रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने गोद लिए गांवों में चित्रकला प्रतियोगिता कराई:दीक्षांत से पहले छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
बरेली में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने 24वें दीक्षांत समारोह से पहले अपने गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने की पहल शुरू की है। इसी क्रम में गुरुवार को प्राथमिक से इंटरमीडिएट स्तर के छात्रों के लिए ‘प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने रंगों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक केंद्र द्वारा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संरक्षण और कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के मार्गदर्शन में 1 से 15 जुलाई तक विभिन्न प्रतियोगिताओं की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सामाजिक सरोकार और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना है। राष्ट्र को सकारात्मक संदेश देने का आह्वान कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने इस अवसर पर कहा कि चित्रकला केवल रंगों का मेल नहीं, बल्कि विचारों और संवेदनाओं की प्रभावी अभिव्यक्ति है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति, सृजनात्मक क्षमता और सौंदर्यबोध को विकसित करते हैं। उन्होंने छात्रों से अपनी कला के माध्यम से समाज और राष्ट्र को सकारात्मक संदेश देने का आह्वान किया। सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय ने बताया कि प्रतियोगिता में बच्चों ने प्रकृति के विविध रूपों को अपनी कल्पना के अनुरूप चित्रों में उकेरा। गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय लालपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय ईटोबा बेनीराम और दिशा इंटर कॉलेज दोहरा में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि अन्य गोद लिए गए विद्यालयों में भी इसी सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विश्वविद्यालय के अनुसार, दीक्षांत पूर्व आयोजित इन गतिविधियों में विद्यालयों का पूरा सहयोग मिल रहा है और विद्यार्थी भी उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। इस आयोजन में कुलसचिव महेंद्र कुमार चंद्र सहित विश्वविद्यालय और संबंधित विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहयोग प्रदान किया।

