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धान रोपाई के दौरान गिरी आकाशीय बिजली:देवरिया में युवती की मौत, घायल मां अस्पताल में भर्ती

देवरिया जिले के खामपार थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक 18 वर्षीय युवती की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार शाम करीब पांच बजे बरईपार पांडेय गांव में धान की रोपाई के दौरान हुई। हादसे में युवती की मां भी झुलस गईं। मृतका की पहचान प्रीति (18) पुत्री मुख्तार प्रसाद के रूप में हुई है। वह बरईपार पांडेय गांव की निवासी थी। वह अपनी मां ज्ञानती देवी के साथ खेत में धान की रोपाई कर रही थी। रोपाई के दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी बीच खेत में आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में मां-बेटी आ गईं। घटना के बाद आसपास काम कर रहे ग्रामीणों ने दोनों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्रीति को मृत घोषित कर दिया। उनकी मां ज्ञानती देवी का उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूचना मिलने पर खामपार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रीति की असामयिक मौत से परिवार में गहरा सदमा है। गांव में भी शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है। बारिश के बीच खेत में कर रहे थे काम, अचानक गिरी बिजली गुरुवार को सुबह से मौसम में बदलाव बना हुआ था। दोपहर में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई। इसी दौरान खेत में धान की रोपाई कर रहीं प्रीति और उसकी मां आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन प्रीति की जान नहीं बच सकी। हादसे की सूचना पर खामपार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आवश्यक विधिक कार्रवाई में जुटी है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। मौसम विभाग पहले ही जारी कर चुका था चेतावनी मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान खेतों, खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर पहुंचना ही सबसे प्रभावी बचाव माना जाता है।

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