यूपी में बाल विवाह बढ़े इसकी दोषी यूपी पुलिस- हाईकोर्ट:दूल्हों और मदद करने वालों पर नहीं दर्ज हुए केस, डीजीपी गाइड लाइन दें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश में बाल विवाह बढ़ रहे हैं, क्योंकि यूपी पुलिस ऐसे गैर-कानूनी विवाहों के दूल्हों और मदद करने वालों पर ‘बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006’ के तहत केस दर्ज करने में नाकाम रही है। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज तक उसके सामने एक भी ऐसा मामला नहीं आया, जिसमें पुलिस ने 2006 के अधिनियम की धारा 10 [बाल विवाह कराने पर सज़ा] और धारा 11 [बाल विवाह को बढ़ावा देने या उसकी इजाज़त देने पर सज़ा] के तहत, किसी नाबालिग लड़की से शादी करने वाले आरोपी या ऐसे गैर-कानूनी विवाह को संपन्न कराने के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की हो। कोर्ट ने डीजीपी से कहा गाइडलाइन जारी करें इसे देखते हुए बेंच ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी ) को निर्देश दिया कि वे राज्य के सभी पुलिस कमिश्नरों/एस एस पी/एसपी को ज़रूरी निर्देश, गाइडलाइंस और सर्कुलर जारी करें, ताकि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बेंच ने कहा, “…जब भी पुलिस को बाल विवाह के बारे में पता चले – चाहे किसी शिकायत के ज़रिए, जांच के दौरान, या खुद संज्ञान लेते हुए – तो बाल विवाह के संज्ञेय अपराध के मामले में, बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की धारा 10 और 11 के तहत, बाल विवाह कराने के लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ बिना किसी देरी के कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।” पुलिस सामाजिक बुराइयों को ताकत से खत्म करे इसके साथ ही बेंच ने डीजीपी को निर्देश दिया कि वे इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और इस सामाजिक बुराई को पूरी ताक़त और ज़ोर-शोर से खत्म करें। ये टिप्पणियां जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस अजय कुमार-II की बेंच ने आज़ाद अंसारी और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान की। याचिका में 14 साल की एक लड़की के कथित अपहरण के मामले में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की गई, जिस पर आरोप था कि लड़की को शादी के लिए मजबूर किया गया। 14 साल की लड़की ने मुस्लिम रीति रिवाज से शादी की याचिकाकर्ताओं का पक्ष यह था कि नाबालिग लड़की (याचिकाकर्ता नंबर 1) ने अपनी मर्ज़ी से इस साल मार्च में मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार आज़ाद अंसारी (याचिकाकर्ता नंबर 2) से शादी की थी, और वह इस समय बिना किसी ज़ोर-ज़बरदस्ती या दबाव के उसके साथ रह रही है। दूसरी ओर, सरकारी वकील ने यह तर्क दिया कि याचिकाकर्ता नंबर1 एक नाबालिग लड़की है जिसकी उम्र बहुत कम है। याचिकाकर्ता नंबर 2 ने उसे बहला-फुसलाकर उसके माता-पिता की कानूनी देखरेख से अगवा कर लिया, ताकि उसे उससे शादी करने के लिए मजबूर किया जा सके। यह दलील दी गई कि याचिकाकर्ता नंबर 2 को पूरी तरह पता था कि लड़की नाबालिग है और उनकी शादी बाल विवाह के अलावा कुछ नहीं थी, जो ‘बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006’ के प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध है। आगे यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ता नंबर 2 और 3 ने असल में इस अपराध को अंजाम देने के लिए साज़िश रची थी। इसलिए यह प्रार्थना की गई कि एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए। दोनों पक्षकारों की दलीलों और आरोपियों पर लगे आरोपों पर विचार करने के बाद बेंच ने पाया कि इस चरण पर याचिकाकर्ता नंबर 2 और 3 के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। कोर्ट ने कहा आरोप बहुत ही गंभीर बेंच ने टिप्पणी की, “आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए हमारी सुविचारित राय है कि विवादित एफआईआर से याचिकाकर्ता नंबर 2 और 3 के खिलाफ एक संज्ञेय अपराध का होना पता चलता है।
याची नंबर 2 और 3 को फंसाने वाले पर्याप्त सबूत पहले ही जुटाए जा चुके हैं। इसलिए इस चरण पर विवादित एफआईआर को रद्द नहीं किया जा सकता।” हालांकि, आदेश जारी करने से पहले अदालत ने उस व्यापक प्रशासनिक विफलता पर ध्यान दिया, जो इस सामाजिक बुराई को बढ़ावा दे रही है। बेंच ने राय दी, “बाल विवाह का उन्मूलन केवल एक वैधानिक लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह एक संवैधानिक अनिवार्यता है।” इस संबंध में बेंच ने कहा कि 2006 का अधिनियम यह अनिवार्य करता है कि जैसे ही पुलिस अधिकारियों को बाल विवाह संपन्न होने या पूरा होने की जानकारी मिलती है, वे तुरंत कड़ी कार्रवाई करें। ऐसा इसलिए किया जाना चाहिए ताकि अधिनियम की धारा 10 और 11 के तहत, ऐसे अवैध बाल विवाह को संपन्न कराने के लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों पर मुकदमा चलाया जा सके। बाल विवाह दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हालांकि, कोर्ट ने यह भी पाया कि जांच अधिकारी दूल्हों और शादी कराने वालों के खिलाफ इन प्रावधानों का इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिसके कारण बाल विवाह की ऐसी घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। आगे कहा गया, “चूंकि बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत ऐसे अवैध बाल विवाह कराने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश राज्य में बाल विवाह दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं।” बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए निराशा व्यक्त की कि जांच अधिकारी
अक्सर इन प्रावधानों की अनदेखी करते हैं। ऐसे विवाहों को सुगम बनाने वाली विभिन्न संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बेंच ने आगे कहा कि यहां तक ​​कि ऐसे अवैध बाल विवाह कराने वाले सामाजिक और धार्मिक संगठन भी या तो बच्ची के आधार कार्ड या उसके हलफनामे का सहारा लेते हैं, भले ही आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि उम्र का वैध प्रमाण न हो। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह इस मामले को 2006 के अधिनियम के प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य से देखें और जांच पूरी करते हुए कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करें।

निजी स्कूलों की मनमानी पर डीएम सख्त:अधिक फीस वसूली या विशेष दुकान से खरीदारी पर होगी कार्रवाई

प्रतापगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कड़े निर्णय लिए गए। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई निजी विद्यालय निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूलता है, या अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें, ड्रेस, जूते या मोजे खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को सभी स्कूलों द्वारा की गई फीस वृद्धि का विवरण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह भी अनिवार्य किया गया कि नए शैक्षणिक सत्र से 60 दिन पहले सभी विद्यालय अपनी फीस संरचना अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर सार्वजनिक करें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए और हर साल किताबें बदलने की प्रथा पर रोक लगाई जाए, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। विद्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे पांच वर्षों से पहले ड्रेस में बदलाव नहीं करेंगे। जिला प्रशासन ने जून के प्रथम सप्ताह में सभी निजी विद्यालय संचालकों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में अधिनियम के नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। डीएम ने चेतावनी दी कि नियमों के उल्लंघन पर पहली बार में अधिक वसूली गई फीस लौटाने के साथ एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन पर पांच लाख रुपये तक का अर्थदंड और तीसरी बार में विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति की जा सकती है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा, वरिष्ठ कोषाधिकारी अनामिका सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

श्रद्धालुओं से भरे टेंपो को कार ने मारी टक्कर:बरसाना में एक की मौत, कई महिलाएं गंभीर घायल

मथुरा के बरसाना थाना क्षेत्र में शनिवार को श्रद्धालुओं से भरे एक टेंपो को तेज रफ्तार वैगनआर कार ने टक्कर मार दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी थाना क्षेत्र के शमशाबाद निवासी 50 वर्षीय दशरथ तिवारी अपने परिवार के साथ शनिवार सुबह कोकिलावन शनिदेव मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद पूरा परिवार टेंपो में सवार होकर बरसाना स्थित राधारानी मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुआ था। संकेत गांव के पास हुआ भीषण हादसा रास्ते में बरसाना क्षेत्र के संकेत गांव के समीप सामने से आ रही तेज रफ्तार वैगनआर कार ने टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो में सवार श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को टेंपो से बाहर निकाला। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने दशरथ तिवारी को मृत घोषित कर दिया। मृतक के भांजे सुधीर रावत ने बताया कि हादसे में उनके मामा की हालत मौके पर ही गंभीर हो गई थी। उन्होंने बताया कि हादसे में अनीता, लक्ष्मी, रजनी और गजल गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार में पसरा मातम दशरथ तिवारी की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सोनभद्र में भीषण गर्मी, आंगनबाड़ी और मदरसे बंद:बच्चों के लिए 22 मई से 15 जून तक आंगनबाड़ी, मदरसे 31 मई तक स्थगित

सोनभद्र में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों में बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का अवकाश 22 मई से 15 जून तक रहेगा, जबकि मदरसों में शिक्षण कार्य 31 मई तक स्थगित किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों को गर्मी और लू से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिनकी ड्यूटी बीएलओ में लगी है, वे अपना कार्य यथावत करती रहेंगी। साथ ही, सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे और कार्यकर्ता व सहायिकाएं गृह भ्रमण, सामुदायिक गतिविधियां, टीकाकरण, अनुपूरक पुष्टाहार वितरण और पोषण ट्रैकर ऐप पर फीडिंग जैसे सभी शासकीय कार्य पूर्ववत करेंगी।
दूसरी ओर, जनपद में लगातार बढ़ते तापमान और मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव चेतावनी के मद्देनजर छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोनभद्र द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त और संचालित सभी मदरसों में शिक्षण कार्य तत्काल प्रभाव से 31 मई तक स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड और जिलाधिकारी सोनभद्र के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान ग्रीष्म ऋतु में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा ने सभी अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्यों को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बलिया में युवाओं ने ट्रेन यात्रियों को पिलाया शीतल जल:स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में बांटे बिस्किट, एक सप्ताह चलेगा सेवा पखवारा

बलिया रेलवे स्टेशन पर शनिवार को भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को शीतल जल वितरित किया गया। छात्रनेता और सामाजिक कार्यकर्ता रिपुंजय रमण पाठक ‘रानू’ के नेतृत्व में युवाओं ने यह पहल की। युवाओं की टीम ने नई दिल्ली से जयनगर जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रियों को ठंडा पानी और बिस्किट के पैकेट बांटे। इसका उद्देश्य यात्रियों को गर्मी से राहत पहुंचाना था।
रानू पाठक ने बताया कि उनकी टीम हर साल भीषण गर्मी में लोगों को शीतल जल वितरित करती है। इसी क्रम में एक सप्ताह तक ‘सेवा पखवारा’ चलाया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न स्थानों पर जल वितरण किया जाएगा। इसका लक्ष्य आम जनता को गर्मी से थोड़ी राहत प्रदान करना है। इस दौरान मोहित गुप्ता, राजेंद्र कुमार, अशगर अली, राजू मोहन, यशराज पाठक, शिवम यादव, कन्हैया पटेल, रतन पटेल, अमन ठाकुर, कृष्णा जायसवाल और बबलू यादव सहित अन्य युवा मौजूद रहे।

नगर निगम के वाहन चालकों का मानदेय बढ़ाया जाये : विनोद इलाहाबादी

बाबा न्यूज
आगरा। नगर निगम अलीगढ़ में आऊटसोर्सिंग चालको को 20000 ₹ मासिक ग्रास मानदेय/ पारिश्रमिक दिया जा रहा है। नगर निगम अलीगढ़ में सेवाप्रदाता शहरी आजीविका केन्द्र द्वारा ग्रास मानदेय/ पारिश्रमिक का भुगतान नगर आयुक्त अलीगढ़ के आदेश 28 जनवरी 2026 के क्रम में अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव द्वारा कार्यालय अलीगढ़ नगर निगम अलीगढ़ पत्रांक I/400/न०नि०अली०/2025-26 दिनांक 31 जनवरी 2026 को जारी आदेश पर किया जा रहा है।
नगर निगम आगरा के आऊटसोर्सिंग ड्राइवरों को भी नगर निगम अलीगढ़ की तरह 20000 ₹ दिलवाये जाने की मांग को लेकर नगर निगम कर्मचारी समन्वय समिति द्वारा अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को एक ज्ञापन दिया गया।
इस सन्दर्भ में कर्मचारी नेता विनोद इलाहाबादी ने कहा कि अलीगढ़ की तरह नगर निगम आगरा के आऊटसोर्सिंग ड्राइवरों को भी 20000 ₹ मासिक ग्रास मानदेय मिलना चाहिए। इसके अलावा मांगपत्र में सफाई कर्मचारियों को गर्मी के कारण कार्य अवधि 11 बजे तक किये जाने और महिला सफाई कर्मचारियों को सुबह 7 बुलाये जाने का भी अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन देने बालों में सुन्दर बाबू चंचल, रेशम सिंह चाहर, राजकुमार विधार्थी, मोहन गुलज़ार रोहित लवानिया रंजीत सिंह नरवार शनी चौहान मनीष चौहान अनिल राजौरिया गुलशन दयाल, शिवा मुंसव,राजू डागौर कामेश कुंज शिवम् दिलवारिया सोनू डोगरा शैलेन्द्र राठौर धर्मेन्द्र शर्मा मुकेश सोनकर ह्रतिक इलाहाबादी निखिल इलाहाबादी आदि मौजूद थे।

अवनींद्र गुप्ता को चौथी बार बने आर्य समाज कमला नगर के प्रधान

बाबा न्यूज
आगरा। आर्य समाज बल्केश्वर कमला नगर की ओर से वार्षिक चुनाव का आयोजन कमला नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में संपन्न हुआ। सर्वसम्मति से हुए चुनाव में अवनींद्र गुप्ता को चौथी बार प्रधान बनाया गया। कार्यकारणी में यतेंद्र आर्य को मंत्री और राहुल आर्य को कोषाध्यक्ष चुना गया। शेष कार्यकारिणी के गठन की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित प्रधान अवनींद्र गुप्ता को सौंपते हुए उन्हें शीघ्र नई कार्यकारिणी घोषित करने के निर्देश दिए गए। चुनाव अधिकारी व जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान विजयपाल सिंह चौहान ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराया।
संरक्षक डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य समाज केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज सुधार, शिक्षा, संस्कार और वैदिक विचारधारा का एक सशक्त आंदोलन है। नवनिर्वाचित प्रधान अवनींद्र गुप्ता ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर वीरेंद्र कनवर, राम प्रकाश, विजय अग्रवाल, नरेंद्र सिंघल, जितेंद्र आर्य, रामपाल सिंह, उषा गुप्ता, विद्या गुप्ता आदि मौजूद रहे।

 

श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रयो..

 

श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का किया मान मर्दन
बाबा न्यूज
आगरा। ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिर्राज जी की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश की। तब कृष्ण भगवान ने गिर्राज पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का मान मर्दन किया। ये कहना था श्रीमंद भागवत कथा मे पांचवे दिन व्यासपीठ से आचार्य राजेश शास्त्री महाराज का। श्री बुजीर्वाला मंदिर संचालन समिति की ओर से प्रताप नगर जयपुर हाउस स्थित श्री बुजीर्वाला मंदिर में चल रही कथा में भक्तो ने कृष्ण की बाल लीला, गोवर्धन पूजन और माखन चोरी लीला के दर्शन किए। जोगनियां बन आयौ छलिया नंदकिशोर.. श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रयो.., मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है.. तेरा शुक्रिया,तेरा शुक्रिया.. जैसे भजनो ने भक्तो को मंदिर में झूमने पर मजबूर कर दिया।

व्यास राजेश शास्त्री महाराज ने श्रद्धालुओ को बताया कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस कृष्ण के वध के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षस पूतना को भेजता है । पूतना वेष बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। भागवत में भक्तों ने छप्पन भोगों का अर्पण किया और झांकियों सहित धूमधाम से गोवर्धन की पूजा-अर्चना की।

कृष्ण रुक्मणी विवाह का होगा आयोजन
मुख्य यजमान गौरव बंसल और निधि बंसल ने बताया कि छटवे दिन शनिवार को महारास, कंस वध और रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया जाएगा। रुक्मणी कृष्ण विवाह में संजीव विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर समन्वयक जेठा भाई, महंत निर्मल गिरी, प्रमोद गुप्ता, पार्षद श्रीराम धाकड़, अजय सिंघल, रमाशंकर अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, आलोक जैन, पीयूष सिंघल, अनूप अग्रवाल, ज्योति मोहन जिन्दल, आदि मौजूद रहे।