बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर ‘बुक लवर्स डे’:यात्रियों ने सुनीं कविताएं और सदाबहार फिल्मी गीत
शहर का बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन रविवार को साहित्य और संगीत के अनूठे रंग में रंगा नजर आया। ‘बुक लवर्स डे’ के मौके पर कानपुर मेट्रो ने ‘अक्षरम’ संस्था के सहयोग से एक खास सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। ‘शो योर टैलेंट’ पहल के तहत हुए इस कार्यक्रम में जब युवा कलाकारों ने अपनी पसंदीदा किताबों के पन्ने पलटे, तो मेट्रो स्टेशन पर सफर करने वाले यात्री भी ठहर गए और तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। जयशंकर प्रसाद और दिनकर की कालजयी रचनाओं से सजी महफिल दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में युवाओं ने साहित्य जगत के दिग्गज लेखकों रामधारी सिंह ‘दिनकर’, जयशंकर प्रसाद, धर्मवीर भारती, नजीर अकबराबादी और राहत इंदौरी की किताबों के अंश पढ़कर सुनाए। विशेष रूप से जब कलाकारों ने ‘कामायनी’ और ‘कुरुक्षेत्र’ जैसी प्रसिद्ध काव्य-कृतियों की पंक्तियां पढ़ीं, तो वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा। इसके बाद विवेक रंजन, निशांत शुक्ला, विनय कुमार, शैलेंद्र कुमार, अंतरा, लक्ष्मी पांडेय, अंकित मिश्रा और खुशी ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कवयित्री रिचा तिवारी ने अपनी कविता “आदि अनंत अटल अविनाशी, शंभु का तो गृह है काशी” से समां बांध दिया। वहीं, निवेदिता भदौरिया ने “नज्में सारी लिखूं मैं तुम्हारे लिए”, निशांत शुक्ला ने “क्यों मारते रहते हो सिर से दीवार को” और दीपेंद्र दीप ने “माली से बगीचे का नजारा ना पूछिए” सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। काव्य पाठ के बाद गूंजे ‘दिल तो बच्चा है जी’ जैसे सदाबहार गाने कविता और साहित्य के बाद स्टेशन पर सुरों का जादू बिखरा। लक्ष्मी प्रसाद, आरती, अर्चना, बेबी, अमित बाजपेयी, अंकित, राहुल और साक्षी पाल जैसे कलाकारों ने अपनी आवाज से माहौल को पूरी तरह बदल दिया। कलाकारों ने “मेरे दिल ने तड़प के जब नाम तेरा पुकारा”, “कमली कमली”, “दिल तो बच्चा है जी” और “इश्क समंदर” जैसे सुपरहिट गाने गाकर यात्रियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘शो योर टैलेंट’ से लोकल कलाकारों को मिल रहा मंच, 3 स्टेशनों पर चल रहा बुक फेयर
कानपुर मेट्रो अपनी खास पहल ‘शो योर टैलेंट’ के जरिए शहर के लोकल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मौका दे रहा है। इसके तहत मेट्रो स्टेशनों पर डांस, सिंगिंग, बैंड परफॉर्मेंस, स्केचिंग और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही यात्रियों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान में कानपुर सेंट्रल, बड़ा चौराहा और मोती झील मेट्रो स्टेशनों पर शानदार पुस्तक मेलों (बुक फेयर) का भी आयोजन किया गया है।

