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चित्रकूट में पत्थर से पीटकर युवक की हत्या:आरोपी को उम्रकैद, कोर्ट ने 10 हजार का जुर्माना भी लगाया

चित्रकूट के मारकुंडी थाना क्षेत्र में युवक की पत्थर से पीटकर हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। पुलिस के अनुसार, 17 मार्च 2025 को टिकरिया गांव निवासी दादूलाल कोल ने मारकुंडी थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके भाई लोकल उर्फ विक्रम कोल की मसनाहा रोड पर जीवनलाल कोल ने पत्थर से हमला कर हत्या कर दी। सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी जीवनलाल कोल पुत्र स्व. बूंदा कोल उर्फ माताबदल, निवासी टिकरिया कोलान, थाना मारकुंडी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। दो दिन बाद गिरफ्तारी, अप्रैल में दाखिल हुई चार्जशीट मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी मऊ यामीन अहमद ने की। पुलिस ने घटना के दो दिन बाद 19 मार्च 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी होने के बाद 30 अप्रैल 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में मारकुंडी थानाध्यक्ष दीपक कुमार, पैरोकार आरक्षी अमरेन्द्र प्रताप सिंह और जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी और साक्ष्य प्रस्तुत किए। कोर्ट ने हत्या का दोषी मानते हुए सुनाई उम्रकैद सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने जीवनलाल कोल को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। पुलिस ने इस फैसले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया।

राजा भैया महुली हादसा पीड़ित अमन श्रीवास्तव के घर पहुंचे:बोले- कुछ घटनाएं अकल्पनीय होती हैं, 6 लोगों की हुई थी मौत

प्रतापगढ़ के महुली गांव में हुए हादसे के पीड़ित अमन श्रीवास्तव के घर कुंडा विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। राजा भैया ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें। उन्होंने कुछ घटनाओं को बेहद दुखद और कुछ को अकल्पनीय बताया। राजा भैया ने अमन श्रीवास्तव के सुरक्षित बचने को ईश्वर की कृपा बताया। गौरतलब है कि बीते दिनों बारिश के दौरान महुली गांव में एक जर्जर मकान का हिस्सा ढह गया था। हादसे के वक्त परिवार के सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। मकान गिरने से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमन श्रीवास्तव सुरक्षित बच गए। अमन की हालत अब पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 26 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। यह सहायता राशि अमन श्रीवास्तव को सौंप दी गई है। हादसे के बाद से अमन श्रीवास्तव के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। जनप्रतिनिधि, नेता और स्थानीय लोग लगातार पीड़ित परिवार से मिलकर दुख साझा कर रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने फिरोज गांधी की कब्र पर चढ़ाए फूल:सिद्धार्थ नाथ बोले, राहुल गांधी पूर्वजों का सम्मान नहीं करते Zen G को क्या सिखाएंगे

प्रयागराज में शुक्रवार को भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित कई भाजपा नेताओं ने पारसी कब्रिस्तान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के दादा फिरोज गांधी की कब्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और “फिरोज गांधी अमर रहें” के नारे लगाए। मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसी प्रकार की राजनीति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अपने पूर्वजों के सम्मान का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान पारसी समाज के एक प्रतिनिधि ने उन्हें प्रयागराज स्थित पारसी कब्रिस्तान की बदहाल स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को कब्रिस्तान के रखरखाव और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए। सिंह ने यह भी कहा कि वह जिलाधिकारी से बात कर कब्रिस्तान की बेहतर देखरेख सुनिश्चित कराएंगे। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी वह प्रयागराज आते हैं, तो अपने दादा फिरोज गांधी की कब्र पर श्रद्धांजलि देने नहीं जाते। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति अपने पूर्वजों का सम्मान नहीं करता, तो वह नई पीढ़ी को संस्कारों का संदेश कैसे देगा। उन्होंने भाजपा के सिद्धांत “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का जिक्र करते हुए कहा कि सभी समाजों के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का सम्मान करना पार्टी का उद्देश्य है। सिंह ने जोर दिया कि पारसी समाज भी देश का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए उनके कब्रिस्तान की देखभाल भी सरकार की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम पर भी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनके संवाद से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है और राहुल गांधी लंबे समय से खुद को युवा नेता बताते आ रहे हैं, लेकिन जनता अब उनके राजनीतिक संदेश को गंभीरता से नहीं लेती। सिंह ने अंत में कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को कार्यक्रम करने का अधिकार है, लेकिन इससे भाजपा को कोई चिंता नहीं है।

नाबालिग से रेप के आरोपी को 25 साल का कारावास:बुलंदशहर कोर्ट ने 58 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

बुलंदशहर में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत एक नाबालिग से अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी मोहम्मद अली को न्यायालय ने 25 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। शुक्रवार शाम 5 बजे कोर्ट ने दोषी पर 58,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला बुलंदशहर पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद आया। यह मामला साल 2019 का है, जिसमें मोहम्मद अली पर एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 अक्टूबर 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बुलंदशहर की मॉनीटरिंग सेल ने इस मामले को विशेष रूप से चिन्हित किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में सशक्त पैरवी की और कुल 05 गवाहों का परीक्षण कराया। शुक्रवार शाम 5 बजे न्यायालय एडीजे/पोक्सो-02, न्यायाधीश सत्येंद्र प्रकाश पांडे ने अभियुक्त मोहम्मद अली को दोषी पाया। इसके बाद उन्हें 25 वर्ष के कठोर कारावास और 58,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस महत्वपूर्ण मामले में सजा दिलाने में अभियोजक धर्मेंद्र राघव, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक पंकज राय, पैरोकार कांस्टेबल लोमस और कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल अजीत सिंह की भूमिका सराहनीय रही।

DDU के समाजशास्त्र विभाग को मिली 5.60 लाख की सौगात:एमएलसी निधि से लगेगा एसी, एलईडी स्क्रीन और 100 कुर्सियां

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में पढ़ाई और रिसर्च को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी पहल हुई है। विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने एमएलसी निधि से 5.60 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इस रकम से विभाग का विकास किया जाएगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन के अनुरोध पर यह बजट पास हुआ है। मंजूर हुई रकम से लेक्चर हॉल में 100 कुर्सियां, 4 एसी, एलईडी स्क्रीन, 4 टेबल, 2 पोडियम और एक प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। इन सुविधाओं का फायदा छात्रों, रिसर्च स्कॉलर्स और टीचरों को मिलेगा। यहाँ सेमिनार, लेक्चर, वर्कशॉप और बाकी एकेडमिक कार्यक्रम आसानी से हो सकेंगे। कुलपति ने जताया आभार कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि हॉल में आधुनिक सुविधाएं मिलने से समाजशास्त्र विभाग में पढ़ाई और रिसर्च का माहौल और बेहतर होगा। इससे स्टूडेंट्स को काफी मदद मिलेगी।

संस्कृति माह में भारत विकास परिषद नवज्योति शाखा ने वितरित किए 251 तुलसी के पौधे

हर घर तुलसी, हर आंगन हरियाली’ का दिया संदेश

बाबा न्यूज़ 

आगरा। भारत विकास परिषद नवज्योति शाखा द्वारा संस्कृति माह के अंतर्गत कमला नगर स्थित श्री राम मंदिर चौक पर 251 तुलसी पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने घरों में तुलसी का पौधा लगाने का संकल्प लिया।
शाखा अध्यक्ष सीए दीपिका मित्तल एवं सचिव नितिन अग्रवाल ने कहा कि भारत विकास परिषद का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाना भी है। तुलसी भारतीय संस्कृति में श्रद्धा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। प्रत्येक परिवार को अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ परिवार के स्वास्थ्य और सकारात्मक वातावरण को भी बढ़ावा मिलता है।
कोषाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल एवं महिला संयोजक मंजू गुप्ता ने कहा कि तुलसी का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर है और भारतीय जीवन शैली का अभिन्न अंग है। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच पौधारोपण एवं पौधों के संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को तुलसी के धार्मिक, वैज्ञानिक एवं औषधीय महत्व की जानकारी भी दी गई तथा पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्कृति माह के अंतर्गत ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर संस्थापक प्रदीप अग्रवाल, गौरव बंसल, प्रांतीय महासचिव विवेक अग्रवाल, उपाध्यक्ष मोहित अग्रवाल, अनुराग भटनागर, कार्यक्रम संयोजक अशोक लालवानी सहित रजनीश गुप्ता, दीपक भार्गव, अमित गर्ग, कपिल गर्ग, राजकुमार गोयल, अनिल गुप्ता, अमित अग्रवाल, भावना भार्गव, मनीषा लालवानी आदि उपस्थित रहे।