आगरा के राजकीय इंटर कॉलेज में 60-65 साल के पूर्व छात्र छठी क्लास की ड्रेस में स्कूल लौटे। सफेद कमीज, काली पैंट और गले में पानी की बोतल लिए इन दोस्तों ने अपने बचपन के दिनों को फिर से जिया। किसी ने स्कूल के गेट से दौड़ते हुए एंट्री की तो किसी ने क्लास में बैठकर शरारत की। ये दोस्त आज रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी, डॉक्टर, अकाउंटेंट और शिक्षक हैं। राजकीय इंटर कॉलेज के इन पूर्व छात्रों ने करीब 5 साल पहले छठी क्लास की यादों को फिर से जीने के लिए यह वीडियो बनाया था। वीडियो की शूटिंग करने वाले राकेश ने बताया कि शुक्रवार को इसके कुछ हिस्सों को नए वॉइस ओवर के साथ इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया। सके बाद इसे बड़ी संख्या में लोग देख और शेयर कर रहे हैं। घटना लोहा मंडी थाना क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज की है। 5 साल पहले बनाया था वीडियो राजा मंडी गोकुलपुरा में रहने वाले राकेश ने बताया कि दोस्तों ने करीब 5 साल पहले 2021 में यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल ‘भूत का अंडा’ के लिए बनाया था। उस समय वीडियो को करीब 1500 व्यू मिले थे। 4 दिन पहले वीडियो के कुछ हिस्सों को नए वॉइस ओवर के साथ इंस्टाग्राम पर दोबारा पोस्ट किया गया। इसके बाद इसे बड़ी संख्या में लोग देख और शेयर कर रहे हैं। वीडियो में 60-65 साल की उम्र के बुजुर्ग दोस्त सफेद कमीज, काली पैंट और गले में पानी की बोतलें लटकाए स्कूल के गेट से अंदर जाते दिख रहे हैं। कोई दौड़ते हुए पहुंच रहा है तो कोई दोस्तों के साथ नाचते हुए स्कूल में दाखिल हो रहा है। इसके बाद सभी दोस्त स्कूल के मैदान में बचपन के खेल खेलते नजर आते हैं। वे पिठ्ठू यानी सात पत्थर और गिल्ली-डंडा खेलते हैं। खेलते समय उनके चेहरे पर वही उत्साह दिखता है, जैसा बचपन में हुआ करता था। वीडियो में दोस्त स्कूल के बरामदे और कक्षाओं में जाकर बेंच पर बैठते हैं। कहीं एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मस्ती करते हैं तो कहीं रेलगाड़ी बनाकर स्कूल में दौड़ते नजर आते हैं। कुछ दोस्त गानों पर झूमते हुए भी दिखाई देते हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में चल रहे वॉइस ओवर में करीब 50 साल पुरानी दोस्ती, बचपन की यादों और दोस्तों से जुड़े रहने की बात कही गई है। अब पढ़िए दोस्तों का ग्रुप कैसे बना और वीडियो का आइडिया कहां से आया…. 10 साल पहले बनाया था दोस्तों का ग्रुप राकेश नागर ने बताया कि करीब 10 साल पहले मेरे दोस्त केशव शर्मा ने पुराने सहपाठियों का व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था। इसमें धीरे-धीरे स्कूल के दूसरे दोस्त भी जुड़ते गए। ग्रुप में डॉक्टर, सीए, बैंक और बीएसएनएल कर्मचारी, कारोबारी समेत अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोग शामिल हैं। राकेश ने बताया कि एक दिन मैंने ग्रुप में स्कूल की पुरानी यादों पर वीडियो बनाने की स्क्रिप्ट भेजी। सभी दोस्तों को यह विचार पसंद आया। इसके बाद छठी क्लास के दिनों को दोबारा जीने के लिए स्कूल में शूटिंग करने की तैयारी शुरू हुई। शिक्षक ने समझाया तो मिली शूटिंग की अनुमति राकेश ने बताया कि शुरुआत में स्कूल में शूटिंग की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद शिक्षक डॉ. जनक सिंह सिसोदिया ने प्रिंसिपल को पूरी बात समझाई। अनुमति मिलने के बाद शूटिंग हो सकी। डॉ. सिसोदिया भी इस वीडियो में दोस्तों के साथ शामिल हुए थे। राकेश ने बताया कि वीडियो की शूटिंग राजकीय इंटर कॉलेज में की गई थी। करीब 30 दोस्त छठी क्लास के छात्रों की तरह ड्रेस पहनकर स्कूल पहुंचे थे। किसी ने स्कूल के गेट से एंट्री की तो कोई क्लास में बैठकर पुराने दिनों की तरह शरारत करता नजर आया। उन्होंने बताया कि वीडियो में शामिल कई दोस्त आज रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी, डॉक्टर, अकाउंटेंट और शिक्षक हैं। कुछ दोस्त शूटिंग में शामिल नहीं हो सके। इनमें डीजीपी, आईपीएस अधिकारी और न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण भी थे। डॉ. अरुण वीडियो कॉल के जरिए दोस्तों से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि उनका दोस्तों का ग्रुप सिर्फ स्कूल की यादों तक सीमित नहीं है। सभी दोस्त हर साल कार्यक्रम करते हैं और एक-दूसरे की शादी, खुशी और दुख के मौकों पर भी साथ रहते हैं। 1971 में इसी स्कूल में लिया था दाखिला राकेश ने बताया कि मैंने 1971 में राजकीय इंटर कॉलेज की छठी क्लास में एडमिशन लिया था और 1976 में दसवीं पास की। स्कूल के दिनों में मैं मंच पर अभिनय करते था और कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। स्कूल के बाद मैंने प्राइवेट नौकरी, बैंक और प्राइवेट स्कूल में काम किया। आवाज अच्छी होने के कारण लोगों ने सिंगिंग में आने की सलाह दी। अब कई साल से सिंगिंग में हैं। मेरा ‘करण प्रिया म्यूजिक इवेंट’ नाम से ग्रुप है। मैंने एक किताब भी लिखी है। ————————– ये खबर भी पढ़ें- अखिलेश के सामने भिड़े सपा नेता:गुस्से में सपा प्रमुख बोले- बड़े नेता हैं, पैसों की गर्मी हो गई है; मीटिंग से निकाला सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने पार्टी के 2 नेता भिड़ गए। दोनों में तीखी बहस के बाद कहासुनी शुरू हो गई। यह देखकर अखिलेश नाराज हो गए। उन्होंने दोनों नेताओं मंजीत यादव और जुगेंद्र यादव को मीटिंग से बाहर निकलवा दिया। पढ़ें पूरी खबर…