर हाउस प्रताप नगर स्थित श्री बुर्जीवाला मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा मे नन्दोत्सव में गोकुल धाम जैसा माहौल उत्पन्न हो गया। श्री कृष्ण के प्राकट्य की कथा के बीच कथा स्थल भगवान कृष्ण के जय जयकारों से गूंज उठा। कथा में चौथे दिन समुद्र मंथन, रामचरित्र व श्रीकृष्ण जन्म का भावपूर्ण संजीव वर्णन किया। नंदोत्सव में रंग-बिरंगे गुब्बारों से बुजीर्वाला मंदिर मे पुष्प वर्षा के साथ ही टॉफी और चॉकलेट की बरसात हुई।
व्यासपीठ से आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने बताया कि नंदोत्सव ऐसा महान उत्सव है जो नित्य ही भगवान के प्यारे भक्त देह और गेह की सुध भुलाकर अपने ही मनमंदिर में मनाते हैं। नंदोत्सव में यशोदा ने जायो ललना, मैं जमुना पे सुन आई.., नन्द घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की… आदि भजनो पर महिलाओं ने जम कर नृत्य किया। कथा व्यास पं. राजेश शास्त्री के मुख से एक के बाद एक बधाई गीतों की धुनें प्रस्फुटित होती गयीं। कान्हा बने शिवांश आगरावाला को वासुदेव बने योगेश सिंघल अपने सिर पर टोकरी में रखकर लाये तो श्रद्धालुओ ने कान्हा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय कनैह्या लाल के जयघोष से गूंज उठा। माखन मिश्री का प्रसाद भोग लगा कर भक्तों को वितरित किया गया।

बाल लीला, गोवर्धन पूजन आज
मुख्य यजमान गौरव बंसल व निधि बंसल ने बताया कि कथा के पांचवे दिन श्री कृष्ण बाल लीला, माखन चोरी और गोवर्धन पूजन किया जाएगा। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 24 मई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक किया जायेगा। इस अवसर पर कथा समन्वयक विजय बंसल, विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, महंत गोपी गुरु, शैलू पंडित, नवीन गौतम, निर्मला दीक्षित, पुष्कल गुप्ता, केशव अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, ज्योतिमोहन जिंदल, आलोक जैन, पीयूष सिंघल, शकुन बंसल, सुनील मित्तल, अनूप अग्रवाल, आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आकर्षक झांकियों संग निकली भोलेनाथ की अलौकिक बारात

शहरवासी बने बाराती, वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ शिव-पार्वती विवाह
बाबा न्यूज
आगरा। संस्कार परिवार समिति की ओर से भगवान भोलेनाथ की भव्य शिव बरात निकाली गई तो दयालबाग क्षेत्र पूरी तरह शिवमय हो उठा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बैंड-बाजों की गूंज, आकर्षक झांकियों की छटा और श्रद्धालुओं के उत्साह ने आयोजन को अलौकिक स्वरूप प्रदान किया। श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के इस संगम को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भगवान भोलेनाथ दूल्हे के दिव्य स्वरूप में रथ पर विराजमान रहे। शिव बारात का शुभारंभ विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने किया।
संयोजक कैलाश गुप्ता ने बताया कि शिव विवाह महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। भव्य झांकियों से सुसज्जित बरात में भूत-प्रेतों की टोली, शिवगणों के स्वरूप और धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिवजी की बारात में आदियोगी की मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कल्याणी हाइट्स से प्रारंभ हुई शिव बरात विभिन्न मार्गों से होती हुई जतिन रिजॉर्ट स्थित विवाह स्थल पर पहुंची।

मार्ग में शिव बारात का हुआ स्वागत
मार्ग में क्षेत्रीय निवासियों ने आरती उतारकर और पुष्पवर्षा कर शिव बरात का स्वागत किया। श्रद्धालु नाचते-गाते और शिव भक्ति में लीन नजर आए। महिलाएं मंगल गीत गाती चल रहीं थी, वहीं युवाओं और बच्चों में भी आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। शिव बारात में शामिल कलाकारों की प्रस्तुतियों और पारंपरिक वेशभूषा ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।

वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ शिव-पार्वती का विवाह
जतिन रिजॉर्ट में पहुंचने के बाद देवाधिदेव महादेव और जगतजाननी माता पार्वती का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। जयमाला के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर इस दिव्य क्षण के साक्षी बने। विवाह समारोह में शिव-पार्वती के मंगल गीतों और भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर कर दिया। आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और देर रात तक भक्ति एवं उत्सव का माहौल बना रहा। इस अवसर पर सुमित गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, दीपक गुप्ता, मनोज अग्रवाल पोली भाई, मीरा गुप्ता, सोनिया गुप्ता, पूजा गुप्ता आदि मौजूद रहे।।