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श्रीकृष्ण और रुक्मणि विवाह अपने आप में अनूठा


छटवे दिन महारास, कंस उद्धार और रुक्मणी विवाह के हुए प्रसंग
बाबा न्यूज
आगरा। श्री बुर्जीवाला मंदिर संचालन समिति की ओर से प्रताप नगर जयपुर हाउस स्थित मंदिर में चल रही कथा में छटवे दिन महारास, कंस उद्धार और रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। व्यासपीठ से आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण और रुक्मणिजी का विवाह अपने आप में अनूठा है। रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से कृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन भगवान श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। इस दौरान प्रभु को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन वे रुके या थके नहीं और अंतत: उन्होंने रुक्मणि जी से विवाह किया।
आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने कहा कि भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। बुजीर्वाला मंदिर परिसर में भक्तगण कृष्ण रासलीला और रुक्मणी विवाह के भजनो पर जमकर झूम उठे। जैसे-जैसे भागवत कथा आगे बड़ती जा रही हैं व्यास गददी पर विराजमान आचार्य राजेश शास्त्री महाराज के मुखाबिंद से इस कथा को सुनने के लिये श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ा रहा है।

सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग आज
मुख्य यजमान गौरव बंसल और निधि बंसल ने बताया कि सातवें दिन रविवार को सुदामा चरित्र, भगवान के अन्य विवाह तथा भागवत व्यास पूजन किया जायेगा। सोमवार को सुबह पूर्ण आहुति के बाद पांच हजार लोगो का विशाल भंडारा मंदिर परिसर में किया जायेगा। इस अवसर पर समन्वयक अजय आवागढ़, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पूनिया, राजेश जिंदल, संदीप गोयल, अनूप अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, रवि मंगल, राजीव अग्रवाल, शशिकांत अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, ओम स्वरूप गर्ग, राजकुमार अग्रवाल, रवि मंगल, रविशंकर बंसल, जेठा भाई आदि मौजूद रहे।

आशीष बंसल बने अध्यक्ष, गौरव मित्तल बने सचिव

 

भारत विकास परिषद अन्नपूर्णा शाखा के षष्ठम अधिष्ठापन समारोह का हुआ आयोजन
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आगरा। भारत विकास परिषद (भाविप) अन्नपूर्णा शाखा का षष्ठम अधिष्ठापन समारोह फतेहाबाद रोड स्थित होटल क्लार्क शिराज में आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि नेशनल चैम्बर के अध्यक्ष मनोज बंसल,स्वागतध्यक्ष नेमकुमार जैन, अधिष्ठापन समन्वयक धर्मगोपाल मित्तल, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय संरक्षक डॉ. केशव दत्त गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष सीए प्रवीण गर्ग, राष्ट्रीय सहसंयोजक डॉ. तरुण शर्मा, राष्टीय प्रकल्प सदस्य एडवोकेट बसंत गुप्ता और क्षेत्रीय सचिव प्रमोद सिंघल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह में भाविप अन्नपूर्णा शाखा के नवीन सत्र 2026-27 के अध्यक्ष आशीष बंसल, सचिव गौरव मित्तल, कोषाध्यक्ष हर्ष अग्रवाल को प्रांतीय अध्यक्ष उमेश बंसल ने पद की शपथ दिलाई। दिनेश सिंघल को संगठन मंत्री ,सौरभ अग्रवाल को संयोजक संपर्क, सौरभ सिंघल को संयोजक सेवा, विष्णु गोयल को संयोजक संस्कार और दिलीप जैन को संयोजक पर्यावरण, पूनम बंसल को संयोजक महिला सहभागिता की शपथ दिलाई। कार्यकारणी सदस्यों को अधिष्ठापन अधिकारी सीए विवेक अग्रवाल ने और नए सदस्यों को दीक्षा अधिकारी प्रांतीय उपाध्यक्ष रवि शिवहरे ने शपथ दिलाई।

समारोह में प्रांतीय उपाध्यक्ष धर्मगोपाल मित्तल ने परिषद् के उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम संचालन रीता मित्तल, मेघा गोयल, शालिनी जैन ने किया। धन्यवाद अभिषेक सिंघल ने दिया। शाखा के सदस्यों का स्वागत संरक्षक नेम कुमार जैन ने किया। पिछले वर्ष का लेखा-जोखा पूर्व कोषाध्यक्ष विकास जैन ने दिया और गत वर्ष के कार्यक्रमों का विवरण पूर्व अध्यक्ष विनय गोयल ने दिया। इस अवसर पर अंकुर सिंघल, बिहारी लाल, कपिल अग्रवाल, मनीष मंगल, मनोज वर्मा, नीरज गर्ग, निश्चित अग्रवाल, प्रदीप बंसल, रिंकू वर्मा, विवेक जैन, मिथुन गर्ग आदि मौजूद रहे।

नगर निगम के वाहन चालकों का मानदेय बढ़ाया जाये : विनोद इलाहाबादी

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आगरा। नगर निगम अलीगढ़ में आऊटसोर्सिंग चालको को 20000 ₹ मासिक ग्रास मानदेय/ पारिश्रमिक दिया जा रहा है। नगर निगम अलीगढ़ में सेवाप्रदाता शहरी आजीविका केन्द्र द्वारा ग्रास मानदेय/ पारिश्रमिक का भुगतान नगर आयुक्त अलीगढ़ के आदेश 28 जनवरी 2026 के क्रम में अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव द्वारा कार्यालय अलीगढ़ नगर निगम अलीगढ़ पत्रांक I/400/न०नि०अली०/2025-26 दिनांक 31 जनवरी 2026 को जारी आदेश पर किया जा रहा है।
नगर निगम आगरा के आऊटसोर्सिंग ड्राइवरों को भी नगर निगम अलीगढ़ की तरह 20000 ₹ दिलवाये जाने की मांग को लेकर नगर निगम कर्मचारी समन्वय समिति द्वारा अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को एक ज्ञापन दिया गया।
इस सन्दर्भ में कर्मचारी नेता विनोद इलाहाबादी ने कहा कि अलीगढ़ की तरह नगर निगम आगरा के आऊटसोर्सिंग ड्राइवरों को भी 20000 ₹ मासिक ग्रास मानदेय मिलना चाहिए। इसके अलावा मांगपत्र में सफाई कर्मचारियों को गर्मी के कारण कार्य अवधि 11 बजे तक किये जाने और महिला सफाई कर्मचारियों को सुबह 7 बुलाये जाने का भी अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन देने बालों में सुन्दर बाबू चंचल, रेशम सिंह चाहर, राजकुमार विधार्थी, मोहन गुलज़ार रोहित लवानिया रंजीत सिंह नरवार शनी चौहान मनीष चौहान अनिल राजौरिया गुलशन दयाल, शिवा मुंसव,राजू डागौर कामेश कुंज शिवम् दिलवारिया सोनू डोगरा शैलेन्द्र राठौर धर्मेन्द्र शर्मा मुकेश सोनकर ह्रतिक इलाहाबादी निखिल इलाहाबादी आदि मौजूद थे।

अवनींद्र गुप्ता को चौथी बार बने आर्य समाज कमला नगर के प्रधान

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आगरा। आर्य समाज बल्केश्वर कमला नगर की ओर से वार्षिक चुनाव का आयोजन कमला नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में संपन्न हुआ। सर्वसम्मति से हुए चुनाव में अवनींद्र गुप्ता को चौथी बार प्रधान बनाया गया। कार्यकारणी में यतेंद्र आर्य को मंत्री और राहुल आर्य को कोषाध्यक्ष चुना गया। शेष कार्यकारिणी के गठन की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित प्रधान अवनींद्र गुप्ता को सौंपते हुए उन्हें शीघ्र नई कार्यकारिणी घोषित करने के निर्देश दिए गए। चुनाव अधिकारी व जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान विजयपाल सिंह चौहान ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराया।
संरक्षक डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य समाज केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज सुधार, शिक्षा, संस्कार और वैदिक विचारधारा का एक सशक्त आंदोलन है। नवनिर्वाचित प्रधान अवनींद्र गुप्ता ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर वीरेंद्र कनवर, राम प्रकाश, विजय अग्रवाल, नरेंद्र सिंघल, जितेंद्र आर्य, रामपाल सिंह, उषा गुप्ता, विद्या गुप्ता आदि मौजूद रहे।

 

श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रयो..

 

श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का किया मान मर्दन
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आगरा। ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिर्राज जी की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश की। तब कृष्ण भगवान ने गिर्राज पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का मान मर्दन किया। ये कहना था श्रीमंद भागवत कथा मे पांचवे दिन व्यासपीठ से आचार्य राजेश शास्त्री महाराज का। श्री बुजीर्वाला मंदिर संचालन समिति की ओर से प्रताप नगर जयपुर हाउस स्थित श्री बुजीर्वाला मंदिर में चल रही कथा में भक्तो ने कृष्ण की बाल लीला, गोवर्धन पूजन और माखन चोरी लीला के दर्शन किए। जोगनियां बन आयौ छलिया नंदकिशोर.. श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रयो.., मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है.. तेरा शुक्रिया,तेरा शुक्रिया.. जैसे भजनो ने भक्तो को मंदिर में झूमने पर मजबूर कर दिया।

व्यास राजेश शास्त्री महाराज ने श्रद्धालुओ को बताया कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस कृष्ण के वध के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षस पूतना को भेजता है । पूतना वेष बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। भागवत में भक्तों ने छप्पन भोगों का अर्पण किया और झांकियों सहित धूमधाम से गोवर्धन की पूजा-अर्चना की।

कृष्ण रुक्मणी विवाह का होगा आयोजन
मुख्य यजमान गौरव बंसल और निधि बंसल ने बताया कि छटवे दिन शनिवार को महारास, कंस वध और रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया जाएगा। रुक्मणी कृष्ण विवाह में संजीव विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर समन्वयक जेठा भाई, महंत निर्मल गिरी, प्रमोद गुप्ता, पार्षद श्रीराम धाकड़, अजय सिंघल, रमाशंकर अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, आलोक जैन, पीयूष सिंघल, अनूप अग्रवाल, ज्योति मोहन जिन्दल, आदि मौजूद रहे।

यमुना मैय्या का दुग्धाभिषेक कर किया पूजन, भक्तिभाव से मनाया छठ उत्सव

 

प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में पुरुषोत्तम मास के दौरान यमुना मैय्या के छठ उत्सव का हुआ भव्य आयोजन

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आगरा। यमुना आरती स्थल पर ठाकुर मथुराधीश जी महाराज के गूंजते जयकारे और मंदिर में यमुना मैय्या के जयकारों का उद्घोष। पुरुषोत्तम मास के छठ उत्सव को भक्तों ने श्रीहरि की प्रिय सखी यमुना मैय्या के उत्सव के रूप में भक्ति भाव के साथ मनाया। दुग्धाभिषेक कर विधि विधान से यमुना मैय्या का पूजन व आरती की। इससे पूर्व यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में में कीर्तन का आयोजन किया गया। यमुना मैय्या व राधा-कृष्ण के भजनों ने भक्ति के ऐसे राग छेड़े कि मानों हर ओर बृज का आनन्द बरस रहा हो।
यमुना मैय्या भक्त बृज खंडेलवाल ने बताया कि वैष्णव परंपरा में श्री यमुना जी (कलिंदी) को भगवान श्री कृष्ण की प्रिय सखी, प्रेम की प्रतीक और पुष्टिमार्ग में विशेष रूप से महारानी या ईष्ट देवी माना जाता है। पुष्टिमार्ग (वल्लभ संप्रदाय) में श्रीठाकुरजी (कृष्ण) की सेवा शुरू होने से पहले यमुनाजी की कृपा अनिवार्य मानी जाती है। यमुनाजी को कृष्ण की प्रेमिका/संगिनी के रूप में पूजा जाता है, वे रासलीला, व्रज की लीलाओं और भक्ति के प्रवाह की आधारस्वरूप हैं।
यमुना सूर्य पुत्री और यम की बहन हैं, लेकिन व्रज में वे कृष्ण-प्रेम की मूर्तिमान रूप हैं। गर्ग संहिता और अन्य ग्रंथों में व्रज की पावनता यमुना और गोवर्धन से जुड़ी है। पुष्टिमार्ग में यमुनाजी के 41 पद (यमुना-स्तोत्र या पद) बहुत प्रसिद्ध हैं, जिनमें उनकी महिमा गाई जाती है, वे पापों का उद्धार करने वाली, प्रेम की पूंज और ठकुरानी हैं। यमुना स्नान, दर्शन और आराधना से भक्त को कृष्ण-भक्ति प्राप्त होती है। वे शीतल जल, प्रेम और कृपा की धारा हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से मंदिर के महन्त नन्दन श्रोत्रिय, जुगल श्रोत्रिय, जगन प्रसाद तेरीया, रोहित गुप्ता, सुरेंद्र सिंह, अपला शर्मा, सूर्या श्रोत्रिय, चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज, दीपक राजपूत, निधि पाठक, पद्मिनी ताजमहल, मीरा खंडेलवाल, बल्लभ अभिनव श्रोत्रिय, बृज खंडेलवाल ,मीरा खंडेलवाल, डॉ हरेंद्र गुप्ता, चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज, दीपक राजपूत, निधि पाठक, जगन प्रसाद तेहरिया, दिनेश शर्मा, शहतोष गौतम, पंडित जुगल किशोर, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, अभिनव लाला, पद्मिनी अय्यर, डॉ ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

भारतीय रेल द्वारा लगभग 30. हजार पदों के समर्पण के विरुद कर्मचारियों में आक्रोश

 

उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ उत्तर मध्य रेलवे में 21 से 29 मई तक विरोध पखवाड़ा मनाएगा
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आगरा। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ / भारतीय रेलवे मजदूर संघ से संबद्ध ने रेलवे बोर्ड द्वारा संदर्भित पत्र के माध्यम से जारी निर्देशों के विरुद्ध अपनी गहरी चिंता और तीव्र विरोध व्यक्त किया है। इस पत्र में जोनल रेलवे/प्रोडक्शन यूनिट तथा अन्य इकाइयों को एक अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार स्वीकृत क्षमता का 2% पद वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य के रूप में समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में UMRKS ने उत्तर मध्य रेलवे में 21 से 29 मई, 2026 तक विरोध पखवाड़े का आंदोलन कार्यक्रम आयोजित किया है। यह उल्लेखनीय है कि पदों के समर्पण के ऐसे निर्देश अब वार्षिक नियमित अभ्यास बन गए हैं, जिससे रेलवे कर्मचारियों में व्यापक आक्रोश और आशंका पैदा हो रही है। पहले से ही रेलवे में बड़ी संख्या में रिक्तियां होने के बावजूद स्वीकृत जनशक्ति को लगातार कम करना परिचालन क्षमता, कर्मचारियों के मनोबल और ट्रेन परिचालन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
संघ उपरोक्त रेलवे बोर्ड द्वारा लिए इस निर्णय का दृढ़ता से विरोध करता है। इसके आधार यह हैं कि सुरक्षा और परिचालन क्षमता। सुरक्षा और परिचालन श्रेणियों के पदों के समर्पण से पहले से ही गंभीर जनशक्ति की कमी और बढ़ जाएगी। जिससे सुरक्षित ट्रेन परिचालन प्रभावित हो सकता है।
भारतीय रेलवे का विद्युतीकरण, लाइन दोहरीकरण/त्रिहरीकरण, नई ट्रेनों का संचालन, स्टेशन पुनर्विकास, तकनीकी उन्नयन आदि के माध्यम से लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण हो रहा है। ऐसे विस्तार के लिए जनशक्ति को कम करने के बजाय रिक्तियां को तत्काल भरने की आवश्यकता है।
अत्यधिक कार्यभार और मानसिक तनाव। मौजूदा कर्मचारी पहले ही बड़ी रिक्तियों के कारण भारी दबाव में काम कर रहे हैं। स्वीकृत क्षमता में और कमी से कार्यभार अत्यधिक बढ़ जाएगा, थकान, तनाव बढ़ेगा और उत्पादकता तथा सुरक्षा पर बुरा असर पड़ेगा। पदोन्नति और करियर प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव। प्रोत्रति वाले पदों के समर्पण से कर्मचारियों की पदोन्नति में लंबी स्थिरता हो जाएगी और उनके वैध करियर अवसरों से वंचित रहना पड़ेगा।
कर्मचारी पहले ही cadre restructuring और vacancy management की कमी के कारण पदोन्नति में देरी का सामना कर रहे हैं।

आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी का बढ़ता चलन
नियमित पदों को समाप्त करते हुए आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की संख्या बढ़ाना अप्रत्यक्ष निजीकरण की भावना पैदा करता है। इससे संस्थागत विशेषज्ञता, जवाबदेही और दीर्घकालिक कार्यबल स्थिरता कमजोर होती है।
तत्काल भर्ती की आवश्यकता। पदों को समाप्त करने के बजाय सभी श्रेणियों में मौजूद रिक्तियों को तुरंत भरने की जरूरत है। समय पर भर्ती परिचालन दक्षता, कर्मचारी मनोबल और यात्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए अत्यावश्यक है।
भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक रूप से स्वस्थ और सामंजस्यपूर्ण औद्योगिक संबंध रहे हैं। किंतु कर्मचारियों की वास्तविक चिंताओं को दूर किए बिना बार-बार जनशक्ति घटाने के उपायों से असंतोष बढ़ेगा और औद्योगिक संबंधों का माहौल प्रभावित होगा। अतः संघ दृढ़ता से मांग करता है कि
पद समर्पण की प्रक्रिया की तुरंत समीक्षा की जाए और इसे रोका जाए। किसी भी स्थिति में सुरक्षा श्रेणी के पदों को समर्पित न किया जाए। मौजूदा रिक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। किसी भी जनशक्ति (manpower) संबंधी नीतिगत निर्णय से पहले मान्यता प्राप्त यूनियनों/महासंघों से उचित परामर्श किया जाए।
यह भी अनुरोध है कि इस रेलवे के कर्मचारियों की भावनाओं और चिंताओं को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाया जाए तथा सुरक्षा, परिचालन दक्षता, कर्मचारी कल्याण और औद्योगिक सद्भाव के व्यापक हित में इस मामले पर पुनर्विचार किया जाए।
यदि अनुकूल समीक्षा नहीं हुई तो रेलवे कर्मचारियों में बढ़ते आक्रोश के कारण संगठन को कर्मचारियों के हितों और रेलवे परिचालन की सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित संगठनात्मक कार्रवाई पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
रेलवे द्वारा 30 हजार पद सरेंडर करने के निर्णय के विरोध में BRMS द्वारा राष्ट्रव्यापी विरोध पखवाड़ा कार्यक्रम 15 से 29 मई मनाया जाएगा। मण्डल रेल प्रबंधक गगन गोयल को ज्ञापन दिया गया।

ज्ञापन देते समय जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश भगोर, जिला मंत्री मुकेश चाहर, मण्डल अध्यक्ष हरि बल्लभ दीक्षित, मण्डल मंत्री बंशी बदन झा, राहुल कुमार, आर के गौतम, राजन सिंह, राजीव कुमार , राकेश मीणा, संतोष कुमार एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बल्केश्वर पार्क में वेदमंत्रों के साथ किया भूमि पूजन

आचार्य इंद्रेश उपाध्याय जी की कथा 31 मई से
संतों की वाणी से ही जीवन का कल्याण: नवीन जैन
बाबा न्यूज
आगरा। विख्यात कथा व्यास एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत आचार्य इंद्रेश उपाध्याय जी कथा 31 मई से बल्केश्वर पार्क में होगी, जिसके लिए गुरुवार को भूमि पूजन किया गया, मुख्य अतिथि थे राज्य सभा सांसद नवीन जैन। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी से जीवन का कल्याण होगा।
श्री बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के लिए भूमि पूजन में सर्वप्रथम वेदमंत्रों के साथ देव उपासना की गई। उसके बाद हवन किया गया। इस दौरान जयघोषों से माहौल भक्तिमय हो गया।
बल्केश्वर मंदिर के महंत कपिल नागर जी के सानिध्य में हुए इस भूमि पूजन में राज्य सभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि आज के युवा वर्ग पर विसंगतियों का प्रकोप है। वह अपने लक्ष्य से भटक रहा है। ऐसी परिस्थिति में संतों के वचन ही उनके जीवन में बदलाव ला सकते हैं। इसलिए श्रीमद् भागवत कथा का यह आयोजन समाज के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण होगा।
पूजन और हवन पं.राकेश चतुवेर्दी ने पूजन कराया। पूजन करने वालों में मुख्य यजमान हरीश अग्रवाल करूणा अग्रवाल पदम अग्रवाल राजेश अग्रवाल मनीष गोयल शिवांग अग्रवाल अजय गोयल नितेश अग्रवाल गिरीश बंसल पार्षद मुरारीलाल गोयल, ऋषि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

31 मई को निकाली जाएगी कलश यात्रा
कलश यात्रा 31 मई को प्रात: निकाली जाएगी, जो बल्केश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर बल्केश्वर पार्क पहुंचेगी। इसी दिन भागवत कथा शुरू हो जाएगी, जिसका समय शाम 4 बजे रहेगा। एक जून को सती चरित्र, ध्रुव कथा, कर्दम देवाहुति प्रसंग, 2 जून को नरसिंह व वामन अवतार की कथा, 3 जून को श्रीराम जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 4 जून को बाल लीला, श्री गोवर्धन पूजा, 5 जून को राम पंचाध्याय, रुक्मिणी विवाह, 6 जून को सुदामा चरित्र, श्रीकृष्ण उद्धव संवाद, परीक्षित मोह, शुकदेव पूजन के साथ कथा का विश्राम हो जाएगा।

विलक्षण आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं इंद्रेश जी
आचार्य इंद्रेश उपाध्याय जी विख्यात कथा वाचक श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जी के सुपुत्र एवं भक्तिपथ संस्था के संस्थापक हैं। इंद्रेश जी प्रसिद्ध कथा वाचक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके प्रवचन और कथाएं मात्र धार्मिक ज्ञान का संचार नहीं करते, बल्कि वे मानवता के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रेरणा भी प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने अनुयायियों के लिए एक आदर्श बन चुके हैं।
वे श्रीमद् भागवत की महिमा को सरल और प्रभावी रूप में प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने मात्र 13 वर्ष की आयु में श्रीमद्भागवत का अध्ययन और इसे कंठस्थ कर लिया था। 29 वर्षीय इंद्रेश जी ने अपनी पहली कथा 18 वर्ष की आयु में गुजरात में की थी। उसके बाद निरंतर वे इस भक्ति मार्ग के लिए समर्पित हो गए हैं।

नंदोत्सव में छाया आनंद, भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु

बाबा न्यूज
आगरा। श्री बुर्जीवाला मंदिर संचालन समिति की ओर से जयपुर हाउस प्रताप नगर स्थित श्री बुर्जीवाला मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा मे नन्दोत्सव में गोकुल धाम जैसा माहौल उत्पन्न हो गया। श्री कृष्ण के प्राकट्य की कथा के बीच कथा स्थल भगवान कृष्ण के जय जयकारों से गूंज उठा। कथा में चौथे दिन समुद्र मंथन, रामचरित्र व श्रीकृष्ण जन्म का भावपूर्ण संजीव वर्णन किया। नंदोत्सव में रंग-बिरंगे गुब्बारों से बुजीर्वाला मंदिर मे पुष्प वर्षा के साथ ही टॉफी और चॉकलेट की बरसात हुई।
व्यासपीठ से आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने बताया कि नंदोत्सव ऐसा महान उत्सव है जो नित्य ही भगवान के प्यारे भक्त देह और गेह की सुध भुलाकर अपने ही मनमंदिर में मनाते हैं। नंदोत्सव में यशोदा ने जायो ललना, मैं जमुना पे सुन आई.., नन्द घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की… आदि भजनो पर महिलाओं ने जम कर नृत्य किया। कथा व्यास पं. राजेश शास्त्री के मुख से एक के बाद एक बधाई गीतों की धुनें प्रस्फुटित होती गयीं। कान्हा बने शिवांश आगरावाला को वासुदेव बने योगेश सिंघल अपने सिर पर टोकरी में रखकर लाये तो श्रद्धालुओ ने कान्हा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय कनैह्या लाल के जयघोष से गूंज उठा। माखन मिश्री का प्रसाद भोग लगा कर भक्तों को वितरित किया गया।

बाल लीला, गोवर्धन पूजन आज
मुख्य यजमान गौरव बंसल व निधि बंसल ने बताया कि कथा के पांचवे दिन श्री कृष्ण बाल लीला, माखन चोरी और गोवर्धन पूजन किया जाएगा। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 24 मई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक किया जायेगा। इस अवसर पर कथा समन्वयक विजय बंसल, विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, महंत गोपी गुरु, शैलू पंडित, नवीन गौतम, निर्मला दीक्षित, पुष्कल गुप्ता, केशव अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, ज्योतिमोहन जिंदल, आलोक जैन, पीयूष सिंघल, शकुन बंसल, सुनील मित्तल, अनूप अग्रवाल, आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आकर्षक झांकियों संग निकली भोलेनाथ की अलौकिक बारात

शहरवासी बने बाराती, वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ शिव-पार्वती विवाह
बाबा न्यूज
आगरा। संस्कार परिवार समिति की ओर से भगवान भोलेनाथ की भव्य शिव बरात निकाली गई तो दयालबाग क्षेत्र पूरी तरह शिवमय हो उठा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बैंड-बाजों की गूंज, आकर्षक झांकियों की छटा और श्रद्धालुओं के उत्साह ने आयोजन को अलौकिक स्वरूप प्रदान किया। श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के इस संगम को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भगवान भोलेनाथ दूल्हे के दिव्य स्वरूप में रथ पर विराजमान रहे। शिव बारात का शुभारंभ विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने किया।
संयोजक कैलाश गुप्ता ने बताया कि शिव विवाह महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। भव्य झांकियों से सुसज्जित बरात में भूत-प्रेतों की टोली, शिवगणों के स्वरूप और धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिवजी की बारात में आदियोगी की मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कल्याणी हाइट्स से प्रारंभ हुई शिव बरात विभिन्न मार्गों से होती हुई जतिन रिजॉर्ट स्थित विवाह स्थल पर पहुंची।

मार्ग में शिव बारात का हुआ स्वागत
मार्ग में क्षेत्रीय निवासियों ने आरती उतारकर और पुष्पवर्षा कर शिव बरात का स्वागत किया। श्रद्धालु नाचते-गाते और शिव भक्ति में लीन नजर आए। महिलाएं मंगल गीत गाती चल रहीं थी, वहीं युवाओं और बच्चों में भी आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। शिव बारात में शामिल कलाकारों की प्रस्तुतियों और पारंपरिक वेशभूषा ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।

वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ शिव-पार्वती का विवाह
जतिन रिजॉर्ट में पहुंचने के बाद देवाधिदेव महादेव और जगतजाननी माता पार्वती का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। जयमाला के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर इस दिव्य क्षण के साक्षी बने। विवाह समारोह में शिव-पार्वती के मंगल गीतों और भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर कर दिया। आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और देर रात तक भक्ति एवं उत्सव का माहौल बना रहा। इस अवसर पर सुमित गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, दीपक गुप्ता, मनोज अग्रवाल पोली भाई, मीरा गुप्ता, सोनिया गुप्ता, पूजा गुप्ता आदि मौजूद रहे।।