Breaking News
अनिल श्रीवास्तव अध्यक्ष,  सुमित चौधरी महामंत्री बने

 

 

 

बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के चुनाव परिणाम घोषित
बाबा न्यूज़
आगरा। डॉ बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के चुनाव में अनिल श्रीवास्तव अध्यक्ष और सुमित चौधरी महामंत्री चुने गए। कुलपति समेत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने निर्वाचित पदाधिकारियों
को बधाई दी है।
डॉ बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क कैंपस स्थित जुबली हॉल में सुबह 10:00 बजे से मतदान की प्रक्रिया आरंभ हुई जो की दोपहर तक चली। इसके उपरांत वोटो की गिनती आरंभ हुई। चुनाव प्रभारी प्रोफेसर बृजेश रावत ने परिणाम की घोषणा की। इसके तहत अध्यक्ष पद पर अनिल श्रीवास्तव विजय घोषित किए गए। उन्हें कुल 194 मत मिले। दूसरे स्थान पर पूर्व अध्यक्ष अखिलेश चौधरी रहे। उन्हें 140 मत मिले। 10 मत निरस्त हुए।
महामंत्री के पद पर सुमित चौधरी विजय घोषित किए गए उन्हें कुल 151 मत मिले। दूसरे स्थान पर निखिल शर्मा रहे उन्हें कुल 111 मत मिले। 15 मत निरस्त हुए। उपाध्यक्ष पद पर आशु ठाकुर विजय घोषित हुए। उन्हें कुल 188 वोट मिले। 14 मध्य निरस्त हुए। कोषाध्यक्ष के पद पर ईशान शर्मा विजय घोषित किए गए। उन्हें कुल 88 वोट मिले। दूसरे स्थान पर कालीचरण यादव रहे। उन्हें कुल 87 मत मिले। 18 मत निरस्त हुए। सह मंत्री के पद पर प्रभा शंकर विजय हुए । पुणे 98 वोट मिले। राहुल चाहर को 73 मत मिले।
चुनाव प्रणाम घोषित होने के बाद कर्मचारियों में जोश की लहर छा गई।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने बाबा न्यूज़ को बताया कि सभी को साथ लेकर कर्मचारियों के हित में काम किया जाएगा। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर हमने पहले ही संघर्ष किया था और आगे भी संघर्ष करते रहेंगे।
परिणाम घोषित होने के बाद सभी जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। इसमें प्रमुख रूप से पूर्व महामंत्री अरविंद गुप्ता, आनंद टाइटल आदि कर्मचारी थे।
मतगणना की संपूर्ण प्रक्रिया प्रो. बिंदुशेखर शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस दौरान डा. प्रवीण कुमार, डा. सुनील कुमार, डा. निशांत चौहान एवं डा. आशुतोष द्विवेदी सहित अन्य सहयोगियों ने मतगणना कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन में कुलसचिव अजय मिश्रा का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन एवं समन्वय में चुनाव की समस्त व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से संपन्न हुई।

जिला बदर अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग की थी:6 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला, 2 साल 11 महीने की सजा हुई

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक जिला बदर अपराधी को पुलिस टीम पर तमंचे से जानलेवा हमला करने के मामले में 6 साल बाद सजा सुनाई गई है। न्यायालय एएसजे कोर्ट नंबर 3 के जज सुभाष चंद्र मौर्य ने बुधवार को आरोपी को दो साल 11 माह की कैद और एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह ने बताया कि यह मामला धाता थाना क्षेत्र का है। पूर्व थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने 2019 में बछराज पासी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बछराज पासी धारा 302 और 394 आईपीसी के तहत वांछित था, जिसके कारण जिला मजिस्ट्रेट ने 7 जनवरी 2020 को उसे 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया था। 17 अप्रैल 2020 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जिला बदर अपराधी बछराज पासी अपने गांव रसूलपुर के पास शील सिंह के ट्यूबवेल में छिपा हुआ है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान बछराज पासी ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस ने किसी तरह अपनी जान बचाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में न्यायालय ने चार गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त बछराज पासी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे दो साल 11 माह की कैद और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कैद की सजा में जेल में बिताए गए दिन भी शामिल होंगे।

शराब फैक्ट्री में कर्मचारी की संदिग्ध मौत से हड़कंप:सुपीरियर फैक्ट्री में दूसरे दिन ही कर्मचारी की गई जान, परिजनों का हंगामा

बरेली के सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब फैक्ट्री में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान बिसारतगंज थाना क्षेत्र के धीरपुर निवासी सत्यपाल पुत्र रामलाल के रूप में हुई है। सत्यपाल फैक्ट्री में बॉयलर पर तैनात थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री गेट पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। काम के दूसरे दिन ही हादसा
सत्यपाल ने महज एक दिन पहले ही इस शराब फैक्ट्री में काम संभाला था और बुधवार उनका ड्यूटी पर दूसरा दिन था। सुबह वे काम पर आए थे, लेकिन शाम को उनकी मौत की खबर घर पहुंची। इस घटना के बाद फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। माहौल तनावपूर्ण होते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। मीडिया की एंट्री पर रोक
घटनास्थल पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन ने पूरी तरह से सख्ती बरती हुई है। फैक्ट्री के अंदर किसी भी मीडियाकर्मी को प्रवेश नहीं करने दिया गया, जिससे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पंचनामा भर लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। जांच में जुटी पुलिस
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस कर्मचारियों और फैक्ट्री के दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।

चित्रकूट डीएम ने तुलसी पार्क का निरीक्षण किया:मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए

चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बुधवार को तुलसी पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क के समग्र विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि तुलसी पार्क की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए लगभग ₹64 लाख की परियोजना प्रस्तावित है। इस परियोजना को चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। वर्तमान में इसके लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित कार्यों में पार्क में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, इंटरलॉकिंग कार्य, बाउंड्री वॉल की मरम्मत और मुख्य प्रवेश द्वार का जीर्णोद्धार शामिल है। बच्चों और आगंतुकों की सुविधा के लिए झूले भी लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पार्क की सुंदरता बढ़ाने और जनोपयोगी सुविधाओं के विकास के लिए अन्य आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निविदा प्रक्रिया को समय पर पूरा कर कार्यों को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने गुणवत्ता मानकों का पूरा पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय नागरिकों, बच्चों और पर्यटकों को बेहतर मनोरंजन और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिल सके। गर्ग ने कहा कि तुलसी पार्क के सौंदर्यीकरण और उन्नयन से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और नागरिकों को एक सुव्यवस्थित तथा आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा।

सीतापुर डीएम निरीक्षण में मिली खामियां, एएनएम की सेवा समाप्त:डीएम ने मिड-डे मील का खाना खाया, प्रिंसिपल को नोटिस जारी

सीतापुर में जिलाधिकारी राजागणपति आर ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे विकास खंड खैराबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दहेलिया श्रीरंग में संचालित वीएचएसएनडी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) सत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं, आवश्यक उपकरणों तथा अभिलेखों की गहन जांच की। इस दौरान संविदा एएनएम लक्ष्मी अपने कार्यों एवं विभागीय योजनाओं की संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकीं। साथ ही वीएचएसएनडी सत्र में आवश्यक उपकरण भी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं मिले और अभिलेखों में कई कमियां व अपूर्ण प्रविष्टियां पाई गईं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए डीएम ने एएनएम लक्ष्मी का 15 दिन का वेतन काटने तथा उनकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। वहीं, बीपीएम अनुज तिवारी द्वारा अभिलेखों का समुचित रखरखाव न कराए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीएचएसएनडी शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय दहेलिया श्रीरंग का भी निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों की मात्र 50 प्रतिशत उपस्थिति मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मिड-डे मील के तहत तैयार तहरी भी ठीक से पकी नहीं मिली और भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर डीएम ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक बृजलाल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

कानपुर में चेतावनी बिंदु के डेढ़ मीटर करीब पहुंची गंगा:डीएम ने गंगा बैराज पर किया निरीक्षण, घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगेंगे, पहली बार NDRF तैनात

कानपुर में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार को गंगा बैराज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 1.50 मीटर नीचे दर्ज किया गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गंगा बैराज स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर जलस्तर और बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही लोगों से गहरे पानी में न उतरने की अपील की। डीएम ने घाटों पर अलर्ट के बोर्ड लगाने का आदेश दिया। इसके साथ ही बताया कि विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए एक यूनिट एनडीआरएफ भी मौजूद रहेगी। बैराज से 88,557 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बुधवार को गंगा बैराज के निरीक्षण के दौरान फ्लड कंट्रोल ऑफिस के आंकड़ों के अनुसार सुबह 8 बजे बैराज के अपस्ट्रीम का जलस्तर 112.500 मीटर और डाउनस्ट्रीम का 111.900 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 88,557 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंगा बैराज पर चेतावनी स्तर 114.000 मीटर और खतरे का निशान 115.000 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में जलस्तर चेतावनी स्तर से 1.50 मीटर और खतरे के निशान से 2.50 मीटर नीचे है। वहीं, शुक्लागंज गेज पर जलस्तर 110.510 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो निर्धारित चेतावनी स्तर से काफी कम है। खतरे के निशान के नीचे फिर भी तैयारियां पूरी गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन बारिश के मौसम में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ा दिए हैं। नदी में नहीं उतरने की चेतावनी, घाटों पर लगाए जाएंगे चेतावनी बोर्ड डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर हादसों की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए परमट घाट, अटल घाट, गुप्ता घाट, भैरव घाट समेत सदर और बिल्हौर तहसील के विभिन्न घाटों तथा जलभराव वाले स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि जलस्तर बढ़ने वाले क्षेत्रों में लोगों को समय रहते सतर्क किया जाए और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। डीएम ने कानपुरवासियों से अपील की कि गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है, इसलिए घाटों पर गहराई में उतरकर स्नान करने से बचें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। एनडीआरएफ की एक यूनिट अलर्ट मोड में रहेगी डीएम ने बताया कि संभावित बाढ़ या आपदा की स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री, भोजन और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर ली गई है। राहत किट वितरण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा पहली बार कानपुर में एनडीआरएफ की एक यूनिट उपलब्ध रहेगी, जिसे जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में लगाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर अनुभव सिंह, तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी समेत बाढ़ नियंत्रण और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।