न्यू इनकम टैक्स एक्ट-2025 लाएगा कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव

 

 

सेमिनार में न्यू इनकम टैक्स एक्ट-2025 पर मंथन, विशेषज्ञों ने बताए कर अनुपालन और पेनल्टी-प्रॉसिक्यूशन के नए प्रावधान
बाबा न्यूज
आगरा। द इंस्टिट्यूट आॅफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया की आगरा शाखा की ओर से न्यू इनकम टैक्स एक्ट, 2025 पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन संजय प्लेस स्थित होटल हॉलिडे इन में किया गया। शुभारम्भ इंदौर से आये वक्ता सीए अशीष गोयल, कानपुर से आये वक्ता सीए राजीव मेहरोत्रा, शाखा के अध्यक्ष सीए सौरभ नारायण सक्सेना, उपाध्यक्ष सीए आयुष गोयल, सचिव सीए सचिन बुबना और कोषाध्यक्ष एवं सिकासा अध्यक्ष सीए अंकित मित्तल ने दीप प्रवज्जलित कर किया।

प्रथम सत्र के वक्ता सीए अशीष गोयल ने बताया कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट भारतीय कर व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आया है। इसका उद्देश्य कर कानूनों को सरल, स्पष्ट और समयानुकूल बनाना है, जिससे करदाताओं के लिए अनुपालन आसान हो सके तथा कर प्रशासन अधिक प्रभावी बन सके। वर्तमान समय में आयकर विभाग तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली के माध्यम से वित्तीय लेन-देन पर पैनी नजर रख रहा है। ऐसे में आय, निवेश और संपत्तियों का सही खुलासा करना प्रत्येक करदाता की जिम्मेदारी है। न्यू इनकम टैक्स एक्ट, 2025 में पूंजीगत लाभ पूंजीगत लाभ वह आय है, जो किसी पूंजीगत संपत्ति जैसे भूमि, भवन, शेयर, प्रतिभूतियां, म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश के हस्तांतरण से प्राप्त होती है।

द्वितीय सत्र के वक्ता सीए राजीव मेहरोत्रा ने बताया कि पेनल्टी और प्रॉसिक्यूशन आयकर कानून के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। पेनल्टी का उद्देश्य आर्थिक दंड के माध्यम से अनुपालन सुनिश्चित करना है, जबकि प्रॉसिक्यूशन गंभीर कर अपराधों के विरुद्ध निवारक उपाय है। इनकम टैक्स एक्ट, 2025 का प्रयास है कि कानून को सरल बनाया जाए, छोटे मामलों में कठोरता कम की जाए तथा गंभीर कर चोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाए, इसलिए प्रत्येक करदाता को सही रिकॉर्ड रखना, समय पर रिटर्न दाखिल करना तथा पारदर्शी कर अनुपालन अपनाना चाहिए। कर अनुपालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हमारी सहभागिता भी है।

सीए सौरभ नारायण सक्सेना व सचिव सीए सचिन बुबना ने बताया कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट, 2025 भारतीय कर व्यवस्था में व्यापक एवं दूरगामी परिवर्तन लेकर आया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं कर सलाहकारों के लिए इन नए प्रावधानों की गहन समझ आवश्यक है ताकि वे करदाताओं एवं ग्राहकों को सटीक, अद्यतन एवं प्रभावी परामर्श प्रदान कर सकें। सेमिनार में बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकारों एवं कर-व्यवसायियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विशेषज्ञ वक्ताओं ने विस्तार से समाधान किया। संचालन सीए अविरल अग्रवाल एवं सीए दिनेश मंगलानी ने किया। इस अवसर सीए पंकज मिश्रा, सीए अजय जैन, सीए पूजा असवानी, सीए आशुतोष शर्मा, सीए आशीष जैन, सीए मनोज खुराना, सीए अंजलि अग्रवाल, सीए अंकिता गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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