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जनकपुरी महोत्सव को लेकर आयोजन समिति ने पुलिस आयुक्त से की भेंट

तीन दिवसीय आयोजन के लिए सुरक्षा एवं सुचारु यातायात व्यवस्था पर हुई विस्तृत चर्चा, महाआरती में शामिल होने का दिया आमंत्रण

बाबा न्यूज 

आगरा। उत्तर भारत के सबसे ऐतिहासिक एवं भव्य जनकपुरी महोत्सव-2026 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आगामी 6, 7 एवं 8 अक्टूबर को भावना एस्टेट रोड पर आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिष्टाचार भेंट कर आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की।
आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार ‘राजू’ यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त को बताया कि जनकपुरी महोत्सव में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु एवं दर्शक सम्मिलित होते हैं। इस वर्ष भी आयोजन को भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।
राजीव कुमार ‘राजू’ यादव ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान माता सीता की डोला यात्रा, राजा जनक की शोभायात्रा एवं श्री राम सहित चारों भाइयों के स्वरूपों का नगर भ्रमण प्रमुख आकर्षण होते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहती है। आयोजन स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप होने के कारण सुरक्षा के साथ-साथ सुचारु यातायात व्यवस्था भी अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पुलिस प्रशासन से सहयोग एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया।
उन्होंने पुलिस आयुक्त को यह भी अवगत कराया कि जनकपुरी महोत्सव के केंद्रीय कार्यालय पर प्रतिदिन शाम 7:30 बजे महाआरती का आयोजन किया जा रहा है तथा उन्हें इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता के लिए सादर आमंत्रित किया गया।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने आयोजन समिति को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए संबंधित अपर पुलिस आयुक्तों एवं अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनकपुरी महोत्सव के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने महाआरती में भी समयानुसार सम्मिलित होने का प्रयास करने की बात कही।
इस अवसर पर आयोजन समिति के संतोष कटारा, मनोज जादौन, अरविंद शर्मा, धर्मेश जैन, अशोक चौबे, मनोज बंसल, संजय गोयल आदि उपस्थित रहे।

शिक्षक हितों पर समझौता सहन नहीं होगा : डॉ. भोज कुमार शर्मा

पुरानी पेंशन सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षकों ने दिया  धरना

बाबा न्यूज 

आगरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पाण्डेय गुट) के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, आगरा में पुरानी पेंशन बहाली एवं शिक्षकों की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।

मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. भोज कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता आया है और आगे भी पूरी दृढ़ता के साथ करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, सेवा सुरक्षा, समयबद्ध पदोन्नति, वित्तविहीन शिक्षकों के अधिकार और सम्मानजनक सेवा-शर्ते किसी वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज की साझा मांग हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि संगठन का संघर्ष किसी व्यक्ति या सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि शिक्षक हितों के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की पहली शर्त है और सरकार को इन न्यायोचित मांगों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।

धरने में पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षा सेवा अधिनियम-2023 में सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति संबंधी प्रावधानों की पुनर्स्थापना, वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, एन.पी.एस. से जुड़े लंबित प्रकरणों का निस्तारण, कैशलेस चिकित्सा सुविधा का विस्तार, त्रिस्तरीय सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने सहित 14 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। तरीय ए.सी.पी., व्यावसायिक एवं कम्प्यूटर शिक्षकों शिक्षकों को पूर्ण शिक्षक का दर्जा दिया जाए।

कार्यक्रम के उपरांत संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन के नाम संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक, आगरा रविन्द्र पाल सिंह तौमर को सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
जिला विद्यालय निरीक्षक में समस्त शिक्षक समस्याओं का निस्तारण करने की बात कही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मी रानी शर्मा, जिला अध्यक्ष ने की। इस अवसर पर जसवंत सिंह, डॉ. अरुण कुमार गौतम, रामवीर सिंह, शिव ज्योति नीतू सिंह राम मूर्ति सत्येंद्र माहेश्वरी, धीरज सिंह धाकड़ ,जितेंद्र तिवारी,डॉ राघवेंद्र सिंह,सुधीर कुमार कुलश्रेष्ठ,डॉ निखिल जैन

सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

सभा के अंत में शिक्षकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा तथा शिक्षक समाज की आवाज को लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से निरंतर बुलंद किया जाएगा।

ऑटो में सवारी से पैसे छीनने वाला आरोपी गिरफ्तार:पैसे बांट के कर दिए खर्च, ऑटो और मोबाइल बरामद, दूसरा आरोपी हुआ फरार

आगरा में सवारी बनकर ऑटो में बैठे कपड़ा व्यापारी से 47 हजार रुपये छीनने वाले शातिर को सिकंदरा पुलिस ने 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से छीने गए 2400 रुपये, घटना में प्रयुक्त ऑटो और मोबाइल फोन बरामद किया है। शॉर्टकट के बहाने सुनसान जगह ले जाकर की वारदात
ACP हरीपर्वत अमीषा ने बताया-30 जुलाई को कपड़ों की फेरी करने वाले एक व्यक्ति ने तहरीर दी थी। वादी ने बताया कि 25 जुलाई को वह फरह से ऑटो में बैठकर सिकंदरा आ रहा था। रास्ते में ऑटो चालक ने ऑटो को जऊपुरा रोड की तरफ मोड़ दिया। पूछने पर चालक ने शॉर्टकट का रास्ता बताकर जल्दी पहुंचाने की बात कही। कुछ दूर जाकर ऑटो चालक और पीछे बैठे उसके साथी ने वादी से 47 हजार रुपये छीन लिए और उसे सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गए। इस तहरीर के आधार पर थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया। छीनैती की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 30-31 जुलाई की रात केशव फार्महाउस गोल चक्कर के पास से अभियुक्त आशीष को दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से छीनैती के 2400 रुपये, वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो और छीने गए पैसों से खरीदा गया मोबाइल फोन बरामद हुआ। पैसे बांटकर खर्च कर दिए
पूछताछ में आशीष ने बताया कि वह ऑटो किराए पर चलाता है। 25 जुलाई को वह अपने दोस्त सुमित के साथ फरह से सिकंदरा आ रहा था। तभी फरह में एक सवारी मिली जिसकी जेब उभरी हुई थी। दोनों को शक हुआ कि जेब में रुपये हैं। लालच में आकर दोनों उसे लेकर चल दिए। हीरालाल की प्याऊ से ऑटो को जऊपुरा वाले सुनसान रास्ते पर ले जाकर रोक दिया। इसके बाद पीछे बैठे सुमित और आशीष ने मिलकर व्यापारी से रुपये छीन लिए और फरार हो गए। आरोपियों को कुल 47 हजार रुपये मिले थे। दोनों ने बराबर-बराबर बांट लिए। सुमित अपना हिस्सा लेकर भाग गया। आशीष ने अपने हिस्से से 5 हजार रुपये देकर किस्तों पर मोबाइल खरीदा। कुछ रुपये खर्च कर दिए। बचे 2400 रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए।पुलिस ने बताया कि फरार साथी सुमित की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन की तैयारी तेज:माकपा ने गांवों में की बैठकें, आंदोलन की रणनीति पर हुई चर्चा

देवरिया में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 10 अगस्त को अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर प्रस्तावित देशव्यापी ‘जेल भरो’ आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क और बैठकें आयोजित कर रही है। शुक्रवार को विकास खंड बनकटा के कुटिया बौलिया और बतरौली ग्राम समितियों की बैठकें हुईं, जिनमें आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। इन बैठकों में वक्ताओं ने बताया कि आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली का निजीकरण, किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान, नीलगायों से फसलों की सुरक्षा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, महंगाई, बेरोजगारी, सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार तथा दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर कथित दमन के खिलाफ भी आवाज उठाई जाएगी। गांव-गांव जाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा आंदोलन में पेपर लीक की घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को आर्थिक सहायता, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 26 हजार रुपये मासिक मानदेय, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने जैसी मांगें भी प्रमुखता से उठाई जाएंगी। माकपा नेताओं ने बताया कि 10 अगस्त के आंदोलन में किसानों, नौजवानों और मेहनतकश जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सफल बनाने का आह्वान किया। इन बैठकों को माकपा के जिला मंत्री जयप्रकाश यादव, पहवारी कुशवाहा, नथुनी कुशवाहा और मथुरापुरी सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार जनता के बीच अभियान चला रही है और आगामी ‘जेल भरो’ आंदोलन इसी अभियान का एक हिस्सा है।

गोंडा में सड़क हादसे के बाद प्रदर्शन, 84 पर केस:थाने के गेट पर शव रखकर किया था हंगामा, रोड जाम की थी

गोंडा में परसपुर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक दीपक की मौत के बाद थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन करना परिजनों और अन्य लोगों को भारी पड़ गया। पुलिस ने शुक्रवार शाम 6 बजे प्रदर्शन और सड़क जाम के मामले में 34 नामजद और 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। यह कार्रवाई शुक्रवार देर शाम उपनिरीक्षक आकाशदीप सिंह की तहरीर पर की गई। सरकारी कार्य में बाधा और सड़क जाम का आरोप पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2), 285, 126(2) और 221 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अमित कुमार गुप्ता को सौंपी गई है। हादसे के बाद थाने के गेट पर रखा था शव पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई की रात करीब नौ बजे हुए सड़क हादसे में 22 वर्षीय दीपक की मौत हो गई थी। इसके अगले दिन 27 जुलाई की शाम करीब छह बजे परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण परसपुर थाने पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पिकअप वाहन के बोनट पर शव रखकर थाने के गेट पर प्रदर्शन किया और ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। 34 लोगों को किया नामजद उपनिरीक्षक आकाशदीप सिंह की तहरीर में अमरेश यादव, बबलू, गौतम, शुभम, रंजीत, राहुल, पृथ्वीराज, अजय, निरंकार, जय कश्यप उर्फ जगदीश कश्यप, गोलू कश्यप, रुद्र मिश्रा, रविंद्र कश्यप, अजय, सुनील कश्यप, शिवम राज कश्यप, अमर सैनी, ननके, भोजराज, अल्लू, रिंकू कश्यप, सोनू कश्यप, गोविंद कश्यप, बीके मिश्रा, उमेश, विनोद, मुन्नालाल, जय कश्यप, सुरजीत सेन, राकेश कश्यप, राहुल, विजय यादव, मनीष श्रीवास्तव और अन्नू कश्यप समेत 34 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का दावा- समझाने के बाद भी नहीं माने प्रदर्शनकारी तहरीर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने परसपुर-बालपुर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस का आरोप है कि समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और सरकारी कार्य में बाधा डालते रहे। ट्रैक्टर चालक पर पहले ही दर्ज हो चुका था मुकदमा परसपुर थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि सड़क हादसे के मामले में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने शव रखकर सड़क जाम किया, जिसके चलते उनके खिलाफ अलग से विधिक कार्रवाई की गई है।

फॉर्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर डीएम ने दिखाई सख्ती:किशनी की दो ग्राम पंचायतों का निरीक्षण, 15 दिन में सुधार नहीं होने पर होगी कार्रवाई

मैनपुरी में शासन की प्राथमिकता वाले फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को किशनी विकासखंड की ग्राम पंचायत समान और चितायन का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम को अभियान की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई तथा ग्राम समान के लेखपाल के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सचिवालय में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में किसानों का पंजीकरण बेहद कम मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने ग्राम समान के लेखपाल संदीप यादव के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश उप जिलाधिकारी किशनी नवनीता राय को दिए। हालांकि, जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अगले 15 दिनों में अभियान की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार होता है तो प्रतिकूल प्रविष्टि वापस लेने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले इस अभियान में अपेक्षित प्रगति न होना गंभीर चिंता का विषय है। डीएम ने समीक्षा के दौरान उप जिलाधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और निर्देशों के बावजूद अभियान की रफ्तार नहीं बढ़ी है। प्रभावी निगरानी के अभाव में पूरा कार्य अधीनस्थ कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है, जिससे लक्ष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और कृषि अधिकारियों को प्रतिदिन अभियान की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में प्रगति सबसे कम है, वहां स्वयं पहुंचकर किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित कराई जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत सचिवालयों पर ग्राम प्रधान, कोटेदार, पंचायत सहायक, लेखपाल और रोजगार सेवक की उपस्थिति सुनिश्चित कर शेष किसानों का पंजीकरण कराया जाए, ताकि अभियान समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम समान में तीन लेखपाल क्षेत्र स्वीकृत हैं, लेकिन दो लेखपाल तहसील के कंप्यूटर कक्ष से संबद्ध होने के कारण क्षेत्र में केवल एक लेखपाल ही कार्य कर रहा है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने सभी संबद्ध लेखपालों को तत्काल कार्यमुक्त कर उनके मूल हलकों में भेजने के निर्देश दिए। 350 किसानों की ही हुई रजिस्ट्री, 2400 का पंजीकरण बाकी समीक्षा में पता चला कि ग्राम समान में लगभग 1,500 किसानों के सापेक्ष अब तक केवल 350 किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री हुई है। वहीं ग्राम पंचायत चितायन में करीब 2,400 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रत्येक पात्र किसान का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी किशनी नवनीता राय सहित कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार:सचिन को 2 साल की जेल, 5 हजार रुपये जुर्माना

बागपत न्यायालय ने गैंगस्टर अधिनियम के एक मामले में आरोपी सचिन को दोषी करार दिया है। उसे दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह फैसला पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद आया है। अभियुक्त सचिन, पुत्र महेंद्र, निवासी आवास विकास कॉलोनी, कस्बा एवं थाना बड़ौत, जनपद बागपत के खिलाफ थाना बड़ौत में गैंगस्टर अधिनियम की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसके आधार पर सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सरकारी अधिवक्ता एडवोकेट इंदरपाल ने बताया कि न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर यह निर्णय सुनाया है। पुलिस अधिकारियों ने इसे अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और मजबूत अभियोजन का परिणाम बताया। अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अपराध और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ़ यूपी करेगा ‘गुरु शिल्पी सम्मान’

 

4 अगस्त को शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं कला जगत की विभूतियों का होगा सम्मान, आमंत्रण पत्र का हुआ विमोचन

बाबा न्यूज 

आगरा। भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु ही अपने ज्ञान, साधना और संस्कारों से शिष्य के व्यक्तित्व को निखारकर उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। इसी गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मानित करने के उद्देश्य से आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ़ यूपी द्वारा आगामी 4 अगस्त को ‘गुरु शिल्पी सम्मान समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह की औपचारिक घोषणा एवं आमंत्रण पत्र का विमोचन शुक्रवार को करकुंज रोड, आवास विकास स्थित भगत हलवाई रेस्टोरेंट में दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
संस्था के महासचिव कमलप्रीत सिंह ‘शैंकी’ ने बताया कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। जीवन में ज्ञान, शिक्षा, कला, संस्कार और व्यक्तित्व का विकास कराने वाले गुरु सदैव वंदनीय और सम्माननीय होते हैं। आगरा की सांस्कृतिक धरती पर ऐसे अनेक गुरु हैं जिन्होंने अपनी कला और साधना से राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है। उनके शिष्य आज देश-विदेश में भारतीय संस्कृति और कला का परचम लहरा रहे हैं। ऐसे ही समर्पित गुरुओं को सम्मानित करने का उद्देश्य इस समारोह का मूल भाव है।
उन्होंने बताया कि आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ़ यूपी पिछले कई वर्षों से शास्त्रीय संगीत, नृत्य, वादन, लोककलाओं, रंगमंच और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था समय-समय पर संगीत समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कार्यशालाएं, युवा कलाकारों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, गुरु-शिष्य संवाद, प्रतिभा सम्मान समारोह तथा नवोदित कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने जैसे अनेक रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करती रही है। संस्था का उद्देश्य वरिष्ठ कलाकारों के अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाना है।
उपाध्यक्ष मंजरी शुक्ला ने बताया कि 4 अगस्त को आयोजित होने वाले समारोह में शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य से जुड़े वरिष्ठ गुरुजन और कलाकारों को ‘गुरु शिल्पी सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा। सम्मानित होने वाली विभूतियों में डॉ. रवि भटनागर, प्रतिभा तलेगांवकर, सुधीर नारायण, सदानंद भट्ट, मुरली तिवारी, गौतम तिवारी, सुभाष सक्सेना, शोबी माथुर, रविंद्र तालेगांवकर, पं. डॉ. देवाशीष गांगुली, अमान खान, गजेंद्र चौहान, वीरेंद्र भान गुप्ता, शुभाशीष गांगुली, डॉ. नीलू शर्मा, मनीष प्रभाकर, रमेश प्रभाकर, नंदन गुरु, फ्रांसिस मरिंडा, पुरुषोत्तम मयूरा, टोनी फास्टर, रोशनी गिडवानी तथा ज्योति खंडेलवाल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान समारोह केवल कलाकारों का अभिनंदन नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और कला साधना के प्रति समाज में सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास है।
आमंत्रण पत्र के विमोचन अवसर पर उपाध्यक्ष बी. शिरोमणि, सचिव अनिल वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य ललित शर्मा, अनूप सिंह, योगेश सिंह, अपूर्व, अनिल सविता आदि उपस्थित रहे।