काशी में 60 घंटे रिजर्व रहेगा हाई-वे मार्ग:दूसरे सोमवार और शिवरात्रि में जलाभिषेक के लिए आएंगे लाखों श्रद्धालु, पुलिस कमिश्नर ने देखी व्यवस्था
सावन के दूसरे सोमवार पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिछले सोमवार की तुलना में इस बार करीब दोगुनी संख्या में श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने का अनुमान है। छुट्टियों के कारण इस सप्ताह काशी में भक्तों की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ियों के सुगम आवागमन के लिए कई मार्गों पर अलग लेन आरक्षित की है। साथ ही श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों को पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित किया गया है। शहर में अंतरजनपदीय बसों, ट्रकों और भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी। कांवड़ वाहनों के लिए आरक्षित रहेगी अलग लेन कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक शनिवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक मोहनसराय से चांदपुर चौराहे तक की एक लेन कांवड़ वाहनों के लिए आरक्षित रहेगी। इस लेन में कांवड़ वाहनों के अलावा किसी अन्य वाहन को चलने की अनुमति नहीं होगी। पूरे सावन माह के दौरान वाराणसी सीमा के मिर्जामुराद स्थित गुड़िया बॉर्डर, रखौना अंडरपास, राजातालाब, मोहनसराय और मुड़ैला तिराहा से चांदपुर तक बाएं हाथ की लेन केवल कांवड़ वाहनों के लिए सुरक्षित रखी गई है। पुलिस और यातायात विभाग की टीमें इन मार्गों पर व्यवस्था की निगरानी करेंगी। विश्वनाथ धाम और दशाश्वमेध जाने वाले मार्गों पर पैदल आवाजाही सावन के दूसरे सोमवार पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। श्रद्धालुओं को इन क्षेत्रों में केवल पैदल जाने की अनुमति होगी। रविवार रात से मंगलवार सुबह छह बजे तक बेनिया से रामापुरा, खारी कुआं, जंगमबाड़ी और सोनारपुरा-मदनपुरा होते हुए गोदौलिया तक सिर्फ पैदल आवाजाही होगी। इसके अलावा मैदागिन चौक से गोदौलिया मार्ग पहले से ही रोजाना नो-व्हीकल जोन में रहता है। गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तथा पीडीआर लक्सा से रामापुरा तक के मार्ग भी नो-व्हीकल जोन रहेंगे। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन क्षेत्रों में निजी वाहनों के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थलों और वैकल्पिक यातायात साधनों का उपयोग करें। शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा के अनुसार सावन के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अंतरजनपदीय और भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, प्रयागराज और भदोही की ओर से वाराणसी शहर होकर गुजरने वाली बसों, ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन वाहनों को आसपास के जनपदों में आवागमन के लिए रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 का इस्तेमाल करना होगा। पुलिस का मानना है कि भारी वाहनों को शहर के अंदर आने से रोकने से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की आवाजाही वाले प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति से बचा जा सकेगा। प्रयागराज से आने वाले हल्के वाहनों के लिए अलग व्यवस्था प्रयागराज की ओर से वाराणसी आने वाले हल्के सवारी वाहनों के लिए भी अलग यातायात व्यवस्था बनाई गई है। ऐसे वाहन अपनी निर्धारित दाहिनी लेन में चलते हुए कछवां रोड, राजातालाब और मोहनसराय बाईपास से अमरा-अखरी की ओर जाएंगे। इसके बाद वाहन चितईपुर चौराहा, भिखारीपुर, बीएलडब्ल्यू गेट के सामने से ककरमत्ता ओवरब्रिज के नीचे होते हुए मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के सामने तक आ-जा सकेंगे। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित लेन और डायवर्जन का पालन करने की अपील की है। बसों के लिए निर्धारित किए गए वैकल्पिक मार्ग प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली की ओर से आने वाली रोडवेज और निजी बसें राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से रखौना ओवरब्रिज होते हुए हरहुआ के रास्ते वाराणसी शहर में प्रवेश करेंगी। वापसी में भी बसों को इसी मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। वहीं गाजीपुर, आजमगढ़ और जौनपुर की ओर से आने वाली बसों के लिए हरहुआ से गिलट बाजार, शिवपुर चुंगी तिराहा, फुलवरिया और लहरतारा चौराहा होते हुए कैंट बस स्टेशन तक का मार्ग निर्धारित किया गया है। यह यातायात व्यवस्था पूरे सावन माह के दौरान प्रभावी रहेगी। छह रूटों पर चलेंगे ऑटो और ई-रिक्शा शहर के भीतर यातायात दबाव कम करने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन के लिए छह वैकल्पिक रूट निर्धारित किए गए हैं। इनमें गोलगड्डा तिराहा से लकड़मंडी होते हुए विशेश्वरगंज और लहुराबीर से जयसिंह चौराहा होते हुए भिखारीपुर तक के मार्ग प्रमुख हैं। पुलिस का प्रयास है कि प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों में वाहनों की संख्या कम रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पैदल आवागमन को सुगम बनाया जाए। इसके लिए ऑटो और ई-रिक्शा को भी निर्धारित मार्गों पर ही चलाया जाएगा। पिछले सोमवार से दोगुनी भीड़ की संभावना सावन के दूसरे सोमवार पर काशी में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सोमवार के मुकाबले करीब दोगुनी होने की संभावना जताई जा रही है। 15 अगस्त से पहले मिलने वाली छुट्टियों के कारण इस सप्ताह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह भी काशी की ओर आने की संभावना है। इससे श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, गोदौलिया, दशाश्वमेध और आसपास के प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों में भीड़ का दबाव बढ़ सकता है। सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस आयुक्त की नजर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है। बैठक में यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, कांवड़ियों के आवागमन और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस और यातायात विभाग की टीमें संवेदनशील मार्गों पर तैनात रहेंगी। भीड़ बढ़ने की स्थिति में आवश्यकतानुसार यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो।

