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कौशांबी में सेवा संकल्प अभियान विकास प्रदर्शनी शुरू:केंद्र के 12 और यूपी सरकार के 10 साल की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

कौशांबी के मंझनपुर सभागार में रविवार शाम 5 बजे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक विकास प्रदर्शनी शुरू की गई। इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सेवाकाल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना और उन्हें ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ चायल विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा और अमरनाथ यादव ने किया। इस मौके पर ज्योति केसरवानी, प्रेमचंद चौधरी और राकेश पाण्डेय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनी में केंद्र और प्रदेश सरकार की अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों, उपलब्धियों और विकास कार्यों को आकर्षक तरीके से दिखाया गया है। इसमें केंद्र सरकार के 12 साल और उत्तर प्रदेश सरकार के 10 साल के कार्यकाल में चलाई गई योजनाओं और कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है। इस प्रदर्शनी के जरिए आम लोगों को एक ही जगह पर विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी मिल रही है। इससे पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी लेने और अपनी पात्रता के हिसाब से उनका लाभ उठाने में आसानी होगी। यह विकास प्रदर्शनी 5 अक्टूबर 2026 तक लगी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रदर्शनी देखने आएं और जनकल्याणकारी योजनाओं व विकास कार्यों की जानकारी लें।

सुलतानपुर में 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार:गांधी भंडार दुकान के पास से दबोचा, पुरानी रंजिश में तलवार-चाकू से हमले का आरोप

सुलतानपुर पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश मनोज कुमार पाण्डेय उर्फ शिवानन्द पाण्डेय को रविवार शाम 4:30 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे गांधी भंडार दुकान के पास से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद हुआ है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुरानी रंजिश में तलवार-चाकू से हमला करने का आरोप मामला 17 अगस्त का है। आरोप है कि मनोज पाण्डेय ने अपने साथियों अंकित पाण्डेय, नित्कर्ष सिंह और कामता प्रसाद पाण्डेय के साथ पुरानी रंजिश में सुनील पाण्डेय उर्फ महन्थू के साथ मारपीट की थी। इस दौरान तलवार और चाकू का इस्तेमाल किया गया, जिससे सुनील पाण्डेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ स्थित केजीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां करीब एक महीने तक उपचार चला। शिकायतकर्ता और उसके भाई को धमकी देने का भी आरोप शिकायत के मुताबिक, घटना के दौरान मनोज और उसके साथियों ने शिकायतकर्ता और उसके भाई कौशलेन्द्र पाण्डेय के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि कामता प्रसाद पाण्डेय ने शिकायतकर्ता पर तमंचे से फायर भी किया था। मामले में कादीपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कादीपुर के नेतृत्व में कादीपुर थाने की पुलिस टीम ने कार्रवाई की। उपनिरीक्षक तरुण कुमार पटेल और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर मनोज पाण्डेय को गिरफ्तार किया।

60-65 साल के बुजुर्ग बने छठी क्लास के बच्चे:आगरा में स्कूल में पिठ्ठू और गिल्ली-डंडा खेला; रेलगाड़ी बनाकर दौड़े: जीया बचपन

आगरा के राजकीय इंटर कॉलेज में 60-65 साल के पूर्व छात्र छठी क्लास की ड्रेस में स्कूल लौटे। सफेद कमीज, काली पैंट और गले में पानी की बोतल लिए इन दोस्तों ने अपने बचपन के दिनों को फिर से जिया। किसी ने स्कूल के गेट से दौड़ते हुए एंट्री की तो किसी ने क्लास में बैठकर शरारत की। ये दोस्त आज रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी, डॉक्टर, अकाउंटेंट और शिक्षक हैं। राजकीय इंटर कॉलेज के इन पूर्व छात्रों ने करीब 5 साल पहले छठी क्लास की यादों को फिर से जीने के लिए यह वीडियो बनाया था। वीडियो की शूटिंग करने वाले राकेश ने बताया कि शुक्रवार को इसके कुछ हिस्सों को नए वॉइस ओवर के साथ इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया। सके बाद इसे बड़ी संख्या में लोग देख और शेयर कर रहे हैं। घटना लोहा मंडी थाना क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज की है। 5 साल पहले बनाया था वीडियो राजा मंडी गोकुलपुरा में रहने वाले राकेश ने बताया कि दोस्तों ने करीब 5 साल पहले 2021 में यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल ‘भूत का अंडा’ के लिए बनाया था। उस समय वीडियो को करीब 1500 व्यू मिले थे। 4 दिन पहले वीडियो के कुछ हिस्सों को नए वॉइस ओवर के साथ इंस्टाग्राम पर दोबारा पोस्ट किया गया। इसके बाद इसे बड़ी संख्या में लोग देख और शेयर कर रहे हैं। वीडियो में 60-65 साल की उम्र के बुजुर्ग दोस्त सफेद कमीज, काली पैंट और गले में पानी की बोतलें लटकाए स्कूल के गेट से अंदर जाते दिख रहे हैं। कोई दौड़ते हुए पहुंच रहा है तो कोई दोस्तों के साथ नाचते हुए स्कूल में दाखिल हो रहा है। इसके बाद सभी दोस्त स्कूल के मैदान में बचपन के खेल खेलते नजर आते हैं। वे पिठ्ठू यानी सात पत्थर और गिल्ली-डंडा खेलते हैं। खेलते समय उनके चेहरे पर वही उत्साह दिखता है, जैसा बचपन में हुआ करता था। वीडियो में दोस्त स्कूल के बरामदे और कक्षाओं में जाकर बेंच पर बैठते हैं। कहीं एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मस्ती करते हैं तो कहीं रेलगाड़ी बनाकर स्कूल में दौड़ते नजर आते हैं। कुछ दोस्त गानों पर झूमते हुए भी दिखाई देते हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में चल रहे वॉइस ओवर में करीब 50 साल पुरानी दोस्ती, बचपन की यादों और दोस्तों से जुड़े रहने की बात कही गई है। अब पढ़िए दोस्तों का ग्रुप कैसे बना और वीडियो का आइडिया कहां से आया…. 10 साल पहले बनाया था दोस्तों का ग्रुप राकेश नागर ने बताया कि करीब 10 साल पहले मेरे दोस्त केशव शर्मा ने पुराने सहपाठियों का व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था। इसमें धीरे-धीरे स्कूल के दूसरे दोस्त भी जुड़ते गए। ग्रुप में डॉक्टर, सीए, बैंक और बीएसएनएल कर्मचारी, कारोबारी समेत अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोग शामिल हैं। राकेश ने बताया कि एक दिन मैंने ग्रुप में स्कूल की पुरानी यादों पर वीडियो बनाने की स्क्रिप्ट भेजी। सभी दोस्तों को यह विचार पसंद आया। इसके बाद छठी क्लास के दिनों को दोबारा जीने के लिए स्कूल में शूटिंग करने की तैयारी शुरू हुई। शिक्षक ने समझाया तो मिली शूटिंग की अनुमति राकेश ने बताया कि शुरुआत में स्कूल में शूटिंग की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद शिक्षक डॉ. जनक सिंह सिसोदिया ने प्रिंसिपल को पूरी बात समझाई। अनुमति मिलने के बाद शूटिंग हो सकी। डॉ. सिसोदिया भी इस वीडियो में दोस्तों के साथ शामिल हुए थे। राकेश ने बताया कि वीडियो की शूटिंग राजकीय इंटर कॉलेज में की गई थी। करीब 30 दोस्त छठी क्लास के छात्रों की तरह ड्रेस पहनकर स्कूल पहुंचे थे। किसी ने स्कूल के गेट से एंट्री की तो कोई क्लास में बैठकर पुराने दिनों की तरह शरारत करता नजर आया। उन्होंने बताया कि वीडियो में शामिल कई दोस्त आज रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी, डॉक्टर, अकाउंटेंट और शिक्षक हैं। कुछ दोस्त शूटिंग में शामिल नहीं हो सके। इनमें डीजीपी, आईपीएस अधिकारी और न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण भी थे। डॉ. अरुण वीडियो कॉल के जरिए दोस्तों से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि उनका दोस्तों का ग्रुप सिर्फ स्कूल की यादों तक सीमित नहीं है। सभी दोस्त हर साल कार्यक्रम करते हैं और एक-दूसरे की शादी, खुशी और दुख के मौकों पर भी साथ रहते हैं। 1971 में इसी स्कूल में लिया था दाखिला राकेश ने बताया कि मैंने 1971 में राजकीय इंटर कॉलेज की छठी क्लास में एडमिशन लिया था और 1976 में दसवीं पास की। स्कूल के दिनों में मैं मंच पर अभिनय करते था और कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। स्कूल के बाद मैंने प्राइवेट नौकरी, बैंक और प्राइवेट स्कूल में काम किया। आवाज अच्छी होने के कारण लोगों ने सिंगिंग में आने की सलाह दी। अब कई साल से सिंगिंग में हैं। मेरा ‘करण प्रिया म्यूजिक इवेंट’ नाम से ग्रुप है। मैंने एक किताब भी लिखी है। ————————– ये खबर भी पढ़ें- अखिलेश के सामने भिड़े सपा नेता:गुस्से में सपा प्रमुख बोले- बड़े नेता हैं, पैसों की गर्मी हो गई है; मीटिंग से निकाला सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने पार्टी के 2 नेता भिड़ गए। दोनों में तीखी बहस के बाद कहासुनी शुरू हो गई। यह देखकर अखिलेश नाराज हो गए। उन्होंने दोनों नेताओं मंजीत यादव और जुगेंद्र यादव को मीटिंग से बाहर निकलवा दिया। पढ़ें पूरी खबर…

टांडा चेयरमैन शबाना नाज का ससुराल पक्ष पर आरोप:बोलीं- पति की मौत के बाद संपत्ति अपने नाम कराई; आधार और मृत्यु प्रमाण पत्र भी रखा

अंबेडकरनगर में टांडा नगर पालिका अध्यक्ष शबाना नाज ने रविवार को अपने ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए। नगरपालिका में दोपहर करीब 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- पति की मौत के बाद परिवार के लोगों ने उनकी संपत्ति अपने नाम करा ली। उनका आरोप है कि पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और उनका आधार कार्ड भी ससुराल पक्ष के लोगों ने अपने पास रख लिया है। पति की मौत के बाद राजनीति में आने की बात कही शबाना नाज ने कहा पति की मौत के बाद उन्हें मजबूरी में राजनीति में आना पड़ा। उन्होंने बताया उनके पति ने लोगों के लिए काफी काम किया था और इसी वजह से जनता ने उन्हें चुनाव में समर्थन दिया। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय भी अपने दिवंगत पति को दिया। हाल में अदालत ने उनके पति और सपा नेता मोहम्मद अयाज की 2019 में हुई हत्या के मामले में पूर्व कॉलेज प्रबंधक उबैदुर्रहमान को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक अन्य आरोपी वसीम असगर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। परिवार के लोगों से रिश्ते खराब होने का दावा अध्यक्ष ने बताया कि पहले परिवार के दो लोग करीब एक साल तक नगर पालिका का काम संभाल रहे थे। बाद में ईओ से अनबन होने के बाद उन्हें खुद पालिका की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। उनके मुताबिक, ईओ और तत्कालीन जिलाधिकारी ने उन्हें बताया था कि नगर पालिका की जिम्मेदारी चुने हुए अध्यक्ष की होती है और उन्हें खुद कामकाज देखना चाहिए। इसके बाद परिवार के लोगों से उनके रिश्ते खराब हो गए। शबाना नाज ने कहा कि उन्होंने किसी को हटाया नहीं था और वह नहीं चाहती थीं कि परिवार के लोग उनसे अलग हों। संपत्ति और दस्तावेज अपने पास रखने का आरोप शबाना नाज ने आरोप लगाया कि पति की मौत के बाद परिवार के लोगों ने उनकी संपत्ति अपने नाम करा ली। उनका यह भी आरोप है कि पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और उनका आधार कार्ड भी ससुराल पक्ष के लोगों ने अपने पास रख लिया है। बिजली काटने और कैमरे लगाने का आरोप पालिका अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग उन्हें और उनके बच्चों को घर में परेशान करते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कमरे की बिजली नीचे से काट दी जाती है। कई बार आधे-आधे दिन तक बिजली बंद रहने की बात भी कही। उन्होंने घर में कैमरे लगाए जाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि महिला वाले हिस्से में कैमरे क्यों लगाए गए हैं। कहा- अब जनता के सामने रख रही हूं मामला शबाना नाज ने कहा कि परिवार के भीतर चल रहे विवाद और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जानकारी आम लोगों को नहीं थी। अब वह इन मामलों को सार्वजनिक कर रही हैं, ताकि जनता को भी उनकी स्थिति की जानकारी हो सके। इन आरोपों पर ससुराल पक्ष का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

नोएडा में किसान 23 सितंबर को कलेक्ट्रेट घेरेंगे:10% आबादी प्लॉट और समान मुआवजा समेत 5 मांगें रखीं, रौनीजा में जुटे पदाधिकारी

रौनीजा गांव में रविवार शाम भारतीय किसान यूनियन (कृषक शक्ति) की बैठक हुई। इसमें 23 सितंबर को प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारियों पर चर्चा की गई। संगठन ने किसानों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की। पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया जाएगा। 10% आबादी प्लॉट और समान मुआवजे की मांग भाकियू (कृषक शक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन ठाकुर ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर 23 सितंबर को कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगों में किसानों को 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट देना, भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को पूरी तरह लागू करना, सर्किल रेट में बदलाव और समान मुआवजा नीति लागू करना शामिल है। इसके अलावा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग भी आंदोलन में उठाई जाएगी। गांव-गांव जाकर किसानों से करेंगे संपर्क अमन ठाकुर ने कहा कि किसान इन मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। बैठक में मौजूद किसानों ने 23 सितंबर के आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन से पहले गांव-गांव जाकर किसानों को कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी और अधिक से अधिक किसानों को कलेक्ट्रेट पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में ये लोग रहे मौजूद बैठक में हरी प्रताप सिंह छोकर, रघुराज सिंह, अशोक प्रधान, मुकेश कुमार गौड़, निरंजन गौड़, प्रमोद भाटी, विपिन सचदेवा, हरदेव मुकेश, कृष्ण गोस्वामी, राजू, विनोद, सुभाष, पवन भाटी, रमन शर्मा और सचिन समेत संगठन के पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।